नई नवेली चूत के मजे

Nayi naveli chut ke maje:

antarvasna, kamukta मेरी पहली बार अंजली से फेसबुक के द्वारा बात हुई, अंजली कर्नाटका की रहने वाली है और मैं विदेश में ही पला बढ़ा हूं। उससे जब मेरी पहली बार बात हुई तो उससे मुझे अपना एक लगाव सा महसूस होने लगा और हम दोनों एक दूसरे के साथ बिना बात किए हुए नहीं रह पाते थे, मैंने अंजली से मिलने की सोची लेकिन उससे मिलने के लिए मुझे समय नहीं मिल पा रहा था। एक दिन मैं अपने फेसबुक अकाउंट पर अपने दोस्तों की फोटो देख रहा था तभी मैंने अंजली की प्रोफाइल भी अपने दोस्त के अकाउंट में देखी मुझे उसे देख कर अच्छा लगा और मैंने उसे उसी वक्त फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दी जब मैंने उसे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी तो उसने मेरी फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली और सबसे पहले उसने मुझसे पूछा कि क्या हम दोनों एक दूसरे को जानते हैं? मैंने उसे कहा मैं आपको तो नहीं जानता लेकिन मैंने आपकी प्रोफाइल अपने दोस्त गगन के अकाउंट में देखी तो सोचा आपको फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दूँ।

हम दोनों की चैट के द्वारा ही बात हो रही थी हम दोनों काफी देर तक एक दूसरे से बातें करते रहे थे मुझे बिल्कुल भी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि मैं पहली बार अंजली से बात कर रहा हूं वह बड़ी ही फ्रैंक और बिंदास लड़की है। पहले दिन हम दोनों की बातें चैट के द्वारा दो घंटे तक हुई उसके बाद हम दोनों की बातें एक-दो दिन छोड़कर होने लगी धीरे-धीरे समय बीतता गया और हम दोनों एक दूसरे से काफी बातें करने लगे जब हम दोनों एक दूसरे से बात करते हैं तो मुझे भी उससे बात कर के बहुत अच्छा लगता और अंजली भी मुझसे बात करके बहुत खुश होती, मुझे ऐसा लगने लगा था कि जैसे वह मेरे मैसेज का इंतजार बेसब्री से करती है। अंजली अपने जीवन में जो भी नया करती वह सब मुझे हमेशा बताती, उस वक्त उसने किसी स्कूल में पढ़ाना शुरू किया था तो उसने मुझे वह भी बताया कि मैंने एक नए स्कूल में पढ़ाना शुरू किया है वह बहुत ही खुश थी और उसके स्कूल में कुछ नए दोस्त भी बने थे वह उनकी तस्वीरें भी मुझे हमेशा भेजा करती, जब अंजली को अपने जीवन की पहली सैलरी मिली तो वह बहुत खुश थी और उस दिन वह मुझे कहने लगी सतीश आज मैं बहुत खुश हूं मुझे आज अपने जीवन की पहली तनख्वाह मिली है।

उसने मुझे कहा यदि तुम मेरे साथ होते तो हम दोनों आज एक साथ समय बिताते, मैंने उसे कहा अंजली मैं भी हमेशा सोचता हूं कि मैं तुमसे मिलने आऊं परंतु मुझे समय बिल्कुल भी नहीं मिल पाता है इसलिए तुमसे मिल पाना संभव नहीं हो पा रहा है लेकिन फिर भी मैं कोशिश करूंगा कि मैं जल्दी ही तुमसे मिलने के लिए आऊँ। हम दोनों ने एक दूसरे से अपने दिल की बातें नहीं कही थी हम दोनों एक दूसरे से हमेशा ही बात किया करते थे, अंजली मुझे कहती कि मुझे तुमसे मिलना है,  मुझे अंजली से बात करते हुए एक साल से ऊपर हो चुका था हम दोनों हमेशा चैट पर ही बातें किया करते और मुझे अंजली के साथ चैट पर बातें करना अच्छा लगता था। एक समय ऐसा आया जब अंजली के लिए शादी के रिश्ते आने लगे अंजली मुझे कहने लगी कि मेरे लिए अब शादी के रिश्ते आने लगे हैं लेकिन मैंने अभी तक किसी भी लड़के को शादी के लिए हां नहीं कही है, मैंने अंजली से कहा यदि तुम्हें कोई अच्छा लड़का मिलता है तो तुम उसके साथ शादी कर सकती हो अंजली ने उस दिन भी मुझसे अपने दिल की बात नहीं कही और मैंने भी अंजली से कुछ नहीं कहा क्योंकि मैं कभी अंजली से मिला नहीं था लेकिन वह जैसे मेरे जीवन का एक हिस्सा बन चुकी थी, मैं अंजली से हमेशा चैट के द्वारा बातें किया करता धीरे-धीरे समय बीतता जा रहा था और एक दिन अंजली ने मुझसे अपने दिल की बात कह दी वह कहने लगी सतीश मुझे तुमसे मिलना है क्या तुम मुझसे मिलने आ सकते हो? मैंने अंजली से कहा ठीक है अंजली मैं कोशिश करता हूं कि तुमसे मिलने आ जाऊं। मैंने भी अब अंजली से मिलने की सोच ही ली थी मैंने अपने माता पिता से कहा कि मुझे कुछ जरूरी काम से चेन्नई जाना है, वह कहने लगे की वहां पर हमारे एक परिचित रहते हैं तो तुम उन्ही के पास चले जाना, मैंने अपने माता पिता से कहा नहीं वहां पर मेरा एक दोस्त है मैं उन्हीं के साथ रहूँगा। मैंने जब यह बात अंजली से कहीं तो अंजली मुझे कहने लगी क्या तुम वाकई में मुझसे मिलने आ रहे हो? मैंने उसे कहा हां मैं तुमसे मिलने के लिए आ रहा हूं।

