नया लंड लेने का मौका मिला

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Naya lund lene ka mauka mila मेरा नाम ममता है मैं रायपुर में रहती हूं मेरी शादी तीन साल पहले हुई थी और मेरे पति मैनेजर हैं। एक बार मेरे पति को दिल्ली के निकट नई कंपनी खोलने की संभावनाओं का पता लगाने के लिए भेजा गया वहां उन्हें लगभग एक सप्ताह के लिए रहना था। मैंने उन्हे किसी तरह मनाया और फिर वह मुझे साथ ले जाने के लिए राजी हुए। मेरे पति का एक पुराना दोस्त है जो दिल्ली मे रहता है उसके परिवार के साथ हम कुछ समय बिताने चाहते थे मैंने अपने पति से कहा कि वह उनको फोन कर के इस बारे में जानकारी दें लेकिन वह उसे सरप्राइस देना चाहते थे। मैंने अपने पति से पूछा क्या आपको अपने दोस्त का घर मालूम है तो वह कहने लगे कि उसके घर का पता तो मुझे नहीं है परंतु मैं अपने एक पुराने दोस्त से उसके घर के बारे में पूछता हूं शायद उसे इस बारे में कुछ पता हो। मैं और मेरे पति होटल में ही रुके हुए थे मेरे पति ने जैसे ही अपने दोस्त को फोन किया तो उनसे काफी देर तक उनकी बात होती रही उन्होंने रोहन के बारे में पूछा तो उनके दोस्त को रोहन के घर का पता मालूम था क्योंकि वह शायद उनके घर गया था।

रोहन का पता उसने मेरे पति को दे दिया और जब उन्होंने फोन रखा तो मैंने उनसे पूछा क्या आपको रोहन के घर का पता मिल चुका है तो वह कहने लगे कि हां ममता मुझे उसके घर का पता मिल चुका है। वह कहने लगे कि हम लोग कल सुबह उनके घर चलेंगे मैंने उन्हें कहा ठीक है क्योंकि रात भी काफी ज्यादा हो गई थी हम दोनों सो गए और अगली सुबह हम लोग तैयार होने लगे। मेरे पति कहने लगे की तुम जल्दी से तैयार हो जाओ मैंने उन्हें कहा मुझे थोड़ा समय लग जाएगा तो वह कहने लगे ठीक है मैं तुम्हारा इंतजार करता हूं। वह तैयार हो चुके थे वह अब टीवी ऑन कर के टीवी देखने लगे मैं भी शीशे के सामने अपने बालों को संवार रही थी थोड़ी देर बाद मैं तैयार हो गई जैसे ही मैं तैयार हुई तो उसके तुरंत बाद हम लोग वहां से रोहन के घर के लिए निकल चुके थे। हम लोग रोहन के घर के लिए टेक्सी से गए थे और टैक्सी ड्राइवर को हमने पता बता दिया था वह हमें रोहन के घर के बाहर तक ले गया। जैसे ही हम लोग रोहन के घर के बाहर पहुंचे तो रोहन को शायद इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि हम लोग वहां पहुंच जाएंगे।

