नगर पालिका की मां का भोसड़ा – 2

Nagar Palika ki maa ka bhosda -2:
incest sex kahani हेल्लो दोस्तों, कैसे हैं आप लोग ? आशा करता हूँ की बकचोदी पेल रहे होंगे और लड़कियां चोद रहे होंगे हमेशा की तरह और जिनके पास नही हैं वो मुठ मार रहे होंगे | मैं राज फिर से हाजिर हूँ कहानी का अगला भाग लेकर | तो दोस्तों जैसा की मैंने पिछले भाग में बताया की कैसे मैंने मेरे दोस्त रिजवान यानि की नगर पालिका भी मां का भोसड़ा किया | उन्होंने मुझसे वादा किया वो मुझे अपनी गांड भी देंगी | वादे के मुताबिक मैं कुछ दिन बाद फिर से मौका देखकर पहुँच गया उनके घर जब नगर पालिका घर पर नही था |
बेडरूम में आकर हम दोनों नंगे हो गये और मैंने किस करना शुरू कर दिया | किस करने के साथ ही मैंने उनकी चूत में ऊँगली करना भी शुरू कर दिया | वो आह ह्ह्ह ह्ह्ह्हह ह्ह्ह हह ह ह हह ह ह ह ह हह ह ह ह ह ह आआआअ आ आआ आ हह हह ह ह्ह्ह्ह ह ह ह ह ह ह करने लगी | अब मैंने उन्हले उल्टा किआ और उनकी गांड के छेद में अपनी एक ऊँगली घुसेड़ने लगा | उनकी गांड काफी टाइट थी इसीलिए मेरी ऊँगली उसमे जा नही रही थी | मैंने पास में ही रखा तेल उठाया और उनकी गांड में ढेर सारा तेल डाल दिया | अब फिर से मैंने जब अपनी ऊँगली घुसेड़ी तो इस बार घुस गयी | वो दर्द से सिसकियाँ भर लगीं | मैंने धीरे धीरे अपनी ऊँगली को अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया | वो आह आआ आआ आह्ह हह ह्ह्ह्ह हह ह ह ह हह ह ह किये जा रही थीं | मैंने फिर थोड़ी देर बाद उन्हें गांड उअप्र करने को बोला और उनकी गांड के नीचे तकिया लगा दिया और अपना लंड घुसेड़ने की तयारी करने लगा | वो बोलीं आराम से | मैंने बोला ठीक है | अब मैंने अपना लंड पकड़ा और उसका टोपा गांड पर रखा और हल्का सा धक्का दिया | वो उछल पड़ी और उनकी आँख से आंसूं आ गये | मैंने उन्हें रोता देख अपना लंड निकाल लिया | थोड़ी देर बाद जब वो शांत हुईं तो मैंने फिर से बहुत आराम से अपना लंड उनकी गांड में डाल दिया | इस बार मैंने बस टोपा घुसाया और वहीँ रुक गया | वो धीरे धीरे अभी भी रो रही थीं | मैंने उनको किस करना चालू किआ | मेरे किस करने के बाद वो थोडा नार्मल हुईं तो मैंने फिर से एक धक्का दिया और इस बार आधा लंड घुसा दिया मैंने | वो दर्द से बिलख रही थीं | मैंने थोडा और हिम्मत करके और जोर लगाया और पूरा लंड घुसेड दिया | वो बहुत तेजसे चिल्लायीं और रोने लगीं | मैंने इस बार अपना लंड निकाला नही और वैसे ही लंड डाले डाले उन्हें किस करने लगा ताकि उन्हें थोडा नार्मल फील हो | काफी