ऑफिस में आए नए लड़के को अपना जीवन साथी बनाया

Office me aaye naye ladke ko apna jeevan sathi banaya:

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मेरा नाम दीपा है और मैं अपनी एक बहुत बड़ी कंपनी चलाती हूं। मुझे शुरुआती दौर में इस कंपनी को चलाने में बहुत ही समस्याओं का सामना करना पड़ा। जिस वजह से मेरे घर में मेरे पति से बिल्कुल भी नहीं बन पाई और जब मेरे पास समय हुआ तो उनके पास मेरे लिए वक्त नहीं था। मेरी उम्र अभी सिर्फ 33 वर्ष की है और अभी तक हमारा कोई बच्चा भी नहीं हो पाया। मुझे कई बार इस चीज का दुख भी होता है परंतु मुझे अपना कैरियर बनाना था। उसके बाद ही मैं इन सब चीजों के बारे में सोचना चाहती थी। पर ना जाने कब वक्त बीतता गया और समय बहुत ज्यादा तेजी से आगे बढ़ गया। मेरी उम्र 33 वर्ष हो चुकी है और मुझे अब बच्चा नहीं हो रहा है। हम लोगों ने कई जगह डॉक्टर को भी दिखा दिया। परंतु किसी भी डॉक्टर के इलाज से कोई फर्क नहीं पड़ता। मेरे घर में मेरी सास और मेरे ससुर मुझसे बहुत ही गुस्सा रहते हैं और वह हमेशा ही मुझे ताने मारते रहते हैं और मेरे पति भी अब उनका पूरा साथ देते हैं और वह भी मुझ पर ताने मारते रहते हैं।

वह हमेशा कहते हैं कि ऐसे पैसे का क्या करना जब हमारी कोई औलाद ही नहीं है। मैं इस बात से चुप हो जाती और उन्हें कुछ नहीं कहती थी। परंतु मुझे भी बहुत बुरा लगता था। जब वह इस प्रकार से मुझे कहते थे। मुझे बहुत ही गुस्सा आता था परंतु मैं चुप हो जाती थी। एक बार मेरे पापा हमारे घर पर आए थे और बहुत ही खुश थे जो वह मुझसे मिले थे। वह काफी समय बाद मुझसे मिले थे और मैं उनसे मिलकर बहुत खुश थी। परंतु मेरे पति ने उन्हें भी ताने मारना शुरू कर दीया और उसके बाद से मेरे पापा हमारे घर कभी नहीं आए। वह बहुत ही ज्यादा दुखी हो गए थे और वह जब भी मुझसे फोन पर बात किया करते तो मुझे बहुत ही ज्यादा बुरा लगता है। मुझे ऐसा लगता था जैसे वह कहीं ना कहीं इस बात से बहुत ज्यादा दुखी हैं और उनके दिल पर इस बात का बहुत बुरा प्रभाव पड़ा है।

मेरे पास पैसे होने के बावजूद भी कुछ भी नहीं था और मेरे पति का अफेयर किसी लड़की से भी चलने लगा था। एक बार जब मैं अपने ऑफिस से घर आ रही थी तो मैंने उन्हें किसी लड़की के साथ देख लिया था और जब मैंने उनसे इस बारे में बात की तो वह कहने लगे की मेरा अफेयर किसी से भी चल रहा हो तुम्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। तुम मुझे खुशियां नहीं दे पा रही हो, इसलिए मुझे अपनी खुशियों को यूं ढूंढनी पड़ रही है। जब उन्होंने यह बात कही तो उसके बाद से मुझे ऐसा लगा कि शायद अब मेरे पति के दिल में मेरे लिए बिल्कुल भी जगह नहीं बची है और वह मुझसे बहुत दूर जा चुके हैं। इसलिए मैंने भी अपना रास्ता अलग कर लिया और सोचा कि मैं अलग ही रहने लग जाती हूं। मैंने इस बारे में अपने पिताजी से भी बात की पर वह कहने लगे कि यह तुम्हारे लिए अच्छा नहीं होगा। यदि तुम उनसे अलग रहोगी तो वह तुम्हारे बारे में गलत सोचेंगे। उन्होंने मुझे साफ शब्दों में मना कर दिया। इस वजह से मैंने अलग जाने की ना सोच कर उनके साथ ही रहने का सोचा। मैं उनके साथ रहते हुए भी उनके साथ नहीं होती थी। क्योंकि मैं मन से बिल्कुल भी अपने पति के साथ नहीं थी।

मुझे भी कोई ऐसा शख्स चाहिए था जिससे मैं अपने दिल की बात कह सकूं या फिर वह मुझे समझ सके लेकिन मेरे पास ऐसा कोई भी करीबी नहीं था जिसे मैं अपने दिल की बात बता पाती। एक दिन हमारे ऑफिस में एक लड़का इंटरव्यू देने के लिए आया। वह दिखने में बहुत ही अच्छा था और उसकी कद काठी भी बहुत अच्छी थी। उसका नाम अरविंद था और जब मैंने उसका इंटरव्यू लिया तो उसकी क्वालिफिकेशन के हिसाब से मैंने उसे सिलेक्ट कर लिया और उसे सारा काम समझा दिया था कि हमारे ऑफिस में क्या काम होता है। वह फ्रेशर ही था और वह बहुत ज्यादा खुश था। क्योंकि मैंने उसे एक अच्छा सैलरी पैकेज दिया। अरविंद काम भी बहुत अच्छा कर रहा था और मैं उसके काम से बहुत ही खुश थी। वह यदि कोई गलती भी कर देता तो मैं उसे माफ कर दिया करती थी। क्योंकि उसे मैं कहीं ना कहीं दिल से पसंद करने लगी थी और उसे भी इस चीज का आभास हो चुका था।

