पल दो पल की चुदाई

Pal do pal ki chudai:
हेल्लो मेरे प्यारे दोस्तों कैसे हो आप सब मैं भी मस्त हूँ और उम्मीद यही करता हूँ कि आप सब भी मस्त होगे और मस्त अपने काम कर रहे होगे | दोस्तों मेरा नाम अर्जुन है और मैं पेशे से एक पेंटर हूँ और मुझे कई बड़े बड़े लोग अपने घर बुलाते हैं क्यूंकि उन्हें मेरा काम बहुत पसंद आता है | मैंने कभी भी अपनी जिंदगी में कोई गलत काम नहीं किया बस दो को छोड़ के क्यूंकि वो मेरे बस में थे मैं उनको रोक सकता था पर रोक ना पाया | तो दोस्तों हुआ यूँ कि जब मैं दूसरों के घर में पेन्टिंग करने जाता था वह पे मुझे आंटी लोग और लडकिय पसंद आ जाती थी | मैं कभी उनको कुछ नहीं बोलता था पर मैं उनको देखता ज़रूर था | वो भी मुझे देखती थी पर कभी कुछ बोलती नहीं और बस देखती रहती | कई बार तो मैंने उनको नहाते हुए चुपके से नंगा भी देखा है और मुट्ठ भी मारा है | तो दोस्तों ये कहानी चुदाई के ऊपर है जब मैं रीवा और सतना में पेंटिंग का काम कर रहा था तब की | बड़ी हसीं चुदाई हुयी थी एक कुंवारी लड़की के साथ और एक टाइट चूत वाली भाभी के साथ | मैंने दोनों को पटक पटक के चोदा था और उनकी चूत को खोखला कर दिया था |
दोस्तों अब मैं शुरू करने जा रहा हूँ अपनी सतना वाली कहानी जिसमे मैंने एक मस्त टाइट चूत वाली भाभी को पेला और उसकी गांड का ढक्कन भी खोल दिया | तो बात है दो साल पहले की जब मेरे एक दोस्त ने मुझे बताया कि अर्जुन यार मुझे एक जगह काम मिला है पर मैं वहां जा नहीं पाउँगा मेरे पास वैसे ही बहुत काम है तू चला जा वहां पे पैसे भी अच्छे मिल जाएंगे | मैंने भी कह दिया ठीक है भाई पता बता दे मुझे मैं अभी चला जाता हूँ | उसने कहा तुझे सतना जाना पड़ेगा तो मैं थोडा सोच में पड़ गया | मुझे लग रहा था कही अगर मुझे पैसे सही मिले और मुझसे खर्च हो गए तो | मैंने उसे मन कर दिया और कहा भाई मुझसे नहीं हो पाएगा | उसने कहा देख भाई तुझे जाना तो पड़ेगा क्यूंकि वहां सिर्फ एक भाभी रहती है जो अकेली है और उसका पति रोज़ काम पे जाता है | जैसे ही मैंने अकेली भाभी सुना मैंने कहा जाना कहाँ है भाई बता दे मैं आज ही निकल जाऊँगा |
उसने हस्ते हुए कहा तू कभी नहीं सुधर सकता और मुझे पैसे दिए कुछ और कहा यहाँ पहुँच जाना मैं फ़ोन कर दूंगा | सतना मेरे यहाँ से चार घंटे की दोर्री पर है और मैंने ये सफ़र ट्रेन से पूरे कर लिया | मैं अब वहां पहुँच चूका था और जैसे ही मैं घर गया वहां एक लड़की ने दरवाज़ा खोला और कहा जी आप कौन | मैंने कहा जी मैं पेंटर दोस्त ने बताया होगा | तो उस लड़की ने कहा हाँ हाँ बताया था आप आ जाइए | मैंने अन्दर जाते हुए पुछा मेमसाब नहीं हैं क्या ? उसने कहाँ मेमसाब नहीं है मैं ही यहाँ की मालकिन हूँ | मैंने कहा नहीं वो मेरे दोस्त की किसी और से बात हुयी थी | तब वो बोली अरे वो तो मेरी बुआ है वो तो रीवा में रहती हैं | मैंने कहा अच्छा ठीक है मैडम जी मैं यहीं रुकुंगा दो दिन आपको कोई दिक्कत तो नहीं है न | उसने कहा नहीं नहीं मुझे कोई दिक्कत नहीं आप अपना सामान ऊपर वाले कमरे में रख दो | मैंने उनसे कहा मैडम मैं अच्छा काम करता हूँ आपको पसंद आ जाये तो आप मुझे यही बता देना दो दिनों में ताकि मैं अच्छा पैसा बना लूँ और यहाँ से अच्छे से चला जाऊं |
