पड़ोस की दुकानदार महिला की अपने ऑफिस मे गांड मारी

Pados ki dukandar mahila ki apne office me gaand mari:

gaand chudai ki kahani, antarvasna

मेरा नाम अमित है और मेरी उम्र 40 वर्ष है, मैं नोएडा का रहने वाला हूं। मेरा प्रॉपर्टी का काम है और मैं प्रॉपर्टी के लेन-देन का काम करता हूं। मुझे यह काम करते हुए काफी समय हो चुका है। मैं पहले नौकरी किया करता था लेकिन बाद में मैंने यह काम शुरू कर दिया। प्रॉपर्टी के काम शुरू करने में मेरे ससुर ने मेरी बहुत ही मदद की है क्योंकि वह एक बहुत बड़े प्रॉपर्टी डीलर हैं और उन्होंने ही मुझे अपने साथ रखा, उसके बाद मैंने प्रॉपर्टी का काम उनसे ही सीखा और अब मैं भी इसमें अच्छा काम कर रहा हूं। मेरी शादी को भी 15 वर्ष हो चुके हैं, मेरी पत्नी का व्यवहार भी बहुत अच्छा है और वह मुझसे बहुत ही प्यार करती है। मेरे दो बच्चे भी हैं जो कि स्कूल में पढ़ रहे हैं, मैं उन्हें अक्सर लेने चला जाता हूं और जब मेरे पास समय नहीं होता तो मेरी पत्नी ही उन्हें स्कूल से लेकर आती है।

मैं जब भी घर पर होता तो अपने बच्चों के साथ बहुत ही अच्छा समय बिताता क्योंकि जिस दिन मेरी छुट्टी होती थी उस दिन मैं समय निकाल लेता था तो हम लोगों सब घर पर ही रहते थे और मुझे अपने बच्चों के साथ घर पर रहना बहुत अच्छा लगता है लेकिन जब मेरा काम होता तो उस दिन मुझे काम के सिलसिले में जाना ही पड़ता था। मेरे पास एक प्रॉपर्टी थी जिसको कि मैंने किराए पर दिया हुआ था लेकिन मैं सोच रहा था कि उस पर मैं कुछ और काम शुरू कर दूं लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं उस पर क्या काम शुरू करू। हमारे ही पड़ोस में एक महिला रहती थी  उनका नाम सीमा है और जहां पर मेरी प्रॉपर्टी है वहीं पर उनकी दुकान है, मैं जिस दिन वहां पर गया तो वह कहने लगे कि आप बड़े समय बाद यहां पर आए हैं, तो मैंने उन्हें कहा कि हां मुझे आजकल समय नहीं लग पाता इसीलिए मैं यहां पर नहीं आ पा रहा हूं। वह मुझसे पूछने लगी कि लगता है आप कुछ काम से यहां पर आए हैं। मैंने उन्हें बताया कि मैं यहां पर कुछ और खोलने की सोच रहा हूं क्योंकि मुझे इतना किराया नहीं मिल पा रहा जितना मैं सोच रहा हूं। मैं उन्हीं के साथ बैठा हुआ था, हम लोग आपस में बात कर रहे थे तभी उन्होंने मुझे सलाह दी कि आप यहां पर पीजी खोल दीजिए और वह किराए पर दे दीजिए।

मैं उसका काम संभाल लूंगी। मुझे उनकी राय बहुत पसंद आई और मैंने उन्हें कहा कि जो लोग यहां पर रह रहे हैं उनसे बात कर लेता हूं और उन्हें अगले महीने तक यहां से खाली करने के लिए कह देता हूं। वो कहने लगी ठीक है आप उन्हें कह दीजिए उसके बाद आप यहां पर काम शुरू करवा दीजिए। मैं यहां पर पीजी खोल दूंगी और आप जितना पैसा बोलेंगे उतना मैं आपको दे दिया करूंगी। मेरी और उनकी बात अब हो चुकी थी इसलिए जो लोग वहां पर रह रहे थे, मैंने उन्हें कहा कि आप अगले महीने तक यह घर खाली करवा दीजिए क्योंकि मैं यहां पर कुछ और काम करवा रहा हूं। उन्होंने कहा ठीक है हम अगले महीने तक यह घर खाली करवा देंगे। उसी काम के सिलसिले में मेरा वहां पर अक्सर आना-जाना लगा रहता था। सीमा भी मुझे मिल जाती थी। मैंने अब वहां पर काम करवाना शुरू कर दिया। मैंने अपने घर को अब पी.जी बना दिया था और सीमा उसे सम्भालने लगी। शुरुआत में तो उनके पास बच्चे नहीं आ रहे थे लेकिन धीरे-धीरे अब उनके पास काफी बच्चे हो गए थे और उनका पीजी अच्छे से चलने लगा था। उन्होंने वहीं अंदर एक कैंटीन खोल ली थी जिसमें कि उन्होंने कुछ लोग काम पर रख दिए थे। वह लोग कैंटीन का काम संभाला करते थे। मेरा भी अब अक्सर वहां आना जाना लगा रहता था और मैं उनसे पूछ लिया करता कि आपका काम कैसा चल रहा है, वो कहने लगी कि काम तो बहुत अच्छा चल रहा है अब तो यहां पर फुल हो चुका है और बिल्कुल भी जगह नहीं है। मैंने उन्हें कहा चलो यह तो बहुत ही अच्छी बात है कि आपका काम चल रहा है। अब वो मुझे समय पर पैसे दे दिया करती थी जिससे कि मैं भी निश्चिंत हो गया और मुझे भी लगने लगा कि मैंने यह काम खोल कर अच्छा किया, क्योंकी सीमा को भी इससे बहुत ही प्रॉफिट हो रहा था इसलिए वह भी बहुत खुश थी और मैं भी अक्सर वहां पर आता जाता रहता था। एक दिन मैंने सोचा कि मैं इसी में अपना एक ऑफिस को खोल लेता हूं, मैंने यह बात सीमा से कहीं तो वो कहने लगी कि आप अपना ऑफिस यहां पर खोल दीजिए, मुझे कोई आपत्ति नहीं है।

