पति के दोस्त ने मेरी चूत को हरा भरा कर दिया

Pati ke dost ne meri chut ko hara bhara kar diya:

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मेरा नाम मीरा है और मेरी शादी को 3 वर्ष हो चुके हैं लेकिन अब तक हमारा कोई भी बच्चा नहीं हुआ है। क्योंकि मेरे पति का किसी और लड़की के साथ अफेयर चल रहा है। इस बात का मुझे कुछ समय पहले ही पता चला। जब मुझे इस बात की जानकारी हुई तो मुझे बहुत ही बुरा लगा। मैंने उनसे इस बारे में बात भी की लेकिन उन्होंने मुझसे कुछ भी बात नहीं की। वह कहते कि तुम मेरे बारे में गलत सोच रहे हो। मैंने उन्हें कहा कि मैं गलत नहीं सोच रही क्योंकि मैंने आपके फोन पर देख लिया था उस लड़की की कॉल डिटेल और आप दोनों की फोटो साथ मे है। मुझे अब बहुत ही ज्यादा बुरा लगता था क्योंकि वह मुझे बिल्कुल भी समय नही देते थे और ना ही उनके पास मेरे लिए समय होता था। मैंने बहुत बार उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन उन्हें कुछ समझ ही नहीं आ रहा था। उनके आंख पर सिर्फ उस लड़की का जाल बिछा हुआ था और उन्हें कुछ भी नहीं दिखाई देता था। वह कई दिनों तक तो घर भी नहीं आते थे और मैं ऐसे ही समय काटती जा रही थी। मैंने इस बारे में उनके माता-पिता से भी बात की लेकिन उन्होंने भी मुझे कुछ जवाब नहीं दिया। वह सिर्फ हां कहकर बात टाल देते थे। मेरे ससुर मुझे कहते कि मैं इस बारे में रमेश से बात करूंगा लेकिन उन्होंने उनसे कभी भी बात नहीं की और हमेशा ही वह बात टाल दिया करते थे। मुझे अब वाकई में बहुत ज्यादा बुरा लगने लगा था और ऐसा लग रहा था कि मुझे अपने घर वापिस चले जाना चाहिए। मैं सोच रही थी कि मैं कैसे अपने घर में इस बारे में बात करूंगी। यदि मैंने उनसे इस बारे में बात की तो कहीं वह लोग गुस्सा ना हो जाए इसलिए मैं उनसे कुछ भी नहीं बात कर रही थी। क्योंकि अक्सर ऐसा ही होता है कि लड़कियों को ही गलत समझा जाता है इसलिए मैंने घर में कुछ भी बात नहीं की और मैं अंदर ही अंदर बहुत ज्यादा घुट रही थी। मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं बहुत तनाव में आ रही हूं और मेरी तबीयत भी बिगड़ने लगी थी लेकिन मेरे पास कोई और दूसरा रास्ता भी नहीं था। मैं सिर्फ अपने आप में ही खुश रहती थी और अपने काम में ही व्यस्त रहने लगी थी। मैं घर का काम करती थी और उसके बाद चुपचाप अपने कमरे में ही बैठी रहती थी।

जब कभी मेरे दोस्तों का मुझे फोन आ जाया करता तो मैं उनके साथ बात कर लिया करती थी और उसके अलावा मैं किसी से भी बात नहीं करती थी। मुझे अब बहुत दुख होता था क्योंकि मुझे लगता था कि मैंने शायद गलत लड़के से शादी कर ली है। मुझे ना तो वह वक्त देते हैं और ना ही उनके पास मेरे लिए समय होता है। कुछ दिनों बाद उनके एक दोस्त हमारे घर पर आए और वह अपने काम के सिलसिले में ही हमारे घर पर आए थे  उनका नाम हरीश था। वह बहुत ही खुश दिल और अच्छे व्यक्ति दिखाई दे रहे थे। वह मुझसे बहुत ही अच्छे से बात कर रहे थे और मुझे उनसे बात करने में भी अच्छा लग रहा था। इतने समय बाद मैंने किसी से बात की थी और मुझे उनसे बात करना बहुत ही पसंद आ रहा था। मुझे ऐसा लग रहा था जैसे वह मेरी भावनाओं को समझते हो। मेरे पति मुझे उनके सामने भी डांट देते हैं और कहते कि तुम अपने कमरे में ही रहा करो। इस बात का हरीश को बहुत ही बुरा लगा और वह जब मुझसे बात करते तो कहने लगे कि क्या रमेश तुमसे अच्छे से बात नहीं करता है। मैंने उन्हें कहा कि वह मुझसे बिल्कुल भी बात नहीं करते,  वह पता नहीं किसी और लड़की से बात करते हैं। यह बात सुनकर हरीश को बहुत ही बुरा लगा और वह कहने लगे कि मैं इस बारे में रमेश से बात करूंगा। उन्होंने जब रमेश से इस बारे में बात की तो मेरे पति ने उन्हें कहा कि तुम मुझसे इस बारे में क्यों बात कर रहे हो। मैं अपनी पत्नी के सारी जरूरतों को पूरा कर रहा हूं। उसके बाद भी वह यदि खुश नहीं है तो इसके लिए मैं कुछ भी नहीं कर सकता। हरीश ने कहा कि सिर्फ सारी जरूरतें पूरी करने से ही इंसान की जरूरत पूरी नहीं हो जाती है। तुम्हे उसके साथ समय बिताना चाहिए लेकिन मेरे पति को कुछ भी समझ नहीं आ रहा था और वह सिर्फ हां कहकर हरीश को टाल रहे थे। जब हरीश हमारे घर से जा रहे थे तो उन्होंने मेरा नंबर ले लिया था और वो अक्सर मुझे फोन कर दिया करते थे। अब हम दोनों के बीच में बाते बढ़ने लगी थी और मुझे ऐसा लगता था कि वह मुझे बहुत ही अच्छे से समझते हैं। इसलिए मैं उनसे बात कर के अपने आप को हल्का महसूस किया करती थी और मै उन्हें सारी बातें बता दिया करती। जब भी वह हमारे घर आते तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता था।

