पैसे नहीं दे सकते तो लंड दे दो

Paise nahi de sakte to lund de do:

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ये बात तब की हैं जब मैं अपने बी.कॉम की तैयारी कर रहा था | सारे सीनियर टीचर अपने काम भी हम से करवाते थे, लेकिन मज़बूरी के लिए हम सब कुछ कर लेते थे | वैसे तो मैं अंजू नाम की एक सेक्सी अध्यापक के निचे काम कर रहा था जो बहुत ही अड़ियल और पूरी रंडी थी | उसे सब काम समय पर चाहियें होता था | मैं काम तो कर लेता था अच्छे से फिर भी वो उसमे कोई ना कोई गलती निकाल देती थी | मन तो करता था की साली को पकड के उसकी गांड मार लूं | लेकिन मुझे ये नहीं पता था की उसकी गांड में मुझे लंड देने का सच में मौका प्राप्त होगा |

एक दिन अंजू मैडम ने मुझे अपने केबिन में बुलाया और पूछा की क्या मैं बी.कम| में अच्छे नंबर लाना चाहता हो ? कौन गधा होगा जो ना कहेंगा | मेरे हाँ कहते ही उसने मुझे कहा की वैसे लोग 30 हजार के ऊपर ही लेते हैं लेकिन तुम्हे जैसा समझ में आये दे देना | मेरी गांड फट गई | साला 30  हजार तो मैं कहाँ से ले के आता | वैसे भी पापा ने मुझे बी.कॉम तक पढाया वो उनका मन था, मेरे दो भाई और थे जिनके ऊपर पापा को कम से कम लागत हुई थी और वो दोनों उन्हें काम में मदद करने लगे थे ! मैंने अंजू मैडम को अपनी दास्ताँ सुनाई और वो थोड़ी पिघली | उसने मेरी तरफ ध्यान से देखा और बोली, तुमने खेतो में काम किया हैं कभी ? लगता तो नहीं हैं वैसा ? मैंने कहा, हाँ मैंने काम किया हैं खेतों में कई बार और उसे सबूत देने के लिए मैंने जैसे ही अपनी शर्ट के बटन खोल के उसे अपने पेट के ऊपर पड़ी मसल्स मार्क्स दिखाई, उसकी जबान से पानी टपकने लगा | वैसे मैं पतला दुबला था लेकिन मेरा एक एक मसल सुलझा हुआ और परफेक्ट शेप में था | मैडम मेरी बोड़ी देख के जैसे की पागल हो गई, उसे क्या पता की दिल्ली के लौंडे होते ही हैं मजबूत | मैडम अपने आप को बिलकुल रोक नहीं पाई और उसने अपना हाथ मेरे सीने के ऊपर फेरा और वहां निकले हुए छोटे छोटे बालो को अपनी उंगलियों में लिए | उसने तुरंत अपने हाथ को हटा दिया | मैंने भी फट से बटन बंद कर दिया | मैडम बोली मैं एक शर्त पर तुम्हारे पैसे छोड़ सकती हूँ तुम्हे एक बार मेरे साथ सोना पड़ेंगा | वैसे मेरे लिए भी यह सौदा अच्छा ही था | चूत की चूत और 30  हजार की बचत | मैडम ने एक कागज के ऊपर अपना एड्रेस लिख के दिया और मुझे बोला की सन्डे के दिन सुबह 10  बजे मैं उनके घर पहुँच जाऊं |

