पायल के स्तनों का रसपान

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Payal ke stanon ka raspan काफी दिनों से मैं सोच रहा था कि मैं भैया और भाभी से मिल आता हूं लेकिन मुझे अपने ऑफिस से बिल्कुल भी फुर्सत नहीं मिल पाई इसलिए मैं भैया और भाभी से मिल नहीं पाया था। एक दिन मेरी छुट्टी थी तो उस दिन मैंने सोचा कि भैया भाभी से मिल लेता हूं काफी दिन हो गए थे भैया भाभी से मिला भी नहीं था। मैं उस दिन भाई और भाभी को मिलने के लिए चला गया।

जब मैं उन लोगों को मिलने के लिए गया तो मुझे उसने मिलकर अच्छा लगा और उन्हें भी मुझसे मिलकर बड़ा अच्छा लगा था। वह मुझे कहने लगे कि सुरेश तुम हम लोगों से मिलने के लिए आते ही नहीं हो मैंने भैया से कहा कि भैया आप तो जानते ही हैं कि मुझे बिल्कुल भी समय नहीं मिल पाता है इसलिए आप लोगों से मिलने के लिए नहीं आ पाता हूं। भैया भाभी अब अलग रहते हैं और भाभी के कहने पर ही भैया अलग रहने लगे थे लेकिन उसके बाद भी भैया अक्सर घर पर आते ही रहते थे।

हम लोग जॉइंट फैमिली में रहते हैं इसलिए भाभी चाहती थी कि वह लोग अलग रहे तो मां ने भी भैया से कहा कि उन्हें इस बात से कोई परेशानी नहीं है और उसके बाद वह लोग अलग रहने लगे। मैं उस दिन भैया लोगों के साथ काफी देर तक रहा और फिर मैं घर लौट आया था। जब मैं घर लौटा तो मां ने मुझसे पूछा कि सुरेश बेटा रोहन कैसा है मैंने मां से कहा कि मां रोहन भैया तो ठीक है। कुछ देर तक मैं मां के साथ बैठा रहा फिर मैं अपने कमरे में चला गया जब मैं अपने रूम में गया तो मैंने उस दिन अपने दोस्त को फोन किया। मेरे ऑफिस की छुट्टी थी इसलिए मैंने सोचा कि क्यों ना आज अपने दोस्त राजेश को मिल आता हूं और उस दिन मैं राजेश को मिलने के लिए चला गया।

राजेश का घर मेरे घर के पास ही है काफी दिन हो गए थे मैं राजेश को मिला भी नहीं था तो सोचा कि राजेश से मुलाकात कर लेता हूं और उस दिन मैं राजेश को मिलने के लिए चला गया। जब मैं उससे मिलने के लिए गया तो मुझे काफी अच्छा लगा राजेश के साथ उस दिन मैं काफी देर तक रहा फिर मैं घर वापस लौट आया था। राजेश से मुलाकात कर के मुझे बहुत ही अच्छा लगा था। अब अगले दिन मुझे ऑफिस जल्दी जाना था इसलिए मैंने मां से रात में ही कह दिया था कि मुझे कल ऑफिस जल्दी जाना है तो मां ने कहा कि हां बेटा मैं तुम्हारे लिए कल सुबह जल्दी नाश्ता बना दूंगी।

मेरी मां ने मेरे लिए सुबह जल्दी नाश्ता बना दिया था और फिर मैं अपने ऑफिस चला गया था। मैं जब अपने ऑफिस गया तो हमारे ऑफिस में एक नई लड़की आई हुई थी और जब मेरा परिचय पायल के साथ हुआ तो मुझे पायल से बात करना काफी अच्छा लगा। पायल से बात करना मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था और अब मैं और पायल एक दूसरे से काफी बातें करने लगे थे। जैसे जैसे समय बीतता जा रहा था पायल और मैं एक दूसरे के नजदीक आते जा रहे थे और अब वह समय आ चुका था जब मैं पायल को अपने दिल की बात कहना चाहता था।

