पति करे मजे, मैने भी कर डाले मजे

Kamukta, desi chudai ki kahani, antarvasna:

Pati kare maje, maine bhi kar dale maje राघव अपने ऑफिस से हर रोज लेट आया करते थे और उस दिन भी वह अपने ऑफिस से लेट ही आए थे मैं उनका इंतजार कर रही थी लेकिन जब वह घर आए तो मुझे कहने लगे अर्चना मेरे लिए कहीं तुमने खाना तो नहीं बनाया। मैंने राघव से कहा मैंने तो तुम्हारे लिए खाना बना दिया है राघव कहने लगे कि मैं तुम्हें बताना ही भूल गया कि मैं आज बाहर से खाना खाकर आ गया था। मैंने राघव से कहा लेकिन तुम्हें मुझे बताना तो चाहिए था राघव कहने लगे अरे सॉरी वो मैं तुम्हें बताना भूल गया था। कुछ दिनों से राघव के व्यवहार में पूरी तरीके से बदलाव आने लगा था और वह जैसे अपनी अलग ही दुनिया बनाकर अपनी दुनिया में खोए हुए थे।

रात को हम लोग लेटे हुए थे लेकिन वह भी अपने मोबाइल पर ना जाने क्या कर रहे थे मेरी नींद अचानक से खुली तो राघव ने मोबाइल को एक किनारे रखते हुए कहा कि बस सो रहा हूं। मैं भी सो गई लेकिन जब मैं उठी तो मैंने राघव के मोबाइल में देखा तो मेरे पैरों तले जैसे जमीन खिसक गई थी मुझे तो बिल्कुल भी इस बात की उम्मीद नहीं थी कि राघव कभी मेरे साथ इतना बड़ा धोखा भी कर सकते हैं। राघव ने मुझे बहुत बड़ा धोखा दिया और मुझे बिल्कुल भी यह बात पसंद नहीं थी जब राघव और मेरी शादी हुई थी तो उसी वक्त मैंने राघव से कह दिया था कि यदि कभी ऐसा हुआ तो मैं तुम्हें छोड़ कर चली जाऊंगी। राघव का अपने ही ऑफिस में काम करने  वाली लड़की के साथ अफेयर चल रहा था मुझे यह बात बिल्कुल ही नागवार गुजरी। मैंने उसके बाद राघव से इस बारे में बात नहीं की लेकिन मैं अपने मायके चली आई थी मेरी मां मुझसे पूछने लगी अर्चना बेटा सब कुछ ठीक तो है ना। मैंने मां से कहा हां मां सब कुछ ठीक है तुम इतनी चिंता क्यों कर रही हो वह कहने लगी कि बेटा तुम मुझे बता दो यदि कोई परेशानी है तो तुम अभी भी मुझसे कह सकती हो। मैंने मां से कहा नहीं मां ऐसा कुछ भी नहीं है तुम बेवजह ही चिंता कर रही हो वह मुझे कहने लगी बेटा मैं तुम्हारी मां हूं और मुझे इतना तो पता है कि तुम मुझसे कुछ छुपा रही हो।