एक दिन मैंने उसे अपने बारे में सब कुछ बता दिया। जब मैंने उसे अपने बारे में सब कुछ बताया तो वह कहने लगा कि यह तो बहुत ही गलत बात है और हम दोनों के बीच में करीबियां बढ़ने लगी। मुझे पता ही नहीं चला कब हम दोनों इतने करीब आ गए कि हम दोनों एक साथ घूमने जाने लगे। मैं उसे कई बार अपने साथ मूवी दिखाने भी लेकर जाती थी। मैंने भी उससे अपने दिल की बात कह दी और वह भी मुझे कहने लगा कि मुझे तो बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि आप जैसी महिला के साथ मैं रिलेशन में हूं। अब वह ऑफिस में अच्छे से काम संभालने लगा। मैं यदि कभी अपनी मीटिंग से बाहर भी चली जाती तो वह सारा काम संभाल लिया करता था। मैं भी उसके साथ अपना जीवन बिताने की सोच रही थी और वह भी मेरे साथ जीवन बिताना चाहता था।

एक दिन मैं अपने ऑफिस में काम कर रही थी तभी अरविंद आ गया और उसका लंड खड़ा हो रखा था। मैंने जब उसके लंड पर हाथ लगाया तो उसका लंड खड़ा हो रखा था। मैंने तुरंत ही उसकी पैंट से उसके लंड को बाहर निकालते हुए अपने मुंह में समा लिया। मै बड़े ही अच्छे से उसके लंड को सकिंग करने लगी। अब उसका पूरा लंड खड़ा हो गया और मैंने उसके अपने गले तक उतार लिया। मुझे बड़ा मजा आ रहा था जब इतने सालों बाद मैंने किसी के लंड को अपने मुंह में लिया था। मैं उसके लंड को इतने अच्छे से चूस रही थी कि उसे बहुत ही मजा आ रहा था। वह कह रहा था आप मेरे लंड को बड़े ही अच्छे से चूस रहे हो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। अब उसने भी मेरे सारे कपड़े खोलते हुए मुझे सोफे पर लेटा दिया और मेरे स्तनों का रसपान करने लगा। वह बहुत ही अच्छे से मेरे स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूस रहा था जिससे कि मुझे बड़ा ही मजा आ रहा था। मुझे ऐसा लगता जैसे वह मेरे स्तनों से मेरा दूध भी पी रहा था। अब उसने मेरे दोनों पैरों को चौड़ा करते हुए मेरी योनि को चाटना शुरू किया वह मेरी योनि को इतने अच्छे से चाट रहा था कि मेरी योनि से चिपचिपा पदार्थ निकलने लगा वह उसे अपने मुंह के अंदर समा लेता। अब उसने मेरी चूत पर जैसे ही अपने लंड को सटाया तो उसने धीरे धीरे मेरे योनि के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाना शुरू कर दिया। जैसे ही मेरी योनि में उसका लंड गया तो मेरे गली से एक बहुत बड़ी चीख निकल पड़ी और मुझे ऐसा लगा जैसे मेरा कई वर्षों से जो सपना अधूरा रह गया था वह पूरा हो गया।

वह मुझे ऐसे ही बड़ी तेजी से झटके दिए जा रहा था और मुझे बहुत ही आनंद आ रहा था। जब वह मुझे झटके दिए जाता तो मैं भी उसका पूरा साथ देती और वह भी मेरा पूरा साथ दे रहा था। वह मुझे बड़ी तेज तेज धक्के दे रहा था जिसे मेरा पूरा शरीर गरम होने लगा था और अरविंद का शरीर गर्म हो चुका था। कुछ देर बाद उसने मुझे अपने ऊपर से लेटा दिया और मेरी चूत के अंदर अपने लंड को डाल दिया। जैसे ही उसने मेरी चूत के अंदर अपने लंड को डाला तो मैं उछल पडी। वह बड़ी तेजी से अपना लंड मेरी बड़ी-बड़ी चूतडो से लगता तो वह पूरा उत्तेजना में आ जाता। वह मुझे तेज तेज झटके मार रहा था। मुझे वह इतनी तेजी से चोद रहा था जिससे कि मेरा पूरा शरीर टूटने लगा मुझे बहुत मजा आ रहा था। उसने भी बड़ी तेजी से मुझे झटके देने शुरू किए और मैंने भी बड़ी तेजी से अपने चूतडो को हिलाना शुरू कर दिया। उसे भी बहुत मजा आ रहा था और मुझे भी बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। लेकिन मुझे नहीं पता था कि मैं झड़ने वाली हूं और जब मैं झड़ गई तो मै ऐसे ही उसके ऊपर बैठी हुई थी। अरविंद मुझे इतनी तेजी से धक्के दे रहा था कि मेरा शरीर पूरा कांपने लगा था और वह बड़ी तेज तेज मुझे चोद रहा था। एक समय बाद मेरी योनि के अंदर उसका माल चला गया और जब उसका माल मेरी योनि में गया तो मै भी शांत हो गई।


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