पैसे नहीं दे सकते तो लंड दे दो

Paise nahi de sakte to lund de do:

indian sex stories, desi kahani

मेरा नाम जगदीश है और मैं 25 वर्ष का एक युवक हूं। मैं बिहार के छोटे से शहर का रहने वाला हूं। मैं जब अपने शहर में था तो मुझे कपड़े खरीदने का बहुत ही शौक था। हमारे यहां पर जितने भी दुकानें थी सब दुकान वाले मुझे पहचानते थे। क्योंकि मैं वहां से हमेशा ही नए कपड़े लिया करता था। मुझे अच्छे से बन ठन के रहना बहुत ही पसंद है। इसलिए मैंने सोचा कि मैं मुंबई चला जाता हूं। वहां पर बहुत ही अच्छे से मैं बन ठन कर रहूंगा और अपनी लाइफ अच्छे से जी लूंगा। मैंने इस बारे में अपने पिताजी से बात की तो उन्होंने कहा कि तुम वहां जाकर क्या करने वाले हो। मैंने उन्हें बताया कि मैं फिलहाल कोई छोटा मोटा सा काम कर लूंगा लेकिन मुझे वहां जाना है।

मैंने उनके सामने बहुत जिद की। वह कहने लगे कि तुम्हें यहां पर किसी प्रकार की समस्या है तो तुम हमे बताओ। मैंने उन्हें कहा कि मुझे समस्या किसी भी प्रकार की नहीं है लेकिन मैं फिर भी मुंबई जाना चाहता हूं और अपनी जिंदगी को वहां जीना चाहता हूं। मैं देखना चाहता हूं कि बड़े शहर में लोग किस तरीके से रहते हैं। इस वजह से मैं जिद करके मुंबई चला गया। मेरे पिताजी और मेरी मां मुझे स्टेशन छोड़ने के लिए आए। मुझे वह तब भी समझा रहे थे कि वहां जाकर क्या करोगे। यहीं रह कर कुछ देख लो। मैंने उन्हें कहा नहीं मैं तो मुंबई जाना चाहता हूं। मैं इसलिए मुंबई चला गया। जब मैं मुंबई पहुंचा तो मैंने वहां अपने एक दोस्त को फोन किया। वह मुझे स्टेशन लेने के लिए आया। जब वह मुझे लेने आया तो उसने मुझे पूछा कि तुम यहां पर क्या करोगे। मैंने उसे बताया कि कोई भी छोटा-मोटा काम कर लूंगा और मैं मुंबई में ही रहना चाहता हूं। यह कहते हुए वह मुझे अपने साथ अपने घर ले गया। मैं जब उसके घर पहुंचा तो मुझे ऐसा लगा कि पता नहीं मैं कहां आ गया हूं। वह एक छोटा सा कमरा था। वहां पर तीन लड़के और थे और चौथा मैं भी पहुंच चुका था। मैंने उसे कहा कि तुम लोग इतने छोटे से कमरे में कैसे रह लेते हो। वह कहने लगा कि अब हमें आदत हो चुकी है और यहां के हिसाब से तो ये बहुत बड़ा कमरा है।

अब मैं उनके साथ ही रहने लगा लेकिन मुझे उनके साथ रहना अच्छा नहीं लग रहा था। पर मेरे पास फिलहाल कोई रास्ता नहीं था इसलिए मैं उनके साथ ही रहने लगा। अब मैंने कोई छोटा मोटा सा काम देखना शुरु कर दिया लेकिन मुझे कोई भी काम नहीं मिल रहा था। मैं सोच रहा था कि मुझे कोई काम मिल जाता तो मैं काम कर लेता। परंतु मुझे कोई भी काम नहीं मिला। कुछ दिनों बाद मेरी जॉब एक मॉडलिंग एजेंसी में लग गई। मैं जब वहां पर काम कर रहा था तो मैं देखता कि वहां पर एक से बढ़कर एक मॉडल आते हैं। मैं उन्हें देखकर बहुत ही खुश होता और उनके जैसा ही मैं बनना चाहता था लेकिन यह मेरे बस की बात नहीं थी। क्योंकि मुझे ना तो इतनी तनख्वाह मिलती थी और ना ही मेरे पास इतने पैसे थे कि मैं उनके जैसे बन पाऊं। फिर भी मैं कोशिश करता था कि मैं उन्हीं के जैसे दिखू। मुझे जब भी तनख्वाह मिलती तो मैं अच्छे अच्छे कपड़े खरीद लेता और अपने शौक पूरे किया करता। मैं जब उन कपड़ों को पहनकर अपने घर से निकलता तो मुझे अपने अंदर से बहुत ही अच्छा महसूस होता था। मैं अपने आप को बड़े लोगों के जैसा दिखाने की कोशिश करता था और अच्छे रेस्टोरेंट में बैठता था और बड़ी-बड़ी जगह पर जाता है लेकिन मेरे पास इतने पैसे नहीं होते थे और मुझे लगता था कि बिना पैसे के कुछ काम होने वाला नहीं है। इसलिए मैं किसी ऐसे व्यक्ति को ढूंढ रहा था जो मुझे सही रास्ता दिखा सकता है। मुझे समझा सकता लेकिन मुझे कोई ऐसा व्यक्ति मिल नहीं रहा था। एक दिन हमारी मॉडलिंग एजेंसी में एक लड़का आया वह बहुत ही अच्छे से कपड़े पहन कर बहुत ही अच्छा लग रहा था। वह मुझसे बहुत बातें कर रहा था और मैं भी उससे बातें करने लगा। मैंने उसे अपने बारे में सब कुछ बता दिया। जब मैंने उसे अपने बारे में बताया तो वह कहने लगा कि मैं तुम्हें कहीं अच्छी जगह पर लगा दूंगा। तुम उसकी चिंता मत करो। तुम बहुत ही ज्यादा पैसे कमाओगे  जब मैंने यह बात सुनी तो मैं बहुत ज्यादा खुश हो गया। उसने मुझे अपना कार्ड भी दे दिया था और मैंने उसका फोन नंबर भी ले लिया। मैं सोच रहा था कि मैं अब उसे मिलने जाऊं लेकिन मैं अपने काम में ही व्यस्त रहता था। इसलिए मैं उस लड़के को मिलने नहीं जा पा रहा था।

