पसीना पसीना हो गए

Paseena paseena ho gaye:

kamukta, antarvasna मैं एक दिन अपने दोस्त के साथ शॉपिंग करने के लिए गया क्योंकि काफी समय से मैंने अपने लिए कुछ खरीदा नहीं था इसलिए मैंने सोचा चलो क्यों ना शॉपिंग कर ली जाए, हमारे घर से कुछ ही दूरी पर एक मॉल है हम लोग वहां पर चले गए मैंने उस मॉल के आउटलेट से एक टी-शर्ट खरीदी, मैंने और भी कुछ चीजे वहां से ले ली फिर हम दोनों वहां से शाम के वक्त घर लौट आए, जब मैं घर लौटा तो मैंने अपने बैग में देखा कि उसमें टी-शर्ट नहीं थी मैंने अपने दोस्त को फोन किया और उससे पूछा कि क्या तुम्हारे बैग में कहीं मेरी टीशर्ट तो नहीं रह गई जो मैंने आज खरीदी थी, वह मुझे कहने लगा मैं तुम्हें चेक कर के बताता हूं। उसके पास कोई भी टीशर्ट नहीं थी वह मुझे कहने लगा मेरे पास तुम्हारी टीशर्ट नहीं है शायद हम लोगों ने वह टीशर्ट वहीं छोड़ दी, मैंने उसे कहा चलो ठीक है मैं कल वहां जाकर पता कर लेता हूं क्योंकि अगले दिन मेरा दोस्त बिजी था इसलिए मुझे अकेला ही वहां जाना पड़ा, मैं जब अकेले गया तो उस दिन मेरी मुलाकात मेरे दोस्त की बहन कविता से हुई कविता को मैं काफी समय से जानता हूं इसलिए मैंने उसे देखते ही पहचान लिया, मैंने कविता से कहा आप यहां पर कैसे?

वह कहने लगी कि मैं अब यहीं पर जॉब कर रही हूं। वह मुझे कहने लगी कि तुम यहां पर क्या कुछ लेने आए हो, मैंने उसे बताया मैंने कल यहां से शॉपिंग की थी लेकिन मेरी टी शर्ट मुझे मिल नहीं रही मैं उसी के लिए यहां आया था क्या पता यहीं मेंरी टीशर्ट रह गई हो, कविता भी मेरे साथ आ गई और वह कहने लगी कि चलो मैं भी तुम्हारे साथ चलती हूं क्यों की कविता उस मॉल में मैनेजर थी इसलिए उसको सब अच्छे से पहचानते हैं। जैसे ही मैं उस आउटफिट में गया तो मैंने जहां से बिल कटवाया था वहां पर मैंने पूछा तो वह कहने लगे कि सर आपने कल टी-शर्ट यही छोड़ दी थी उन्होंने मुझे वह टीशर्ट दे दी, कविता मुझे कहने लगी कि चलो मेरे ऑफिस में बैठते है। वह मुझे अपने ऑफिस में ले गई और मुझसे बात करने लगी कविता मुझसे कुछ ही साल सीनियर थी और वह मेरे दोस्त निखिल की बहन है निखिल मेरे बचपन का दोस्त है और निखिल के घर मेरा काफी आना जाना भी था लेकिन जब से निखिल ने अपना बिजनेस बैंकॉक में सेटल कर लिया है तब से उससे मेरी मुलाकात हुई नहीं है।

