प्रिय की चूत में लंड डाल दिया

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Priya ki chut me lund daal diya महिमा मेरी जिंदगी से दूर हो चुकी थी क्योंकि हम दोनों के बीच बहुत ज्यादा झगड़े होने लगे थे इस वजह से हम दोनों एक दूसरे के साथ रिलेशन में नहीं रहना चाहते थे। अब मेरा महिमा से कोई संपर्क नही है महिमा और मैं पिछले 3 सालों से एक दूसरे को डेट कर रहे थे लेकिन अब मुझे लगने लगा था कि मैं महिमा के साथ रिलेशन में नहीं रह सकता इसलिए मैंने महिमा से अलग होने का फैसला कर लिया था और हम दोनों एक दूसरे से अलग हो चुके थे। मैं महिमा के साथ जिस तरीके से 3 सालों में था उससे मुझे काफी अच्छा लगा था लेकिन जब हम दोनों के बीच झगड़े होने लगे तो उससे मुझे लगने लगा था कि मैं और महिमा एक दूसरे के साथ नहीं रह सकते हैं। मैंने उसे जब इस बारे में कहा तो वह मेरी बात मान चुकी थी और हम दोनों एक दूसरे से दूर हो जाने के बाद मैं मुंबई में आ चुका था। मुंबई में मेरी नौकरी एक अच्छी कंपनी में लग चुकी थी और मैं मुंबई में ही रहने लगा।

मुंबई में मैं जिस कंपनी में जॉब करता हूं उसी कंपनी में राहुल भी काम करता है राहुल से मेरी अच्छी दोस्ती हो गई थी और राहुल के घर पर मेरा अक्सर आना जाना रहता था। मैं जब भी राहुल के घर पर जाता तो मुझे उसके घर पर बहुत ही अच्छा लगता है उसकी फैमिली के साथ मेरे काफी अच्छे संबंध थे और मुझे बहुत ही अच्छा लगता है जब भी मैं राहुल के घर पर जाता। एक दिन मैं राहुल के घर से वापस लौट रहा था उस दिन मुझे भैया का फोन आया और वह मुझे कहने लगे कि दीपक तुम कहां पर हो तो मैंने भैया से कहा कि भैया मैं तो अभी घर जा रहा हूं। वह मुझे कहने लगे कि क्या कुछ दिनों के लिए तुम अहमदाबाद आ सकते हो तो मैंने भैया से कहा कि हां भैया। भैया ने मुझे नहीं बताया था कि आखिर क्या काम है लेकिन मैं कुछ दिनों के लिए ऑफिस से छुट्टी लेने के बाद अहमदाबाद चला गया था।

मैं जब अहमदाबाद गया तो मुझे पता चला कि हमारी जो पुरानी प्रॉपर्टी थी उसे भैया बेचना चाहते हैं इसलिए भैया ने मुझे कुछ दिनों के लिए अहमदाबाद बुलाया था। इसमे पापा और भैया की सहमति थी लेकिन वह लोग चाहते थे कि वह लोग मुझसे भी इस बारे में बात करें और मैंने भी भैया से कहा कि अगर आप लोगों को लगता है कि वह प्रॉपर्टी बेच देनी चाहिए तो मुझे इससे कोई एतराज नहीं है आप लोग वह प्रॉपर्टी बेच दीजिए। उसके बाद जब उन्होंने वह प्रॉपर्टी बेची तो  भैया ने मुझे कुछ पैसे भी दिए। जब भैया ने मुझे पैसे दिए तो मैंने मुंबई में अपना एक फ्लैट खरीदने का फैसला कर लिया था और मैंने मुंबई में जल्द ही फ्लैट खरीद लिया। मैंने जब मुंबई में घर खरीदा तो उसके बाद पापा और मम्मी भी कुछ समय के लिए मेरे साथ रहे लेकिन फिर वह लोग अहमदाबाद चले गए थे। वह लोग भैया और भाभी के साथ ही रहते हैं और मैं मुंबई में ही रहता हूं।

