पटाखा माल मिल गया

Patakha maal mil gaya:

antarvasna, hindi sex stories मैं हर शाम की तरह अपने घर पर टीवी देख रहा था मैं अपने ऑफिस से ही आया था और मैंने सोचा कि टीवी पर कुछ समाचार सुन लिया जाए, जैसे ही मैंने टीवी का बटन दबाया तो टीवी ऑन ही नहीं हो रही थी, मैंने अपने बच्चों से कहा कि बेटा टीवी ऑन क्यों नहीं हो रही है? वह कहने लगे पापा हमें नहीं पता अभी कुछ समय पहले तो हम लोग टीवी देख रहे थे तब तो टीवी चल रही थी। मेरी तो कुछ समझ में नहीं आया कि यह क्या हो गया मैं टीवी के बटन को अपने हाथ से दबाने लगा लेकिन टीवी ऑन ही नहीं हो रही थी मेरी पत्नी कहने लगी कि तुम इतनी देर से क्यों चिल्ला रहे हो, मैंने अपनी पत्नी से कहा कि तुम खाना बना लो मैं देख रहा था कि टीवी ऑन नहीं हो रही, वह कहने लगी अब यह टीवी पुरानी हो चुकी है इसे तो तुम कबाड़ में ही फेंक दो, मैंने अपनी पत्नी से कहा कि तुम्हें तो हर चीज बस कबाड़ ही लगती है, मेरी पत्नी कहने लगी अब मैं तुम्हें क्या बताऊं तुम तो मुझे हर बात में ताने ही मारते रहते हो कभी आज तक तुमने मुझे कुछ अच्छा भी कहा।

मेरी पत्नी गुस्से में किचन में चली गई मैं भी टीवी को देखने लगा लेकिन टीवी ठीक ही नहीं हो रही थी अगले दिन मैं घर पर था क्योंकि उस दिन रविवार था इसलिए मेरे ऑफिस की छुट्टी थी मैं सुबह सुबह ही टीवी को रिपेयरिंग के लिए अपने पास की दुकान में ले गया उसने जब टीवी को खोला तो वह मुझे कहने लगा टीवी तो ठीक हो जाएगी लेकिन इसमें खर्चा काफी आएगा, मैंने उससे पूछा लेकिन कितना खर्चा आएगा, मुझे लगा कि शायद कुछ ही पैसों में टीवी ठीक हो जाएगी लेकिन जब उसने मुझे खर्चा बताया तो मैंने उसे कहा कि भैया इतने में तो मैं नई टीवी ही ले लूंगा तुम रहने दो इसे ठीक ना करो। मैंने वह टीवी उठाई और उसे घर पर ले आया मैंने अपनी पत्नी से कहा कि तुम जल्दी तैयार हो जाओ, वह कहने लगी कि क्या बात है आज तुम मुझे तैयार होने के लिए कह रहे हो, मैंने उसे कहा हां तुम जल्दी से तैयार हो जाओ क्योंकि हम लोग कहीं घूमने जा रहे हैं, वह मुझे कहने लगी आज पहली बार तुमने मुझे कहीं घूमने के लिए कहा है नहीं तो मैं घर पर ही रहकर बोर हो जाती हूं।