मैंने ललिता से निखिल के बारे में पूछा तो वह कहने लगी कि वह बहुत कम यहां आता है और उसने शादी भी कर ली है, मैंने कविता से कहा हां मैंने फेसबुक पर देखा था उसने शादी कर ली है, उसने बैंकॉक में ही शादी कर ली, कविता मुझे कहने लगी कि मैं तुम्हारे लिए कॉफी मंगवा लेती हूं। कविता ने मेरे लिए कॉपी मंगाई हम दोनों बैठ कर बात करने लगे कविता से मैंने पूछा कि तुम्हें यहां जॉब करते हुए कितना समय हो गया है, वह कहने लगी मुझे यहां जॉब करते हुए दो वर्ष हो चुके हैं और मैंने शादी के बाद ही ज्वाइन कर लिया था, मैंने कविता से कहा चलो यह तो अच्छी बात है कि तुमने जॉब जॉइन कर ली अब मुझे आगे अगर यहां आना होगा तो मैं तुमसे जरूर मिलूंगा, कविता कहने लगी क्यों नहीं तुम जब भी यहां आओ तो तुम मुझसे मिलना, मैंने उससे कहा कि अब मैं चलता हूं, वह कहने लगी कि कॉफी तो पीकर जाओ, मैंने उसे कहा ठीक है तो कॉफी भी आ गई और कुछ देर बाद ही हम दोनों ने साथ में कॉफी पी। वह कहने लगी तुम जब यहां आओ तो मुझसे जरूर मिलना, मैंने उसे कहा अभी मैं चलता हूं मैं वहां से चला गया और जब मैं अपने घर पहुंचा तो मेरे दोस्त का फोन मुझे आया और वह कहने लगा कि क्या तुम्हें वह टीशर्ट वापस मिल गई, मैंने उसे बताया कि हां कल हम लोगों ने वह टीशर्ट वहीं छोड़ दी थी और मुझे भी ध्यान नहीं था लेकिन मुझे अब टी-शर्ट मिल चुकी है। मैंने उसे बताया कि मेरे एक पुराने दोस्त की बहन मुझे उसी मॉल में मिली और वह वहां पर मैनेजर है, वह कहने लगा चलो यह तो ठीक हुआ कि तुम्हें वह टीशर्ट मिल गई। मेरा दोस्त अपने काम से कहीं जा रहा था तभी रास्ते में मुझे कविता का फोन आया और वह कहने लगी कि विजय तुम कहां हो? मैंने कविता से कहा मैं तो अभी कहीं काम से निकला हूं, कविता कहने लगी कि चलो ठीक है जब तुम फ्री हो जाओगे तो मुझसे बात करना, मैंने लेता से कहा क्या कोई जरूरी काम था वह कहने लगी नहीं ऐसा भी कोई जरूरी काम नहीं था बस सोचा तुमसे बात कर लूँ वैसे तुम फ्री हो जाओगे तो मुझे फोन करना, मैंने कविता से कहा ठीक है मैं तुम्हें फ्री होते ही फोन करता हूं।

मैंने कविता को फ्री होते ही फोन किया और उसे पूछा हां कहो कविता तुम्हें क्या काम था, वह मुझे कहने लगी कि मुझे तुमसे एक बिजनेस के सिलसिले में बात करनी थी, मैंने उससे कहा हां कहो तुम्हें क्या बात करनी थी, वह मुझे कहने लगी कि मैं बुटीक खोल रही हूँ और उसके लिए मुझे तुमसे मदद चाहिए, मैंने ललिता से कहा लेकिन मैं उसमें कैसे तुम्हारी मदद कर सकता हूं, वह कहने लगी कि तुम्हारे काफी दोस्त हैं जो प्रॉपर्टी का काम करते हैं हम लोगों को एक दुकान खरीदनी है यदि तुम हमें दिलवा दो तो उसका काम शुरू हो जाएगा, मैंने कविता से कहा ठीक है मैं अपने दोस्तों से बात कर लेता हूं यदि कोई ऐसी प्रॉपर्टी मुझे दिखती है तो मैं तुम्हें जरूर बताता हूं और यह कहते हुए मैंने फोन रख दिया, अपने दोस्तों को मैंने फोन करके पूछा कि क्या तुम्हारी नजर में कोई ऐसी प्रॉपर्टी है जो हमें मिल सकती है, वह कहने लगी कि ठीक है हम तुम्हें कुछ दिनों बाद बता देंगे।

