पेड के पीछे कमरतोड चुदाई

Ped ke pichhe kamartod chudai:

antarvasna, hindi sex stories हेलो दोस्तो मेरा नाम राधिका है में मुंबई की रहने वाली हूं, मेरी उम्र 23 साल है। मैं यौवन से भरी हुई मल्लिका हूं, मेरा गोरा बदन देखकर सब लड़के मुझ पर लार टपकाते हैं, उनके लंड में लेने के लिए आतुर रहती हूं लेकिन सबके लंड लेना मुमकिन नहीं है इसलिए मैं आपको करन के साथ अपने संबंधों के बारे में बताना चाहती हूं कैसे उसके साथ मैने सेक्स संबंध बनाए और हमारी दोस्ती कैसे बढ़ती गई। वह मुझे एक बहुत ही शरीफ और अच्छी लड़की समझता था लेकिन उसे नहीं पता था मैं उसका लंड को लेने के लिए हमेशा आतूर रहती हूं और इसी के चलते मैंने एक दिन करन से अपने दिल की बात कह दी। वह मुझे कहने लगा ठीक है हम लोग चलते और सेक्स करते हैं मैं आपको बताती हूं कैसी मेरी मुलाकात करन के साथ हुई।

मैं अपने मम्मी पापा के साथ मुंबई में रहती हूं और उन लोगों की मुझ पर बड़ी बंदिसे हैं, वह लोग बिल्कुल भी नहीं चाहते कि मैं किसी से भी फालतू की बात करूं, वह लोग मुंबई में काफी सालों से रह रहे हैं लेकिन अभी भी वह पुराने ख्यालातो के हैं इसीलिए मेरे घर में किसी भी लड़के का आना सख्त मना है। एक बार मैं घर पर ही बैठी हुई थी उस वक्त मेरी एक सहेली आई और मुझे कहने लगी तुम घर पर अकेले रहकर क्या करती हो, तुम कुछ काम क्यों नहीं कर लेती? मैंने उसे कहा मैं क्या काम कर सकती हूं मेरे पास कोई भी ऐसा काम नहीं है कि जो मैं कर संकू। वह कहने लगी तुम मेरे साथ कॉल सेंटर में नौकरी कर लो और वहां पर तुम्हें कुछ पैसे भी मिल जाएंगे तो तुम्हारा खर्चा भी निकल जाया करेगा, मैंने सोचा यह तो बिल्कुल ठीक कह रही है, मैंने भी कॉल सेंटर में नौकरी करने की सोच लिया और जब मैंने कॉल सेंटर में इंटरव्यू दिया तो वहां पर मेरा सिलेक्शन हो गया, मेरा सिलेक्शन भी हो चुका था और मैं बहुत खुश थी, कुछ दिनों तक तो हम लोगों की ट्रेनिंग चलती रही लेकिन जब हमारी ट्रेनिंग खत्म हो गई तो उसके बाद मैंने पूरी तरीके से काम करना शुरू कर दिया, मैं सुबह के वक्त कॉल सेंटर में आ चली जाती और उसके बाद शाम को ही मेरा घर आना होता था, कभी कबार मेरी नाइट में भी शिफ्ट लगती थी और मैं बड़े अच्छे से काम करती, मेरे सीनियर मुझसे बहुत खुश रहते थे और वह मुझे कहते कि तुम बड़ी ही सीधी सादी लड़की हो।

एक बार मेरे ऑफिस की छुट्टी थी उस दिन मेरी सहेली मुझे कहने लगी कि आज हम लोग कहीं बाहर घूमने चलते हैं, मैंने उसे कहा मेरा तो आज मन नहीं है मैं सोच रही हूं आज घर पर ही रहूं लेकिन उसने मुझे कहा कि मुझे आज शॉपिंग करनी है और तुम्हें मेरे साथ चलना ही पड़ेगा। हम लोग शॉपिंग करने के लिए चले गए, जब हम लोग शॉपिंग करने गए तो हम दोनों ऑटो से ही जा रहे थे, हम दोनों की ऑटो में काफी चर्चाएं चलती रही और हम एक दूसरे से बात कर रहे थे कि कितना ज्यादा ट्रैफिक रहता है तभी वह ऑटो का ड्राइवर भी बोल पड़ा, मैडम हम लोग तो हमेशा इन सब चीजों से गुजरते हैं और मुंबई के ट्रैफिक से तो हम लोग बहुत परेशान हैं इसकी वजह से कई बार तो हमें लोगों को मना भी करना पड़ता है। उसके बाद हम दोनों आपस में बात करने लगे और अपने ऑफिस के बारे में बात करने लगे, मैं अपनी सहेली से पूछती कि तुम्हारा पुराना बॉयफ्रेंड आजकल कहां है? वह कहने लगी मैंने तो अब उससे अपने पूरे संबंध खत्म कर दिए हैं और मुझे उससे अब कोई लेना देना भी नहीं है। वह मुझे कहने लगी क्या तुमने भी कोई नया बॉयफ्रेंड बनाया है? मैंने उसे कहा मैं किसी के साथ सीरियस नहीं रहती यह बात तो तुम्हें पहले से ही पता है। वह कहने लगी यह तो मुझे पहले से ही पता है कि तुम किसी के साथ भी सीरियस रिलेशन में नहीं रहती।