मैंने मां से कहा मां सही समय आने पर मैं आपको सब कुछ बता दूंगी मेरी मां भी चिंतित थी और मेरे पास कुछ भी कोई जवाब नहीं था। राघव मुझे फोन किए जा रहे थे लेकिन मैंने उनका फोन ही नहीं उठाया और 2 दिन बाद वह मुझसे मिलने के लिए आ गए। जब वह मुझसे मिलने के लिए आए तो मैंने राघव से कहा देखो राघव अब हम दोनों यदि एक दूसरे से दूर ही रहे तो ठीक रहेगा। राघव मुझे कहने लगे लेकिन ऐसा हुआ क्या है तुम बिना बताए ही यहां चली आई मैंने राघव से कहा देखो राघव तुम्हें भली भांति मालूम है कि मैं यहां क्यों आई और मैंने तुम्हें शादी के वक्त ही कह दिया था कि यदि कभी तुमने मुझे धोखे में रखा तो मैं तुम्हारे साथ नहीं रहूंगी। राघव के पास भी अब शायद कोई भी जवाब नहीं था उन्होंने मुझसे कहा कि अर्चना मुझे माफ कर दो देखो मुझसे गलती हो गई है। मैंने उन्हें कहा राघव मुझे कुछ समय चाहिए अभी मैं तुम से इस बारे में बात नहीं करना चाहती और फिर राघव भी चले गए लेकिन यह बात मेरी मां ने सुन ली थी। मेरी मां ने मुझे कहा कि देखो बेटा तुम्हें राघव से इस बारे में बात करनी चाहिए हो सकता है राघव ने गलती की हो लेकिन उसका यह मतलब तो नहीं है कि तुम रिश्ते को ही खत्म कर लो। मैंने मां से कहा मां मैंने राघव से पहले ही अपने बारे में सब कुछ सच कह दिया था और उसी वक्त मैंने राघव को कहा था कि यदि कभी भी ऐसा कुछ हुआ तो मैं तुम्हें छोड़ कर चली जाऊंगी। मेरी मां कहने लगी कि बेटा राघव ने तुम्हें भी तो स्वीकार किया था तुम्हें मालूम है ना कि जब किसी की सगाई टूट जाती है तो उसके बाद उस लड़की की शादी हो पाना कितना मुश्किल होता है लेकिन राघव ने तुम्हें फिर भी स्वीकार किया था अब तुम्हें भी उससे इस बारे में बात करनी चाहिए और तुम दोनों को अपना मनमुटाव भुलाकर आगे के बारे में सोचना चाहिए। मेरी मां के समझाने पर मुझे भी एहसास हुआ कि मां बिल्कुल ठीक कह रही है मैंने राघव से इस बारे में बात करने के बारे में सोच लिया था क्योंकि राघव और मैं ही घर में अकेले रहते थे इसलिए हम दोनों के सिवा यह बात किसी को भी नहीं पता थी।

राघव के माता पिता बनारस में रहते हैं और हम लोग दिल्ली में रहते हैं मैंने राघव से इस बारे में कहा तो राघव मुझे कहने लगे कि देखो आगे से कभी भी ऐसा कुछ नहीं होगा। उन्होंने मुझसे इस बात के लिए माफी भी मांगी मुझे भी लगा कि शायद राघव को अपनी गलती का एहसास है इसलिए मुझे उन्हें माफ कर देना चाहिए और मैंने भी बात को आगे नहीं बढ़ाया और राघव को माफ करना ही मैंने उचित समझा। यह बात अब पूरी तरीके से खत्म हो चुकी थी और हम दोनों ने दोबारा से अपने रिश्ते को सुधारने की कोशिश की हम दोनों का रिश्ता कुछ दिनों तक तो ठीक चला और सब कुछ पहले जैसा ही सामान्य हो गया। मैं सब कुछ भूल कर अब आगे के बारे में सोचने लगी थी लेकिन शायद यह ज्यादा दिनों तक ना चल सका दोबारा से राघव ने वही किया जो मैं नहीं चाहती थी। राघव अपनी आदतों से बिल्कुल भी बाज नहीं आ रहे थे और वह अभी भी उसी लड़की से बात कर रहे थे जिससे वह पहले भी बात किया करते थे। मुझे यह बिल्कुल भी पसंद नहीं था और मुझे भी अब कोई उम्मीद की किरण नजर नहीं आ रही थी जो कि हम दोनों के रिश्ते को पहले जैसे सुधार पाती।