हरीश का हमारे घर पर आना जाना लगा रहता था जिससे कि मुझे भी बहुत अच्छा लगने लगा था क्योंकि वह जब भी मेरे साथ होते तो हम दोनों अच्छा समय बिताया करते थे। मुझे उनके साथ बात करना बहुत ही अच्छा लगता था। अब मुझे मेरे पति की बिल्कुल चिंता नहीं होती थी क्योंकि मुझे सिर्फ हरीश से बात करना अच्छा लगता था। एक दिन हरीश हमारे घर पर आए हुए थे और मैं उनके लिए खाना लेकर गई। मेरे पति सो चुके थे और जब मैंने उन्हें खाना दिया तो उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया। वह कहने लगे कि आप बहुत ही दुखी हैं आप कुछ देर मेरे साथ बैठ जाइए। जब मैं उनके साथ बैठ कर बात कर रही थी तो उन्होंने मेरे ब्लाउज के अंदर से मेरे स्तनों पर हाथ फेरना शुरू कर दिया। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब वह इस प्रकार से मेरे स्तनों को दबा रहे थे। उन्होंने मेरी साड़ी को धीरे-धीरे ऊपर कर दिया और मेरी चूत मे उंगली फेरने लगे। मेरी योनि से चिपचिपा पदार्थ बाहर निकलने लगा और मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब वह इस प्रकार से कर रहे थे। थोड़ी देर तक उन्होंने ऐसा ही किया उसके बाद मुझसे भी बिल्कुल नहीं रहा गया और मैंने भी उनके लंड को हिलाते हुए बाहर निकाल लिया। मैंने उनके लंड को अपने मुह के अंदर समा लिया। मै बहुत ही अच्छे से उसे सकिंग करने लगी। मुझे बड़ा ही मजा आ रहा था और मैं उनके लंड को मेरे मुह के अंदर ले रही थी। मैंने उनके सामने अपने दोनों पैरों को खोल लिया था। उन्होंने मेरी योनि को चाटना शुरू कर दिया और बहुत देर तक वह मेरी चूत को चाट रहे थे जिससे कि मेरा पूरा शरीर गरम होने लगा और मेरी योनि से भी पानी निकल रहा था। जितना तेज मेरी योनि से पानी निकलता जाता वह मेरी चूत का उतने तेजी से चाटते जाते। कुछ देर बाद मेरी चूत से कुछ ज्यादा ही पानी निकलने लगा तो उन्होंने अपने लंड को मेरी योनि में घुसा दिया। जैसे ही उन्होंने अपने लंड को मेरी योनि में डाला तो मुझे बड़ा अच्छा लगा। वह मुझे चोदे जा रहे थे तो मेरे मुंह से सिसकियां निकल जाती। मेरे मुंह से इतनी तेज सिसकिया निकल रही थी मुझसे उनका लंड बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हो रहा था। मैं उन्हें कह रही थी कि आपने कितने समय बाद मेरी चूत को हराकर दिया है क्योंकि मेरे पति ने तो इसकी तरफ देखना ही छोड़ दिया है।

वह मुझे बड़ी तेजी से धक्के दिए जा रहे थे और मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। कुछ देर बाद वह मेरे स्तनों को भी अपने मुंह में लेने लगे। मेरे अंदर की उत्तेजना भी ज्यादा बढ़ने लगी मुझसे बिल्कुल भी नहीं रहा जा रहा था। मेरे मुंह से बड़ी तेज तेज आवाज निकल रही थी कुछ देर बाद उन्होंने मुझे अपने ऊपर लेटा दिया। जब मैं उनके लंड मे बैठी तो वह बड़ी तेजी से झटके दिए जा रहे थे। मै भी अपनी चूतडो को ऊपर नीचे करती जाती। मुझे बड़ा ही मजा आता जब मैं अपने चूतड़ों को ऊपर नीचे कर रही थी। हरीश भी बहुत ज्यादा खुश थे और वह भी मुझे बड़ी तेजी से झटके दिए जा रहे थे। मेरा शरीर पूरा गर्म हो चुका था और उनका शरीर भी गर्म हो गया था। उस गर्मी के बीच में ना जाने मेरा झड़ गया और उसी समय हरीश का भी वीर्य पतन हो गया। जब उनका माल गिरा तो वह बहुत ही खुश नजर आ रहे थे।


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