नलिनी मेरे लंड पर बैठी

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Nalini mere lund par baithi मेरे लिए कानपुर शहर बिल्कुल ही नया था। मैं कुछ समय पहले ही वहां पर नौकरी करने के लिए गया था। मैं गुजरात के एक छोटे गांव से ताल्लुक रखता हूं और मैं कानपुर में नौकरी करने लगा था। मेरी तनख्वाह ज्यादा नहीं थी लेकिन मैं अपनी नौकरी से खुश था। मैं अपनी तनख्वाह से जो भी पैसे बचाता वह अपने घर भेज दिया करता। मेरे सपने बहुत ही बड़े थे इसलिए मैंने यह सोच लिया था मुझे कुछ बड़ा करना है और मैं कानपुर से बंगलौर चला गया। जब मैं कानपुर से बंगलौर आया तो मैं कुछ समय अपने दोस्त के घर पर रहा और उस वक्त मेरे पास कुछ भी काम नहीं था। काफी समय तक मेरे पास कोई भी काम नहीं था लेकिन जब मैं एक दुकान में नौकरी करने लगा तो वहां पर मुझे काफी अच्छे पैसे मिलने लगे थे और मैं अपने काम से बहुत ज्यादा खुश भी था। मैं थोड़े बहुत पैसे बचाने लगा और उसके बाद मैंने अपना ही एक छोटा सा कारोबार शुरू कर लिया था।

जब मैंने अपना कारोबार शुरू किया तो मैं शुरुआत में काफी ज्यादा मेहनत करता था। अब जिस तरीके से मेरा काम चलने लगा था उससे मुझे बहुत ही ज्यादा खुशी है और सब कुछ बड़े ही अच्छे से चल रहा था। मैंने बंगलौर में ही शादी कर ली थी और मैं अब बहुत ज्यादा खुश हूं कि मैं बंगलौर में अपने परिवार के साथ रहता हूं। मेरी पत्नी का नाम नलिनी है और हम दोनों बहुत ही ज्यादा खुश हैं। एक दिन नलिनी ने मुझे कहा आप पापा मम्मी को क्यों बंगलौर नहीं बुला लेते। मैंने नलिनी से कहा हां मैं भी यही चाहता हूं कि वह लोग हमारे पास आ जाए। मैंने मां से जब इस बारे में बात की तो मां ने कहा हां हम लोग बंगलौर आ जाते हैं। वह लोग कुछ समय बाद ही बंगलौर आ गए़ जब वह लोग बंगलौर आए तो वह लोग काफी खुश थे। वह लोग मेरी तरक्की देखकर बहुत ही खुश थे और मैं भी काफी खुश हूं कि मेरा काम अच्छे से चल रहा है और मैंने बंगलौर में अपना एक घर भी खरीद लिया था। पापा और मम्मी दोनों ही बहुत ज्यादा खुश है की मैंने बंगलौर में घर खरीद लिया है।

मेरा कारोबार भी अच्छे से चल रहा है। नलिनी बहुत ही ज्यादा खुश है मेरे माता पिता हम लोगों के साथ रहने लगे थे। सब कुछ बड़े अच्छे से चल रहा है पापा और मम्मी हम लोगों के साथ रहते हैं उससे नलिनी भी काफी खुश हैं। नलिनी भी चाहती थी वह कोई कारोबार शुरू करे मैंने नलिनी की मदद की और नलिनी ने अपना कारोबार शुरू कर लिया था। नलिनी ने शुरुआत में काफी मेहनत की और नलिनी का काम अच्छे से चलने लगा था। एक दिन मै और नलिनी साथ में बैठे हुए थे उस दिन मैंने सोचा क्यों ना मैं नलिनी और पापा मम्मी के साथ को समय बिताऊ। पापा और मम्मी भी बहुत ज्यादा खुश थे बहुत लंबे समय के बाद मैं अपने पापा मम्मी के साथ कहीं घूमने के लिए गया हुआ था। वह लोग भी बहुत ज्यादा खुश थे कि इतने लंबे समय बाद हम लोग अच्छा समय बिता पाए। मुझे समय कम ही मिलता है इसलिए पापा और मम्मी के साथ ज्यादा बात नहीं कर पाता हूं। उस दिन हम लोगों ने साथ में अच्छा समय बिताया।

