ऑफिस में अपने जूनियर से अपनी चूत मरवाई

Office me apna junior se apni chut marwayi:

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मेरा नाम हर्षिता है और मैं एक मल्टीनैशनल कंपनी में नौकरी करती हूं। मैंने इसी वर्ष यहां पर जॉइनिंग की है क्योंकि मेरा कॉलेज इसी वर्ष पूरा हुआ था इसलिए मैंने यहां पर जॉइनिंग कर ली क्योंकि मुझे इस कंपनी में अच्छी सैलरी पैकेज मिल रहा था तो मैंने यहीं पर जॉइनिंग कर ली। मेरी उम्र 24 वर्ष है और मेरे पिता भी एक प्राइवेट संस्थान में नौकरी करते हैं। वह एक मैनेजर पद पर हैं और हम लोग जयपुर में रहते हैं। मेरी छोटी बहन भी है जिसके साथ मेरी बहुत ही अच्छी बनती है और मुझे कई बार ऐसा लगता है कि हम दोनों के बीच में बहुत अच्छी दोस्ती है लेकिन वह मुझसे बहुत छोटी है इसके बावजूद भी वह मुझे बहुत ही अच्छा मानती है और मेरी हर चीजों को वह पहले ही समझ जाती है। मेरा हमेशा का एक ही रुटीन होता था मैं सुबह घर से आती थी और शाम को घर चली जाती थी। मेरे कॉलेज के दोस्त मुझे मिलते तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता था।

एक बार मेरा एक दोस्त मुझे मिला और कहने लगा कि हम लोग सोच रहे हैं कि कॉलेज की कोई पार्टी की जाए जिसमें कि सब लोग आएं। जब उसने यह बात कही तो मैंने उसे कहा कि यह तो बहुत ही अच्छी बात है इस बहाने सब लोग मिल भी जाएंगे और काफी समय बाद एक दूसरे से मुलाकात करना बहुत ही अच्छा लगता है। उसने मुझे कहा कि मैं तुम्हें फोन कर दूंगा, जब मेरी सब लोगों से बात हो जाएगी और तुम कोई जगह देख लेना जहां पर हम लोग पार्टी करेंगे। फिर कुछ दिनों बाद उसका फोन आया और वह मुझे कहने लगा कि सब लोग पार्टी के लिए तैयार हो चुके हैं तो तुमने क्या कोई जगह देख ली है। मैंने उसे कहा कि हां मेरी बात हो चुकी है और तुम लोग भी मिल लो उसके बाद देख लो कि वहां पर कैसे अरेंजमेंट करना है। अब हम लोगों ने सब कुछ अरेंजमेंट कर लिया उसके बाद जब हम कॉलेज के दोस्तों से मिले तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा क्योंकि सब लोग काफी समय बाद एक दूसरे से मुलाकात कर रहे थे। सब लोग अपने काम में व्यस्त थे इसलिए किसी से मुलाकात नहीं हो पा रही थी और मेरे कॉलेज के दोस्त मुझसे मिलकर भी बहुत खुश हो रहे थे।

हम लोगों ने पार्टी को बहुत ही इंजॉय किया और उस पार्टी में मेरा एक कॉलेज का बहुत ही अच्छा दोस्त आया हुआ था। उसका नाम अजय  है। मैंने उससे पूछा कि तुम आजकल क्या कर रहे हो तो वह कहने लगा कि मैं आज कल अपना ही छोटा सा काम कर रहा हूं। हम दोनों की काफी बात हो रही थी तभी उसने मुझे कहा कि मेरा एक दोस्त है यदि तुम्हारी नजर में कहीं जॉब हो तो तुम उसके लिए जॉब देख लेना। उसने मुझे  उसका रिज्यूम दे दिया और जब उसने मुझे उसका रिज्यूम दिया तो मैंने उसे कहा कि तुम चिंता मत करो, मैं तुम्हारे दोस्त का अपने ही ऑफिस में करवा दूंगी और हम लोग पार्टी को इंजॉय करने लगे। जब हमारी पार्टी खत्म हो गई तो उसके बाद सब लोग अपने अपने घर चले गए। अगले दिन मैंने अपने ऑफिस में बात की और उस लड़के का हमारे ऑफिस में जॉब का हो गया। जब वह मुझसे मिलने आया तो वह कहने लगा कि आपने मेरी जॉब लगवा दी उसके लिए मैं आपको थेंक्यू कहने आया था। उसका नाम रमन है और वह अब हमारे ऑफिस में ही काम करने लगा था।

वह मुझसे बहुत ही बात किया करता था और मैं भी रमन से अच्छे से बात किया करती थी। उसे जब भी ऑफिस में कुछ दिक्कत होती तो वह मुझसे पूछ लिया करता था क्योंकि मुझे ऑफिस में थोड़ा समय हो चुका था इस वजह से मुझे पता था कि ऑफिस में कैसे काम करना है। रमन और मेरे बीच में बहुत ही अच्छी दोस्ती हो गई थी और वह मुझसे मेरे कॉलेज के बारे में भी पूछा करता था। मैं उसे बताती थी कि हम लोग कॉलेज में बहुत ही अच्छे से इंजॉय किया करते थे और सब लोगों के बीच में बहुत ही अंडरस्टैंडिंग थी। रमन मुझे कहने लगा कि मैंने आपकी फोटो देखी थी जो पार्टी आपने कुछ दिन पहले की थी, जिसमें आपके कॉलेज के सारे दोस्त आए थे। रमन एक बहुत ही अच्छा लड़का है और वह बहुत ही अच्छे से बात करता है। उसके बात करने का तरीका भी बहुत अच्छा है और जब वह इस प्रकार से बात करता है तो मुझे भी बहुत अच्छा लगता है कि वह बहुत ही सभ्य तरीके से बात कर रहा है। जब मैंने उससे पूछा कि तुम्हारे घर पर कौन-कौन है तो वह कहने लगा कि मेरे घर पर मेरे दो भाई हैं और मेरे पापा एक टीचर हैं।