हम लोग पहली बार ही रोहन के घर जा रहे थे और मैं तो पहली बार उनसे मिलने जा रही थी आज तक सिर्फ मेरे पति रोहन की तारीफ ही करते आए हैं वह हमेशा रोहन की तारीफ करते रहते हैं। जैसे ही हम लोगों ने घर की डोर बेल बजाई तो काफी देर तक किसी ने दरवाजा नहीं खोला लेकिन दोबारा से हम लोगों ने घर की डोर बेल बजाई तभी एक महिला ने दरवाजा खोला उसकी उम्र यही कोई 30 वर्ष के आसपास रही होगी उसने बड़ी शालीनता से पूछा कि कहिये आपको क्या काम था। मेरे पति ने उनसे पूछा क्या रोहन घर पर हैं तो वह कहने लगे कि हां वह घर पर हैं वह अभी नहा रहे हैं मेरे पति ने उन्हें अपने बारे में नहीं बताया था। मेरे पति कहने लगे कि हमें उनसे मिलना था तो उन्होंने भी हमें घर के अंदर बुला लिया वह हमारे लिए पानी ले आए और हमारे साथ बैठी रही। करीब 5 मिनट हो चुके थे उन्होंने मुझसे मेरा नाम पूछा तो मैंने भी अपना नाम उन्हें बता दिया वह रोहन की पत्नी ही थी और उनका नाम महिमा है। रोहन जैसे ही बाथरूम से नहाकर बाहर निकला तो उसने मेरे पति को देखते ही कहा अमित तुम कब आए और उसने अमित को गले लगा लिया अमित और वह काफी सालों बाद एक दूसरे से मिल रहे थे रोहन भी पूरी तरीके से चौक गया था कि हम लोगों को रोहन का घर कैसे पता चला। रोहन ने मेरी तरफ देखा तो मेरे पति ने मेरा परिचय रोहन से करवाया रोहन की पत्नी महिमा भी अब पूरी बात को समझ चुकी थी और वह कहने लगे कि आप लोगों ने पहले क्यों नहीं बताया कि आप रोहन के दोस्त हैं। मैं और महिमा एक दूसरे से बात कर रहे थे और रोहन और अमित एक दूसरे के साथ बैठे हुए थे वह लोग इतने सालों बाद एक दूसरे को मिलकर बड़े खुश नजर आ रहे थे और काफी देर तक वह लोग एक दूसरे से बात करते रहे। जब रोहन ने अमित से पूछा कि तुम क्या कुछ काम से यहां आए हुए हो तो रोहन ने अमित को बताया कि हां मैं अपने किसी काम से आया हुआ हूँ।

रोहन ने पूछा तुम लोग कहां रुके हुए हो तो मैंने रोहन को जवाब दिया और कहा कि हम लोग होटल में रुके हैं रोहन कहने लगा कि आप लोग होटल में क्यों रुके हैं आप लोग हमारे घर पर रहने के लिए आ जाइए। मैंने कुछ नहीं कहा लेकिन अमित ने कहा कि नहीं हम लोग होटल में ही ठीक हैं रोहन ने महिमा को कहा कि महिमा  तुम कुछ बना दो। महिमा रसोई में चली गई मैं अकेले बैठ कर बोर हो रही थी तो मैं भी महिमा के साथ चली गई और महिमा से मैं बात करने लगी। महिमा और मैं एक दूसरे से बात कर रहे थे बातों बातों में महिमा ने अपने और रोहन के रिलेशन के बारे में बताया वह दोनों एक ही ऑफिस में जॉब करते थे और वहीं पर उन दोनों के बीच प्रेम प्रसंग हुआ और उन दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया। मैंने महिमा से पूछा तुम लोगों की शादी को कितना वक्त हुआ है तो वह कहने लगे कि हम लोगों की शादी को अभी सिर्फ दो वर्ष ही हुए हैं। मैं और महिमा एक दूसरे से बात कर रहे थे तो मुझे भी अच्छा लग रहा था महिमा ने मुझे रोहन के बारे में काफी कुछ चीजें बताई लेकिन महिमा अब ऑफिस नहीं जाती क्योंकि शादी के बाद उसने अपनी जॉब से रिजाइन दे दिया था।

