पड़ोस का चुदक्कड परिवार और मेरी अन्तर्वासना -1

Pados ka chudakkad pariwar aur meri antarvasna – 1

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हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम विनय है और मैं लखनऊ का रहने वाला हूँ | मेरा घर लखनऊ में गोमतीनगर में है और मेरे मम्मी पापा बंगलौर में रहते हैं | यहाँ मैं अकेला ही रहता हूँ | मेरी उम्र 25 है और दिखने में काफी अच्छा हूँ मैं | कल मैं Free Hindi Sex Stories पर कहानियां पढ़ रहा था तो सोचा की क्यूँ न मैं अभी अपनी कहानी सुनाऊं | चलिए अब मुद्दे पर आता हूँ |

दोस्तों, मेरे घर के आस पास काफी सारे प्लाट हैं यानि की घर नही बने हुए हैं | बस एक घर है पास में जो एक प्लाट छोड़ कर है | उसमे एक परिवार रहता है जो मैंने कई बार देखा है | उनके परिवार में रिज़वान नाम का आदमी, उसकी बीवी जिसका मुझे नाम नही पता और उनके 3 बच्चे जिसमे 2 लड़कियां और 1 लड़का है | लड़कियों को मैंने छत से कई बार देखा था | दोनों की दोनों माल हैं | एक की उम्र 22 के आस पास होगी और दूसरी 18 के आस पास होगी | दोनों के दूध बड़े हैं और गांड उठी हुई है | उनका पूरा परिवार दूध जैसा सफ़ेद है और काफी अमीर भी हैं वो लोग | मेरा कुछ ख़ास व्यवहार नही था उन लोगों से |

खैर, एक दिन की बात है | मैं रात में थोड़ी देर से घर आ रहा था | उस दिन मैं कार नही ले गया था इसीलिए पैदल ही आ रहा था | उनके घर के सामने से गुजरते हुए अचानक से मेरे कानों में सिसकियों की आवाज़ पड़ी | मैंने ध्यान दिया तो उनके ही घर से आ रही थी और 1 से ज्यादा मर्दों और 1 से ज्यादा औरतों की आवाज़ आ रही थी | पहले तो मुझे यकीन नही हुआ लेकिन फिर जब देर तक सुना तो वो लोग कह रहे थे – चोद दो बेटा, आह, उह्ह्ह ह ह ह हह ह्ह्ह्हह ह ह हह ह ह ह्ह्ह ह ह ह ऊ ऊ ऊ उ ऊऊ उ | उधर एक और आवाज आ रही थी – आ आह हह ह ह हह चोदो मुझे अब्बा, फाड़ दो मेरी चूत.. आह्ह ह ह ऊऊ उ उई ईई इ ई इ ई | अब मुझे पक्का यकीन हो गया की यहाँ ग्रुप में चुदाई हो रही है | मैंने कभी ग्रुप में या रिश्तों में चुदाई नही की थी इसीलिए मुझसे रहा नही गया | मैंने चारों तरफ देखा तो कोई नही था | अब मैंने चुपके से उनका गेट खोला और अन्दर चला गया | खिड़की पर पर्दा तो डाला हुआ था उन्होंने लेकिन हलकी सी जगह रह लगी थी | मैंने उसमे से देखा तो रिज़वान अपनी बड़ी बेटी को चोद रहा था | वो भी बड़ी मस्ती से चुदवा रही थी और आह्ह ह ह हह हह ह ऊ उ ऊ उ ऊ उ ईई इ ई इ ई ई ई ईईइ ई ईई करके सिसकियाँ ले रही थी | उधर उसी कमरे में पास में ही रिज़वान का बेटा अपनी माँ की चूत को पेल रहा था और उसके दूध दबा रहा था | रिज़वान की छोटी बेटी वहीँ खड़ी थी और अपनी चूत में ऊँगली कर रही थी |

मैं देख रहा था ये सब तो मुझे भी जोश आ गया | मैंने पैंट की चैन खोली और अपना लंड बाहर निकाल कर सहलाना शुरू कर दिया | मैं अभी ऐसा कर ही रहा था की अचानक से मेरे पैर से पास में रखा गमला गिर गया और आवाज़ हुई | मैं हडबडा गया | मैंने झट से लंड अन्दर किया और बहाना सोचने लगा | मैंने सोचा की अगर मैं भागूँगा तो ये लोग चोर समझेंगे | इसीलिए जैसे ही रिज़वान दरवाजे पर आये, मैंने तुरंत बोला – हेल्लो अंकल, मैं आपके पास में ही रहता हूँ | असल में मेरा फ़ोन ऑफ है और मुझे एक जरूरी कॉल करनी है अभी इसीलिए क्या मैं आपका फ़ोन यूज़ कर सकता हूँ ? रिज़वान पसीने से लथपथ थे | वो बोले – हाँ, ये तो पता है की तुम पास में ही रहते हो लेकिन दरवाजा कैसे खोला ? मैंने बोला – मैंने खटखटाया था लेकिन किसी ने खोला नही इसीलिए मैं बस अभी अन्दर आया तो ये गलती से गमला गिर गया | रिज़वान बोले – कोई बात नही, लेकिन आगे से ऐसे नही किया करो, लोग चोर समझ बैठेंगे | उन्होंने अपना फ़ोन किया तो मैंने जान के ऐसा नंबर मिलाया जो की स्विच ऑफ हो | जब फ़ोन स्विच ऑफ आया तो मैंने बोला – अभी ऑफ आ रहा है, अर्जेंट है इसीलिए शायद थोड़ी देर में ओन हो जाये | वो मज़बूरी में बोले – ठीक है, अन्दर आ जाओ तुम | मैं अन्दर गया तो वहां लाइट ओन थी | चुदाई बेडरूम में हो रही थी और मैं ड्राइंग रूम में था | रिज़वान ने मेन दरवाजा बंद किया और अन्दर आये |

