पति नहीं मुझे बड़ा लंड चाहिए

Pati nahi mujhe bada lund chahiye:
हैल्लो दोस्तों, कैसे हैं आप सभी ? मेरा नाम पारवती है और मैं बिहार में रहती हूँ | मेरी उम्र 40 साल है और मैं शादीशुदा हूँ | मेरे तीन बच्चे हैं और तीनो बाहर पढाई करते हैं | मेरे पति घर पर ही रहते हैं और किराने की दुकान चलाते हैं | मैं दिखने में गोरी हूँ और मेरा फिगर भी अच्छा है | मेरे दूध 32D के साइज़ के हैं और मेरी गांड भी 38 की है | आज जो मैं आप लोगो को अपनी कहानी लिख रही हूँ ये मेरी पहली कहानी है और मेरे जीवन की सच्ची घटना है | मैं उम्मीद करती हूँ कि आप सभी को मेरी ये कहानी जरुर पसंद आयगी | वैसे आप लोगो की जानकारी के लिए मैं बता दूँ कि मैं चुदाई की कहानी की डेली पाठक हूँ और मुझे चुदाई की कहानी पढने का शौक बहुत ज्यादा है | मैं चुदाई की कहानी पढ़ कर अपनी अन्दर लगी आग को बुझती हूँ क्यूंकि मेरे पति का अल्दं खड़ा नही होता है जिस वजह से मेरी चूत प्यासी रह जाती है | मैंने अपने पति से कई बार कहा है कि कही अच्छे से डॉ. को दिखा दो और इलाज करा लो | तो अब मैं आप लोगो का ज्यादा समय ना लेते हुए अपनी कहानी शुरू करती हूँ |
मैं अपने पति से सच में बहुत दुखी रहने लगी | मेरे पति मुझे चोदते नही थे तो मैं बहुत परेशान रहने लगी थी | मैंने पति से कई बार कहा कि अपना इलाज करवा लो पर वो सुनते ही नही और चुदाई के मामले में उनका आज कल कोई ख़ास इंटरेस्ट नही है पर मुझे चुदाई चाहिए ही थी | मैं अपनी अन्तर्वासना नही मार सकती थी और मैंने उनसे कई बार कहा कि अगर आप अपना इलाज नहीं करवाओगे तो मैं किसी से भी चुदवा कर अपनी चूत को तसल्ली दिला दूंगी | पर मेरे पति को भी इस चीज़ से कोई मतलब नही कि मैं किसी से भी चुदवा लू तो एक बार उन्होंने ताओ में आ कर कह दिया कि ठीक है चुदवा लो किसी से भी और चूत ही क्यू गांड भी चुदवा लो | मेरा मन उदास हो गया तो मैं अपने रूम में जा कर रोने लगी | मैं बहुत त्रस्त हो चुकी थी | मुझे किसी भी हाल में चुदाई चाहिए थी नहीं तो मैं ठीक से काम भी नही कर पा रही थी और मेरा मन भी किसी काम में नही लग रहा था | अब मैं अपने घर के सामने से निकलने वाले हर लड़के और आदमी को घूरने लगी और जब कोई मुझे देखता तो मैं मुस्कुरा देती | ऐसे ही मेरा दिन गुजर रहा था और मैं परेशान सी रहती ही थी | तभी एक दिन हमारी शॉप में एक लड़का आया उस समय मेरे पति मार्किट गए हुए थे कुछ समान लेने | मैं उस लड़के को सामान देते हुए अच्छे से बात करने लगी | मैंने उससे उसका नाम पूछा तो उसने अपना नाम नीरज बताया और ऐसे ही बात करते करते मैंने उसका नंबर ले ली | वो दिखने में सांवला है और उसकी कद काठी भी पहलवान जैसी है | मैं तो उसे देख कर पागल सी हो गयी थी इसलिए मैंने उससे चुदवाने का फैसला लिया | अब हम दोनों रोज फोन पर बात होने लगी और जब मेरे पति सो जाते या दूकान में होते तभी हम दोनों बात करते | ऐसे ही करते करते मेरे दिन कट रहे थे तो मैंने एक दिन उससे सेक्स की बात स्टार्ट कर दी | अब हम दोनो खूब रोज रात में सेक्स की बात करते और वो अपना लंड वहां से सहलाता और यहाँ से मैं अपनी चूत में ऊँगली डाल कर सहलाती | अब मैं थोडा खुश रहने लगी कि चलो जिस दिन मुझे मौका मिलेगा उस दिन मैं उससे जी भर के चुदवाउंगी | फिर एक दिन मेरा इन्तजार खत्म हुआ | दिल्ली से मेरे बड़े बेटे का फोन आया कि मम्मी पापा को भेज दो दिल्ली यहाँ पर कॉलेज की कुछ फोर्मलिटी करनी है | तो मैंने उससे कहा कि रुक मैं दूकान जा कर तेरी बात करवाती हूँ | फिर जब मैं दूकान पर गई तो देखा कि नीरज भी कुछ समान लेने आया है तो