पहली बार में ही कुतिया बन गयी भाग २

अब में धीरे-धीरे उसका लंड अपने अंदर लेने लगी थी, तभी उसने झटके से मुझे नीचे किया और उसका पूरा 6 इंच का लंड मेरे अंदर चला गया। अब दर्द के कारण मेरी चीख निकल गयी और अब मुझे ऐसा लग रहा था, जैसे मेरी चूत फट गयी है। तब उसने मेरी कमर पकड़ कर ऊपर नीचे करना शुरू कर दिया और अब मेरा दर्द मजे में बदलने लगा था। अब मैंने इन्जॉय करना शुरू कर दिया था। अब वो अपने लंड को धीरे-धीरे मेरी चूत में अन्दर बाहर कर रहा था, वो बीच-बीच में मेरे बूब्स पर हल्के-हल्के चांटे मारता तो कभी मेरे निप्पल को चिमटी भरता और मेरी चीख निकल जाती। अब करीब 10 मिनट तक किसिंग और फुकिंग के बाद में तुरन्त डॉगी पोज़िशन में आ गई। फिर उसने 10 मिनट तक मेरी जोर-जोर से झटके देकर मेरी चुदाई की। अब मेरी चूत बहुत बुरी तरह से दर्द कर रही थी और हम लोग करीब 30 मिनट तक ऐसे ही नंगे एक दूसरे की बाहों में लेटे रहे। अब हम बीच-बीच में एक दूसरे को किस करते तो कभी वो मेरे बूब्स चूसता और उसके बाद वो अपने घर चला गया। फिर रात को उसका मैसेज आया।

राज – तेरी चूत बहुत टेस्टी है, फिर चाटने का मन हो रहा है।

अब मैसेज पढ़ते ही मेरे गाल लाल हो गये और मैंने तुरन्त जवाब दिया।

में – तो तुझे रोका किसने है?

राज – देख तुझे तो कल बताता हूँ, तेरी चूत का चोदकर बुरा हाल ना किया तो।

में – में तुम्हारा इंतजार करुँगी, जानेमन।

राज – साली तू तो एक बार में ही कुत्तिया बन गयी है।

में – तुने ही तो बनाया है, कमीने।

राज – तुने अभी क्या पहना है?

में – पजामा और टॉप।

राज – उतार कर पूरी नंगी हो जा और एक हाथ से अपने बूब्स दबा और एक हाथ से फिंगरिंग कर और सोच कि में तुझे अभी चोद रहा हूँ।

अब मैसेज पढ़ते ही मेरी चूत गीली हो गयी और वही करने लगी जो उसने कहा, तभी उसका मैसेज आया।

राज – क्या हुआ?

में – कुछ नहीं।

राज – बस अब रुक जा, कल के लिए भी कुछ रहने दे।

ठीक है कल कॉलेज के बाद मेरे घर पर मिलते है, गुड नाईट।

में – गुड नाईट।

उसके बाद हम लोग कॉलेज में बिल्कुल नॉर्मल फ्रेंड्स की तरह रहते और कॉलेज के बाद लगभग रोज़ मेरे घर पर मिलते, कई बार कॉलेज में भी अकेले में उसने मेरी पेंटी उतार कर रख ली और कभी लेक्चर्स में मेरी स्कर्ट में हाथ डालकर फिंगरिंग करता रहता। एक दिन उसने मुझे रात में फोन किया और बोला कि तुझे देखने का बहुत मन है प्लीज अपनी बालकनी में आ जा, में नीचे ही खड़ा हूँ। फिर मैंने बालकनी में जाकर देखा तो वो बाहर ही खड़ा था। अब वो मुझे देखकर बोला कि अपनी टॉप उतार कर नीचे फेंक दे।

में – क्या? ये तुम क्या बोल रहे हो?

राज – जो बोला है वो कर साली कुत्तिया।

में – ओके रुको, अभी देती हूँ और मैंने अपना टॉप और ब्रा नीचे फेंक दी, जो उसने नीचे पकड ली थी।

राज – हँसते हुए, साली तू तो पक्की कुत्तिया हो गयी है, अपनी बालकनी में आधी नंगी खड़ी है। चल अब ऐसे ही खड़े होकर मुझसे से बातें कर।

अब बालकनी में हल्की हल्की लाईट आ रही थी, जिसमें साफ पता चल रहा था कि मैंने ऊपर कुछ नहीं पहना है। अब ठंडी हवा से मेरे निप्पल कड़क हो गये थे। फिर मैंने उसे बताया तो उसने मुझे अपने बूब्स पकड़ कर निप्पल मुँह में डालने को बोला, तो मैंने वैसा ही किया। फिर उसने मुझे अपने बूब्स रेलिंग से बाहर की तरफ लटकाने को बोला, तो मैंने वैसा ही किया। अब हम लोग करीब आधे घंटे से ऐसे ही बात करते रहे। अब वो मेरा टॉप अपने साथ लेकर चला गया और अगले दिन कॉलेज में वापस किया। उस दिन में ऐसे ही आधी नंगी सोई और पूरी रात मेरी चूत गीली रही।

एक रात उसने मुझे मिलने के लिए मेरी बिल्डिंग की सीढ़ियों पर बुलाया और मुझे किस करने के बाद उसने मुझे अपना लंड चूसने को बोला। मैंने ऐसा कभी नहीं किया था तो मैंने उसे मना कर दिया, लेकिन उसने जबरदस्ती मेरा मुँह अपने लंड की तरफ किया। अब मेरे मना करने पर भी उसने मेरी टॉप उतार दी और अपना लंड मेरे मुँह में ज़बरदस्ती डालकर बोला कि चूस साली, नहीं तो अभी ज़ोर से बोलूँगा तो सब लोग जाग जायेंगे और तुझे इस हालत में देखेंगे। फिर में चुपचाप एक अच्छी कुत्तिया की तरह उसका लंड चूसने लगी। फिर थोड़ी देर तक लंड चुसवाने के बाद उसने मेरा पजामा उतार दिया और वहीं सीढियों पर मुझे डॉगी स्टाइल में चोदने के बाद मेरा टॉप, ब्रा और पेंटी अपने साथ ले गया और में बिना अपने टॉप के सिर्फ़ पजामे में दो फ्लोर नीचे अपने घर गयी और ऐसे ही सो गयी। फिर उसने अगले दिन मेरे कपड़े वापस दे दिए। फिर हम ऐसे ही दो साल तक चुदाई करते रहे, अब कॉलेज के बाद वो पढाई के लिए दूसरी सिटी में चला गया और कुछ महीने बाद मेरी शादी तय हो गयी तो मेरी उससे बातचीत ख़त्म हो गयी ।।

धन्यवाद …


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