उसने कहा ठीक है मुझसे कोई पूछेगा तो मैं ज़रूर तुमको बता दूंगी अब तुम खाना खालो नाहा धोकर और काम पे लग जाओ | मैंने कहा ठीक है मैडम जी मैं अभी नहा धोके आता हूँ | मैं जैसे ही नहाने गया तभी मैंने देखा कोई मुझे बाहर से देख रहा है | मैंने हाली सी नार घुमाई तो मैंने देखा वो लड़की मेरे नंगे बदन को देख रही थी | मैंने जान बोझ के अपने लंड को हिलाना चालू किया और खड़ा कर लिया | वो मेरे लंड को एकटक देखती रही और फिर चली गयी | मैं समझ गया इसो चुदना है | मैंने नीचे खाना खाने गया तो मैंने देखा वो बड़ी मस्त लग रही थी उसके दूध की नाली साफ़ दिख रही थी | मैंने खाना खाया और अपने खड़े लंड को जाते जाते बाहर निकाल लिया और कहा मैडम आपको काम मुझसे कराना है या इससे | वो पागल सी हो गयी और मेरे लंड की तरफ बढ़ने लगी और उसको पकड़ के कहा बस आज तो इसको खा जाउंगी मेरी जिंदगी का पहला लंड है | मैंने कहा सील नहीं टूटी आपकी अभी तक | उसने कहा नहीं पार आज टूट जाएगी आओ मेरी चूत को फाड़ दो खोल दो उसके द्वार | मैंने भी उसको अपनी बांहों में भर लिया और पकड़ के चूमने लगा | मैंने उसके दूध को ऊपर से ही चूमना शुरू किया और उसके बाद उसके होंठों को | उसके बदन का रस मैं पी रहा था और वो मेरे लंड को सहला रही थी | मैंने उसको नंगा कर दिया और उसके दूध पीने लगा | थोड़ी देर बाद वो आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करते हुए मस्ती में सिस्कारियां भरने लगी | उसके बाद मैंने उसको अपना लंड चूसने को कहा तो वो लपक के आई और तुरंत मेरा लंड मुह में भर लिया | वो मेरे लंड को ऐसे चूस रही थी जैसे उसने कई लंड खाए हैं | उसके चूसने से मैं आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करते हुए आंहे भरने लगा | उसने करीब १५ मिनट मेरा लंड चूस के माल अपने मुह के अन्दर गिरा लिया और फिर चूस के खड़ा करने लगी और मैं बस आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करता रहा |
फिर मैंने उसको खड़ा किया और नीचे बैठा और उसकी गीली चूत पे हाथ फेरने लगा | वो आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करते हुए सिस्कारियां भरने लगी क्यूंकि उसकी चूत गीली हो गयी थी | फिर मैंने उसको लिटा दिया और उसकी चूत पे मुह रखके चाटने लगा | उसका गरम पानी और उसकी मादक महक मेरे लंड को कड़क बना रही थी | उसकी मुलायम चूत को मैं चाते जा रहा था और वो बस आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः किये जा रही थी | फिर मैंने अपने लंड को उसकी चूत के छेद पे रखा और एक झते में आधा लंड उसकी चूत में डाल दिया | वो चिलाने लगी निकालो निकालो पर मैंने उसको किस करते हुए चुदाई जारी रखी | मैं धीरे धीरे चोद रहा था उसको और अब वो थोड़ी शांत थी फिर मैंने एक और झटका मारा और पूरा लंड उसकी चूत में उतार दिया | वो फिर कर्हाने लगी पर मैंने फिर धीरे धीरे चुदाई चालु रखी | थोड़ी देर बाद वो आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करते हुए चुदवाने लगी | ‘
मुझे भी छोड़ने में मज़ा आ रहा था क्यूंकि वो नयी चूत थी और मैं भी मस्त आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करते हुए चुदाई मचा रहा था | आधे घंटे तक छोड़ने के बाद मैंने उसकी चूत में अपना माल गिरा दिया और हम दोनों लेट गए | फिर मैंने अपना काम किया और चला गया पर मैं अक्सर उसे छोड़ने के लिए आता रहता हूँ |


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