मैंने अपने पति से कहा कि सुनिए रवि का फ़ोन आया है जरा आप बात कर लो क्या कह रहा है ? तब तक मैं सामान देती हूँ | फिर मैंने नीरज से पूछा कि क्या चाहिए है तो उसने कहा तुम्हारी किस | ये सुन कर मैं मुस्कुरा दिया और कहा कि सही से बात करो नही तो मेरे पति को शक हो जायगा | फिर उसने जो कहा मैंने उसे सामान दे दी | फिर मेरे पति आ गये तो मैंने घर के अन्दर चली गयी | मेरे पति ने मुझे बताया कि उन्हें दो दिन के बाद दिल्ली जाना है थोडा उसका फॉर्म कम्पलीट करना है | तो मैंने कहा ठीक है | दो दिन के बाद वो दिल्ली के लिए रवाना हो गये और मैंने तुरंत ही नीरज को फोन कर के कहा कि जल्दी आओ मेरे पति चले गए हैं | उसके बाद जैसे ही नीरज आया मैंने तुरंत ही घर का दरवाजा लगा दिया और उसे अपनी बांहों में ले ली | फिर मैंने उसके होंठ में अपने होंठ रख कर उसके होंठो को चूसने लगी | वो भी मेरा साथ देते हुए मेरे होंठ को चूसने लगा और मेरे दूध भी गाउन के ऊपर से ही मसलने लगा | करीब हम दोनों ने 10 मिनट तक किस किये | फिर उसने मेरे गाउन को उतार दिया और ब्रा के ऊपर से ही मेरे दोनों दूध को मसलने लगा तो मैं आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते सिस्कारिया लेने लगी | फिर उसने मेरी ब्रा को उतार दिया और मेरे दोनों उभारो को अपने मुंह में ले कर जोर जोर से मसलते हुए चूसने लगा | मैं भी आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए उसके पेन्ट के ऊपर से ही उसके लंड को सहलाने लगी | वो मेरे दोनों दूध को जोर जोर से मसलते हुए चूस रहा था और साथ में निप्पलस को भी चूस रहा था और मैं आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए उसके सिर के बालो को सहलाने लगी | फिर मैंने उसके पूरे कपडे उतार कर उसे नंगा कर दी और उसे सोफे पर बैठा दी | मैं खुद भी नंगी हो गयी और जमीन पर अपने घुटने टेक कर बैठ गई | उसके बाद मैंने उसके लंड को अपने हाँथ में ली और हिलाने लगी और फिर उसे जीभ से रगड़ कर गीला करने लगी | वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए जोर जोर से सिस्कारिया लेने लगा | मैं उसके लंड को जब चाट चाट कर गीला कर दिया तो फिर उसे मुंह में डाल कर ऊपर नीचे करते हुए चूसने लगी तो वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए मेरे मुंह को चोदने लगा | उसके बाद उसने मुझे पलंग पर लेटा दिया और मेरे दोनों पैरो को फैला कर अपनी जीभ से मेरी चूत पर रगड़ने लगा तो मैं आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए मदहोश होने लगी | वो मेरी चूत को चाटते हुए चूत के दाने को भी चूस रहा था होंठ में दबा कर | मैं आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए उसका सिर पानी चूत में दबाने लगी | फिर उसने मेरी चूत में अपना लंड टिकाया और एक ही झटके में पूरा लंड घुसेड दिया | अब वो धक्के मारते हुए मेरी चूत को चोदने लगा और मैं अपने दूध को मसलते हुए आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ कर के सिस्करिया भरने लगी | फिर उसने अपनी चुदाई की स्पीड बढ़ा दिया और जोर उजोर से धक्के मारते हुए चोदने लगा | तो मैं भी आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए अपनी गांड उठा उठा कर चुदवाने लगी | करीब आधे घंटे की चुदाई के बाद वो मेरी चूत के ऊपर अपना माल निकाल दिया | जब तक मेरे पति घर नही आये तब तक मैंने जी भर के चुदवाया | अब मेरे पति जब भी रात में सो जाते हैं तो मैं नीरज को फ़ोन कर के घर बुला कर अपनी चूत चुदवा लेती हूँ |


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