प्रिया और सीढ़ी पर चोदा

Priya aur sidhi par choda:

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नमस्कार दोस्तों, प्रिया मेरे चाचा की बेटी है और प्रिया का मेरे घर में आना मुझे कुछ अच्छा नहीं लगा था | वो अभी 19 साल की हुई है और सेकेंड ईयर में है, लेकिन | मेरी मम्मी का कहना था कि विनीता पेट से है और 3 महीने में उसकी डिलेवरी हो जाएगी तो प्रिया भी चली जाएगी | हमारे दो बेडरूम के फ्लेट में अब तक में मेरी वाईफ प्रियंका और मम्मी पापा रहते थे |

एक बेडरूम में मम्मी पापा और एक में प्रियंका और मैं रहते थे और प्रिया हॉल में सोफे पर ही सोती थी | मुझे रात को देर तक टीवी देखने की आदत है और मैं जमीन पर सोफे के पास लेट कर ही हॉल में टीवी देखता था | सोफा मेरे ठीक पीछे होता | अब प्रियंका परेशान नहीं होने के लिए बेडरूम का दरवाज़ा बंद कर लेती थी और मम्मी पापा रात के करीब 10 बजे सो जाते |उस रात जब में टीवी देख रहा था तो प्रिया अपना एक हाथ मेरी आँखों के सामने रखकर मुझे परेशान करने लगी | तो पहले तो मैंने कई बार उसका हाथ हटाया फिर मैंने उसके हाथों को हटाने की बजाए उन पर अपना हाथ फैरना शुरू कर दिया | पहले तो उसने एक बार अपना हाथ एकदम से पीछे खींच लिया और फिर काफ़ी देर के बाद वापस से अपना हाथ मेरी आँखों के आगे रख दिया | फिर इस बार में फिर से उसके हाथ पर प्यार से अपना हाथ फैरने लगा तो उसने अपना हाथ नहीं हटाया |

फिर मैं उसकी हथेलियों से होता हुआ उसकी बाँह तक पहुँच गया | अब मुझे भी अच्छा लग रहा था और वो कुछ बोल नहीं रही थी | अब कमरे में सिर्फ़ टीवी की रोशनी थी | मैं काफ़ी देर तक उसके हाथों को अपनी उंगलियों से सहलाता रहा | फिर उस दिन उतना ही हुआ | फिर दूसरी रात को मैं फिर से उसके हाथ का इंतज़ार कर रहा था तो मुझे ज़्यादा देर तक नहीं रुकना पड़ा | इस बार मैंने थोड़ी देर तक उसका हाथ सहलाया और फिर अपने दाएँ हाथ को पीछे ले जाकर उसके पैरो को सहलाने लगा | हमने अभी तक एक दूसरे की तरफ देखा नहीं था | उसने गाउन के नीचे सलवार पहन रखी थी और में उसकी सलवार के ऊपर से ही उसे सहलाने लगा था | कुछ देर तक उसके घुटनों के नीचे सहलाने के बाद मैंने अपना हाथ उसके घुटनों के ऊपर लिया तो उसने अपनी दोनों जांघें चिपका ली और अपने दोनों हाथों से मेरा हाथ पकड़ लिया तो तब मैंने पहली बार उसका चेहरा देखा और उसने मुझे देखा | मैंने अपना हाथ नहीं हटाया और वही पर सहलाने लगा | मैं उसकी जांघों पर काफ़ी देर तक अपना एक हाथ फेरता रहा और उसकी चूत तक जाकर लौट आता | फिर मैंने उसकी चूत पर अपना एक हाथ लगाया | अब वो अपने दोनों पैरो को फैलाकर मेरा पूरा साथ देने लगी | फिर मैंने उसकी चूत की दरार तक पहुँचकर वहाँ पर अपनी उंगली से सहलाने लगा और उसके चेहरे को देखा तो वो अपनी आँखें बंद किए मजा ले रही थी | अगली रात मैंने उससे कहा कि तुम सलवार नहीं पहनना और रात के वक़्त किसी को पता नहीं चलेगा | उसने सलवार पहनी लेकिन सबके सोने के बाद उसने अपनी सलवार उतार दी और सोफे पर लेट गई | मैंने मुड़कर उसके चेहरे पर किस किया उसकी सुगंध मुझे बहुत अच्छी लगी | मैंने उसके दूध को अच्छी तरह से दबाया और उसके होंठो को और जीभ को जी भरकर चूसा | उसने कहा कि कोई आ जाएगा जैसा रोज करते हो वैसा ही करो प्लीज | तो मैं मुड़कर टीवी की तरफ अपना मुँह करके बैठ गया और धीरे से उसकी चादर के अंदर अपना एक हाथ डाल दिया और उसके पैरो को थोड़ी देर तक सहलाने के बाद उसकी जांघों तक पहुँच गया | अब मुझे उसके मुलायम जिस्म पर अपना हाथ फेरने लगा और अब मैं उसकी पेंटी के ऊपर से उसकी चूत की दरार पर अपना एक हाथ फेरने लगा | मैंने महसूस किया कि उसकी पेंटी गीली हो चुकी है | अब मैं उसकी दरार और उसके बालों को महसूस कर रहा था | फिर मैंने उसकी पेंटी को ऊपर से खींचने लगा  तो उसने अपनी कमर ऊँची कर दी और अपना मुँह तकिये में दबा लिया | फिर मैंने उसकी पेंटी  निकाल दिया | अब मैं उसकी चूत को सीधा स्पर्श कर पा रहा था और उसके छोटे-छोटे बालों को धीरे-धीरे खींच रहा था | फिर मैंने धीरे से अपनी उंगली उसकी चूत में अन्दर डालने लगा तो कुछ ही देर में मेरी पूरी उंगली उसकी एकदम टाईट चूत में पहुँच गई थी | अब उसके मुँह से आनाह ऊंहू ऊम्म्ह की आवाज़ आने लगी और उसने अपनी आँखें बंद कर ली |

