ऑफिस के माल लड़की को गैलरी में चोदा

Office ki maal ladki ko gallery me choda:

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मेरा नाम सोहन है और मैं एक कंपनी में जॉब करता हूं। मेरी उम्र 28 वर्ष है और मेरे ऑफिस में सब मुझे हैंडसम ब्वॉय कहकर बुलाते हैं लेकिन मेरी आज तक कोई भी गर्लफ्रेंड नहीं बनी और ना ही मैंने कभी किसी को गर्लफ्रेंड बनाने की कोशिश की। मुझे कुछ लड़कियां पसंद आई थी लेकिन मैं कभी भी उनकी तरफ नहीं गया और ना ही उनसे मैंने बात की। मैं शुरू से ही अपने काम में ध्यान दिया करता था और जब मैं कॉलेज में भी था तो सिर्फ मुझे अपनी पढ़ाई से ही मतलब रहता था। अब मैं ऑफिस में आ चुका हूं तो मेरा थोड़ा नेचर बदलता चला गया क्योंकि ऑफिस में लड़कों के अंदर थोड़ी मच्योरिटी आ जाती है इसलिए मेरे अंदर भी अब थोड़ा मेच्योरिटी आ चुकी है और मैंने भी अपने आप को बदलने की कोशिश की है। समय के साथ साथ अब मैं भी बदलने लगा हूं। मुझे भी लगता है कि मुझे भी किसी को गर्लफ्रेंड बनाना चाहिए।

हमारे ऑफिस में कई लड़कियां हैं पर फिर भी मुझे किसी से बात करना अच्छा नहीं लगता और ना ही उनमें से मुझे कोई लड़की पसंद है लेकिन वह लडकियां हमेशा मेरी तरफ देखती रहती हैं और वह चाहती हैं कि किसी ना किसी तरीके से वह मुझे अपना बॉयफ्रेंड बना ले। पर मैं किसी को भी भाव नहीं दिया करता था। एक दिन हमारे ऑफिस में एक लड़की इंटरव्यू देने आई। मेरी नजर उससे हट ही नहीं रही थी और मैं सिर्फ उसे ही देखे जा रहा था। अब मैं उसे घूर घूर कर देखने लगा और वह इंटरव्यू देकर अपने घर चली गई लेकिन मुझे नहीं पता था कि उसका सलेक्शन हमारे ऑफिस में हो जाएगा और जब वह हमारे ऑफिस में आई तो हमारे ऑफिस के सारे लड़के उसके पीछे पड़े हुए थे। मैं भी सोच रहा था कि मुझे उससे बात करनी चाहिए। उसका नाम गीतिका था और वह बहुत ही सुंदर लड़की थी। ऑफिस के सारे लड़के उसके पीछे हाथ धोकर पड़े हुए थे और किसी ना किसी तरीके से वह उस पर डोरे डालते रहते थे वह चाहते थे कि गीतिका उनसे बात कर ले लेकिन गीतिका उनके साथ बात नहीं करती थी क्योंकि उसे पता था कि वह लोग उसके पीछे ही पड़े हैं, इस वजह से वह अपने आप में ही बिजी रहती थी और सिर्फ ऑफिस के काम मे ही लगी रहती थी।

मुझे ऐसा लगता था कि गीतिका मुझे देखा करती है और जब गीतिका मुझे देखती तो मैं उसे देख कर एक स्माइल पास कर दिया करता था। मैंने भी उससे बात करना शुरू कर दिया था और एक दिन मैं उससे बात करने लगा और वह भी मुझसे बहुत अच्छे से बात कर रही थी। हमारे ऑफिस के सब लड़के मेरी तरफ देख रहे थे वह मुझसे जल रहे थे। हम दोनों के बीच बहुत बातें पढ़ने लगी थी। जिस दिन हमारी छुट्टी थी उस दिन मैंने गीतिका को कहा कि हम लोग कहीं घूमने चलते हैं। उसने कहा ठीक है हम लोग घूमने चलते हैं। अब मैं सुबह उसके घर उसे लेने के लिए पहुंच गया। जब मैं उसके घर पहुंचा। वह जब तैयार हो कर आई तो बहुत ही अच्छी लग रही थी। उसने गुलाबी रंग का सूट पहना हुआ था जिसमें वह बहुत ही सुंदर लग रही थी और मैं उसे देखे जा रहा था। जब वह मेरे बगल में बैठी तो मैं कार ड्राइव करने लगा और मैं सिर्फ उसी की तरफ देखे जा रहा था। अब वह मुझे देख कर मुस्कुरा रही थी। मैंने भी उसके हाथों को पकड़ लिया और उसने भी मेरे हाथों को पकड़ लिया। मैं भी समझ चुका था कि उसके दिल में मेरे लिए कुछ ना कुछ तो चल रहा है। मैं गाड़ी ड्राइव कर रहा था और उसे देखे जा रहा था। मैं उसे वाटर पार्क ले गया और हम दोनों वहां पर बहुत इंजॉय कर रहे थे। हम दोनों ने उस छुट्टी का पूरा मजा लिया और गीतिका मेरे साथ घूम कर बहुत खुश थी। जब हम लोग एक रेस्टोरेंट में बैठकर लंच कर रहे थे तो वह मुझसे कह रही थी कि तुम्हारे साथ समय बिता कर मुझे बहुत ही अच्छा लगा । मैंने उसे कहा कि मुझे भी तुम्हारे साथ समय बिता कर बहुत ही अच्छा लगा और मुझे ऐसा लगता है कि जैसे मैं तुम्हारे साथ ही समय बिताता रहा हूं। यह बात सुनकर गीतिका बहुत ही खुश हो गई और अब हम दोनों के बीच में बहुत ही ज्यादा नजदीकी होने लगी। पर मुझे ऐसा लगने लगा कि गीतिका मुझे प्रपोज करेगी लेकिन वह भी यही सोच रही थी कि मैं उसे प्रपोज करूं। हम दोनों ने प्रपोज नहीं किया था और हम दोनों एक दूसरे के साथ समय बिताना बहुत पसंद करते थे। ऑफिस में वह मेरे लिए टिफिन लेकर आती थी और मैं उसके साथ ही टिफिन शेयर किया करता था। मैं जब भी गीतिका की तारीफ करता तो वह शर्मा जाति और मुझ पर अपने हाथ से मार दिया करती थी। मुझे बड़ा अच्छा लगता है जब गीतिका इस तरीके से मेरे साथ किया करती थी। हम दोनों फोन पर भी बहुत ज्यादा बातें करते थे और एक दिन मैंने उसे अपने घर पर भी बुलाया और अपने घर वालों से मिलवाया। अब हम दोनों अक्सर घूमने चले जाते थे।

