पहली बार समलैंगिक गुदा सेक्स

मेरा नाम अमन प्रीत है, मैं पंजाब का रहने वाला हूँ।

मेरी उम्र 20 साल है, लंड 6.5″ लम्बा है। मेरी गाण्ड की मोरी 2″ तक खुली हुई है, मुझे गाण्ड मरवाने का बहुत शौक है।
बात तब की है, जब मेरे घर वाले घर पर नहीं थे। पापा बाहर जॉब करते थे और मम्मी भी जॉब करती थीं, बस दादी घर पर होती थीं। मेरी क्लास में मेरा एक दोस्त पढ़ता था, मैं हमेशा उसके साथ रहता था, मुझे घर पर अकेले रहने की आदत सी थी।
एक दिन मेरे दोस्त ने कहा- तू घर पर अकेला रहता है, फिर भी कुछ नहीं करता?

मैंने बोला- क्या करूँ?
उसने कहा- सेक्स के बारे में कुछ जानते हो?
मैंने कहा- हाँ, कई बार मूवी जरूर देखी है, पर कभी किया नहीं !
तो उसने कहा- आज मैं तेरे घर चलूँगा और तेरे साथ सोऊँगा और तुझे सब सिखा दूँगा।
मैंने कहा- फिर लड़की कहाँ से लाओगे?
वो बोला- लड़की की क्या जरूरत है.. मैं तुम्हें ऐसे ही समझा दूँगा।
मैं पहले तो समझा नहीं कि उसने क्या कहा है, जब वो मेरे साथ घर गया, तो हमने अपने कपड़े बदले और हाथ धोकर खाना खाया और घूमने चले गए।
मेरे पास मोटरसाइकिल भी है।

उसने कहा- किसी कैमिस्ट के पास चल।
वहाँ जाकर उसने एक डिब्बी कंडोम की ख़रीदी और हम घूम कर घर आ गए। कमरे में आकर मूवी देखने लगे।
उसने कहा- कोई सेक्सी मूवी लगा..!
मैंने लगा दी, उसे देखते ही उसने दरवाजा बंद कर दिया।
मैंने कहा- यह क्या कर रहा है पागल… कोई लड़की को तो ले आता..!
तो उसने कहा- क्या जरूरत है.. ज्यादा पैसे खर्चने की…, मैं तेरी गाण्ड मारूँगा, तू मेरी मार लियो..!
मैं थोड़ी ना-नुकर करके राजी हो गया।
फिर क्या था… हमने दोनों ने कपड़े उतार दिए, उसका कुछ ज्यादा ही बड़ा था।
मुझे देख कर डर लग रहा था, तो वो बोला- डर मत, कुछ नहीं होगा… ज्यादा दर्द नहीं होगा।
फिर उसने मेरा लंड पकड़ कर चूसा।

मैं तो पता नहीं कहाँ खो गया, मुझे बहुत अच्छा लगा।
इतने में उसने मेरी गाण्ड पर हाथ फिराना शुरू कर दिया और गाण्ड में एक उंगली डाल दी।
मेरी तो चीख ही निकल गई, तो उसने कहा- तुमने पहले कुछ भी नहीं किया कभी !
मैंने ‘ना’ कर दी, तो उसने कहा- आज मैं तेरी गाण्ड की मालिश करूँगा, जिससे तू रोज गाण्ड मरवाने को तैयार रहेगा।
उसने तेल की बोतल उठाई और मेरी गाण्ड पर तेल डालना शुरू किया। जब गाण्ड तेल से भर गई, तो उसने अपने लंड पर भी तेल लगाया और मुझे उल्टा लिटा कर मेरे ऊपर लेट गया और लंड को अन्दर डालने लगा।
गाण्ड का छेद छोटा था, इसलिए लंड अन्दर नहीं गया। उसने लंड को अपने हाथ से पकड़ा और गाण्ड में फंसाने लगा, फिर एक झटका मारा और लंड का टोपा अन्दर घुस गया।

मेरी तो जैसे जान ही निकल गई हो, उसने मेरा मुँह बंद कर दिया ताकि आवाज बाहर ना जाए।
थोड़ी देर रुकने के बाद, जब दर्द कम हुआ तो उसने धीरे-धीरे झटके मारने शुरू किए, मुझे भी मजा आने लगा।
मैं भी गाण्ड उछाल-उछाल कर मरवाने लगा।
थोड़ी देर में उसने लंड निकाल लिया।
मैंने कहा- इसे अन्दर ही रहने दो… अब क्यों निकाला है… सारी रात आज ऐसे ही रहने दो।
तो उसने कहा- अब तुम भी मेरी मारो… मुझे गाण्ड मारने का कोई अनुभव नहीं था।
मैंने उससे कहा- कैसे डालना है?
उसने कहा- तुम तेल मत लगाना… मेरी गाण्ड खुली हुई है… अन्दर ऐसे ही चला जाएगा। सच्ची में उसकी गाण्ड बहुत खुली हुई थी। जैसे अभी मरवा कर आया हो। मेरा तो एक झटके में अन्दर चला गया। ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी, पर मुझे दर्द हुआ, क्योंकि मेरे टाँके पहली बार टूटे थे और खून भी आया।

उसने कहा- अपना निकाल लो, पहले साफ कर लो.. फिर डाल लेना।
पर मुझे मजा भी आ रहा था, मैंने निकाला और साफ किया।
उसने फिर कंडोम लगाया और फिर कहा- अब डालो..!
मैंने डाला और घस्से मारने शुरू किया। मेरा थोड़ी देर में काम हो गया और बहुत मजा आया।
तो उसने कहा- अब रोज इसे आगे-पीछे किया करो, तुम्हारा जल्दी छूटने भी लगेगा।
मैंने कहा- वो क्या होता है?
तो उसने कहा- अभी मैं तुम्हारी मारूँगा तो मेरा छूटेगा… उसे देखना..!
उसने मेरी गाण्ड मारी और मुझे जन्नत की सैर कराई। थोड़ी देर में वो भी निढाल हो गया और उसने अपना बाहर निकाला, तो उसका छूट रहा था।

उसने कहा- इसे चाट लो, यह स्वादिष्ट होगा..!
तो मैंने उंगली से चाटा तो मुझे उल्टी हो गई।
उसने अपनी जीभ से सारा चाट लिया और कहा- अब दूध के दो गिलास लाओ।
मैं दूध गर्म करके ले आया और हमने पिया।
मुझमें जैसे फिर से ताकत आ गई हो, मैं उसे छेड़ने लगा।
तो उसने कहा- रुक जाओ… थोड़ी देर में करेंगे।
मैं उसका लण्ड मुँह ले कर चूसने लगा।
मुझे बहुत अजीब लगा, लेकिन फिर भी चूसा और हम 69 की पोजीशन में एक-दूसरे का चूसने लगे और उस रात हमने 4 बार ऐसा किया और इसके बाद तो मैंने किस-किस से ना मरवाई… वो सब बाद में..! पहले मुझे इस कहानी के बारे में बताओ कि कैसी लगी।


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