उसके साथ मैंने काफी देर तक इस बारे में चर्चा की और जब हम लोग शॉपिंग कर रहे थे तो उस वक्त उसका एक पुराना दोस्त मिला वह शायद उसके कॉलेज का दोस्त था, जब वह हमें मिला तो उसे देख कर मैं बहुत खुश हो गई क्योंकि उसकी पर्सनैलिटी ऐसी थी कि मैं उस पर फिदा हो गई, उसका नाम करन है और जब मुझे मेरी सहेली ने उससे मिलाया तो मैं उससे बात करना चाहती थी लेकिन उस वक्त मेरी इतनी बात नहीं हो पाई फिर मैंने अपनी सहेली से उसका नंबर ले लिया और उसके बाद तो जैसे करन और मेरी मुलाकात आम हो गई, हम दोनों हमेशा मिलने लगे थे और एक दूसरे के साथ काफी समय बिताते, मैं जब भी ऑफिस से लौटती तो मुझे करन ही लेने के लिए आ जाता और उसके साथ मैं थोड़ा समय बिता लेती उसके बाद मैं अपने घर चले जाती, बस यही रूटीन हमारा चल रहा था लेकिन कुछ समय तक मुझे करन नहीं मिला, करन मुझे कहने लगा मैं आजकल काम में कुछ ज्यादा ही बिजी हूं इसलिए तुम्हें कुछ दिनों तक मिल नहीं पाऊंगा, मैंने उसे कहा कोई बात नहीं तुम अपना काम पहले कर लो, वह कहने लगा हां मैं पहले अपना काम खत्म कर लेता हूं उसके दस पंद्रह दिन बाद मैं तुम्हें मिलूंगा। दस दिन हो चुके थे और मेरी मुलाकात करन के साथ नहीं हो पाई थी, मेरी अब नाइट शिफ्ट भी लग चुकी थी लेकिन करन का मुझसे मिल पाना संभव नहीं हो रहा था। मैंने एक दिन करन को फोन किया और कहा कि क्या अब तुम फ्री हो चुके हो? वह कहने लगा कि हां मैं तो फ्री हूं। मैंने उसे कहा लेकिन मेरी नाइट शिफ्ट लग चुकी है और सुबह के वक्त मैं जल्दी छूट जाती हूं तो क्या तुम मुझे सुबह मिल पाओगे? वह कहने लगा ठीक है मैं सुबह तुम्हें मिलने आ जाता हूं। वह मुझे मिलने के लिए सुबह के वक्त ही आ गया, मैं उससे करीबन 10 दिन बाद मिल रही थी इसलिए मैं उसके गले लग गई और उसे कहने लगी तुमने मझे इतने दिनों से तड़पाया है मैं तुम्हारे लिए बहुत तड़प रही थी मैंने उसे गले लगा लिया।

हम दोनों एक दूसरे से गले मिलकर बहुत खुश हुए, मेरी चूत में खुजली होने लगी मैंने उस दिन करन से कहां आज मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करना है। वह कहने लगा तुम्हारा दिमाग तो सही है इतनी सुबह भला कौन सेक्स करता है और आज तक तो तुमने मुझे कभी नहीं कहा। मेरी उस दिन करन से अपनी चूत मरवाने की इच्छा थी। हम दोनों जब बाइक से जा रहे थे तो हमने एक पेड़ देखा, उस पेड के पीछे हम लोग चले गए उस पेड़ के पीछे बड़ी बदबू आ रही थी क्योंकि लोगों ने वहां पर पेशाब की हुई थी। मैंने जल्दी से अपने सलवार के नाड़े को खोला मैने करन के लंड को पकड़ते हुए अपनी योनि में ले लिया। जैसे ही उसका लंड मेरी चूत में गया तो मुझे ऐसा लगा जैसे मेरी खुजली मिट रही हो, उसने मेरी चूतडो को पकड़ लिया और कहने लगा राधिका मुझे नहीं पता था तुम इतनी ज्यादा चूत चुदाई की आदि हो यदि मुझे पता होता तुम्हें चूत मरवाने का इतना शौक है तो मैं पहले ही तुम्हारी चूत मारकर तुम्हारी चूत के दो टुकड़े कर देता। मैंने उसे कहा तो अब क्यों तुम इंतजार कर रहे हो तुम ऐसे ही मुझे पेलते रहो। वह मुझे बडी तेज गति से धक्के मार रहा था मुझे बहुत मजा आ रहा था जिस प्रकार से उस दिन उसने मेरी चूत की खुजली मिटाई। मैं तो करन की दीवानी हो गई, करन का लंड 9 इंच मोटा था लेकिन जैसे ही उसका लंड मेरी योनि में जाता तो मुझे बड़ा आनंद आ जाता, उसने उस दिन मुझे 200 झटके मारे लेकिन उन 200 झटकों में मेरा पूरा बदन हिल गया, जैसे ही उसका वीर्य मेरी योनि में गिरा तो मैंने जल्दी से अपने कपड़े पहन लिए। मैंने अपनी पैंटी को ऐसे ही पहन लिया था उसका वीर्य मेरी पैंटी पर टपक रहा था। मैंने करन से कहा मुझे बड़ी तेज भूख लग रही है वह मुझे कहने लगा अभी तो मैंने तुम्हें अपना माल खिलाया था अब तुम्हें दोबारा से भूख लग गई। मुझे उस वक्त वाकई में भूख लग रही थी, हम दोनों ने चाय पी और उसके बाद उसने मुझे जल्दी से मेरे घर छोड़ दिया। मैं जब घर पहुंची तो मैंने उसे फोन किया और कहा आज तुमने मुझे खुश कर दिया, मैं आज बहुत ज्यादा खुश हूं मैने इतनी उम्मीद कभी भी नहीं की थी लेकिन आज तुमने मेरी चूत मारकर मुझे खुश कर दिया।


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