सन्डे का मैं भी इन्तेजार करने लगा था, सन्डे आया और मैंने अपनी मनपसंद जींस और टी-शर्ट डाल लिया  और मैडम के घर तरफ जाने के लिए बस पकड ली | मैडम का घर ढूंढने में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई क्यूंकि उसकी सोसायटी में कुछ ही घर थे और सभी पे नेमप्लेट लगा था | प्रोफ़ेसर अंजू पांडे, नेम प्लेट पढ़ते ही मैंने घंटी बजाई, 20 सेकण्ड के बाद दरवाजा अंजू मैडम ने ही खोला | वो एक पारदर्शक साडी में सज्ज थी | अंदर आते ही मैं सोफे के ऊपर बैठा और मैडम ने मुझे पानी ला के दिया | मैडम जब खाली गिलास ले के जा रही थी तब में उसकी गांड में मटक को देख रहा था | मैडम की गांड बहुत ही सेक्सी थी और मैं मन में सोच रहा था कि  मैडम एक बार मुझे गांड में चोदने का मौका दे दे तो बहुत मजा आ जाएगा | पानी के बाद चाय भी आई और मैडम ने चाय देते समय अपने बूब्स की नली दिखा के मेरा लंड भी खड़ा किया , उसने नली दिखाने के बाद मेरे सामने देखा था | उसे पता था की मेरी नजर भी वही थी | वो हंस पड़ी और बोली, होंशियार हो तुम, चलो जल्दी चाय पी लो | जैसे ही मेरी चाय खत्म हुई मैडम ने अपनी साडी को खोला और उसने पहनी काली ब्रा मुझे दीखाई | उसने अब ब्रा पेंटी को छोड़ के सभी कपड़ो को उतार दिया और वोह सोफे के पास आई और मेरी गोद में आ कर बैठ गई, बैठते हुए मैडम बोली एक घंटा हैं तुम्हारे पास | मेरे पति आ जायेंगे उसके बाद | मुझे एक घंटे में जितना चोद सकते हो चोद्लो | मैंने तुरंत मैडम की ब्रा की हुक खोल दिया और मैडम के एक निपल को मुहं में दबाया | दुसरे निपल के ऊपर मैंने अपनी एक ऊँगली के ऊपर थूंक लगा के सहलाया | मैडम ने धीरे से हाथ निचे किया और गांड में फंसी पेंटी को उतारा | अंजू मैडम की चूत बड़ी झांटो वाली थी और चूत का रंग घेरा गुलाबी था | मैडम के निपल्स को मैं बारी बारी चूसने लगा और मैडम भी मेरे लंड को पेंट के ऊपर से जोर जोर से दबा रही थी | मैडम ने मेरी पेंट खोल दी थी और मेरा लंड अब मैडम के हाथ में था | मैंने मैडम के दोनों स्तन के निपल्स को चूस चूस के लाल कर दिया और मेरी ऊँगली अब उनकी चूत को खुजा रही थी | मैडम की चूत से तुरंत ही रस टपकने लगा था | मैडम अब बहुत उत्तेजित हो चुकी थी और उसने मुझे कस के पकड़ा हुआ था | मैंने मैडम के होंठो से अपने होंठ लगा दिए और एक जोर का चुम्मा ले लिया | मैडम मुझे कस के चूस रही थी और साथ साथ में मेरे लंड को जैसे की मुट्ठ मार रही हो वैसे हिला रही थी | मैडम को मैने कंधे से पकड़ा औ उसे उल्टा लिटा दिया | मैंने अपने लंड को सीधे मैडम की चूत के ऊपर रख दिया और मैंने पीछे से मैडम की गांड में ऊँगली करने लगा| गांड में ऊँनली करने से मैडम ऊपर नीचे हो रही थी | मैंने अपने लंड को मैडम की चूत के होंठो पर रखा और सीधे एक झटके में पेल दिया | मैडम जोर से आह करने लगी |

मैंने भी अपने शरीर की सारी ताकत मैडम की चुदाई में लगा दिया | मैं पसीने से तरबतर हो गया था लेकिन मैडम की चूत इतनी गीली थी कि मुझे थकान  नहीं हुआ | मैडम के कमर के ऊपर अपने दोनों हाथ रखे हुए मैं उसकी चूत के अंदर से जैसे की खेत में हेंडपम्प से पानी निकालते है बिलकुल वैसे उसकी चूत का रस निकाल रहा था | मैडम की चूत का रस मेरे लंड के उपर झाग जैसे चिपका हुआ था | मैडम को भी मेरे लंड से बहुत मजा आ रही थी तभी तो वो अपनी चूत के मसल्स जोर से दबाती थी और मेरे लंड को बहुत मजा कराती थी | मैंने मैडम की चूत को 20 मिनट तक मस्त चोदा | मुझे मैडम की गांड की चुदाई करने की बहुत इच्छा थी | मैंने मैडम की गांड के ऊपर अपने थूक लगाया और उसे मलने लगा | मैडम भी समझ गई की गांड में हमला होने वाला हैं | मैडम गांड के अंदर सही तरह से लंड लेने के लिए उलटी लेट गई और उसने अपने दोनों हाथ से गांड को फैला दिया | मैडम की गांड का छेद हल्का काले रंग का था और देखते ही उसके अंदर लंड देने की इच्छा जाग्रत हो चुकी थी | मैंने मैडम की गांड के अंदर जैसे ही लंड घुसेड़ने लगा मैडम की आह अह ओह चालू हो गई जो गांड में पूरा लंड देने तक चालू रही |

जैसे ही मैंने गांड के अंदर पूरा लंड दे दिया मैडम ने भी अपनी गांड को टाईट कर दी | मुझे मेरे लंड के ऊपर बहुत प्रेशर आ रहा था क्यूंकि मैडम ने गांड को मस्त टाईट रखा था और वो आगे पीछे भी होने लगी थी क्या सभी बड़ी उम्र की आंटी और भाभियाँ गांड में लेने की शौक़ीन होती हैं ? मैंने अभी तक मेरे से बड़ी चार पांच भाभियों के साथ सेक्स किया | अंजू के झटके और दबाव के चलते मेरे लंड के ऊपर अजब कसाव महसूस हो रहा था | मैंने उसकी गांड को दोनों हाथ से दोनों तरफ से पकड़ा और मैंने ऊँचा हो होक उसके गांड में अपने डंडे को पेलने लगा | अंजू मैडम आह आह ओह ओह करती रही और साथ साथ मेरे लंड से मजे लेती रही | कुछ दस मिनिट की गांड चुदाई होने के बाद मेरे लंड से वीर्य निकल गया और मैंने सारा के सारा रस मैडम की गांड में ही छोड़ दिया |

चुदाई के बाद मैं कपडे पहन रहा था तभी अंजू मैडम ने नीचे बैठ के मेरे लंड को एक बार और चूस लिया | मैंने भी जोर जोर से उसके मुहं में ही उसे चोद दिया | उसका पति किसी भी वक्त आ सकता था इसलिए मैंने तुरंत वहां से निकल गया | इस दिन के बाद तो अंजू मैडम ने कितनी बार मेरे लंड को अपनी चूत में और गांड में लिया हैं |

 


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