पैसों के आगे मेरी बेबसी

paison ke aage meri bebasi:

antarvasna, hindi sex story मेरा नाम सोनिया है यह मेरी बड़ी दुख भरी कहानी है मुझे जल्दी शादी करनी पड़ी, मुझे 21 वर्ष की उम्र में ही शादी करनी पड़ी क्योंकि मेरे माता पिता आर्थिक रूप से बिल्कुल कमजोर थे इसलिए मुझे एक 43 वर्ष के व्यक्ति से शादी करनी पड़ी। मैंने उनसे पैसों के लिए शादी की लेकिन उन्होंने मेरी पैसों से हर एक जरूरतों को पूरा कर दिया लेकिन वह मेरी सेक्स की इच्छा को कभी पूरा नहीं कर पाए इसलिए मुझे उनके घर के नौकर से पहली बार अपनी चूत मरवानी पडी। उसके बाद मैंने कई पुरुषों के साथ सेक्स संबंध बनाए, जितने भी मिलने वाले हमारे घर पर आते हैं मैं उन सब से अपनी चूत की खुजली मिटा कर बहुत खुश हूं। मैं आपको अपनी कहानी बताती हूं कैसे मेरे दर्द भरी कहानी है।

मेरे पिताजी का नाम लालचंद है और वह फैक्ट्री में नौकरी करते है उन्हें जितनी तनख्वाह मिलती थी उसमें सिर्फ हमारे घर का राशन का खर्चा ही चलता था उन्होंने इसीलिए मुझे सिर्फ बारहवीं तक ही पढ़ाया और उसके बाद मैंने स्कूल छोड़ दिया स्कूल छोड़ने के बाद मैं घर का ही काम संभालने लगी, मेरी मां की तबीयत भी कुछ ठीक नहीं रहती थी और उनकी दवाइयों पर भी बहुत खर्चा होता था, मेरे पिताजी लोगों से पैसे लेकर काम चला रहे थे लेकिन उन्हें नहीं पता था कि एक दिन उनकी नौकरी छूट जाएगी, वह जिस फैक्ट्री में काम करते थे उस फैक्ट्री के मालिक को बहुत नुकसान हो गया और उसने वह फैक्ट्री बंद कर दी जब वह फैक्ट्री बंद हो गई तो घर में पैसे आने भी बंद हो गए, मेरी मां की तबीयत बहुत खराब थी, मुझे समझ आ रहा कि मुझे क्या करना चाहिए, मेरी एक छोटी बहन भी है। मेरे पिताजी के ऊपर बहुत कर्जा हो चुका था मेरे पिताजी कहने लगे तुम दोनों तो मेरे ऊपर बहुत बड़ी बोझ हो यदि तुम दोनों नहीं होते तो हम पति पत्नी अपना काम चला लेते, वह अपने गुस्से को हमेशा मुझ पर ही उतार देते थे, वह मुझे बहुत कुछ चीजें कहने लगे थे मैं उनकी बातों को सुनकर अनसुना कर दिया करती, मैंने सोचा मुझे भी कुछ काम कर लेना चाहिए इसलिए मैं लोगों के घर में झाड़ू पोछा का काम करने लगी लेकिन मुझे नहीं पता था कि लोगों की नियत इतनी ज्यादा खराब है इसीलिए मैंने कुछ समय बाद यह काम छोड़ दिया और मैं घर में ही बैठ गई।

जब मैं घर में ही थी तो मेरे पिताजी मुझे कहने लगे लगता है हमें तुम्हारी शादी कर ही देनी चाहिए, उस वक्त मैंने 21 की दहलीज पर कदम ही रखा था मेरी उम्र बहुत कम थी और मैं शादी के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थी लेकिन मेरे पिताजी के पास भी कोई रास्ता नहीं था उन्होंने मेरे लिए शादी के लिए लड़का ढूंढना शुरू कर दिया वह जितने भी लडके मुझे दिखाते वह मुझे बिल्कुल भी पसंद नहीं आते, मैंने सोचा कि लगता है मेरा जीवन अब ऐसे ही बर्बाद होने वाला है लेकिन उसी वक्त मेरे जीवन में राघवजी का गये उन्होंने मुझे एक दिन एक दुकान पर सामान खरीदते हुए देख लिया और उन्होंने मेरे बारे में सब कुछ पता करवा लिया था। वह एक दिन मेरे घर पर आये और मेरे पिताजी से कहने लगे कि मैं सोनिया से शादी करना चाहता हूं, उनके पास पैसों की तो कोई कमी नहीं थी इसलिए मेरे पिताजी ने उनसे मेरे रिश्ते के लिए हां कह दिया और उन्होंने मेरे रिश्ते के लिए उनसे हां कह दी तो मैं भी सोचने लगी कि क्या मैं उनके साथ रह पाऊंगी क्योंकि उनकी उम्र मुझसे 20 21 वर्ष बड़ी है लेकिन मेरे पास और कोई रास्ता नहीं था मैंने सोचा अब उनके साथ मैं शादी कर ही लेती हूं क्योंकि कम से कम यह मुझे पैसों से तो खुश रखेंगे, मैंने शादी के लिए हां कह दिया। जब एक दिन रात हो गई तो वह मुझसे मिले, मैंने उन्हें अपने घर की सारी स्थिति बता दी और कह दिया कि यदि आप मुझसे शादी करना चाहते हैं तो आपको पहले मेरे परिवार को पैसे देने होंगे, उन्होंने कहा तुम मुझे बता दो कितने पैसे देने हैं? मैंने अपने पिताजी से इस बारे में बात की तो वह कहने लगे यह सही नहीं है, मैंने उन्हें कहा कि अब सही गलत आप मुझे मत सिखाइए यदि यह सब सही होता तो क्या आप मेरी शादी राघव जी से करवाते उनकी उम्र मुझसे 20, 21 बर्ष बड़ी है और यह कौन से सही है जो कि आप उनसे मेरी शादी करवा रहे हैं लेकिन मुझे घर की स्थिति पता है इसलिए मुझे उनसे शादी करनी पड़ रही है।