एक दिन मैं अपने काम से वापस लौट रहा था उस दिन जब मैं घर लौटा तो मुझसे मां ने कहा बेटा हम लोग कुछ समय के लिए गांव जा रहे हैं। मैंने मां को कहा मां मैं भी आपके साथ कुछ समय के लिए गांव आना चाहता हूं। मेरा बड़ा मन था मैं गांव जाऊं। काफी समय बाद मैंने जब अपना मन बनाया तो नलिनी भी मेरे साथ गांव आने के लिए तैयार थी। हम लोग गांव जाना चाहते थे मेरा कुछ जरूरी काम था इसलिए मैंने पापा से कहा मुझे कुछ जरूरी काम है और वह काम खत्म कर के ही हम लोग गांव जाएंगे। पापा ने कहा ठीक है बेटा जैसा तुम्हें ठीक लगता है। मैंने अब अपना काम खत्म किया और उसके बाद हम लोग गांव जाने के लिए तैयार थे। जब हम लोग गांव गए तो काफी लंबे अरसे बाद हम लोग गांव गए थे मुझे बहुत ही अच्छा लगा था जब हम लोग गांव गए थे। मैंने अपने पुराने दोस्तों से मुलाकात की और उन लोगों से मिलकर मैं काफी खुश था और वह भी काफी खुश थे। गांव में अभी भी कुछ बदलाव नहीं आया था सब कुछ पहले जैसा ही है। मुझे इस बात की बड़ी खुशी थी कि अभी भी मेरे दोस्तों के बीच मेरी यादें ताजा हैं।

हम लोग गांव में 10 दिनों तक रहे और फिर वापस हम लोग बंगलौर लौट आए थे। जब हम लोग बंगलौर वापस लौटे तो मैं अपना काम संभालने लगा था। एक दिन मैं और पापा साथ में बैठे हुए थे उस दिन अचानक ही पापा की तबीयत खराब हो गई और मुझे उन्हें डॉक्टर के पास लेकर जाना पड़ा। सब लोग काफी घबरा गए थे लेकिन पापा का ब्लड प्रेशर लो हो गया था इस वजह से उनकी तबीयत खराब हो गई थी। अब वह ठीक थे और मैं उन्हें घर ले आया था। जब वह घर आए तो मैंने पापा से कहा आप आराम कीजिए। पापा अब सो चुके थे मां काफी ज्यादा घबरा गई थी इसलिए मैंने मां से कहा मां अब घबराने की जरूरत नहीं है अब सब कुछ ठीक हो चुका है। मैं और नलिनी एक दूसरे के साथ अपने शादीशुदा जीवन को अच्छे से बिता रहे हैं मुझे काफी खुशी है जिस तरीके से मैं और नलिनी एक दूसरे के साथ होते हैं और अपनी जिंदगी को हम लोग अच्छे से बिता रहे हैं। नलिनी का सपोर्ट हमेशा ही मेरे साथ है और मुझे इस बात की बड़ी खुशी है कि वह मुझे अच्छे से समझती है। मैं भी नलिनी को बहुत ही अच्छे से समझता हूं मैंने एक दिन नलिनी से कहा नलिनी मैं कुछ दिनों के लिए अपने दोस्त के साथ उसके फार्महाउस पर जा रहा हूं।

नलिनी ने मुझे कहा लेकिन आप वहां से वापस कब लौटेंगे। मैंने नलिनी से कहा मैं वहां से 3 दिनों में वापस लौट आऊंगा। मुझे अपने दोस्त के साथ उसके फॉर्महाउस में जाना था क्योंकि वह काफी समय से मुझे कह रहा था तुम्हें मेरे साथ मेरे फार्महाउस पर चलना है। मैं उसे अक्सर कुछ ना कुछ कह कर टाल दिया करता लेकिन अब मुझे भी लगा मुझे उसके साथ उसके फार्महाउस पर जाना चाहिए और हम लोगों ने उसके फार्म हाउस पर जाने का फैसला किया। हम लोग उसके फार्महाउस में चले गए जो बंगलौर से कुछ किलोमीटर की दूरी पर है। जब हम लोग वहां पर गए तो वहां पर हम लोग 3 दिनों तक रुके और फिर वहां से हम लोग वापस लौट आए थे। जब मैं वापस लौटा तो वह बहुत ज्यादा खुश थी। वह मुझे कहने लगी मैं आपको फोन कर रही थी लेकिन आपका नंबर लग ही नहीं रहा था। मैंने उसे कहा हो सकता है नेटवर्क की कोई समस्या हो इस वजह से मेरा नंबर नहीं लग रहा था। मैं अब वापस लौट आया था नलिनी के साथ मेरा शादीशुदा जीवन तो बहुत ही अच्छी तरह से चल रहा है और हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत ही ज्यादा खुश हैं।