राघव ने मुझे बहुत बड़ा धोखा दिया था मैं अब उस धोखे को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी मैं सदमे में थी और मुझे किसी की तो जरूरत थी जो मुझे समझ पाता। मेरा एक पुराना दोस्त है जो मुझसे कई सालों तक संपर्क में नहीं था उसका नंबर मुझे कहीं से मिला और हम दोनों आपस में बात करने लगे। जब मैं उससे कॉलेज के दौरान बात किया करती थी तो मेरी सारी चिंता दूर हो रहा करती थी और मैंने जब गगन को अपने घर पर बुलाया तो मैंने गगन को सारी बात बताई। गगन कहने लगा तुम्हारे पति ने तुम्हारे साथ बहुत ही गलत किया है उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था। मैंने गगन से कहा क्या मुझे राघव से डिवोर्स ले लेना चाहिए? वह कहने लगा नहीं तुम्हें ऐसा बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए और ना ही तुम ऐसा कभी सोचना। उस दिन मुझे गगन से बात कर के बहुत अच्छा लगा और गगन के साथ मैंने बहुत बात की कितने वर्षों बाद मेरे चेहरे पर खुशी नजर आ रही थी। गगन से मैं अब हर रोज मिलने की कोशिश किया करती यह बात मैंने राघव को नहीं बताई थी और राघव ने जिस प्रकार मेरे साथ किया था कुछ वैसा ही मेरे और गगन के बीच हो गया। जब हम दोनों के होंठ एक दूसरे से टकराने लगे तो हम दोनों एक दूसरे के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए तैयार हो चुके थे जब गगन ने मेरे होठों को चूमा तो मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पाई थी और ना ही गगन अपने आपको रोक पाए। जब मैंन गगन ने मेरे होठों को अपने होठों में लेकर चूमना शुरू किया तो हम दोनों ही एक दूसरे के साथ सेक्स संबंध बनाने के लिए राजी हो चुके थे। गगन ने मेरी योनि के अंदर अपने उंगली को घुसा दिया और गगन की उंगली मेरी योनि के अंदर घुस गई तो मैं मचल उठी थी।

मेरे मुंह से चीख निकलने लगी थी गगन ने मेरी चूत को बहुत देर तक चाटा गगन ने मेरी चूत पर लंड सटाया तो वह मेरी चूत पर अपने लंड को रगडते रहे जिसके बाद मैंने गगन से कहा कि तुम अपने लंड को मेरी चूत में घुसा दो। गगन ने मेरी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया तो गगन का मोटा लंड मेरी चूत में जाते ही मेरे मुंह से बड़ी तेज चीख निकलने लगी। गगन ने मुझे और तेजी से धक्के मारने शुरू कर दिए वह जिस गति से मुझे धक्के मार रहा था उससे मैं बहुत ही ज्यादा उत्तेजित होने लगी थी और अपने पैरों को मैंने चौड़ा कर लिया। मैं अपने पैरों को चौड़ा करती तो गगन अपने लंड को मेरी योनि के अंदर बाहर करते और मोटा लंड योनि के अंदर जाते ही मेरे मुंह से चीख निकल आती और मैं मादक आवाज में सिसकिया ले रही थी। गगन मुझे बड़ी तेजी से धक्के मार रहा था वह मुझे बहुत ही अच्छे से चोद रहा था। गगन ने मुझे बहुत जोरदार अंदाज से चोदा और जब गगन ने मुझे अपने ऊपर से आने के लिए कहा तो मैंने अपनी योनि के अंदर गगन का लंड घुसा दिया।

उसका लंड मेर चूत में जाते ही मेरे मुंह से चीख निकल पडी और मेरे मुंह से बड़ी तेज चीख निकल रही थी मैं गगन का साथ बड़े ही अच्छे से दे रही थी। मैं अपनी चूतडो को ऊपर नीचे करती तो मेरे अंदर की आग भी बढ़ने लग जाती और वह मुझे और भी तेजी से चोदने लग जाता। गगन ने मुझे बहुत ही देर तक चोदा जब गगन का वीर्य गिरने वाला था तो उसने मुझे कहा कि मेरा वीर्य गिरने वाला है। मैंने गगन से कहा तुम अपनी वीर्य को मेरी योनि में गिरा दो गगन ने अपने वीर्य को मेरी योनि में गिरा दिया। उसके बाद मेरे चेहरे पर थोड़ा मुस्कुराहट तो आई लेकिन राघव अपने अफेयर को चलाए जा रहा था लेकिन मैंने भी गगन के साथ अपने अफेयर को चलाने के बारे में सोच लिया था। मैं गगन को हर रोज घर पर बुलाने लगी गगन भी घर पर आ जाया करता था क्योंकि उसे तो मेरे बदन की गर्मी मिल ही जाती थी। मुझे गगन का साथ मिल जाया करता था इसलिए हम दोनों ही एक दूसरे के साथ बड़े अच्छे से दे रहे थे हम दोनों ने इस बात को सब से छुपा कर रखा था।


Comments are closed.