मेरी पत्नी भी जल्दी से कपड़े पहन कर तैयार हो गई मैंने अपने बच्चों को भी तैयार करवा लिया हम सब लोग तैयार होकर मार्केट निकल पड़े मैं जिस वक्त मार्केट जा रहा था उस वक्त रास्ते में काफी ट्रैफिक था मैं सोचने लगा कि लगता है आज सारा दिन यहीं ट्रैफिक में खराब हो जाएगा, तभी मैंने अपने एक दोस्त को फोन किया और उससे पूछा कि मुझे एक टीवी लेनी थी क्या तुम मुझे बता सकते हो कि मैं कहां से टीवी लूं, उसने मुझे कहा कि मेरे एक परिचित की दुकान है तुम वहां चले जाओ वहां तुम्हें वह रेट में भी थोड़ा बहुत छूट दे देंगे, मैंने अपने मित्र से कहा कि तुम मुझे उनका नंबर मैसेज कर दो मैं उन्हें फोन कर देता हूं। मैंने जब फोन रखा तो मेरी पत्नी कहने लगी अच्छा तो तुम टीवी खरीदने आए हो मुझे तो लगा कि तुम हमें कहीं घुमाने के लिए ले जाओगे, मैंने उसे कहा मेरा प्लान तो घुमाने का ही है लेकिन सोचा रास्ते में कहीं टीवी देख लूं, मेरी पत्नी ने गुस्से में मुंह फुला लिया फिर मैं अपने बच्चों से बात कर रहा था। जब मैं अपने दोस्त के बताए हुए पते पर फोन कर के पहुंचा तो मैंने देखा वह तो काफी बड़ा शोरूम था वहां पर सब कुछ अवेलेबल था मैं जब शोरूम के अंदर गया तो वहां पर काम करने वाले लोग भी काफी थे मैंने जैसे ही शोरूम के दरवाजे से अंदर इंटर किया तो सब लोग मेरे पास आकर खड़े हो गए और कहने लगे हां सर बताइए आपको क्या लेना है, मेरे बच्चे तो चुपचाप जाकर कुर्सी में बैठ गए और जैसे ही मैंने उन्हें कहा कि मुझे आपके मालिक से मिलना है तो वह कहने लगे कि आपको किससे मिलना है? मैंने उन्हें कहा मुझे रमेश जी से मिलना है, उन्होंने कहा कि सर तो अंदर अपने ऑफिस में बैठे हुए हैं। उन्होंने जब रमेश जी को बुलाया तो मैंने रमेश जी को अपने दोस्त का परिचय दिया वह कहने लगे अरे सर आप बैठिए वह तो मेरे बहुत ही पुराने परिचित हैं, तभी पीछे से एक महिला भी आई वह दिखने में काफी लंबी थी उनकी हाइट बहुत ज्यादा थी रमेश जी ने मुझे कहा कि यह मेरी पत्नी सुहानी है, मैंने जब उन्हें दिखा तो मैं उन्हें देखता ही रहा।

मैंने उन्हें कहा कि आपकी कद काठी तो बहुत अच्छी है, वह मुझे कहने लगी लगता है आप मेरा मजाक बना रहे हैं, मैंने सुहानी जी से कहा नहीं मैडम मैं आपका मजाक नहीं बना रहा आपकी हाइट वाकई में अच्छी है। मैंने भी रमेश जी और सुहानी को अपनी पत्नी से मिलवाया रमेश जी कहने लगे कि सर बताइए आपकी क्या सेवा करूं, मैंने उन्हें कहा मुझे आप एक टीवी दिखा दीजिए उन्होंने मुझे अपनी दुकान में सारे मॉडल दिखाए, मैंने अपनी पत्नी से पूछा कि कौन सी टीवी ठीक रहेगी? मेरी पत्नी ने मुझे बताया तो मैंने वह टीवी ले ली, मुझे रमेश जी ने रेट भी ठीक लगा दिया था और हम लोग उनके साथ कुछ देर तक बैठे रहे, जब हम लोगों ने टीवी ले ली तो रमेश जी कहने लगे कि आपको जो भी प्रॉब्लम हो आप मुझे फोन कर दीजिएगा। उन्होंने मुझे अपना विजिटिंग कार्ड दे दिया और फिर मैंने वह टीवी अपने कार में रखवाली उसके बाद मैं अपने पत्नी और अपने बच्चों को लेकर एक रेस्टोरेंट में चला गया वहां पर मेरे बच्चों ने पिज़्ज़ा ऑर्डर करवा दिया और मेरी पत्नी और मैंने दिन का लंच किया हम लोग वहां से घर लौट आए, जब हम लोग घर आए तो मेरी पत्नी के चेहरे पर मुस्कुराहट थी मैंने अपनी पत्नी से कहा अब तो तुम खुश हो, वह कहने लगी मैं भला कब खुश हो सकती हूं तुम तो हमेशा मेरी नाक में दम कर के रखते हो, मैंने अपनी पत्नी से कहा मैं यह टीवी फिट कर देता हूं।

