पड़ोसन भाभी की असलियत पता चली

Padosan bhabhi ki asliyan pata chali:

antarvasna, bhabhi sex stories

मेरा नाम रोशन है मैं नोएडा का रहने वाला हूं। मेरी उम्र 35 वर्ष है। मैं एक बहुत ही मस्त किस्म का व्यक्ति हूं। हमारे मोहल्ले के जितने भी लोग हैं वह मुझे कहते हैं कि तुम इतना खुश कैसे रह लेते हो। हमारे जीवन में तो बहुत सी परेशानियां है लेकिन तुम्हें देख कर हम लोग भी खुश हो जाते हैं। जब भी मेरे साथ वह लोग होते हैं तो मैं सबको हंसा देता हूं। मुझे पान खाने की बहुत गंदी आदत है और मैं इतना ज्यादा पान खाता हूं कि मैंने अपने घर की दीवारों का रंग भी लाल कर दिया है। मेरी पत्नी और मेरे माता पिता मुझसे बहुत गुस्सा रहते हैं और मेरी बहन तो मुझसे इतना ज्यादा चिढ़ती है कि वह कहती है कि आप यह पान खाना छोड़ दीजिए नहीं तो हम लोग आपको छोड़ देंगे। जब वह मुझसे ऐसी बात कहती है तो मुझे बहुत हंसी आती है और मैं सोचता हूं कि यह लोग मेरे पान खाने की वजह से कितना परेशान है लेकिन मैं पान छोड़ ही नहीं सकता। यह मेरी बहुत बड़ी कमजोरी है। हमारे घर के 50 मीटर दूर पर एक पान का खोखा लगाता है। मैं उसका परमानेंट ग्राहक हूं। उसका नाम कल्लू है और कल्लू मुझे कॉलोनी की सारी जानकारियां देता रहता है।

एक दिन मैं कल्लू के पास खड़ा था मैंने उसे कहा भैया जरा जोरदार पान लगा दो। उसने भी मेरे लिए इतना कड़क पान बनाया की मैंने जब उसे अपने मुंह में रखा तो मैंने उससे कहा अरे कल्लू भैया तुम्हारे हाथ का तो स्वाद ही अलग है। मुझे तो पान खाकर मजा आ गया। कल्लू कहने लगा कि मजा तो आजकल आपके पड़ोस की कावरी भाभी ले रही हैं। मैंने उसे कहा तुम यह कैसी बात कर रहे हो। मेरे मुंह के अंदर पूरा पानी भर चुका था और मैं ढंग से बोल भी नहीं पा रहा था। मैंने अपने फोन को ठोकते हुए कल्लू को कहा तुम उस महिला के बारे में ऐसी बात कर के मुझसे दुश्मनी मोल ले रहे हो। वह मुझे कहने लगा नहीं भैया वह तो आजकल बड़े गुल खिला रही हैं। वह जब अपने ऑफिस से लौटती हैं तो उन्हें छोड़ने के लिए एक व्यक्ति आता है। मैंने आज तक उसका चेहरा नहीं देखा लेकिन वह बड़ी सी काली रंग की गाड़ी में आता है और उन्हें यहां छोड़ कर चला जाता है। उसके बाद वह भी बड़ी तेजी से अपने घर की तरह जाती हैं।

मैंने कल्लू से कहा अगर भाई यह बात गलत हुई तो मैं तुम्हारी ऐसी की तैसी कर दूंगा। कल्लू कहने लगा भैया तुम चाहे मुझे जितना मार लेना लेकिन यह बात बिल्कुल सही है। मैं भला तुमसे क्यों झूठ बोलूंगा तुम तो मेरे हमेशा के ग्राहक हो। मैंने कल्लू से कहा तुम झूठ बोलो या सच बोलो लेकिन मैं कभी भी उन पर शक नहीं कर सकता क्योंकि वह बड़ी ही अच्छी महिला हैं और तुम तो जानते हो हमारे उनके साथ बिल्कुल घरेलू संबंध हैं। कल्लू कहने लगा मुझे तो पता है इसीलिए तो मैंने आप को यह बात बताई। उनके पति भी कितने सज्जन और कितने अच्छे व्यक्ति हैं वह तो बीड़ी तंबाकू भी इस्तेमाल नहीं करते और उसके बावजूद भी जब भी वह मुझे देखते हैं तो हमेशा मुझसे पूछ लेते हैं और कल्लू तुम्हारी दुकान कैसी चल रही है। मैं तो खुद ही चकित हो गया था लेकिन भैया मेरे अंदर भी यह बात काफी दिनों तक रुक नहीं पाई इसलिए मैंने सोचा कि मैं आपको यह बात बता दूं। जब कल्लू ने मुझे यह बात बताई तो मैंने अपने दिमाग पर जोर डाला और सोचा कि मुझे भी इस बारे में कावेरी भाभी से पूछना चाहिए। वह तो बिल्कुल भी ऐसी नहीं है। जिस दिन मेरी छुट्टी थी उस दिन मैं उनके घर पर चला गया। उस दिन उनके पति भी घर पर थे और वह मुझे कहने लगे। भाई साहब आज आप हमारे घर पर कैसे आ गए। मैंने उन्हें कहा बस भैया ऐसे ही सोचा आज आप से मिलता हुआ चलूं। मैं काफी देर तक उन लोगों के साथ बैठा हुआ था। उनके पति का नाम राजेश है। उनके पति बड़े अच्छे व्यक्ति हैं और उनकी सब लोग बड़ी इज्जत करते हैं। कावेरी भाभी की भी सब लोग बहुत इज्जत करते हैं लेकिन जब से कल्लू ने मेरे दिमाग में यह बात डाली तब से मैं उनको लेकर थोड़ा शंका में हूं। कि क्या मुझे उनकी इज्जत करनी चाहिए या मुझे उनसे बात करनी चाहिए? मैं जब उनसे बात करने की सोचता तो तब तक उनके पति आ जाते। वह कभी अंदर जा रहे थे और कभी बाहर मेरे साथ बैठ कर बात कर रहे थे।

