प्रिया और सीढ़ी पर चोदा

Priya aur sidhi par choda:

hindi sex stories, desi kahani

मेरा नाम सीमा है और मैं कॉलेज में पढाती हूं। मैंने कुछ दिनों पहले ही कॉलेज में जॉइनिंग किया है। मैं जालंधर की रहने वाली हूं और मैंने चंडीगढ़ में कॉलेज ज्वाइन किया है। मेरी उम्र अभी 30 वर्ष है। मैं जब चंडीगढ़ आई तो मैंने पहले तो अपने रहने के लिए एक घर देखा और उसके बाद वहां से कॉलेज जाने के लिए कितना दूर है यह देखा, लेकिन मुझे कहीं अच्छी जगह घर नहीं मिल रहा था। तो मैंने फिलहाल कॉलेज से दूर एक घर ले लिया है और मैं यही सोच रही थी कि कुछ दिनों बाद मैं वहां से छोड़ कर कहीं और चेंज कर लूंगी। एक दिन मैं कॉलेज के लिए जा रही थी तो मुझे बहुत लेट हो रही थी और मुझे जाने के लिए कुछ मिल भी नहीं रहा था। मैं ऐसे ही काफी देर तक इंतजार करती रही लेकिन कोई भी गाड़ी नहीं आई और मैं बहुत परेशान हो रही थी। गर्मी भी बहुत ज्यादा हो रही थी। फिर मैंने सोचा कि मैं किसी से लिफ्ट ही ले लेती हूं। मैं जब भी किसी गाड़ी को हाथ दिखाती तो वह भी गाड़ी नहीं रोक रहे थे। थोड़ी देर बाद मैंने एक गाड़ी को हाथ दिखाया तो उसने गाड़ी रोक लिया और उसने मुझे पूछा की तुम्हें कहां जाना है। मैंने उसे बताया कि मुझे कॉलेज जाना है और मैं वहीं पर पढ़ाती हूं लेकिन मुझे यहां से कुछ भी कन्वेंस नहीं मिल पा रहा है जाने के लिए। इस वजह से मुझे लेट हो रहा है। क्या आप मुझे लिफ्ट दे सकते हैं। उसने कहा कि मैं भी उसी तरफ जा रहा हूं तो आप गाड़ी में बैठ जाइए।

अब मैं उसके साथ उसकी कार में ही बैठ गई। वह एक लड़का था मैंने उससे उसका नाम पूछा तो उसका नाम पंकज था। वह मुझसे पूछने लगा क्या आप चंडीगढ़ में ही रहती हैं। मैंने उसे बताया कि मैं जालंधर की रहने वाली हूं और कुछ दिनों पहले ही मैंने यहां पर शिफ्ट किया है लेकिन मुझे वहां से बहुत ज्यादा दूर पड़ रहा है। इस वजह से मुझे काफी तकलीफ हो रही है आने जाने में। वह मुझे कहने लगा कि मैं कॉलेज के पास ही आपके लिए कोई घर देख लेता हूं और आपको बता दूंगा। क्योंकि मेरा घर भी आपके कॉलेज के पास में ही है। मैंने उसे कहा बिल्कुल, अगर आपको कोई घर मिल जाता है तो आप मुझे जरूर बता दीजिएगा। अब उनके बात मैंने उसे अपना नंबर भी दे दिया और उसने मुझे कॉलेज तक छोडा। छोड़ने के बाद वह वहां से निकल गया। मैं भी अपने कॉलेज पहुंच गई। कॉलेज में मेरे सीनियर मुझसे पूछने लगे कि तुम बहुत लेट आ रही हो। मैंने उन्हें बताया कि मुझे आने में कोई भी कन्वेंस नहीं मिल रहा था इस वजह से मुझे लेट हो गई और फिर किसी लड़के ने मुझे लिफ्ट दी और तब जाकर मैं यहां तक पहुंच पाई हूं। अब मैं ऐसे ही कॉलेज से घर और घर से कॉलेज जाने लगी। ऐसी तरीके से मुझे बहुत देर हो जाती थी।

एक दिन मुझे पंकज का फोन आया और वह कहने लगा कि हमारे घर के पास में ही एक घर खाली है। अगर आप उसे देखने आ सकते हैं तो आप आ जाइए। यदि आपको पसंद आएगा तो उसके बाद आप बात कर लीजिएगा। कॉलेज खत्म होने के तुरंत बाद मैं वहां चली गई तो मुझे पंकज मिला। पंकज मुझे उस घर में ले गया जहां पर उसने मेरे लिए बात की हुई थी। जब मैंने वह घर देखा तो मुझे वहां अच्छा लगा और मैंने उनसे बात की, जिनका यह घर था। तो उन्होंने कहा कि तुम क्या करती हो। मैंने उन्हें बताया कि मैं यहीं कॉलेज में पढ़ाती हूं। जिससे वह थोड़ा संतुष्ट हो गए और कहने लगे कि तुम यहाँ शिफ्ट हो सकती हो। मैंने उन मकान मालकिन आंटी को कुछ पैसे एडवांस दे दिए। उसके थोड़े दिनों बाद मैंने वहां पर शिफ्ट कर लिया। शिफ्ट करने में पंकज ने भी मेरी थोड़ी बहुत मदत की। जब मैंने शिफ्ट कर लिया था तब पंकज मुझे अक्सर मिल जाया करता। जब भी वह मुझे मिलता तो वह बहुत ही अच्छे से मुझसे बात किया करता था। एक दिन मैंने पंकज से पूछ लिया कि तुम क्या करते हो। तो वह कहने लगा कि मेरे पिताजी एक बिल्डर हैं। मैं उन्हीं के साथ में काम करता हूं। मुझे यह बात सुनकर बहुत खुशी हुई और मुझे लगा कि पंकज एक अच्छे घर से है। पंकज और  मैं अक्सर मर जाया करते  थे। क्योंकि वह मेरे पड़ोस में रहता था। उसने मेरी कई बार मदद भी की और मुझे अब कॉलेज जाने में भी कोई दिक्कत नहीं होती थी। क्योंकि मेरा कॉलेज वहां से सिर्फ पांच मिनट की दूरी पर ही था।

