पड़ोसन भाभी की मस्त चुदाई

Padosan bhabhi ki mast chudai:

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दोस्तों मेरा नाम आकाश है और मैं एक 25 वर्ष का युवक हूं। मैं काफी हरामी किस्म का व्यक्ति हूं और मैं कभी भी किसी को नहीं छोड़ता हूं। चाहे वह कोई भी हो। मुझे भाभी आंटी दिखती है मैं सबकी चूत लाल कर देता हूं और मैं किसी को भी नहीं छोड़ता। लेकिन मेरी मोहल्ले में बहुत ही डिमांड है। जो भी वहां नाया आता है। मैं उसके पीछे लग जाता हूं।

हमारे पड़ोस में एक लड़की रहने के लिए आई। वह अकेली ही वहां पर रहती थी। वह पढ़ाई करने आई थी। उसका नाम था मीना मैंने अपने दोस्तों से उसका नाम पता करवाया था। मैं उसे लाइन मारता था। लेकिन वह मुझे कभी भी भाव नहीं देती थी। ऐसा करते-करते मुझे काफी समय हो गया। मैं उसके आगे पीछे भी घूमता रहता हूं। ना जाने मैंने उसके पीछे कितने चक्कर काटे लेकिन उसने मुझे कभी ना तो देखा और ना ही मुझे कभी लाइन दी लेकिन मैं भी एक नंबर का हरामी हूं तो मैं उसे छोड़ने वाला नहीं था। मैंने भी उसे सेक्स करने की ठानी ली थी। लेकिन मेरा काम नहीं बन पा रहा था। किसी भी तरीके से करना था।

मैंने अपने दोस्त से उसका नंबर निकलवा लिया। जैसे ही मैंने अपने दोस्त से उसका नंबर निकलवाया। मैने तुरंत ही उसको फोन कर दिया उसके नंबर पर उसने फोन उठाते हुए कहा कि आप कौन बोल रहे हैं। मैंने उसे बताया कि मैं आपके पड़ोस में रहता हूं और आपको काफी चाहता हूं। लेकिन वह मुझे भाव ही नहीं देती। वह कहने लगी मैं उस किस्म की लड़की नहीं हूं। मुझे परेशान मत करो और मुझे अकेले रहने दो लेकिन मैं तो यही चाहता था कि मैं उससे किसी भी तरीके से अपना बना लूं लेकिन उसने मेरा फोन काट दिया। ऐसा हो ना सका।

मैं उसके आगे पीछे हमेशा घूमता रहता। जब भी वह कहीं से आती तो एक बार की बात है। वह अपने कॉलेज से वापस आ रही थी। तो कुछ लड़के रास्ते में उसे छेड़ रहे थे। मैं भी उस दिन वहा से गुजर रहा था तो मैंने देखा कि उसे लड़के तंग कर रहे हैं। मैं वहां पर गया तो वह लड़के वहां से भाग गए। उसने मुझे देखा और कहने लगी तुम्हारा शुक्रिया तुमने मुझे लड़कों से बचा लिया मैं तुम्हारे बारे में बहुत गलत धारणा रखती थी। उसने मुझे सॉरी कहा, मुझे लग गया था कि मेरा प्लान पास हो गया है। क्योंकि वह जो भी लड़के थे वह सारे मेरे जान पहचान के ही थे। मैंने कहा था कि तुम उसे छेड़ना और मैं वहां पर आ जाऊंगा। उसके बाद तुम वहां से भाग जाना। उसकी नजरों में एक अच्छा व्यक्ति बन गया। वह मेरे तरफ फिद हो गई थी और वह मुझे काफी अच्छा समझती थी। उसका कुछ भी काम होता था तो वह मुझे कह देते थी।

एक दिन मुझे कहने लगी कि यार मुझे बहुत जरूरी काम था क्या तुम मेरा काम कर दोगे मैंने कहा हां बोलो तुम्हारा क्या काम है। वह कहने लगी मुझे मेरे कॉलेज तक छोड़ दो। मैं आज लेट हो गई हूं। मैं उसे उस दिन उसके कॉलेज तक छोड़ने चला गया। मैंने उसे बाइक में बैठा लिया। जैसे ही मैंने उसे बाइक में बैठाया तो उसके स्तन मेरे से टकरा रहे थे। वह काफी सेक्सी और हॉट बनकर कॉलेज जा रही थी। मैंने उसे कॉलेज छोड़ा तो उसने कहा कि तुम थोड़ी देर बाद मुझे घर के लिए भी छोड़ दोगे। मैंने कहा ठीक है मैं तुम्हें घर पर भी छोड़ दूंगा। तुम अपने कॉलेज में अपना काम निपटा कर आ जाओ। मैंने उसे कॉलेज छोड़ा और मैं वहां से अपने दोस्त के यहां पर चला गया। जैसे ही मैं अपने दोस्त के घर गया तो मीना ने मुझे फोन कर दिया और कहा मैं फ्री हो गई हूं। तुम मुझे लेने के लिए आ जाओ। मैं उसे लेने के लिए वापस वही कॉलेज के बाहर पहुंच गया।

मैं उसे लेकर उसके घर पर गया। उसके पास कुछ सामान था तो उसने मुझे कहा मेरा सामान मेरे कमरे तक पहुंचा दोगे। मैंने कहा ठीक है मैं तुम्हारे कमरे पर पहुंचा देता हूं। उसके सामान को उठाया और उसके घर पर ले गया। जैसे ही मैं उसके घर के अंदर गया। तो मैंने वहां पर देखा की उसकी पैंटी पड़ी हुई है। यह देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया और मैंने उसे कहा क्या मैं तुम्हारा बाथरूम इस्तेमाल कर सकता हूं। मैं उसके बाथरुम में गया तो मैंने देखा। वहां पर भी उसकी पैंटी पड़ी हुई है। मैंने उसकी पैंटी पर अपना माल गिरा दिया और मैं बाहर आ गया। थोड़ी देर बाद बाथरूम में गई। उसने देख लिया मेरा माल गिरा हुआ था।