उस दिन मैंने उनसे ज्यादा बात नहीं की और मैं अपने घर चला गया। एक दिन मैं कल्लू की दुकान में ही खड़ा था मैंने कल्लू से कहा कि मुझे तो ऐसा कुछ भी नहीं लगा जैसा तुम कह रहे हो। वह कहने लगा भैया मैं भला तुमसे झूठ क्यों बोलूंगा। मैंने उसे कहा चलो छोड़ो अब यह बात। तुम मेरे लिए एक जोरदार पआन लगा दो ताकि मुझे पान खाकर मजा आ जाए। कल्लू ने भी मेरे लिए कड़क सा पान बना दिया और उसने मेरे लिए इतना जबरदस्त पान लगाया कि वह मैंने मुंह में रखते ही उसे कहा। कल्लू तुम्हारे हाथ में तो जादू है तुम इतना अच्छा पान लगाते हो कि भैया और जगह का पान तो बिल्कुल फीका ही लगता है इसीलिए तुम्हारे पास मैं पान खाने आता हूं। मैं उसकी दुकान में पान खा रहा था और उससे बतिया रहा था। तभी सामने से एक काली रंग की गाड़ी आई और उसमें से भाभी उतरी तो मुझे भी लगा कि कुछ तो दाल में काला है। वह बड़ी तेजी से अपने घर की तरफ बढ़ी। वह इतनी तेजी से अपने घर में गई कि उन्होंने इधर उधर भी कहीं नहीं देखा। जब मैंने यह नजारा देखा तो मेरा तो दिमाग खराब हो गया और मेरा दिमाग इतना चकराने लगा कि मुझे समझ में नहीं आया। मैं वहां से अपने घर की तरफ के लिए चला गया। मैं जब अपने घर जा रहा था तो मैंने देखा कावेरी भाभी वही बाहर खड़ी है। मैंने सोचा आज उनसे बात कर ही ली जाए।

मैं कावेरी भाभी के साथ उनके घर चला गया। उन्होने मुझे कहा भाई साहब बैठिए। उन्होंने मुझे सोफे मे बैठने के लिए कहा। मैंने उनसे पूछ लिया भाभी जो काले रंग की कार बाहर आई थी वह कौन है। वह मुझे कहने लगी वह मेरे बॉस है। मैंने उन्हें कहा लगता है आपके बॉस के साथ बड़े ही अच्छे संबंध हैं इसलिए वह आपको हमेशा छोड़ने आते हैं। जब मैंने उनसे यह बात कही तो वह मेरे पास आकर बैठ गई और मुझे कहने लगी यह बात तुम किसी को भी मत बताना। मैंने उनसे कहा यह बात तो मैं अब भाई साहब कुछ जरूर बताऊंगा। वह कहने लगी कि तुम बैठो मैं तुम्हारे लिए कुछ बना कर लाती हूं। मैंने उनके हाथ को पकड़ते हुए अपने पास बैठा लिया और उनके पेट पर मैंने अपने हाथ को रख दिया। मैंने जब उनके पेट पर हाथ रखा तो वह मचल उठी और मैंने भी उन्हें अपने नीचे दबा दिया। मै उनके होठों को चूसने लगा। मैंने उनके होंठों का इतने अच्छे से रसपान किया कि वह पूरे तरीके से मूड में हो गई। वह मुझे कहने लगी। मैंने अपने बॉस से कुछ पैसे लिए थे और उसके बदले उन्होंने मेरे सामने सेक्स की मांग रख दी। मैं हमेशा उन्हें खुश करती हूं और वह मुझे छोड़ने के लिए आ जाते हैं। मैंने उन्हें कहा तो फिर आप मुझे भी आज अपने यौवन का जाम पिला दीजिए। यह कहते ही उन्होंने अपनी साड़ी उतार दी। जब मैंने उनकी चिकनी चूत को देखा तो मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया। मैंने भी जल्दी से अपने लंड को बाहर निकालते हुए उनकी योनि के अंदर प्रवेश करवा दिया। जैसे ही मेरा लंड उनकी योनि के अंदर घुसा तो वह अपने मुंह से आवाज निकालने लगी। उनकी सिसकियां मुझे अपनी और खींच रही थी। उन्होंने अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया था उन्होंने अपने पैरों को इतना चौड़ा किया कि मैं जब उन्हें झटके मारता उन्हें भी बहुत मजा आता। वह मुझे कहने लगी भाई साहब आप तो बड़े अच्छे से मेरी चूत मार रहे हैं। इतने अच्छे से तो मुझे कोई भी नहीं चोदता। मैंने भी उनके दोनों टांगों को अपने कंधों पर रखते हुए। मैंने उन्हें इतनी तेजी से चोदना शुरू किया कि उनके मुंह से आवाज निकल जाती। मैंने भी उनको बड़ी तेजी से चोदना शुरू कर दिया। मैं उन्हें इतनी तेजी से धक्के मारता कि उनकी चूतडे मेरे लंड से टकराते ही मेरे अंदर और भी जोश पैदा हो जाता। मैंने भी बड़ी तेजी से उन्हें चोदना शुरू कर दिया जैसे ही मेरा वीर्य पतन उनकी योनि के अंदर हुआ तो मुझे बड़ा अच्छा महसूस हुआ।


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