अंजली बहुत ही बेसब्री से मेरा इंतजार कर रही थी और मेरे दिल में भी उसे मिलने की एक अलग ही फीलिंग थी क्योंकि मैं भी पहली बार अंजली से मिलने वाला था हम दोनों ने फैसला किया था कि हम दोनों चेन्नई में ही एक दूसरे को मिलेंगे, मैं जैसे ही चेन्नई एयरपोर्ट पर पहुंचा तो मैंने अंजली से संपर्क किया मैंने जब पहली बार अंजली को देखा तो उसके चेहरे की रौनक और उसके चेहरे की मुस्कान देखकर मैं उस पर पूरी तरीके से फिदा हो गया मैंने अभी तक सिर्फ उसकी तस्वीर ही देखी थी लेकिन जब हकीकत में उसे अपने सामने देखा तो मुझे ऐसा लगा जैसे कि मेरे सपनों की राजकुमारी मुझे मिल गई हो। मैंने जब उसके पिंक होठों को देखा तो मुझे उनकी लालिमा को अपने होठों से चूमने का मन होने लगा लेकिन वहां पर काफी लोग थे इसलिए मैंने सिर्फ अंजली को गले लगाया। वह मुझसे गले लग कर बहुत खुश थी जब उसके बड़े बड़े स्तन मुझसे टकरा रहे थे तो मुझे और भी मजा आ रहा था, उसका फिगर बड़ा ही सॉलि़ड था उसकी गांड का साइज 38  था उसके स्तन काफी बड़े थे। अंजली मुझसे पूछने लगी हम लोग कहां चले ? मैंने उसे कहा मैंने अपने लिए होटल में रूम बुक किया है अगर तुम्हें कोई आपत्ति नहीं हो तो हम लोग वहां पर चलते हैं। अंजली और मेरे बीच कभी भी एक दूसरे के साथ सेक्स को लेकर चर्चाएं नहीं हुई थी लेकिन उस दिन मुझे अंजली को चोदने का मन होने लगा।

हम दोनों होटल के रूम में चले गए मैंने अंजली से पूछा भी था क्या तुम्हें मेरे साथ आने में कोई दिक्कत तो नहीं है। वह मुझे कहने लगी नहीं सतीश मुझे कोई भी प्रॉब्लम नहीं है। हम दोनों होटल के रूम में एक दूसरे के आमने सामने बैठे हुए थे, हम दोनों आपस में बातें कर रहे थे लेकिन मेरा ध्यान तो सिर्फ अंजली के स्तनों पर था। मैं मन ही मन सोचने लगा अंजली से सेक्स को लेकर कैसे बातें करूं, मेरी हिम्मत भी नहीं हो रही थी। मुझे नहीं पता था कि अंजली के दिल में भी मेरे लिए कुछ चल रहा है और उसे भी मेरे साथ सेक्स करने की इच्छा है। जब उसने अपने दोनों पैरों को चौड़ा किया तो उसने जो स्कर्ट पहनी हुई थी उससे उसकी लाल रंग की पैंटी दिखाई देने लगी। वह पैंटी इतनी ज्यादा चमक रही थी कि मेरा ध्यान कहीं भी नहीं जा रहा था। मैंने अंजली के पास बैठना उचित समझा मैं अंजली के पास बैठ गया और अंजली से कहा तुम्हारी लाल रंग की पैंटी दिखाई दे रही है। उसने मुझे कुछ भी नहीं कहा उसके बाद तो जैसे हम दोनों एक दूसरे की बाहों में आ गए।

मैंने अंजली के गुलाबी होठों को अपने होठों में लेकर चूसना शुरू कर दिया मैने उसके होठों का रसपान जमकर किया, जब मैंने अंजली की पैंटी पर हाथ लगाया तो उसकी पैंटी पूरी गीली हो चुकी थी वह बिल्कुल भी सब्र नहीं कर पा रही थी। अंजली मुझसे कहने लगी सतीश तुम जल्दी से मेरी इच्छा पूरी कर दो मैं अब ज्यादा देर तक अपने आपको नहीं रोक पाऊंगा। मैंने भी जल्दी से उसकी पैंटी को उतारते हुए उसे बिस्तर पर लेटा दिया। उसने अपने सारे कपड़े खोल दिए, उसके गोरे स्तन देखकर मेरा लंड और भी तन कर खड़ा हो गया। मैंने उसके स्तनों का भी जमकर रसपान किया जब मैंने उसकी नई नवेली चूत के अंदर अपने लंड को डाला तो उसकी चूत से जो खून की धार बाहर निकली उससे मेरी उत्तेजना दोगुनी बढ गई। मैंने अंजली के दोनों पैरों को चौड़ा करते हुए उसे धक्के देने शुरू कर दिए जैसे जैसे मेरा लंड उसकी चूत के अंदर बाहर होता वैसे ही उसकी चूत की चिकनाई और भी ज्यादा बढ़ जाती, मुझे उसकी चूत में लंड डालने में आसानी होती। उसकी टाइट चूत का मजा में ज्यादा देर तक नहीं ले पाया जब मेरा वीर्य पतन हुआ तो मुझे बहुत अच्छा लगा। उसके कुछ समय बाद में वापस ऑस्ट्रेलिया चला गया अंजली अब भी मेरे लिए तड़प रही है।


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