मैंने वह टीवी दीवार पर फिट कर दी और मैंने जैसे ही टीवी ऑन की तो टीवी में मूवी आ रही थी मैं वह मूवी देखने लगा मेरी पत्नी मुझे कहने लगी कि आप अब कपड़े चेंज कर लीजिए, मैंने अपनी पत्नी से कहा बस थोड़ी देर में मैं कपड़े चेंज कर लूंगा, मैं मूवी देखने में इतना मस्त हो गया कि मैंने वह पूरी मूवी देखी और जब वह मूवी खत्म हो गई तो हम दोनों साथ में बात करने लगे, कुछ दिनों तक टीवी भी ठीक चली लेकिन एक दिन टीवी की स्क्रीन में कुछ प्रॉब्लम होने लगी मैंने रमेश जी को फोन किया और कहा कि सर टीवी में कुछ दिक्कत आ रही है, वह कहने लगे कि आप टीवी को शोरूम में ले आइए मैं देख लेता हूं कि उसमें क्या दिक्कत आ रही है। मैं वह टीवी लेकर शोरूम में चला गया मैंने उस टीवी में प्रॉब्लम बता दी, रमेश जी मुझे कहने लगे सर आप मेरे ऑफिस में बैठ जाइए, रमेश जी और मैं बात कर रहे थे तभी उनका फोन आया और वह बड़े ही जल्दी में वहां से चले गए मैं अकेला ही बैठा हुआ था, मैंने अपने जेब से अपना मोबाइल निकाला और अपने मोबाइल में मैं अपने मैसेज पढ़ रहा था तभी मेरे पीछे से सुहानी जी आ गई। वह मुझे कहने लगी अरे सर आप आज यहां कैसे? मैंने उन्हें सारी बात बताई टीवी में कुछ दिक्कत आ गई थी। रमेश जी अभी कहीं चले गए वह कहने लगी कोई बात नहीं मैं आपके साथ बैठी हूं हम दोनों एक दूसरे के हाल-चाल पूछने लगे। मुझे उनका शरीर देखकर अपने कॉलेज की गर्लफ्रेंड याद आ गई मैंने उनसे अपनी गर्लफ्रेंड की बात शेयर की तो वह बड़े जोर-जोर से हंसने लगी। उनकी आंखों में हवस झलक रही थी और उनकी आंखों से मैंने समझ लिया था उन्हें मेरी जरूरत है। मैंने सुहानी जी का नंबर ले लिया उस दिन तो मै जल्दी से चला गया लेकिन उनसे जब मेरा संपर्क फोन पर होने लगा तो वह मुझे हमेशा नॉनवेज मैसेज भेज दिया करती।

मैं भी उन्हें नॉनवेज मैसेज रिप्लाई कर दिया करता अब बात बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी मैंने भी मौका नहीं गवाया, मैंने उन्हें अपने घर पर बुला लिया। मैंने अपनी पत्नी और बच्चों को अपने ससुराल भेज दिया था उस दिन सुहानी घर पर ही आ गई जैसे ही वह घर पर आई तो मैंने जल्दी से अपने घर का दरवाजा बंद कर लिया। हम दोनों ने बिल्कुल भी देरी नहीं की मैंने उसके बदन को महसूस करना शुरू कर दिया मैं अपने हाथों से उसके बड़े स्तनों को दबाता और उसके होंठों को चूसता वह मुझे कहने लगी नीरज मुझे लंड चूसने में बड़ा मजा आता है। मैंने भी अपने लंड को निकाल कर सुहानी के मुंह में घुसा दिया जब मेरा लंड उसके मुंह में घुसा तो वह मेरे लंड को बड़े अच्छे से चूसने लगी मेरा लंड गिला हो चुका था, उसने मेरे लंड का चूसकर कर बुरा हाल कर दिया था।

जब मैंने लंड को उसकी चूत पर सटाया तो उसकी चूत से गिला पानी बाहर की तरफ निकल रहा था मैंने उसे धक्के देना शुरू कर दिया मैं जैसे-जैसे धक्का देता उसके मुंह से चीख निकल जाती मुझे बड़ा मजा आ रहा था। मैंने उसकी चूत के मजे काफी देर तक लिए जब हम दोनों पूरी तरीके से संतुष्ट हो गए तो मैंने सुहानी से कहा तुम मेरे पास रुक जाओ। वह कहने लगी नहीं किसी और दिन मैं तुम्हारे पास आऊंगी हम दोनों ने उस दिन काफी देर तक बात की मुझे उससे बात करना अच्छा लगा उस दिन तो वह बड़ी जल्दी में चली गई लेकिन उसके कुछ दिनों बाद वह मुझे दोबारा मौका मिल गया मैंने उस दिन उसकी चूत के भरपूर मजे लिए और उसे बड़े अच्छे से चोदा। उसने भी मेरा पूरा साथ दिया और जिस प्रकार से मैंने उसकी चूत मारी मुझे बहुत ही अच्छा महसूस हुआ। सुहानी के गदराए बदन को जब भी मैं देखता तो मेरे अंदर एक अलग ही जोश पैदा हो जाता सुहानी के रूप में मुझे एक गर्लफ्रेंड मिल चुकी थी यह मेरे जीवन की बड़ी ही उपलब्ध थी क्योंकि सुहानी जैसा पटाका माल मेरे पास थी।


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