मैं सोच रही थी कि एक दिन पंकज को अपने घर पर बुलाऊ और उसके लिए खुद ही खाना बनाऊ। मैंने जब पंकज से कहा कि तुम मेरे घर पर आ जाना मैं आज तुम्हारे लिए अपने हाथों से खाना बनाना चाहती हूं। वह कहने लगा ठीक है तुम मेरे लिए खाना बना देना मैं रात को अपने काम से सीधा ही तुम्हारे घर पर आ जाऊंगा। जब वह मेरे घर पर रात को आया तो मेरी तैयारियां पूरी नहीं हुई थी और वह मेरे घर पर पहुंच गया। मैंने उसे कहा तुम थोड़ी देर इंतजार कर सकते हो। वह कहने लगा कोई बात नहीं लेकिन वह मेरे किचन में आ गया और मेरे साथ मेरा हाथ बटाने लगा। मैंने उसे कहा कि मैंने तुम्हें अपने घर पर बुलाया है और तुम मेरे साथ काम कर रहे हो यह अच्छी बात नहीं है लेकिन वह बिल्कुल भी नहीं माना और वह मेरे साथ काम करने पर लगा हुआ था। अब मैं काम कर रही थी तो मेरे हाथ पर चाकू लग गया और मेरे हाथ से खून निकलने लगा।

उसने तुरंत ही मेरे हाथ को पकड़ लिया और उस पर अपना रुमाल बांध दिया। जैसे ही उसने मुझे पकड़ा तो मुझे कुछ करंट सा दौड़ने लगा और मैं भी उससे लिपट गई। जैसे ही मैं उससे लिपटी तो उसने भी मुझे अपनी बाहों में कस कर दबा लिया और मेरे होठों को किस करने लगा। वह बहुत ही अच्छे से मेरे होठों को चूमता जा रहा था जिससे कि मेरा शरीर पूरा गर्म होने लगा और मुझे ऐसा लग रहा था कि मेरी चूत से पानी निकल रहा है। वह मुझे ऐसे ही बहुत देर तक किस करता रहा किस करने के बाद उसने मेरे स्तनों को दबाना शुरु किया और उसके बाद उसने मुझे अपनी गोद में उठाते हुए मेरे बेडरूम तक ले गया। जब वह मेरे बेडरूम में ले गया तो उसने मुझे अच्छे से किस करना शुरू किया और मेरे सारे कपड़ों को खोल दिया। जब उसने मेरे कपड़ों को खोला तो मैं उसके सामने नंगी लेटी हुई थी और वह मेरी चूत के अंदर उंगली डालने लगा। वह बहुत ही अच्छे से मेरी चूत के अंदर उंगली डाल रहा था और उसने जब अपने लंड को बाहर निकाला तो उसका लंड बहुत ही ज्यादा मोटा था। उसने मेरी चूत मे जैसे ही अपने लंड को डाला तो मैं चिल्लाने लगी। अब मैं ऐसे ही चिल्ला रही थी और वह मुझे चोदने पर लगा हुआ था। वह बड़ी तेज गति से धक्के मारता जिससे कि मेरे स्तन हिलने लगे। अब उसने मेरे स्तनों को अपने मुंह के अंदर लेना शुरू कर दिया और ऐसे ही बहुत देर तक चूसता रहा। मेरा शरीर बहुत ज्यादा ही गर्म हो चुका था इसलिए मैं उसकी गर्मी को ज्यादा देर तक झेल नहीं पाई और मैं बहुत जल्दी झड़ गई लेकिन पंकज का झडा नहीं था।

उसने मेरे दोनों पैरों को खोलते हुए अपने लंड को बहुत ही तेजी से मेरी चूत के अंदर बाहर करना शुरू कर दिया। वह इतनी तेजी से मेरी चूत मैं अपने लंड को अंदर बाहर कर रहा था और मैं बड़ी तेज चिल्लाने पर लगी हुई थी। कुछ समय बाद उसने मुझे उल्टा लेटा दिया और मेरी चूत के अंदर अपने लंड को डाल दिया। जैसे ही उसने अपने लंड को मेरी चूत मे डाला तो मैं बहुत तेज चिल्ला रही थी और वह ऐसे ही मुझे धक्के मारने पर लगा हुआ था। उसे बहुत ही मजा आ रहा था जब वह मेरी चूत मे अपने लंड को डाल रहा था। ऐसा उसने 15 मिनट तक किया उसके बाद उसका वीर्य पतन हो गया और उसने मेरी योनि के अंदर ही अपने माल को गिरा दिया। अब हम दोनों ने अपने कपड़े पहने और उसके बाद हम दोनों ने साथ बैठकर डिनर किया। वह मुझे कहने लगा कि तुमने बहुत ही अच्छा खाना बनाया है। उसके बाद वह अपने घर चला गया और जब भी वह मेरे घर पर आता है तो हमेशा ही मुझे चोदता है।

 


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