देर तक वो रोटी रहीं और फिर जब थोडा चुप हुईं तो मैंने धीरे धीरे अपना लंड उनकी गांड में अन्दर बाहर करना शुरू दिया | वो फिर से सिसकियाँ भरने लगीं और उह्ह्ह आःह्ह्ह ऊउईइ ई इ इ ई ई ई इ ई इ इ ई इ ई ऊऊ ऊ उ ऊऊ ऊ ऊऊउ आआआ ह्ह्ह ह्ह्ह्ह ह हह ह ह हह हह ह ह हह्हहः अह आहा हहहह्हहहाहा हाहा अह आहा हा हहहः ह़ा आआ आआआअ अ अ अ अ अ ऊऊउ ऊऊ ऊ ऊ ऊऊउ उ ई ई ईई ई इ इ उईईई ईई इ आराम से ऊऊ उ ऊऊऊउ उ उ ऊ उ उ इ इ ई इ ईईइ ई इ इ ई आःह्ह हह ह हह हह ह्ह्ह ह ह हह ह ह ह्ह्ह्हह उईई ई इ इ इ इ इ ई इ ईई ईईइ करने लगीं | थोड़ी देर ऐसे ही धीरे धीरे चोदने के बाद मैंने स्पीड बढ़ा दी और मेरी स्पीड के साथ ही उनकी सिसकियाँ भी तेज हो गईं | अब वो जोर से आआआ ऊऊउ ऊऊउ ऊऊईइ ई इ ईई इ ई ईई ई इ इ ई इ ईई अहाआआअ अह्हह्ह्ह्हह ह ह ह्ह्ह ह्ह्ह ह ह्ह्ह ह हह ह ह हह ह ह हह ह ह्हहा ऊऊउ ऊऊऊ उईई इ ईईई ई ईई ई ईई इ इ इ ईईइ इआ आआ आआ आआ अ आ आआअ आआ करने लगी |उनकी गांड की जोरदार चुदाई करते हुए मुझे बहुत मजा आ रहा था | वक तो इतनी टाइट गांड थी उनकी और ऊपर से उनकी मादक सिसकियाँ मुझे और जोश दिला रही थीं | मैंने थोड़ी देर बाद झड गया और उनकी गांड में ही अपना माल निकल दिया | फिर मैं उठा और खुद कपडे पहने और उन्हें भी पहनाये और फिर साथ में लेट गये |
एक दिन की बात है | मुझे नगर पालिका मिला और बोला यार बहुत दिनों से चुदाई नही की है | मेरे मन में आया की क्यूँ न एक बार थ्रीसम करें | मैंने उसे बोला की ठीक है, मैं कुछ जुगाड़ करता हूँ | मैंने उसकी मां से बात की ऐसा करते हैं, मजा आएगा | पहले तो उन्होंने सीधा मना कर दिया लेकिन मेरे मनाने के बाद वो मान गयी | नगर पालिका को मैंने बोला की जुगाड़ तो कर लिया है मैंने लेकिन लाइट ऑफ रखनी पड़ेगी | वो मां गया | मैं नगर पालिका की मां को एक दोस्त के फ्लैट में ले गया और उसके बाद नगर पालिका को भी ले आया | लाइट ऑफ थी इसीलिए नगर पालिका को कुछ पता नही चला | नगर पालिका ने उनको किस करना चालू किया और इधर मैं उनकी चूत को सहलाने लगा | नगर पालिका अपनी मां से दूध दबाने लगा और मैं इधर उसकी मन की गांड के साथ खेलने लगा | थोड़ी दे बाद नगर पालिका ने अपना लंड निकल कर पानी मां क सतह में पकड़ा दिया और उसे चूसने को कहा | नगर पालिका का लड़ मेरे लंड से छोटा था | उसकी मां अपने बेटे का लंड बड़े प्यार से चूसने लगी | नगर पालिका भी मजे से लंड चुसवा रहा था | मैंने सोचा की जब सब हो ही रहा है तो क्यूँ न खुल्लम खुल्ला हो | मैंने किसी को बिना बताये लाइट ओन कर दी | नगर पालिका पाना लंड