मेरे ऑफिस में एक लड़की कुछ समय पहले ही आई थी उसका नाम प्रिया है प्रिया को जब भी मैं देखता तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता है। प्रिया से मेरी काफी लंबे समय तक तो कोई बात नहीं हुई थी लेकिन जब प्रिया और मैं एक दूसरे से बातें करने लगे थे तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता। प्रिया से जब भी मैं बातें करता तो मुझे ऐसा लगता कि जैसे मेरी सारी परेशानी दूर होती जा रही है। मैं हमेशा ही अपने आप को बहुत अकेला महसूस करता हूं और उस दिन भी ऐसा ही था मैं काफी अकेला महसूस कर रहा था मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी कि मैं प्रिया से फोन पर बात करूं लेकिन मैंने उस दिन प्रिया से फोन पर बात कर ही ली। यह पहली बार ही था जब मैंने प्रिया को फोन किया था मुझे बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि प्रिया मुझसे बात करेगी लेकिन प्रिया ने मुझसे बातें की। मुझे बहुत ही अच्छा लगा जब प्रिया और मैं एक दूसरे से बातें करने लगे थे।

मैं प्रिया के साथ बहुत ज्यादा खुश हूं और प्रिया भी मेरे साथ बहुत ही अच्छे से बातें कर रही थी। अब हम दोनों एक दूसरे से बातें करने लगे थे और कहीं ना कहीं हम दोनों के बीच में प्यार भी होने लगा था। मैं तो प्रिया को दिल से चाहने लगा था क्योंकि जब भी प्रिया मेरे साथ होती है तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता है और मेरी परेशानी पल भर में दूर हो जाती है। प्रिया को मैं अपनी पुरानी जिंदगी के बारे में बताना चाहता था और जब महिमा के बारे में मैंने प्रिया को बताया तो इससे प्रिया को कोई आपत्ति नही थी। प्रिया को मेरे साथ रिलेशन में बहुत ही अच्छा लगता है और अब हम दोनों एक दूसरे से बहुत ज्यादा प्यार भी करने लगे थे। मैं जब भी प्रिया के साथ होता हूं तो मुझे बहुत अच्छा लगता है और प्रिया को भी बहुत ज्यादा अच्छा लगता है जब वह मेरे साथ होती है।

मैं और प्रिया एक दूसरे के साथ बड़े ही अच्छे से रिलेशन में है एक दूसरे से हम लोग बहुत ज्यादा प्यार करते हैं। जिस दिन भी प्रिया को मैं नहीं मिल पाता हूं उस दिन मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता है मुझे ऐसा लगता है कि जैसे मेरी जिंदगी में कुछ भी नही है। प्रिया का मेरी जिंदगी में बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान है और मैं प्रिया के साथ बहुत ज्यादा खुश हूं। प्रिया और मैं एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश करते हैं और हम लोग एक दूसरे के साथ होते हैं तो हमे बहुत ही अच्छा लगता है। मैं और प्रिया एक दूसरे के साथ बहुत ज्यादा खुश है। एक दिन प्रिया और मैं साथ में बैठे हुए बातें कर रहे थे। उस दिन हम लोग अपने ऑफिस से फ्री हुए थे और उसके बाद हम लोग साथ में बैठे हुए थे। उस दिन प्रिया और मैं जब एक साथ बैठे हुए थे तो मैंने प्रिया से कहा चलो आज तुम मेरे साथ मेरे घर पर चलो। प्रिया कहने लगी ठीक है और प्रिया मेरे साथ घर पर आ गई क्योंकि मैं अकेला ही रहता हूं इसलिए प्रिया मुझे कहने लगी तुम सारी चीजें कैसे मैनेज कर लेते हो।

