पूरे मोहल्ले के लंड तड़पते ही रह गए

Pure mohalle ke lund tadapte hi rah gaye:

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मेरा नाम रोहित है मैं अहमदाबाद का रहने वाला हूं। मेरी उम्र 28 वर्ष है। मैं अपने पिताजी के साथ ही उनकी किराने की दुकान संभालता हूं। हमारी यह दुकान पहले मेरे बड़े पापा संभाला करते थे लेकिन अब उन्होंने दूसरी जगह अपनी दुकान खोल ली है और मेरे पिताजी के नाम यह दुकान कर दी। उसके बाद से हम लोग ही इस दुकान का काम संभालते हैं और हमारी दुकान का काम भी अच्छा चलता है। मैंने अपनी 12वीं की पढ़ाई के बाद  आगे पढ़ाई नहीं की। मैं तब से अपने पिताजी के साथ ही काम संभाल रहा हूं। मेरे पापा बड़े ही सभ्य और व्यवहारिक व्यक्ति हैं वह सबसे बहुत अच्छे से बात करते हैं इसीलिए उनके जितने भी पुराने ग्राहक हैं वह सब अब तक हम से जुड़े हुए हैं और वह हमसे ही सामान खरीद कर लेकर जाते हैं। चाहे उन्हें छोटी से छोटी चीज ही क्यों ना चाहिए हो।

मैं अपने पिताजी से काफी कुछ सीखा और अब मैं भी उनकी तरह की दुकान का काम संभालता हूं। मैं कोशिश करता हूं कि दुकान का काम और भी अच्छे से बड़े। हमारे मोहल्ले में एक मंगू भाई नाम के व्यक्ति रहते हैं। उनसे पुरा मोहल्ला डरता है।  उनसे डरने का कारण सिर्फ यही है कि यदि वह किसी के साथ बात करना शुरू कर दे तो वह उसको एक-दो घंटे से पहले नहीं जाने देते और उसके साथ बातों में लगे रहते हैं। मैं भी उनसे हमेशा बचने की कोशिश करता हूं लेकिन वह जब भी मुझे पकड़ लेते हैं तो समझो उस दिन मेरे पूरे दो घंटे बर्बाद हो जाते हैं। उनकी उम्र भी 55 वर्ष के आसपास है। यदि उन्होंने किसी व्यक्ति को जाते देख लिया तो ऐसा संभव नहीं है की वह उससे बात ना करे। एक दिन मैं भी अपने घर से सुबह के वक्त निकल रहा था। मेरे पिताजी सुबह जल्दी चले जाते हैं। जब मैं दुकान के लिए निकल रहा था तो मुझे मंगू भाई आगे से आते हुए दिखाई दिए। मैं पीछे मुड़ने की कोशिश कर रहा था लेकिन उनकी नजर मुझ पर पड़ ही गई और उन्होंने मुझे आवाज देकर रोक दिया। मैंने फिर भी एक बार उनकी आवाज को अनसुना करते हुए आगे अपने कदम बढ़ाने शुरू किये लेकिन उसके बावजूद भी उन्होंने मुझे दोबारा आवाज लगाई उसके बाद मुझे रुकना ही पड़ा।

मैं जब वहां पर खड़ा हुआ तो वह मेरे पास आ गए और मुझे कहने लगे और रोहित कैसे हो। मैंने उन्हें कहा बस मंगू भाई सब कुछ ठीक है मैं भी अच्छा हूं। आप सुनाइए आप कैसे हैं। वह कहने लगे मैं भी ठीक हूं लेकिन सुना है पटेल भाई की स्थिति ठीक नहीं चल रही। मैंने उनसे पूछा कौन पटेल भाई। वह कहने लगे अरे जिनकी डायमंड की दुकान है। मैंने उन्हें कहा हां मैंने भी सुना था उनकी स्थिति कुछ ठीक नहीं चल रही और वह काफी दिनों से बीमार भी चल रहे हैं। वह मुझे बताने लगे कि उन्हें तो कैंसर हो गया है। वह कैंसर का व्याख्यान इस प्रकार से कर रहे थे जैसे कि वही डॉक्टर हो। उन्होंने मुझे उसकी सारी बीमारी के बारे में बता दिया। मेरी तो यह समझ में नहीं आ रहा था कि मैं कैसे मंगू भाई से अपना पीछा छुडाऊँ लेकिन वह अगर एक बार चिपक गए तो समझो चिपक ही गए। वह बिल्कुल भी मुझे छोड़ने के मूड में नहीं थे लेकिन उन्होंने मुझे एक बड़ी मजेदार बात बताई। मुझे लगा कि चलो अब मैं रुक जाता हूं। उन्होंने मुझे कहा कि मेरी लड़की आने वाली है। जब मैंने यह सुना कि उनकी लड़की भी है तो मैंने उनसे पूछा आपके साथ तो कोई भी नहीं रहता आप तो काफी वर्षो से अकेले रह रहे हैं तो आप की लड़की कहां से हो गई। वह मुझे कहने लगे कि मेरी एक लड़की है और वह दुबई में रहती है उसकी शादी काफी वर्ष पहले ही हो गई थी। उसकी लव मैरिज हुई थी। मैंने सोचा कि मंगू भाई की लड़की भी है और मुझे आज तक पता नहीं चला। मुझे क्या पूरे मोहल्ले को आज तक यह बात नहीं पता कि उनकी शादी भी हुई है। मैं उन्हें कहने लगा यह तो बड़ी खुशी की बात है कि आपकी लड़की आ रही है। तभी पीछे से एक व्यक्ति और आ रहे थे वह भी हमारे मोहल्ले के ही हैं। उन्हें भी मंगू भाई ने पकड़ लिया और कहने लगे कि मेरी लड़की आ रही है। देखते ही देखते वहां पर और चार पांच लोग जमा हो गए। मंगू भाई ने उन्हें भी बता दिया कि मेरी लड़की दुबई से आ रही है।