मैंने महिमा की काफी मदद की महिमा और मेरी बात जब एक दूसरे से होती तो मुझे उससे बात कर के बहुत अच्छा लगता महिमा ने मुझसे मेरे बारे में भी पूछा तो मैंने महिमा को अपने बारे में बताया। अमित और रोहन भी बहुत खुश नजर आ रहे थे और वह दोनों एक दूसरे से बात कर रहे थे करीब दो घंटे बाद खाना तैयार हो चुका था और उस वक्त दोपहर के 2:00 बज रहे थे। हम लोग साथ में लंच करने लगे और हम लोग जब साथ में बैठकर लंच कर रहे थे तो रोहन अपनी बातों से मुझे और अमित को खुश कर रहे थे हम लोग अब खाना खा चुके थे और काफी देर हम लोग साथ में बैठे रहे लेकिन मुझे नींद आ रही थी। महिमा ने मुझे कहा कि ममता तुम रूम में लेट जाओ और फिर मैं रूम में सोने के लिए चली गई मुझे बहुत गहरी नींद आ चुकी थी और मैं बहुत गहरी नींद में सो रही थी। मैं बड़ी गहरी नींद में थी और उठकर मैं जब टॉयलेट की तरफ गई दो मैंने देखा अंदर कोई था मैं बाहर इंतजार करने लगी लेकिन जैसे ही दरवाजे से रोहन बाहर निकला तो मैंने रोहन की तरफ देखा और उसको देखते ही मैंने गले लगा लिया। रोहन मेरी बात को समझ गया और वह मुझे बिस्तर पर ले गया। रोहन ने मेरे बदन से मेरे कपड़े उतारने शुरू किए जब उसने मेरे स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो मुझे बहुत मजा आने लगा वह मेरे स्तनों पर अपने दांत के निशान भी मारने लगा जिस प्रकार से वह मेरे स्तनों का रसपान कर रहा था उस से मेरे निप्पल खड़े होने लगे थे। उसने बहुत देर तक मेरे स्तनों का रसपान किया मुझे बहुत ही आनंद आ रहा था मेरी चूत से निकलता हुआ पानी बहुत ज्यादा बढ़ चुका था। जब उसने अपने लंड को मेरे मुंह के पास रखा तो मैंने उसे अपने मुंह के अंदर ले लिया और बड़े अच्छे से अंदर बाहर करने लगी। रोहन के लंड से मैंने पानी बाहर निकाल कर रख दिया था मुझे बड़ा ही मजा आ रहा था रोहन के 9 इंच मोटे लंड को अपने मुंह में लेकर मुझे जो आनंद आ रहा था वह एक अलग ही फीलिंग पैदा कर रहा था रोहन बड़ा ही खुश नजर आ रहा था उसने मेरी चूत की तरफ देखा तो वह मेरी चूत को चाटने लगा।

अब वह चाहता था कि मेरी चूत के अंदर वह अपने लंड को घुसा दे उसने मेरे स्तनों के बीच में अपने लंड को रखा और अपने लंड को ऊपर नीचे करने लगा तो मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था मेरी चूत से पानी निकलता जा रहा था रोहन ने जैसे ही मेरी चूत के अंदर अपनी उंगली को घुसाया तो मैंने उनको कहा तुम अब अपने लंड को मेरी चूत के अंदर डाल दो मैं बिल्कुल भी रहा नहीं पा रही हूं। रोहन ने अपने मोटे लंड को मेरी चूत के अंदर घुसा दिया और जैसे ही उसका लंड मेरी चूत के अंदर प्रवेश हुआ तो मैं चिल्लाने लगी मैं अपने दोनों पैरों को खोलने लगी मैं जिस प्रकार से अपने पैरो को खोल रही थी उससे रोहन मुझे तेजी से चोद रहा था। रोहन ने मेरे स्तनों को बहुत तेजी से दबाना शुरू किया मैं चाहती थी कि मैं रोहन के ऊपर जाकर अपनी चूत मरवाऊ मैंने जब रोहन से कहा मै ऊपर से आ जाऊ। मैं जब रोहन के ऊपर से लेटी हुई थी तो मैं अपनी चूतडो को ऊपर नीचे कर रही थी।

रोहन मुझसे कहते तुम ऐसे ही करती जाओ मैं ऐसे ही काफी देर तक करती रही मेरी बड़ी चूतडे रोहन के लंड के ऊपर नीचे हो रही थी। रोहन मुझे कहता मुझे बहुत आनंद आ रहा है जिस प्रकार से रोहन ने मेरे साथ सेक्स के मज़े लिए उस से मै बड़ी खुशी थी और रोहन का लंड भी पूरी तरीके से तन कर खड़ा हो चुका था। अब रोहन मुझे कहने लगा मैं बिल्कुल भी नहीं रह पा रहा हूं रोहन के लंड से मैंने उसका वीर्य बाहर निकाल दिया। रोहन मुझे कहने लगा आज तो बहुत मजा आ गया ऐसा मजा आज तक मुझे अपनी पत्नी के साथ सेक्स करने में भी नहीं आया। मैंने रोहन को कहा मेरे लिए भी यह बड़ा यादगार है यह एक इत्तेफाक ही है कि मैं दिल्ली आई और दिल्ली में तुम्हारे साथ सेक्स करने का मौका मिला। रोहन के लंड को मैं अपनी चूत मे लेकर बहुत खुश थी और रोहन भी बड़ा खुश नजर आ रहा था। अब हम दोनों बाहर चले आए मैंने देखा मेरे पति और महिमा आपस में एक दूसरे से बात कर रहे थे।


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