वह एक दिन हमारे ऑफिस में दोबारा से आ गया और मुझे कहने लगा तुमने मुझे फोन नहीं किया। मैंने उससे कहा मैं सोच तो रहा था कि आपको फोन करूं परंतु संभव नहीं हो पा रहा था आपको फोन करना। मैं थोड़ा काम में ज्यादा ही व्यस्त हो गया था। वह कहने लगा चलो कोई बात नहीं तुम अगर आज शाम को फ्री हो तो मेरे साथ तुम क्लब में चलना। मैंने उसे कहा ठीक है मैं शाम को तुम्हारे साथ ही चलूंगा। अब जब मैं शाम को उसके साथ गया था वह बहुत बड़ा क्लब था और वहां पर सारे अमीर घरों के लड़के आए हुए थे और बहुत सारे पैसे वाले लोग भी दिखाई दे रहे थे। मैंने उससे पूछा कि आप तो बहुत बड़े लोगों आए हुए है वह कहने लगा कोई बात नहीं तुम मेरे साथ ही रहो। तुम्हें चिंता करने की कोई बात नहीं है तुम्हारा सारा बिल मैं ही दूगा। अब हम दोनों वहा डांस कर रहे थे और आराम से शराब पी रहे थे। थोड़ी देर बाद वह मेरे पास आया और कहने लगा कि तुम क्या चाहते हो। मैंने उसे कहा कि मुझे अब मुंबई के तौर तरीके से रहना है और अब काफी पैसे कमाने हैं। वह कहने लगा कि उसके लिए गांड मरानी पड़ती है ऐसे ही कोई रास्ते में पैसे पड़े हुए नहीं मिल जाते। जब उसने यह बात कही तो मैंने सोचा यह किस तरीके की बात कर रहा है। हम दोनों वहां से चले गए और वह कहने लगा आज तुम मेरे साथ मेरे घर पर ही चलना।

मैं उसके साथ उसके घर गया तो उसने एक फ्लैट लिया हुआ था। वहा पर कोई भी नहीं रहता था और वह मेरे बगल में लेट गया और उसने अपने पूरे कपड़े खोल लिया और उसका लंड पूरा खड़ा हो रखा था। वह कहने लगा कि तुम्हें अगर कुछ करना है तो तुम इसे अपने मुंह में ले लो। मैं सोच में पड़ गया और थोड़ी देर बाद मैंने उसका लंड अपने मुंह के अंदर ले लिया और उसे चूसने लगा। मैं ऐसे ही उसको बहुत देर तक चूसता रहा उसे बहुत ही अच्छा लग रहा था और वह कहने लगा कि तुम बहुत ही अच्छे से मेरे लंड को चूस रहे हो। थोड़ी देर बाद उसने अपने लंड पर तेल लगा लिया और मेरे सारे कपड़े खोल दिए। मैं भी उसके सामने नंगा था और उसने मेरी गांड के अंदर लंड डाल दिया जैसे ही उसने मेरी गांड मे लंड डाला तो मुझे बहुत ज्यादा दर्द होने लगा और मैं बहुत तेजी से चिल्ला रहा था। वह अपना लंड मेरी गांड के अंदर इतनी तेजी से डाल रहा था कि मुझे बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था और मेरी गांड का छेद खुल चुका था।

अब मुझे भी मज़ा आने लगा और मैं भी अपनी गांड को उसके लंड से टकराने लगा। वह इतनी तेज तेज मुझे धक्के दे रहा था कि मुझे मेरे दांतो को दबाना पड़ जा रहा था और मेरा शरीर पूरा हिलने लगा। मेरी गांड से खून भी आने लगा और मेरी गांड बुरी तरीके से छिल चुकी थी लेकिन उसने मुझे छोड़ा नहीं और ऐसे ही पकड़कर मेरी गांड मार रहा था। वह मुझे कह रहा था कि तुम्हें अपनी गांड मरवानी पड़ेगी अगर तुम तैयार हो गांड मरवाने के लिए तो तुम्हें उसके बदले बहुत सारे पैसे मिल जाएंगे। जिसे तुम अपनी इच्छाओं को पूरी कर सकते हो। मैं भी अपनी गांड मरवा कर ही इतना बड़ा आदमी बना हूं और मैंने बहुत पैसे अपनी गांड मरवा कर ही कमाए हैं। जब उसने यह बात कही तो मैं बड़ी तेज तेज उसके लंड पर अपनी गांड को टकराया लगा। जिससे कि मेरी गांड बुरी तरीके से छिल चुकी थी लेकिन उसे बहुत मजा आ रहा था और थोड़े समय बाद उसका वीर्य मेरी गांड मे अंदर तक चला गया। उसने अपने लंड को बाहर निकाला और हम दोनों सो गए। अगले सुबह उसने मुझे कहा कि तुम तैयार हो जाना रात को मैं तुम्हें एक बंदे के पास भेज दूंगा।

 


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