हम दोनों का जब भी मन होता तो हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स कर लेते। उस दिन भी मेरा मन नलिनी के साथ सेक्स करने का था और नलिनी से जब मैंने इस बारे में कहा तो नलिनी भी तैयार थी। मैंने अपने लंड को नलिनी के सामने किया तो नलिनी ने मेरे लंड को अपने हाथों में ले लिया उसने मेरे लंड को हिलाना शुरू कर दिया। वह मेरे लंड को बडे अच्छे तरीके से हिलाए जा रही थी मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था जब वह ऐसा कर रही थी। मैंने नलिनी से कहा मुझे बड़ा मजा आ रहा है मैं नलिनी के होठों को किस कर रहा था और नलिनी मेरे लंड को सकिंग करने के लिए तैयार थी। नलिनी ने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया वहां उसे अच्छे से चूसने लगी उसे बड़ा मजा आने लगा था जब वह मेरे लंड की गर्मी को बढ़ाए जा रही थी। नलिनी ने मेरी गर्मी को बढा कर रख दिया था। लह मुझे कहने लगी मुझे अच्छा लग रहा है मैंने नलिनी की चूत में लंड को लगा दिया और नलिनी की चूत से निकलता हुआ पानी और भी ज्यादा बढने लगा था। नलिनी मुझे कहने लगी मुझसे बिल्कुल भी नहीं रहा जाएगा। नलिनी की चूत मे लंड नहीं जा रहा था इसलिए वह मेरी गर्मी को बढा रही थी। मेरी गर्मी काफी ज्यादा बढ गई थी। हम दोनो पूरी तरीके से गर्म होने लगे थे। मैंने नलिनी की चूत मे लंड को घुसा दिया था नलिनी की चूत में मेरा लंड जा चुका था वह बहुत जोर से चिल्लाने लगी। नलिनी की चूत के अंदर बाहर मै अपने लंड को किए जा रहा था।

मैंने नलिनी की योनि के अंदर से पानी निकल दिया था। मेरे अंदर की गर्मी और भी ज्यादा बढ़ने लगी थी मुझे अच्छा लगने लगा था मैं उसका साथ दे रहा था। मैं नलिनी के चूत के अंदर अपने लंड को किए जा रहा था और उसकी योनि के अंदर काफी देर तक लंड को किया जिससे कि मेरा वीर्य नलिनी की चूत मे ही गिर गया। नलिनी की योनि में मेरा वीर्य गिर चुका था। नलिनी मेरे साथ दोबारा सेक्स संबंध बनाना चाहती थी उसने मेरे साथ दोबारा से सेक्स संबंध बनाने के बारे मे सोच लिया था। उसने मेरे लंड को चूसकर दोबारा से खड़ा कर दिया। मैंने नलिनी को कहा तुम मेरे लंड के ऊपर से आ जाओ। नलिनी मेरे लंड के ऊपर से बैठ गई। जब वह मेरे लंड के ऊपर से बैठी तो उसकी चूत में मेरा लंड घुस चुका था मैं उसको बड़ी तेज गति से चोदे जा रहा था। मैं नलिनी को बहुत तेजी से धक्के मार रहा था वह पूरी तरीके से गरम होती जा रही थी। उसने मुझे कहा मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है तुम मुझे बस धक्के मारते रहो। मैंने नलिनी को बहुत देर तक ऐसे ही धक्के दिए। जब मैं और नलिनी एक दूसरे की गर्मी को झेल नहीं पा रहे थे तो नलिनी ने अपनी चूतड़ों को मेरे लंड के ऊपर और भी तेजी से करना शुरू कर दिया।मैं नलिनी के स्तनो को चूस रहा था उसे मैं तेजी से धक्के मारे जा रहा था। जब मेरे वीर्य की पिचकारी बाहर आ गई तो नलिनी खुश हो गई थी। मैंने और नलिनी ने एक दूसरे के साथ में जमकर सेक्स का मजा लिया और नलिनी बड़ी खुश थी जिस तरीके से हम दोनों ने एक दूसरे का साथ दिया था। हम दोनों को ही बडा मजा आया जब मैंने और नलिनी ने एक दूसरे के साथ में सेक्स किया।


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