रमन एक दिन मुझे अपने घर पर ले गया और कहने लगा कि मैंने घर पर आप की बहुत ही तारीफ की है और आपकी वजह से ही मुझे नौकरी मिली है यह भी मैंने अपने घर पर बता दिया था। जब मैं उसके घर पर गई तो उसके मम्मी और पापा मुझसे मिलकर बहुत खुश हुए। वो कहने लगे कि हम लोग तुम्हारा बहुत ही शुक्रियादा करते हैं की तुमने रमन की नौकरी अपने ऑफिस में लगवा दी। मैंने उन्हें कहा ऐसी कोई बात नहीं है। अजय मेरा बहुत ही अच्छा दोस्त है, इस वजह से मैंने रमन के लिए ऑफिस में बात कर ली थी और रमन की अपनी, खुद की भी मेहनत है उसकी अपनी खुद की क्वालिफिकेशन है, जिसकी वजह से उसे नौकरी मिली है। अब उसके घर पर मेरा जाना अक्सर होता रहता था और हम लोग और फोन पर भी बातें करने लगे थे। मुझे रमन के साथ बात करना बहुत अच्छा लगता था और वह भी मुझसे बहुत अच्छे से बात किया करता था। हम दोनों के बीच में नजदीकियां बढ़ती जा रही थी और मुझे भी ऐसा लग रहा था कि हम दोनों बहुत ही ज्यादा नजदीक आ चुके हैं।

मेरे और रमन के बीच बहुत ही नजदीक आ चुके थी। एक दिन रमन बहुत ही अच्छी शर्ट पहन कर आया हुआ था। मुझे उसकी शर्ट देख कर उत्तेजना आने लगी क्योंकि वह उसमे बहुत ही अच्छा लग रहा था। मैंने रमन से कहा कि तुम आज बहुत ही अच्छे लग रहे हो। मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और कुछ देर बाद उसकी छाती पर हाथ लगा दिया। जब मैंने उसकी छाती पर हाथ लगाया तो वह खुश हो गया वह उत्तेजित हो गया। मैंने उसके लंड को जोर से दबा दिया अब उसे बिल्कुल भी नहीं रहा गया। वह कहने लगा कि यहा पर हम ऐसा नहीं कर सकते अब हम दोनों ऑफिस के टेरेस में चले गए। जब हम दोनों वहां गए तो मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए। जब रमन ने मेरी गांड को देखा तो वह मेरी गांड को चाटने लगा और दबाने लगा। अब उसने मेरी चूत को भी चाटना शुरू कर दिया और बहुत अच्छे से मेरी चूत को चाट रहा था मेरी चूत से पानी निकलने लगा। कुछ देर बाद उसने मेरे स्तनों का भी अच्छे से रसपान करना शुरू कर दिया। मैंने उसके लंड को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया तो उसकी उत्तेजना पूरी बढ़ने लगी। वह मेरे गले के अंदर तक अपने मोटे लंड को डाल रहा था जिससे कि उसे बहुत मजा आ रहा था और वह ऐसे ही मेरे गले के अंदर धक्के मार रहा था। उसने मेरी चूत को दोबारा से चाटना शुरू कर दिया और मुझे घोड़ी बनाकर वह चोदने लगा।

जैसे ही उसने अपने लोड को मेरी योनि में डाला तो मैं उछल पड़ी और मुझे बहुत ही लगा। उसने मेरी चूतडो को इतना कसकर पकड़ा था कि मैं हिल भी नहीं पा रही थी और मैं अपने मुंह से आवाज निकालने जा रही थी। मेरे मुंह से बड़ी तेज तेज आवाज निकल रही थी और वह मुझे बड़ी तेजी से चोदे जा रहा था। मुझसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हुआ तो मैं भी अपनी चूतडो को उसके लंड से मिलाई जा रही थी। वह बडी तेजी से धक्के मार रहा था जब मै अपन चूतडो को उसके लंड से मिला रही थी। वह बहुत ही खुश हो रहा था जब वह मुझे चोद रहा था और कह रहा था तुम्हारी चूत तो बहुत ही टाइट और मुलायम है। वह अब भी मुझे ऐसे ही धक्के दिया जा रहा था और उन्हें झटको के बीच में उसका वीर्य तेजी से मेरी योनि के अंदर जा गिरा। मैंने उसके लंड को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। मैं उसके लंड को चूस रही थी और उसे बहुत ही अच्छा लग रहा थी।  कुछ देर तक मैने उसका लंड चूसना जारी रखा उसका माल मेरे गले के अंदर ही गिर गया वह खुश हो गया। उसके बाद हमने अपने कपड़े पहने और अपने ऑफिस में चले गए।


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