मेरे दोस्त का मुझे फोन आया और वह कहने लगा कि तुम ने कुछ दिन पहले मुझे फोन किया था मेरे पास एक प्रॉपर्टी है जहां पर तुम शॉप का काम शुरू कर सकते हो, उसने मुझे अपने पास बुलाया मैंने जब वह जगह देखी तो मुझे तो बहुत पसंद आई मैंने उसकी फोटो खींच कर कविता को भेज दी मैंने जब कविता को वह फोटो भेजी तो वह कहने लगी मुझे भी यह लोकेशन ठीक लग रही है क्या मैं देखने के लिए आ सकती हूं, मैंने ललिता से कहा ठीक है तुम देखने के लिए आ जाओ, मैंने उसे जो जगह बताई थी वह वहां पर आ गई और जब उसने वह लोकेशन देखी तो उसे भी वह अच्छी लगी उसने अपने पार्टनर को भी एक दिन वह लोकेशन दिखा दी और कुछ समय बाद उस प्रॉपर्टी को उन्होंने खरीद लिया और जब कविता ने वहां पर अपना बुटीक शुरू किया तो मैं भी वहां पर गया था क्योंकि उन्होंने मुझे भी इनवाइट किया हुआ था जिस दिन उसकी बुटीक की ओपनिंग थी उस दिन उन्होंने मुझे भी बुलाया था और मैं भी उस दिन वहां गया था वहां पर उन लोगों ने बड़ी ही अच्छी व्यवस्था की थी और उनके पास पहले से ही कुछ पुराने कस्टमर हैं वह भी वहां पर आए हुए थे। मैंने भी कविता को बधाई दी कविता मुझे कहने लगी कि यह सब तुम्हारी वजह से ही हो पाया नहीं तो हम लोग काफी समय से अच्छी प्रॉपर्टी ढूंढ रहे थे लेकिन कहीं भी हमें प्रॉपर्टी नहीं मिली, उसके बाद मैं जब भी मॉल में जाया करता तो मैं कविता से जरूर मिलता। एक दिन में कविता से मिलने गया उस दिन उसने बड़ी ही टाइट शर्ट पहनी हुई थी क्योंकि उस दिन गर्मी ज्यादा हो रही थी इसलिए उसका शरीर भी पसीना पसीना हो रहा था और मुझे भी काफी गर्मी लग रही थी। मैंने कविता से कहा आज गर्मी कुछ ज्यादा ही हो रही है कविता कहने लगी हां गर्मी तो आज बहुत ज्यादा है। उसके बड़े बड़े स्तन मुझे साफ दिखाई दे रहे थे उसने ब्लैक कलर की ब्रा पहनी थी उसकी ब्रा उसकी सफेद शर्ट से बाहर दिखाई दे रही थी।

मैंने कविता से कहा तुम्हारे बदन से बहुत ज्यादा पसीना निकल रहा है। वह कहने लगी हां आज कुछ ज्यादा ही गर्मी हो रही है मैने जब कविता से कहा यार ऐसी गर्मी तो सेक्स करते वक्त भी नहीं होती तो वह कहने लगी हां तुम बिलकुल सही कह रहे हो। कविता और मेरे बीच खुलकर बातें हुआ करती थी इसलिए मैं उससे ऐसी बात कर रहता। मैंने कविता के स्तनों पर अपने हाथों को रखा तो उसका टेंपरेचर और भी बढ़ने लगा वह मेरे साथ सेक्स करने के लिए राजी हो गई। मैंने ललिता के शर्ट के बटन को खोलते हुए उसके स्तनों को बाहर निकाल लिया और उन्हें अपने मुंह में लेकर चूसने लगा। उसके 34 नंबर के स्तनों का मैंने अच्छे से रसपान किया मेरा लंड खड़ा होना शुरू हो गया। उसे भी अच्छा लगने लगा उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर सकिंग करना शुरू कर दिया वह बड़े अच्छे से लंड को चूस रही थी। हम दोनों के अंदर कुछ ज्यादा ही गर्मी बढने लगी जैसे ही मैंने की पैंट को खोलना शुरू किया तो उसने जालीदार पैंटी पहनी हुई थी उसकी पैंटी को मैंने अपने हाथों से उतारा।

जब मैंने उसकी चिकनी चूत को अपनी उंगलियों से सहलाना शुरू किया तो वह गीली होने लगी। मैंने जैसे ही अपने लंड को कविता की योनि पर रगडना शुरू किया तो वह मचलने लगी और मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैंने उसकी योनि के अंदर अपने लंड को एक ही झटके में घुसा दिया जैसे ही मेरा लंड उसकी योनि में प्रवेश हुआ तो उसे बहुत ज्यादा मजा आने लगा और मुझे भी अच्छा लग रहा था। वह मुझे कहने लगी आज तो तुमने मुझे मजा दिला दिया और मेरा पसीना भी बहुत निकल रहा है मैं उसे लगातार तेजी से चोद रहा था उसके मुंह से सिसकिया निकल रही थी। जब हम दोनों पूरी तरीके से संतुष्ट हो गए तो कविता मुझे कहने लगी यार मुझे तुम्हारे साथ तो आज सेक्स कर के मजा आ गया तुम्हारे लंड में बड़ी गर्मी है। मैंने उसे कहा परंतु तुम्हारे बदन के आगे मेरे गर्मी कुछ भी नहीं है तुम्हें देखकर वैसे ही मेरा माल गिर गया था कविता का हॉट बदन बड़ा ही गजब का है।


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