पायल तुझे चोदने का सपना पूरा जरुर होगा – 2

Payal tujhe chodne ka sapna pura jarur hoga-2:

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मेरा नाम राधिका है और मैं कॉलेज की स्टूडेंट हूं। मेरी उम्र 21 वर्ष है और मैं कॉलेज में हमेशा ही आगे रहती हूं। कॉलेज में कुछ भी काम होता है तो सबसे पहले मुझे ही मेरे कॉलेज वाले कहते हैं। कोई भी कंपटीशन या कुछ भी हिस्सा लेना हो तो वह मुझसे ही कहते हैं कि तुम इस कॉम्पिटिशन में भाग ले लो और हमारे कॉलेज का नाम रोशन करो। मैं पहले से ही पढ़ने में अच्छी थी। इसलिए मेरे घर वालों ने मुझे एक अच्छे स्कूल में पढ़ाया और जब मैं वहां से पास आउट हुई तो मैं कॉलेज में भी अच्छे से पढ़ती। जिसकी वजह से मेरे कॉलेज वाले भी बहुत खुश थे। जितने भी मेरे टीचर थे वह सब मुझे अच्छे से पहचानते थे और मेरे दोस्त हमेशा ही कहते रहते थे कि तुम हमारी कॉलेज की शान हो। तुम्हारी वजह से ही हमारा कॉलेज हर कंपटीशन में जीता है और हमारे कॉलेज का अच्छा नाम भी बना हुआ है। मेरे घर में सब मुझे बहुत ही प्यार करते हैं और मेरे बड़े भाई भी मुझे बहुत ज्यादा प्यार करते हैं। मेरे भैया मुझसे ज्यादा बड़े नहीं है। वह जॉब भी करते हैं। हमेशा वह मेरे कॉलेज के खर्चे के लिए पैसे दिया करते हैं। वह मुझे बहुत ही प्यार करते हैं और मैं भी उनसे बहुत ज्यादा प्यार करती हूं।

कुछ दिनों बाद उनका जन्मदिन भी आने वाला था और मैं चाहती थी कि उनके जन्मदिन को हम बहुत ही अच्छे से मनाएं। मैंने इस बारे में अपने पिताजी से बात की तो वह कहने लगे कि ठीक है। तुम अपने हिसाब से तैयारी कर लो। जितने भी पैसे लगते हैं वह तुम हमसे ले लेना। मैंने उनके जन्मदिन के लिए बहुत ही अच्छे से तैयारी की। मैंने अपने भाई से कहा कि तुम अपने दोस्तों को भी घर पर बुला लेना। हम लोग इस बार तुम्हारा जन्मदिन काफी धूमधाम से मनाना चाहते हैं और बहुत ही बड़े तरीके से जन्मदिन को मनाएंगे। मेरा भाई पहले कहने लगा कि रहने दो फालतू खर्चा मत करो। हम लोग आपस में ही जन्मदिन मना लेते हैं। किसी को बुलाने की आवश्यकता नहीं है लेकिन मैंने उसे जिद की और वह मेरी बात मान गया। जूस दिन मेरे भाई का जन्मदिन था। उस दिन मैंने भी अपने कॉलेज के कुछ दोस्तों को बुलाया था और मेरे भैया ने भी अपने दोस्तों को बुलाया था। उनके दोस्त बहुत ही अच्छे थे। वह मुझे सब से मिला रहे थे। उनका एक दोस्त मुझे बहुत ही पसंद आया। उसका नाम साहिल है। वह देखने में बहुत ही हैंडसम और अच्छी कद काठी का है लेकिन मैं इस बात से डर रही थी कि कहीं मैं उससे बात करूंगी तो मेरे भैया मुझे कुछ कह ना दे। इसलिए मैंने साहिल से बात नहीं की लेकिन कहीं ना कहीं साहिल भी चाहता था कि वह मुझसे बात करें और वह भी मुझे बार बार देखे जा रहा था। मेरे सब दोस्त लोग एंजॉय कर रहे थे और मेरे भैया के जितने भी दोस्त हैं वह लोग भी इंजॉय कर रहे थे। अब हम ने केक काटा और मेरे भाई ने मुझे भी केक खिलाया और मेरे माता पिता ने उन्हें केक खिलाया। जिससे कि सब लोग बहुत खुश हुए और उसके बाद उन लोगों ने मेरे भैया को गिफ्ट दिया।

अब सब लोग काफी इंजॉय कर रहे थे और आपस में बातें भी कर रहे थे। उसके बाद सब वहां से चले गए लेकिन भैया ने साहिल को घर पर ही रोक लिया। साहिल उनका बहुत ही अच्छा दोस्त है और वह चाहते थे कि वह उस दिन हमारे साथ ही रहे। क्योंकि साहिल का घर काफी दूर है। इस वजह से उन्होंने कहा कि रात काफी हो गई है। तुम कल सुबह चले जाना। साहिल ने कहा ठीक है। मैं तुम्हारे घर पर ही रुक जाता हूं। अब मैं छत में टहल रही थी और वहां पर साहिल और मेरे भैया भी आ गये। हम तीनों आपस में काफी देर तक बातें करने लगे। साहिल जब बात कर रहा था तो वह बात करने के तरीके से बहुत ही सभ्य और अच्छा लग रहा था। मैंने इस बारे में अपने भैया से पूछा कि साहिल कैसा लड़का है। वह कहने लगे कि वह बहुत ही अच्छा और शरीफ लड़का है। थोड़ी देर बाद हम तीनों सोने चले गए। क्योंकि रात काफी हो चुकी थी।