उन्होंने मुझे कहा कि मेरे ऊपर इतना कर्जा है मैं वह कर्जा देकर अब आराम से घर पर रहना चाहता हूं, मैंने राघव जी से कह दिया कि मुझे आप इतने पैसे दे दीजिए कि ताकि मेरे परिवार वालों का जीवन चल सके, उन्होंने बिल्कुल भी मना नहीं किया और मेरे पिताजी को पैसे दे दिए, जब उन्होंने पैसे दिए तो अब मैं उनकी हो चुकी थी और मैं अंदर से बिल्कुल भी खुश नहीं थी लेकिन मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे यह एक सौदे के रूप में हो रहा है और मुझे उनके साथ शादी करनी पड़ रही है। हम लोगों ने कोर्ट में जाकर शादी की और जब हम दोनों की शादी हो गई तो मैं सोचने लगी कि क्या मैं अब उनके साथ खुश रहूंगी, अपना जीवन मैं कैसे गुजारूंगी लेकिन समय के साथ-साथ सब कुछ सही होता गया, वह जब भी मुझे अपने दोस्तों से मिलवाते थे तो वह सब मुझे कहते कि तुम दिखने में बहुत सुंदर हो क्योंकि मेरी उम्र उनसे इतनी छोटी है कि उनके आगे मैं उनकी लड़की जैसी लगती हूं परंतु अब हम दोनों के बीच ऐसा रिश्ता है कि मैं उसे झुटला भी नहीं सकती, सिर्फ पैसे के चलते मैंने उनसे शादी की लेकिन वह मेरी हर एक जरूरतों को पूरा कर दिया करते और उन्होंने मुझे कभी भी पैसों की कोई कमी नहीं होने दी, मेरा जीवन अब बिलकुल ही सही चल रहा है।

परंतु मेरी सेक्स की इच्छा पूरी नहीं हो पा रही थी। एक सुबह घर का नौकर काम कर रहा था मैंने उसे अपने पास बुलाया और कहा आज मैं तुम्हें पैसे देती हूं तुम मेरी खुजली को मिटा दो, उस नौकर का नाम राजू है। वह झट से मेरे पास आया और उसने मेरे कपड़े उतार दिए जब उसने मेरे बदन को देखा तो मैं उसके सामने अपने पैर खोल कर लेट गई, वह मेरी योनि को चाटने लगा। जब वह मेरी चूत को चाटता तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था मैं उसका पूरा साथ देती। उसने जब मेरी योनि के अंदर लंड डाला तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था, उसका मोटा लंड मेरी योनि के अंदर जाता। वह मुझे कहने लगा मैडम क्या साहब आपको नहीं चोदते, मैंने उसे कहा साहब का लंड तो खड़ा ही नहीं होता है ना जाने उन्होंने मुझसे शादी क्यों की। वह कहने लगा लेकिन मैं आपको कभी भी सेक्स की कमी नहीं होने दूंगा, आप जैसी माल आइटम को चोदने में मजा आ रहा है। उसका लंड बहुत काला था, वह बड़ी तेजी से मेरी चूत मार रहा था। जब उसका लंड मेरी योनि के अंदर बाहर होता तो वह मेरी योनि की खुजली को मिटा देता, उसने मुझे इतनी तेज गति से धक्के मारने शुरू कर दिए मेरी योनि से खून निकलने लगा था। उसने मेरे स्तनों का भी जमकर लुफ्त उठाया, वह मेरे स्तनों को जब अपने मुंह में लेकर चूस रहा था तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। जिस प्रकार से उसने मेरी इच्छा पूरी कि मैं बहुत ही खुश हो गई, उसके बाद जब भी मेरा मन होता तो मैं उसे कहती वह मेरी इच्छा पूरी कर दिया करता। उससे भी मेरा मन भरने लगा तो मैं अब अपने पति के दोस्तों के साथ संबध बनाने लगी। वह मेरे यौवन का स्वाद चखने लगे, मेरे पति कभी कभार मुझे चोद दिया करते थे लेकिन वह 2 महीने में एक बार मुझे चोदते। मुझे तो मोटे मोटे लंड लेने की आदत हो चुकी थी, जब मैं मोटे लंड को अपनी चूत में लेती तो मेरी इच्छा पूरी हो जाती। ऐसे ही एक दिन मेरी मुलाकात हमारे पड़ोस में रहने वाले एक युवक से हो गई वह गबरु और जवान है। वह मेरी इच्छाओं को ऐसे पूरी करता है जैसे कि उसके लिए यह कोई आम बात हो, उसने कई महिलाओं को प्रेग्नेंट भी कर दिया है। मैंने भी उससे कहा है तुम मुझे भी प्रेग्नेंट कर दो ताकि मैं अपने जीवन को आगे बढ़ा सकूं, मेरे पति से मुझे कोई भी उम्मीद नहीं है वह मुझे पेमेंट कर पाएंगे।


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