बाहर आकर कहने लगी क्या कर दिया है तुमने मेरी पैंटी पर अपना माल गिरा दिया। मैंने कहा इसमें गलत क्या है मेरा कंट्रोल में नहीं हो रहा था। तो मैंने माल गिरा दिया। तुम हो ही इतनी खूबसूरत, यह बात सुनकर एकदम से वह शांत हो गई और पिघल गई। तुम्हें क्या चाहिए मैंने उसके पास जाकर उसका हाथ पकड़ लिया और उसे प्यार से कहने लगा। इसमें कुछ ऐसी बात नहीं है कि तुम्हें डर ना पड़े। मैंने उसे कहा कि मैं तुम्हारी गांड पर गिरा देता हूं अपना माल वो कहने लगी ठीक है। तुम मेरी गांड पर गिरा दो पर मेरी पैंटी खराब मत करो। मैंने उसकी जींस को उतारा और उसकी पैंटी को उतारते हुए। उसकी योनि को चाटना शुरू किया। जैसे ही मैं उसकी चूत को चाटता जाता वह मस्त होती जाती।  और कह देती तुम बड़े अच्छे से चाट रहे हो। मैंने कहा मुझे आदत हो चुकी है ऐसा करते करते। अब कहने लगी तुमने अब तक कितने लोगों के साथ सेक्स किया है। मैंने कहा यहां पर मोहल्ले में जितने भी आंटियां भाभीया रहती है उनको मैंने अच्छे से चोदा है। वह सुन कर बहुत खुश हो गयी और कहने लगी तब तो तुम मेरे साथ में अच्छे से करोगे। मैंने कहा तुम्हें भी कुछ शिकायत का मौका नहीं दूंगा।

उसने तुरंत ही मुझे ऊपर उठाकर अपनी टीशर्ट को थोड़ा सा ऊपर किया और कहने लगी- मेरे स्तनों को तुम अच्छे चाटो मैंने उसके स्तनों को बहुत अच्छे से चाटना शुरु किया। जैसे ही मैने उसके स्तनो को चूमना शुरू किया वह पागल हो गई। उसने अपने स्तनों को अपने हाथों से दबाना शुरु कर दिया। मुझे कहने लगी अपने मुंह में लो मेरा दूध निकलेगा। मैने उसका दूध पी लिया। वह अपनी चूत में उंगली करती जा रही थी। यह देख कर मुझे अच्छा लग रहा था। मैंने उसकी चूत और गांड दोनों में एक एक उंगली डाली और अंदर बाहर करने लगा। अब वह कहने लगी थी और उसका बदन खुल चुका था। उसका नंगा बदन मेरे आगे था। मैंने भी मौका नहीं छोड़ा और उसके योनि में अपना लंड डाल दिया। जैसे ही मैंने उसकी योनि में लंड डाला तो उसकी सील टूट गई और मुझे काफी अच्छा लगा। जैसे उसकी सील टूटी तो उसकी योनि से खून निकलने लगा। मैंने उसे कहा तुमने आज तक कभी किसी के साथ सेक्स नहीं किया। वह कहने लगी नहीं मैंने आज तक कभी किसी के साथ सेक्स नहीं किया। यह सुनकर मैंने उसे इतनी तेजी से चोदना शुरू किया। उसकी योनि और मेरे लंड से बहुत तेज गर्मी निकलने लगी।  जैसे-जैसे चोदता जाता उसकी चूत गर्म हो चुका थी। लेकिन वह भूखी बैठी थी और मेरा लंड उसकी गर्मी को बर्दाश्त ना कर सका। मेरा अंदर ही गिर गया। जैसे ही मेरा अंदर गिराया। उसने मुझे कहा तुमने तो अंदर गिरा दिया।

तुमने कहा था तुम मेरी गांड पर गिराओगे। मैंने कहा ठीक है। मैं तुम्हारी गांड पर भी गिरा देता हूं। मैंने उसकी गांड को अपने हाथ में पकड़ा और उसे चोदने लगा। इस बार मैं उसके ऊपर से लेटा हुआ था। जैसे ही मैंने अपना लंड उसके योनि में डाला तो वह चिल्ला उठी और मैंने उसे जोर से चोदना शुरू किया जैसे जैसे मै झटका मारता जाता वह मस्त होती जाती। मुझे कहती तुम तो बड़े अच्छे से कर रहे हो। वो मुझे कहने लगी तुम बहुत अच्छे से करते हो। इस बार भी मेरे लंड उसकी चूत की गर्मी को बर्दाश्त नहीं किया और मैंने उसकी मोटी सी गाड़ पर अपना सारा माल गिरा दिया। उसने अपने हाथ को पीछे की तरफ किया और उस माल को अपने चूतड़ों पर लगाने लगी। जैसे जैसे वह लगाती जाती और कहती तुम्हारा माल तो बहुत ही गाडा है। मैंने कहा हां अब उसने अपनी गांड पर वह माल लगा लिया था। जिससे उसकी गांड़ बहुत चमकने लगी थी। वह बहुत खुश हो गई थी। उसके बाद से तो वह मेरा परमानेंट जुगाड़ बन गया था मेरा जब भी मन होता मैं उसके घर पर चला जाता हूं

 


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