सब लोग यह बात सुनकर बड़े ही शॉक्ड हो गए और सोचने लगे मंगू भाई ने शादी कब कर ली और कब उनके बच्चे हो गए। यह बात वाकई में किसी को भी नहीं पता थी क्योंकि इतने वक्त से हम लोग उन्हें देख रहे हैं हमने कभी भी इस बारे में नहीं सुना। जैसे कैसे मैंने उनसे अपना पीछा छुड़वाया। वह और लोगों को अपनी बातों में लपेटने लगे। मैं तो वहां से जल्दी से अपने काम पर निकल गया। मैं जब दुकान पर पहुंचा तो मेरे पिताजी कहने लगे तुमने आज बहुत देर कर दी। मैंने उन्हें कहा कि रास्ते में मुझे मंगू भाई मिल गए थे और उन्होंने तो जैसे कसम खा ली थी कि आज मुझे बिलकुल भी जाने नहीं देने वाले हैं। मेरे पिताजी भी हंसने लगे और कहने लगे कि मंगू भाई का भी और कोई काम नहीं है सिर्फ लोगों को पकड़कर अपनी बातें ही दिन भर सुनाते रहते हैं। मैंने अपने पिताजी को बताया की मंगू भाई मुझसे कह रहे थे कि उनकी लड़की आ रही है। मेरे पिताजी भी बहुत शॉक्ड हो गए और वह कहने लगे कि हम भी मंगू भाई को काफी समय से जानते हैं लेकिन मुझे यह बात नहीं पता कि उनकी लड़की भी है। मुझे लगा की उनकी शादी ही नहीं हुई है। इस बात से जितना शॉक्ड मेरे पिताजी थे उतना ही मैं भी चौक गया था। कुछ दिनों बाद मंगू भाई की लड़की भी आ गई। जब वह आई तो उन्हें देखकर पूरा मोहल्ला उनके पीछे पड़ गया। मंगू भाई के तो जैसे दिन ही आ गए। सब लोग उनके पास बात करने के लिए जाने लगे पहले इसका उल्टा होता था पहले मंगू भाई सब के पास जाते थे अब सब लोग उनके पास जाने लगे।

मैंने भी जब मंगू भाई की लड़की को देखा तो उनकी सुंदरता का मैं भी कायल हो गया।  सुनने में आया था कि उनकी लडकी का नाम मोहनी है। मैं जब भी मोहनी को देखता तो उन्हें देखकर मेरा लंड पानी छोड़ देता। मैंने उनकी फेसबुक प्रोफाइल चेक की। मैने जब उन्हे फैंड रिक्वेस्ट भेजी तो उन्होंने एक्सेप्ट कर ली। मैंने भी उन्हें पटाना शुरू कर दिया और वह मुझसे पट गई। मोहनी को नहीं पता था कि मैं उनके पड़ोस में ही रहता हूं। जब मैंने उन्हें बताया कि मैं आपके पड़ोस में रहता हूं तो वह बहुत खुश हो गई। एक दिन उन्होंने मुझे अपने घर बुला लिया। उस दिन मंगू भाई कहीं गए हुए थे। मैं जब उनके घर पर गया तो मैं उनके बदन को देखकर वाकई में दंग रह गया। उनका बदन इतना ज्यादा सॉलिड था कि मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया। वह मेरे पास आकर बैठ गई। जब वह मेरे पास बैठी तो उन्होंने मेरे कंधे पर हाथ रख दिया। जब उन्होंने मेरे कंधे पर हाथ रखा तो मैं उन्हें चोदने के लिए आतुर हो गया। मैंने जल्दी से अपने लंड को बाहर निकाल लिया। जब मोहनी ने मेरे लंड को देखा तो वह मेरे लंड पर झपट गई। वह मेरे लंड पर ऐसे झपटी जैसे वह कोई लॉलीपॉप हो। वह मेरे लंड को बड़े अच्छे से चूस रही थी। उन्होंने मेरे लंड को चूसकर उसका बुरा हाल कर दिया। जब मेरा लंड उनकी चूत में जाने के लिए तैयार हो गया तो उन्होंने अपने कपड़े उतार दिए। उनके बड़े बड़े स्तनों को जब मैंने अपने मुंह में लिया तो मेरे अंदर से आग निकलने लगी। जब मैंने उनके दोनों पैरो को खोलते हुए अपने लंड को उनकी योनि के ऊपर रखा तो उनकी योनि बाहर की तरफ पानी छोड रही थी। वह पानी किसी ज्वालामुखी से कम नहीं था। मैंने धक्का देकर उनकी योनि के अंदर अपने लंड को घुसा दिया। जब मेरा लंड उनकी योनि के अंदर प्रवेश हुआ तो वह कहने लगी तुम्हारे लंड में बहुत गर्मी है। तुम ऐसे ही मुझे धक्के मारते रहो। उन्होंने अपने दोनों पैर चौडे कर लिए ताकि मेरा लंड आसानी से जा सके। वह भी बहुत से लंड खाई हुई थी उनकी चूत की गर्मी में सिर्फ 4 मिनट तक ही झेल पाया। मैंने उन 4 मिनट के अंदर उन्हें 300 झटके मारे होंगे लेकिन उनकी चूत मारने में मुझे आनंद आ गया और मेरी इच्छा पूरी हो गई। यह बात हमारे मोहल्ले में किसी को नहीं पता थी लेकिन मैंने उनके बदन का सुख भोग लिया था। वह भी मुझसे अपनी चूत मरवाकर बहुत खुश थी।


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