एक दिन मैंने गीतिका को प्रपोज कर ही दिया। जब मैंने उसे गुलाब का फूल दिया तो वह बहुत ही खुश हो गई और उसने मुझे गले लगा लिया। जब उसने मुझे गले लगाया तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा। ऑफिस में भी हम दोनों साथ में बहुत समय बिताते थे।  जब हम दोनों ऑफिस में होते तो मैं अक्सर उसे किस कर लिया करता था लेकिन एक दिन मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं गया मैंने उसे कहा कि मुझे आज तुम्हें चोदना है। वह कहने लगी ठीक है हम लोग ऑफिस के पीछे की तरफ चलते हैं। हम लोगों के ऑफिस के पीछे एक गैलरी थी हम लोग वहां चले गए और हम लोगों ने कुंडी लगा दी। अब हम दोनों किस करने लगे और बहुत ही अच्छे से हम दोनों किस कर रहे थे। गीतिका भी मेरे होठों को बहुत अच्छे से चूस रही थी और मैं भी उसके होठों को बहुत अच्छे से रसपान कर रहा था। मैंने उसके स्तनों को उसके कपड़ों से बाहर निकाल दिया और उसे अच्छे से चूसने लगा। मैं उसके स्तनों को बहुत अच्छे से अपने मुंह में लिए जा रहा था उसे भी बहुत अच्छा लग रहा था जब मैं उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूस रहा था। काफी देर तक मैंने ऐसा ही किया उसके बाद उसने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लेते हुए चूसने लगी। वह जब मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर बाहर करती तो मुझे बड़ा ही अच्छा लगता और मैं भी उसके मुंह के अंदर धक्का मार देता। जिससे कि उसके गले से आवाज निकल जाती अब उसने अपने सलवार को नीचे करते हुए अपनी चूतडो को मेरी तरफ कर दिया।

मैंने जब उसकी चूतडो को चाटा मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। मैं जैसे ही उसकी चूत के अंदर अपनी जीभ को डालता तो वह उत्तेजित हो जाती और मचलने लग जाती। मैंने अब जैसे ही अपने लंड को उसकी योनि में डाला तो उसकी चूत से खून निकलने लगा। मुझे बड़ा ही अच्छा लगने लगा मै उसे ऐसे ही धक्के दे रहा था और मैंने उसके चूतड़ों को कसकर पकड़ लिया जिससे कि वह कहीं भी नहीं हिल पा रही थी। वह भी अपने चूतड़ों को मुझसे मिलाने लगी और मैं भी उसे बड़ी तेजी से चोदता जा रहा था। जिससे कि उसका शरीर पूरा गर्म  होने लगा मेरा शरीर भी पूरा गर्म होने लगा लेकिन मुझे अब भी मजा आ रहा था। मैं उसे ऐसे ही धक्के मारे जा रहा था वह भी अपनी चूतड़ों को मुझसे मिला रही थी और बहुत ही खुश हो रही थी। मैंने भी उसे बहत तेज चोदना शुरू कर दिया जिससे कि उसका पूरा बदन टूटने लगा और वह झड़ चुकी थी। वह मेरे सामने ऐसे ही खड़ी थी मेरा कुछ समय बाद वीर्य गिर गया। मैंने उसकी योनि के अंदर ही अपने माल को गिरा दिया और उसके बाद हम दोनों ऑफिस में चले गए। जब हम लोग ऑफिस में गए तो उसकी चूत से वीर्य टपक रहा था। गीतिका मुझे कहने लगी कि मेरी चूत से तुम्हारा माल अभी तक टपक रहा है मुझे बहुत ही अनकंफरटेबल सा हो रहा है। उसके बाद वह बाथरूम में चली गई और उसने अपनी चूत को अच्छे से साफ किया। उसके बाद वह ऑफिस में आ गई और कहने लगे कि मुझे आज बहुत ही मजा आया तुम्हारे साथ सेक्स करते हुए। उसके बाद हम दोनों अक्सर सेक्स कर लिया करते हैं और हम दोनों का रिलेशन भी बहुत अच्छा चल रहा है।


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