मैंने उनसे एक रूम ले लिया और उस पर ही अपने ऑफिस का काम करवाना शुरू कर दिया। अब मेरा काम पूरा हो चुका था और मैंने वहां पर अपना ऑफिस भी बना दिया था और मैं अब सुबह वहीं पर बैठा करता था। जब कोई काम होता तो तब मैं चले जाया करता था। मेरा काम भी बहुत अच्छे से चल रहा था और सीमा भी मुझे समय पर किराए दे दिया करती थी। सीमा के पास जो भी क्लाइंट प्रॉपर्टी के लिए आते थे तो वह मेरे पास ही उन्हें भेज दिया करती,  क्योंकि जहां पर उनकी दुकान है सीमा की उस जगह बहुत ही अच्छी पहचान है इसी वजह से जो लोग भी उसके पास प्रॉपर्टी की जानकारी के लिए आते थे तो वह उन्हें मेरे पास ही भेज दिया करती थी। मेरा काम भी बहुत अच्छे से चलने लगा था और उसी जगह मैंने एक और प्रॉपर्टी खरीद ली थी। जो पैसा मुझे मेरे पी.जी से आता था उसी से मैंने एक और प्रॉपर्टी ले ली थी और उस पर भी मैं अब कुछ नया काम खोलने की सोचने लगा।

मैंने इस बारे में सीमा से बात की तो वो कहने लगी कि वहां पर भी आप एक  पी.जी खोल दीजिए और हम दोनों उसे मिलकर चला लेते हैं। इसी सिलसिले में वह अक्सर मुझसे मिलने मेरे ऑफिस में आ जाया करती थी और हम दोनों उसको लेकर बात करते थे। उस दिन भी सीमा मेरे बगल में बैठी हुई थी और मैं उसे बात कर रहा था लेकिन ना जाने क्यों उस दिन मेरा मूड उसके स्तनों को देखकर खराब होने लगा क्योंकि उसके स्तनों की लकीर पूरी बाहर की तरफ आ रही थी। मेरा लंड भी मेरी पैंट से बाहर झांकने लगा और उसने जैसे ही मेरे लंड को देखा तो वह भी समझ चुकी थी कि मुझे क्या चीज चाहिए। उसने जैसे ही अपने हाथों से मेरे लंड को पकड़ा तो मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा और अब उसने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर समा लिया। वह बहुत अच्छे से मेरे लंड को सकिंग करने लगी उसने मेरे लंड को इतने अच्छे से चूसा की मेरे लंड से पानी बाहर की तरफ निकलने लगा। मुझे बहुत ही अच्छा महसूस होने लगा मैंने भी उसके कपड़े उतारते हुए उसके कसे हुए स्तनों को अपने मुंह में ले लिया और उसके स्तनों को मैंने बहुत ही अच्छे से चूसा। उनसे कुछ दूध भी बाहर निकल रहा था और वह मे अपने मुंह में ही ले लेता। ऐसा काफी देर तक करने के बाद मैंने उसकी योनि को चाटने शुरू कर दिया और जब मैं उसकी योनि को चाट रहा था तो उसे बहुत तेज पानी का रिसाव होने लगा। मैंने उसके दोनों पैरों को चौड़ा करते हुए अपने लंड को उसकी योनि के अंदर डाल दिया। जैसे ही मेरा लंड उसकी योनि में गया तो वह चिल्ला उठी और उसे बहुत मजा आने लगा। वह अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर लेती और मैं उसे बड़ी तेज गति से धक्के मारता जाता। मैंने उसे इतने तेज झटके मारे कि मेरा वीर्य उसकी चूत में ही गिर गया। मैंने उसे घोडी बनाते हुए उसकी गांड को काफी देर तक चाटा जिससे कि उसकी पूरी गांड गिली हो चुकी थी और मैंने जैसे ही अपने लंड को उसकी गांड मे डाला तो वह चिल्ला उठी। जब मेरा लंड उसकी गांड के अंदर चला गया तो उसके मुंह से चीख निकल गई और वह बहुत जोर से चिल्लाने लगी। मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था जब मैं झटके दिए जा रहा था उसकी गांड से बहुत तेज खून निकल रहा था। मुझे बड़ा मजा आ रहा था जब मैं उसे इस प्रकार से धक्के दिया था वह भी पूरे मूड में आ गई और अब वह अपन गांड को हिलाने लगी। मुझे बड़ा मजा आ रहा था जब वह अपनी चूतडो को मुझसे सटाए जा रही थी और मैं भी उसे बड़ी तेजी से झटके दिए जा रहा था। उसकी गांड पूरी लाल हो गई उससे कुछ ज्यादा गर्मी बाहर आने लगी। मुझसे बिल्कुल भी उसकी गर्मी बर्दाश्त नहीं हो रही थी और उसी गर्मी के बीच में मेरा वीर्य पतन उसकी गांड के अंदर ही हो गया।


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