अचानक से मैंने देखा की वो मेरे लंड की तरफ देख रहे थे | मैंने ध्यान दिया की मैं जल्दी में लंड अन्दर करते समय चैन बंद करनी भूल गया था | पैंट के ऊपर से ही साफ़ पता चल रहा था की मेरा लंड खडा है | मुझे लगा की मैं आज तो गया | रिज़वान बोले – बेटा, तुम्हारी उम्र में मैं भी रहा हूँ | पता है मुझे अच्छे से इस उम्र में क्या गुजरती है जवानी पर | मैंने जान बुझकर बोला – मैं समझा नही अंकल | वो बोले – बेटा, तुम्हारी खुली हुई चैन और वो उभार सब बता रहा है | मैं शरमा गया और गर्दन निचे कर ली | वो बोले – शरमाओ नही, उम्र ही ऐसी होती है ये | फिर वो मुझे अपने साथ लेकर बेडरूम में लेकर गये | वहां अभी चुदाई बंद थी और सबने चादर या कम्बल लपेट रखा था | अन्दर जाकर रिज़वान ने बाकी सबसे बोला – ये है विनय, हमारे पड़ोस में रहता है | क्या कहते हो सब लोग ? इसे शामिल कर लें हम अपनी मस्ती में ? कोई कुछ नही बोला और थोडा शर्माने लगे | रिज़वान बोले – अरे चिंता मत करो, ये भरोसेमंद इन्सान है और अजनबी नही है | अब सबने थोडा हाँ कर दी |

अब रिज़वान ने मुझे अपने सारे कपडे उतारने के लिए कहा | मुझे शर्म आ रही थी लेकिन अपनी अन्तर्वासना को शांत करने के लिए ऐसा करना भी जरूरी था | मैंने अपनी शर्ट उतार दी | मेरी फिट बॉडी और एब्स देखकर 18 साली वाली लड़की जिसका नाम सीमा था, वो मुस्कुराने लगी | अब मैंने अपनी पैंट भी उतार दी | मैं सिर्फ अंडरवियर में था और मेरा लंड खड़ा था ऐसा बाहर से ही पता लग रहा था | अब बाकी लोगों ने भी चादर उतार दी और रिज़वान भी नंगे हो गये | रिज़वान बोले – बताओ किसको चोदना है ? आज तुम पहली बार हमारे साथ कर रहे हो इसीलिए जिसपर हाथ रख दो उसकी चूत तुम्हारी | मैंने रिज़वान की बीवी की तरफ देखा | वो फिट थी | पेट भी नही निकला नही था और बूब्स बस थोडा सा लटके थे | मैंने रिज़वान की बड़ी बेटी की तरफ देखा तो वो भी मस्त लग रही थी | सेक्सी फिगर और चिकनी चूत की मालकिन को देखकर मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया था | अचानक से मेरी नज़र सबसे छोटी बेटी जिसकी उम्र 18 के करीब होगी और नाम सीमा था, उसकी तरफ पड़ी | सीमा के दूध छोटे छोटे थे | वो थोड़ी पतली थी और उसकी चूत किसी फूल की तरह छोटी सी, कसी सी थी | उसके चिकनी चूत को देखकर मेरा मन मचल गया | मैंने सोचा की बाकी दोनों को बाद में चोदता हूँ, पहले इस पर हाथ आजमाता हूँ |

मैंने उसकी तरफ इशारा किया तो रिज़वान बोले – वाह, मानना पडेगा तुम्हारी चॉइस को | तुम्हे वो कली चुनी है जो अभी तक फूल नही बनी | लो, आज तुम्ही बना दो इसी फूल वरना हम तो अभी कुछ साल बाद बनाते इसे | उसकी चूत कुंवारी है ये सुनकर मुझे मजा आ गया | अब मैं सीमा की तरफ गया और उसे उठाकर बेड पर लिटा दिया | मैंने उसे किस करना शुरू कर दिया | उधर रिज़वान अपनी बड़ी बेटी को चोदना शुरू कर चुके थे और उनका बेटा अपनी माँ के भोसड़े को फाड़ने में लग गया |

दोस्तों, आगे क्या हुआ ये मैं अगले भाग में बताऊंगा | तब तक के लिए इंतजार करिए |


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