एक दिन हम दोनों ही लंच टाइम में हमारे ऑफिस की कैंटीन में बैठे हुए थे उस वक्त मैं और पायल एक दूसरे से बातें कर रहे थे। मैंने जब पायल को उस दिन अपने दिल की बात कही तो पायल भी इस बात को मना ना कर सकी क्योंकि पायल भी तो मुझसे प्यार करने लगी थी। हम दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे थे अब मैं और पायल एक दूसरे के साथ बड़े ही खुश थे और हम दोनों एक दूसरे को डेट करने लगे थे। मैं जब भी पायल के साथ होता तो मुझे बड़ा अच्छा लगता और पायल को भी बहुत ही अच्छा लगता था जिस तरीके से मैं और पायल एक दूसरे के साथ होते थे।

मैं चाहता था कि पायल के बारे में मैं घर पर सबको बता दूंगा और मैंने ऐसा ही किया मैंने जब पायल के बारे में अपनी मां को बताया तो मां ने इस बारे में पापा को बता दिया था। पापा ने मुझे कहा कि बेटा अगर तुम पायल को पसंद करते हो तो पहले हमें उसके परिवार वालों से मिलना पड़ेगा उसके बाद ही तो हम लोग आगे बात को बढ़ा पाएंगे। मैंने पापा से कहा कि हां पापा मैं पायल से इस बारे में बात कर दूंगा लेकिन उससे पहले मैं पायल को अपने परिवार वालों से मिलाना चाहता था। मैंने जब पायल को अपनी फैमिली से मिलवाया तो पायल बहुत ही ज्यादा खुश थी लेकिन वह चाहती थी कि हम लोग शादी के बाद अलग रहे।

मैंने पायल से कहा कि देखो पायल यह तो फिलहाल संभव नहीं हो पाएगा लेकिन फिर शादी हो जाने के बाद मैं इस बारे में पापा और मां से जरूर बात कर लूंगा कि क्या हम लोगों को अलग रहना चाहिए या नहीं। पायल भी मेरी बात मान गई थी पायल को सब लोग बहुत ही पसंद करते थे इसलिए पापा जब पायल के पिताजी से मिले तो उन लोगों को भी इस बात से कोई एतराज नहीं था। उन लोगों ने भी पायल और मेरी शादी करवाने का फैसला कर लिया था अब हम दोनों बड़े खुश हैं जिस तरीके से हम लोगों की फैमिली के लोगों ने हम दोनों के रिलेशन को स्वीकार कर लिया था। हम दोनों अपनी आगे की जिंदगी साथ में बिताना चाहते थे मैं तो बड़ा ही खुश था।

जिस तरीके से मैं और पायल साथ में होते तो हम दोनों साथ में समय बिताया करते हैं। जल्द ही मेरी और पायल की शादी होने वाली थी और जब हम दोनों की शादी हो गई तो उसके बाद हम दोनों पति-पत्नी बन चुके थे। मैं पायल को अपनी पत्नी के रूप में पाकर बड़ा ही खुश था और पायल भी बहुत खुश थी। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि हम दोनों की शादी हो जाएगी। मेरी और पायल की शादी की पहली रात थी हम दोनो उस रात को यादगार बनाना चाहते थे। पायल और मैं साथ में लेटे हुए थे हम दोनों एक दूसरे की बाहों में थे। हम दोनों को बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था जब हम दोनो एक दूसरे की बाहों थे।

हमारी गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ती जा रही थी कहीं ना कहीं पायल की गर्मी बहुत ज्यादा बढ चुकी थी वह रह नहीं पा रही थी। पायल ने मुझसे कहा मेरी गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी है अब मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जाएगा। मैंने पायल के स्तनों को दबाना शुरू कर दिया था उसके स्तनों को दबाने के बाद मेरी गर्मी इस कदर बढ़ रही थी वह बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी। वह मुझे कहने लगी मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है मैं और पायल एक दूसरे की गर्मी को बहुत ज्यादा बढ़ा चुके थे। अब हम दोनों चाहते थे हम दोनो एक दूसरे के साथ सेक्स करे।