मैंने उसका एक हाथ पकड़कर अपने लंड पर रखा तो उसने झट से अपना हाथ हटा लिया | फिर में अपनी उंगलियों को तेज़ रफ़्तार से उसकी चूत में अंदर बाहर करने लगा, तो उसने मुझे कसकर पकड़ लिया और मेरे कान में कहा कि और तेज़ बस होने वाला है | फिर मैंने टीवी बंद दिया और उठकर बाथरूम में चला गया | अब मेरे हाथ को मुझे भी तो संतुस्ट करना था |

अब अगले दिन रविवार था और उस दिन तेज बारिश हो रही थी और मैं घर में ही था | मैंने प्रियंका से कहा कि मैं छत पर भीगने जा रहा हूँ | फिर तभी प्रिया ने कहा कि वो भी चलेगी तो प्रियंका ने कहा कि जल्दी आ जाना | मैं और प्रिया लिफ्ट से ऊपर गये और हमारी बिल्डिंग में एक फ्लोर पर दो फ्लेट थे और किस्मत से टॉप फ्लोर पूरा खाली था और छत बंद थी | तभी प्रिया ने कहा कि चलो चलते है छत तो बंद है |

मैंने कहा कि छत का बंद दरवाज़ा तो मुझे नीचे से दिख गया था  अब ऊपर आए है तो कुछ कर ही लेते है | फिर इस पर प्रिया ने पूछा क्या ? तो तभी मैंने उसे अपनी बाँहों में भर लिया और जब उसने स्कर्ट और टॉप पहना हुआ था | अब उसने मुझे चूमना शुरू कर दिया और मैंने उसकी टी-शर्ट उठाकर उसकी ब्रा के हुक खोल दिए और उसके छोटे-छोटे बूब्स और गुलाबी निप्पलस को चूसने लगा | वो मेरे बालों पर अपना हाथ फेर रही थी |

मैं उसकी स्कर्ट को उठाकर उसके चूतड़ को दबाते हुए उसकी जाँघ और चूत को मसलने लगा तो उसने कहा कि कोई आ जाएगा | मैंने उसका एक हाथ अपने लंड पर रखा तो उसने फिर से अपना हाथ हटा लिया | मैंने उससे कहा कि तुम दीवार से नीचे देखो कोई आ रहा है क्या ? और उसी पोज़िशन में खड़ी रहो | फिर मैंने उसकी पेंटी उतार दिया और नीचे बैठ गया |मैंने उसकी चूत में अपनी एक उंगली डाला और फिर उसकी चूत को चूमना शुरू कर दिया | वो इतनी गर्म हो गई थी कि वो मेरे मुँह पर ही अपनी चूत को रगड़ने लगी | उसने अपने दोनों पैरो को फैला दिया और उसके दोनों पैरो के बीच चार सीढ़ियों का ही फासला था और मैं उसकी दोनों टाँगों के बीच उसकी चूत को अपने दोनों हाथों में पकड़कर अपनी उंगली डालकर चूस रहा था | थोड़ी देर के बाद ही वो मेरे मुँह में ही झड़ गई | मैंने उससे कहा कि अब तुम बैठ जाओ मैं नीचे देखता हूँ | फिर उसने अपनी पेंटी पहनी और मेरे लंड को चाटने लगी लेकिन इस बार जब मैंने उसका हाथ अपने लंड पर रखा तो उसने अपना हाथ नहीं हटाया और मेरी हाफ पेंट में पहले तो अपना एक हाथ डालकर मेरे लंड को धीरे-धीरे सहलाने लगी | उसने मेरी पेंट नीचे की और मेरे लंड को अपने हाथों से ऊपर नीचे हिलाने लगी | फिर उसने अपना मुँह खोला और धीरे-धीरे मेरे लंड को चाटने लगी और फिर धीरे-धीरे मेरे लंड को अपने मुँह में लेने लगी | मैं उसके दूध पर अपने हाथ फेर रहा था और उसे नीचे धकेल रहा था  ताकि मेरा पूरा लंड अंदर जा सके | वो मेरा पूरा लंड अपने मुँह में लेकर चूस रही थी और उसे एक आइसक्रीम की तरह एक लॉलीपोप की तरह चूसे जा रही थी | तभी मैंने उससे कहा कि मेरा निकलने वाला है प्रिया |

उसने मेरे लंड को अपने मुँह से नहीं निकाला और में उसके मुँह में ही झड़ गया | फिर उसने मेरा पूरा वीर्य थूका और फिर मेरा पूरा लंड चाटकर साफ कर दिया | फिर थोड़ी देर तक हम वहाँ बैठे | मैं उसकी कुँवारी चूत को अपने लंड से चोदना चाहता था तो मैंने उससे कहा कि अभी पूरा काम नहीं हुआ है और मुझे चोदना है | फिर उसने कहा कि मुझे भी चुदना है और हम मौका देखकर करेंगे और  मेरी कुँवारी चूत भी सबसे पहले आपका लंड ही खाना चाहती है | फिर मौका मिलने पर मैंने उसे चोदा और उसके बाद कभी दोबारा मौका ही नहीं मिला |


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