हम तीनों अब सो चुके थे मैं अपने कमरे में सो रही थी और साहिल मेरे भैया के साथ ही सो रखा था। मुझे कुछ देर तो नींद आई लेकिन अचानक से मेरी नींद खुल गई और मैं बाहर टॉयलेट करने के लिए आई। मैं जैसे ही बाहर के बाथरूम में टॉयलेट करने आई तो वहां पर साहिल मुट्ठ मार रहा था। मैंने उसे देख लिया और उसने भी मुझे देख लिया था उसका माल जैसे ही गिरने वाला था तो तुरंत मैंने अपने मुंह को उसके लंड के आगे लगा दिया और उसका माल सारा निगल लिया। वह बहुत खुश हुआ और अब वह समझ चुका था कि मुझे भी क्या चाहिए। हम दोनों अपने बैठक में आ गए और उसने मुझे सोफे पर लेटा दिया। जैसे ही उसने मुझे सोफे पर लेटाया तो उसने मेरे दोनों पैरों को खोलते हुए मेरी चूत को चाटना शुरू किया। वह बहुत ही अच्छे से मेरी चूत को चाट रहा था मुझे ऐसा लग रहा था जैसे कि वह मेरी चूत के पानी को भी अपने मुंह के अंदर लेता जा रहा है। मुझे काफी अच्छा लग रहा था जब वह ऐसा करता मैंने उसे कहा कि तुम बहुत ही अच्छे से मेरी चूत को चाट रहे हो मुझे बहुत मज़ा आने लगा। वह मेरे स्तनों को भी दबाने लगा और उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए मैं अब उसके सामने नंगी लेटी हुई थी वह मेरे नंगे बदन को देखकर बहुत ही उत्तेजित होने लगा और उसने तुरंत ही मेरे स्तनों को चाटना शुरू कर दिया। उसने मेरे स्तनों को इतने अच्छे से चूसा की मेरे स्तनों से मेरा दूध भी निकलने लगा और वह मेरे दूध को अपने मुंह के अंदर ही निगलने लगा।

उसने मेरे होठों के रसपान बहुत अच्छे से किया। मेरे अंदर की उत्तेजना और बढ़ जाती अब वह मेरी चूत के अंदर अपने लंड को लगाने लगा। पहले तो मेरी चूत के अंदर उसका लंड गया ही नहीं उसने अपने लंड को अपने हाथों से हिलाते हुए मेरी चूत के अंदर डाल दिया। जैसे ही उसने अपने लंड को मेरी चूत के अंदर डाला तो मेरी चत से खून  आना शुरू हो गया और मेरी सील टूट चुकी थी। वह ऐसे ही बड़ी तीव्र गति से मुझे धक्के मारे जा रहा था। उसने इतनी तीव्र गति से मुझे चोदना जारी रखा कि मेरा शरीर पूरा हिलने लगा और मुझे ऐसा लगता कि जैसे मेरे अंदर से कुछ करंट उत्पन्न हो रहा है। वह अब भी मेरे स्तनों को दबाने पर लगा हुआ था और मेरे ऊपर से लेट कर मुझे बड़ी तेज गति से चोद रहा था। मेरे अंदर की गर्मी भी बढ़ती जा रही थी और उसके अंदर की गर्मी भी बढ़ने लगी। उसके शरीर से भी पसीना आने लगा और मैं भी पसीना-पसीना हो रही थी लेकिन वह मुझे ऐसे ही झटका देते जाता जिससे कि मुझे बहुत अच्छा लगने लगा। वह मेरे स्तनों को भी अपने मुंह में लेता जाता जब वह मुझे झटके मार रहा था तो मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे मैं किसी ट्रेन में बैठी हुई हूं और कोई मेरी चूत मार रहा हो लेकिन मुझे काफी आनंद आ रहा था। जिस प्रकार से वह मुझे चोद रहा था मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे मेरा जीवन सफल हो गया हो और मेरी वर्जिन चूत का किसी ने उद्घाटन किया हो।

मैं बहुत ही ज्यादा खुश थी की साहिल मेरी चूत मार रहा है और वह मेरे भैया का दोस्त भी है। उसने मुझे अब अपने ऊपर से लेटा दिया और धीरे से मेरी चूत के अंदर अपने लंड को डाल दिया जैसे ही उसने अपने लंड को  डाला तो मेरी बड़ी तेज आवाज निकली लेकिन उसने मेरे मुंह को अपने हाथों से दबा दिया और ऐसे ही मुझे झटके मारने लगा। वह बड़ी तीव्र गति से मेरी चूतड़ों पर प्रहार करता जिससे मेरे गले से बड़ी तेज आवाज निकलने लगी और मैं भी अब उत्तेजित होने लगी। मैंने भी अब अपनी चूतडो को उसके लंड से सटाना शुरू कर दिया और ऐसे ही ऊपर नीचे बड़ी तीव्र गति से मैं अपने चूतड़ों को उसके लंड पर करने लगी। मुझे बहुत ही मजा आने लगा जब मैं अपनी चूतडो को उसके लंड के ऊपर नीचे करती जाती। वह भी बड़ी तीव्र गति से मुझे झटके मारे जा रहा था। हम दोनों के शरीर से जो गर्मी उत्पन्न हुई उसे हम दोनों पसीना-पसीना होने लगे और ना जाने कब मेरा झड़ चुका था और मैं ऐसे ही अब बैठ गई। उसके कुछ ही क्षणों बाद साहिल का भी वीर्य पतन हो गया और उसने मेरी योनि के अंदर अपने वीर्य को डाल दिया। हम दोनों थोड़ी देर ऐसे ही बैठे रहे और मेरी चूत से उसका माल टपक रहा था। फिर वह मेरे भाई के साथ सोने चला गया और मैं भी अपने कमरे में चली गई। उसके बाद से साहिल ने मुझे बहुत बार चोदा है।

 


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