मैंने पायल से कहा तुम मेरे लंड को अपने मुंह में ले लो। पायल पहले इस शर्मा रही थी फिर वह मेरी बात मान गई उसने मेरे लंड को अपने हाथों में ले लिया। जब उसने ऐसा किया तो मुझे मजा आने लगा मैं उसके साथ जमकर सेक्स का मजा लेना चाहता था। मैंने उसे कहा तुम मेरे लंड को अपने मुंह में ले लो। पायल ने अपनी जीभ को मेरे लंड को चाटना शुरु किया मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जिस तरीके से वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेने लगी थी वह मेरी गर्मी को बढ़ाए जा रही थी। वह पूरी तरीके से गर्म हो चुकी थी वह मेरी गर्मी को इतनी अधिक बढा चुकी थी मै बिल्कुल रह नहीं पा रहा था।

मैंने पायल की चूत के अंदर अपने लंड को डालने का फैसला कर लिया था क्योंकि मेरे गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी। जब मैंने पायल के कपड़े उतारे तो मैं उसके स्तनों को देखकर अपने आपको रोक ना सका और उसके बड़े और सुडौल स्तनों को देखकर में उनको चूसने लगा था मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था जिस तरह से मै उसके स्तनों का रसपान कर रहा था। काफी देर तक मैंने उसके स्तनों का रसपान किया फिर उसकी गर्मी को मैं बहुत ज्यादा बढ़ा चुका था वह इतनी अधिक गर्म हो चुकी थी वह बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी ना तो मैं अपने आपको रोक पा रहा था ना ही वह अपने आपको पा रही थी। मैं और पायल काफी ज्यादा गरम हो चुके थे।

पायल ने मेरे लंड को हिलाना शुरू किया वह अब अपनी पेंटी को नीचे उतार चुकी थी। मैंने उसकी पैंटी को एक किनारे रखते हुए पायल की चूत को चाटना शुरू कर दिया था। जब मैं उसकी योनि को चाट रहा था मुझे मजा आने लगा था और पायल को भी बड़ा मजा आ रहा था जिस तरीके से वह मेरा साथ दे रही थी। पायल की गर्मी बढ़ती जा रही थी उसकी चूत से निकलता हुआ पानी बहुत ही अधिक हो चुका था। मैंने पायल से कहा मैं तुम्हारी चूत में लंड घुसाना चाहता हूं। पायल भी गरम हो चुकी थी मैंने जैसे ही पायल की योनि के अंदर अपने लंड को डाला तो पायल बहुत ज्यादा गर्म हो गई और मुझे कहने लगी मुझे अच्छा लगने लगा है।

मै पायल की चूत के अंदर बाहर अपने लंड को किए जा रहा था मैंने देखा उसकी योनि से खून बाहर की तरफ निकल आया है मुझे बहुत ही अच्छा लगने लगा था जिस तरीके से मै उसकी चूत का मजा ले रहा था। उसकी गरमा गरम सिसकारियां बढ़ती ही जा रही थी अब वह समय नजदीक आ चुका था जब उसकी गर्मी पूरी तरीके से बढ चुकी थी और मेरी गर्मी भी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी इसलिए मैंने भी फैसला कर लिया था मैं पायल की चूत में अब अपने माल को गिरा दूंगा। मैं उसे तेज गति से चोदने लगा था। मैं उसे बहुत ही तेजी से चोद रहा था जिससे कि उसका शरीर हिलता जा रहा था। जैसे ही मैंने उसकी चूत में अपने माल को गिराया तो वह खुश हो गई और हम दोनों की सुहागरात सफल हो चुकी थी। मैंने पायल की सील पैक चूत का उद्घाटन कर दिया था जिसके बाद वह हमेशा ही मेरे लिए पागल रहती।


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