मैंने प्रिया को कहा मुझे आदत हो चुकी है। प्रिया मुझे कहने लगी मैं तुम्हारे लिए कुछ बना देती हूं। वह खाना बनाने लगी थी मैं और प्रिया साथ में थे मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा था और प्रिया को भी काफी अच्छा लग रहा था। प्रिया गर्म होती जा रही थी और कहीं ना कहीं मैं भी गरम हो चुका था। मैंने जब प्रिया के नरम होठों को महसूस करना शुरू किया तो प्रिया भी बहुत ज्यादा गर्म होने लगी। वह मुझे कहने लगी मुझसे बिल्कुल भी नहीं रहा जा रहा है। मैंने प्रिया से कहा चलो बेडरूम में चलते हैं और हम लोग बेडरूम में चले आए। प्रिया और मैं एक दूसरे के बदन को महसूस कर रहे थे मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा था जब मैं उसके बदन को महसूस कर रहा था और प्रिया की गर्मी को मैं बढ़ाता जा रहा था। हम दोनो पूरी तरीके से गर्म हो चुके थे मेरी गर्मी भी बढ़ने लगी थी अब मुझसे बिल्कुल भी नहीं रहा जा रहा था। मैंने प्रिया के कपड़े उतारकर उसके बदन को जब अपने सामने ककिया तो उसके बदन को देखकर मेरी गर्मी बढने लगी थी।

मेरी गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी मुझे मजा आने लगा था और प्रिया को भी बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत ही ज्यादा खुश थे। मैं जिस तरीके से प्रिया के होठों को महसूस कर रहा था उससे मुझे मज़ा आ रहा था और मैं उसके स्तनों को चूसने लगा था। उसके स्तनों को चूसने में मुझे मजा आ रहा था और प्रिया को बहुत ही अच्छा लग रहा था जब हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे। मैंने प्रिया की चूत पर अपनी उंगली को लगाकर उसकी चूत को सहलाना शुरू कर दिया था। प्रिया की योनि को सहलाना मेरे लिए अच्छा था क्योंकि प्रिया की चूत से निकलता हुआ पानी मेरी गर्मी को बढ़ा रहा था। मैंने प्रिया की चूत से निकलती हुई गर्मी को बहुत ज्यादा बढ़ा दिया था वह बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी। प्रिया से भी नहीं रहा जा रहा था थोड़ी देर तक तो प्रिया के ने मेरे लड को चूसा तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा। उसने मेरे लंड से पानी बाहर निकाल लिया था मुझे भी एहसास होने लगा था मैं बिल्कुल भी नहीं रह पाऊंगा।

मैंने प्रिया की चूत के अंदर अपने लंड को घुसाने का फैसला कर लिया था और जैसे ही मैंने उसकी चूत पर अपने लंड को टच करते हुए अंदर की तरफ को घुसाना शुरू किया तो उसे मजा आने लगा। मैं भी बहुत ज्यादा खुश हो चुका था मैं और प्रिया एक दूसरे की गर्मी को बढाए जा रहे थे। प्रिया की चूत से निकलता हुआ पानी मेरी गर्मी को और भी अधिक बढ़ा रहा था और थोड़ी देर बाद मैंने देखा कि प्रिया की चूत से खून निकलने लगा था। वह मेरे साथ बहुत ही अच्छे से दिए जा रही थी। वह जिस तरीके से मेरा साथ दे रही थी उससे मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और उसकी सिसकारियां बढ रही थी और मेरी गर्मी भी लगातार बढ़ती जा रही थी। प्रिया ने मेरी गर्मी को बहुत ज्यादा बढ़ा दिया था मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं गया। मैंने प्रिया की योनि के अंदर अपने वीर्य को गिरा दिया था। हम दोनों ने एक दूसरे की गर्मी को शांत कर दिया था और मैंने प्रिया के साथ उसके बाद भी सेक्स के मज़े लिए थे। प्रिया उस रात मेरे साथ ही रही उसके बाद तो प्रिया को मेरे साथ सेक्स करने की आदत हो चुकी थी। वह मेरे साथ जब भी होती तो उसे बहुत ही अच्छा लगता हम दोनों जिस तरीके से एक दूसरे की गर्मी को शांय करते हैं उससे हम दोनों को बहुत ही अच्छा लगता है और मैं बहुत ही ज्यादा खुश हूं कि प्रिया और मैं एक दूसरे की गर्मी को शांत कर दिया करते हैं।


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