अपनी ही मां के मुंह में देख कर चौंक गया और तुरंत लंड को उनके मुंह से निअल कर पीछे हट गया | मैंने उसको समझाया की देख, तुझे चूत चाहिए और तेरी मां को लंड | दोनों की जरूरत पूरी हो जाएगी और घरकी बात घर में रहेगी | फिर वो मान गया | अब मैंने उसकी मां से उसका लंड फिर से चूसने को बोला | उसकी मां फिर से अपने बेटे का लंड बड़े प्यार से चूसने लगी | नगर पालिका पहले तो थोडा शरमाया लेकिन फिर मजे लेने लगा | इधर वो अपनी मां से लंड चुसवा रहा था और उधर मैंने उसकी मां की गांड में अपना लंड पेल दिया | उसकी मां चिल्ला पड़ी और ऊऊ ऊउईई ई ईई इ इ इ ई इ ई ई ई ईईई इ ईईइ आआआ अह्ह्ह्हह हह ह्ह्ह हह ह्ह्ह ह ह ह ह्ह्ह्हह ह हह ह ह ऊ ऊऊ उ ऊऊउ उ ई उ ई इ इ ई इ ईईइ इ ईई इ इ ई इआआअ ह्ह्ह्ह हह ह ह्ह्ह हह ह ह्ह्ह्ह हू ऊऊ उ उ उईइ ई इ इ ई करने लगी | वो इधर मुझसे अपनी गांड चुदवा रही थीं और उधर अपने बेटे का लंड चूस रही थी | मैंने नगर पालिका को बोला की चल अब चुदाई करते हैं | वो बोला की ठीक है | नगर पालिका लेट गया और उसकी मां उसके ऊपर बैठ के अपनी चूत में उसका लंड लेने लगी | नगर पालिका को भी मजा आने लगा | मैंने अब अपना लंड उसकी मां के मुंह में दे दिया और चुस्वाने लगा | उसकी मां कभी तो आआ आआह्ह्हा ऊऊऊ ईईइ करती तो कभी मेरा लंड मुंग में लेते हुए ग्प्प्प ग्ग्गप्पप्प्प्प ग्प्पप्प्प करती | फिर मैंने अपना लंड उनके मुंह से निकाला और उनकी गांड में पेल दिया | अब उनकी बॉडी के अन्दर दो लंड थे.. एक चूत में और एक गांड में | नगर पालिका पूरा जोर लगाकर अपनी मां की चूत का भोसड़ा बनाये जा रहा था और मैं उसकी मां की गांड फाड़े जा रहा था | उसकी मां जोर जोर से आआअह्ह्ह्ह ऊऊ ऊउइ ई ई ईई ई इ ई ईई इ ई ई ईईई ईईइ इऊउईई इ इ आआआअ ह्ह्ह ह ह्ह्ह्हह ह्ह्ह्हह ऊ उ ऊऊऊऊउइ ई इ ईई ईईइ इ ई इ इ इआ आआअ आआआ ह्ह्ह्ह ह हह ह ऊ उ उ ऊ उ ऊऊऊ उ उई इ इ चोदो मुझे, जोर से चोदो.. रंडी बना दो आज.. ऊऊउ ऊऊऊ ईईईइ इ इ ईईइ इआअह्ह्ह ह्ह्ह्हह ह्ह्ह्ह ऊऊउ ईईइ ईईइ ईई ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह कर रही थीं | हम तीनो इस जोरदार चुदाई को बहुत एन्जॉय कर रहे थे | फिर थोड़ी देर बाद नगर पालिका झड गया | अब मैं उसकी मां की गांड का भरता बनाने में लग गया | थोड़ी देर बाद मैं उसकी मां की गांड में ही झड गया |
दोस्तों, ये थी मेरी कहानी | आशा है आप लोगों को पसंद आई होगी | उस दिन के बाद भी हम तीनो लोग चुदाई करते थे और अक्सर ये चुदाई ग्रुप में होती थी |


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