मुझे और ना तडपाओ

Mujhe aur na tadpao:

antarvasna, kamukta मेरा नाम नैना है मैं अजमेर की रहने वाली हूं पहले मैं बहुत ही सीधी और शरीफ थी लेकिन जब से मुझे मेरे ताऊ जी ने चोदा है उसके बाद मेरी चूत मे हमेशा खुजली रहती है। मुझे शराफत का ढोंग करना पड़ता है, मैं अपने कॉलेज भी बिल्कुल सीधी और शरीफ बन कर जाती हूं किसी को भी मुझ पर कभी शक नहीं हो पाया। जब भी मुझे लंड लेना की तलब होता थी तो मैं अपने ताऊ जी से कह देती वह मेरे चूत को ठंडा कर देते काफी समय से वह बीमार पड़े हैं वह बिस्तर से खडे भी नहीं हो पा रहे इसीलिए मुझे किसी नए लंड की जरूरत थी मैं उसी की तलाश में थी तब मेरी मुलाकात सागर से हुई।

मेरी मुलाकात सागर से पहली बार अपने चाचा के घर पर हुई थी वह मेरे चाचा के दोस्त का लड़का है जब मैं उसे पहली बार मिली तो उसे देखते ही मैं अपना दिल दे बैठी थी लेकिन उसकी सगाई हो चुकी थी और मेरे लिए यह बड़ी ही दुख की बात थी परंतु फिर भी मैंने उम्मीद नहीं छोड़ी और सोचा क्या पता सागर मुझे कभी अपने दिल की बात कह दे।  उससे मेरी मुलाकात बहुत कम ही होती थी क्योंकि वह अधिकांश घर से बाहर ही रहता था, वह जब भी मुझे मिलता तो मेरे चेहरे पर एक अलग ही मुस्कान आ जाती यदि वह मेरे चाचा के परिचित नहीं होता तो शायद मैं उसे अपने दिल की बात कब की कह चुकी होती लेकिन मुझे यह डर था कि कहीं मेरे चाचा को इस बारे में पता चलेगा तो वह मेरे बारे में गलत सोचेंगे इसलिए मैंने उसे अपने दिल की बात नहीं कही, मैं बिल्कुल सही समय का इंतजार कर रही थी कब सही समय आए और मैं सागर से अपने दिल की बात कहूं या फिर वही मुझे कभी अपने दिल की बात कह दे। मेरे चाचा की लड़की भी मेरी उम्र की ही है वह पढ़ने में बड़ी ही अच्छी है और उसके लिए एक अच्छे घर से रिश्ता भी आया तो शायद चाचा उस रिश्ते को मना नहीं कर पाए और उसकी सगाई की तैयारी कर ली, जिस दिन उसकी सफाई थी उस दिन सागर भी उनके घर पर आया हुआ था, मैं भी उस दिन अच्छे से श्रृंगार कर के गई हुई थी वह मुझे देखकर बहुत खुश हो रहा था और मुझे भी उसके चेहरे पर देख कर बहुत अच्छा लग रहा था, उसने उस दिन शर्ट और पैंट पहनी हुई थी वह ब्लैक कलर की कमीज में बड़ा ही हैंडसम लग रहा था, मैं तो सिर्फ सागर को ही देख रही थी।

जब मैं उसे ध्यान से देख रही थी तो शायद उसे मुझ पर शक हो गया और वह मेरे पास आकर कहने लगा, क्या तुम मुझे ही इतने समय से देख रही हो? मैंने उसे कहा नहीं तो, मैं तो तुम्हारे पीछे वाले व्यक्ति को देख रही थी वह बहुत ही अच्छा लग रहा था। सागर मेरी बातों को समझ चुका था वह मुझे कहने लगा मैं तुमसे एक बात पूछना चाहता हूं, मैंने सागर से कहा हां पूछो आपको क्या पूछना है, वह मुझे कहने लगा क्या मैं तुम्हें अच्छा लगता हूं? मैंने कुछ देर तक तो जवाब नहीं दिया फिर मुझे लगा कि मुझे उसे कह देना चाहिए, मैंने उस वक्त उसे कह दिया कि तुम मुझे बहुत अच्छे लगते हो लेकिन जब मुझे पता चला कि तुम्हारी सगाई हो चुकी है तो उसके बाद मैंने अपने दिल से यह ख्याल निकाल दिया और मुझे लगा कि तुम ही किसी दिन मुझे आकर अपने दिल की बात कहोगे। सागर मुझे कहने लगा यह बात तुम पहले भी तो मुझे बता सकती थी, मैंने उसे कहा यदि मैं तुम्हें इस बारे में बताती तो कहीं चाचा को यह बात पता चल जाती तो वह मेरे बारे में क्या सोचते, मैं एक शरीफ लड़की हूं। जब यह बात मैंने सागर से कहीं तो सागर कहने लगा मेरी सगाई तो हो चुकी है और शायद कुछ समय बाद मेरी शादी भी हो जाए लेकिन हम लोग एक अच्छे दोस्त बन कर रह सकते हैं, मैंने उससे कहा हां क्यों नहीं हम लोग एक अच्छे दोस्त बन कर तो रह ही सकते हैं। हम दोनों के बीच जैसे दोस्ती को लेकर एक एग्रीमेंट हो गया हो हम दोनों उसके बाद एक दूसरे के साथ समय बिताने लगे, मेरे साथ जब भी सागर होता तो मुझे उसे छोड़ने का बिल्कुल मन नहीं करता क्योंकि वह तो मेरे दिल में बसा हुआ था और उसके साथ मुझे समय बिता कर अच्छा लगता।

एक दिन सागर मुझे कहने लगा हम लोग कहीं घूमने चलते हैं, मैंने उससे कहा ठीक है मैं तुम्हारे साथ चलती हूं, हम दोनों उस दिन घूमने चले गए, वह मुझे अपनी कार में ही अपने साथ लेकर गया, मुझे उसके साथ समय बिता कर बहुत अच्छा महसूस हो रहा था और वह भी मेरे साथ अपने आप को बहुत अच्छा महसूस कर रहा था लेकिन मैं जब भी उसके चेहरे की तरह देखती तो मेरे दिल की धड़कन इतनी तेज हो जाती की मुझे लगता कहीं मैं बेहोश ना हो जाऊं, सागर बहुत ही अच्छा लड़का है उसकी सब लोग बहुत तारीफ करते हैं मेरे चाचा तो उसकी तारीफ करते हुए बिल्कुल भी नहीं थकते यदि सागर से मैं पहले मिली होती तो शायद मैं उसे दिल की बात कह चुकी होती और हम दोनों की शादी भी हो जाती, मुझे सागर के साथ में समय बिता कर उस दिन बहुत अच्छा लगा और जब शाम के वक्त हम लोग लौट रहे थे तो सागर मुझसे पूछने लगा तुम्हें कैसा लगा? मैंने सागर से कहा मुझे तुम्हारे साथ आज बहुत अच्छा लगा और मैंने तो कभी सोचा भी नहीं था कि तुम्हारे साथ मुझे समय बिताने का इतना अच्छा मौका मिल पाएगा। जब हम लोग वापस लौट रहे थे तो मैंने सागर से कहा मुझे घर नहीं जाना तुम मुझे कहीं ले चलो। वह मुझे कहने लगा तुम्हारा दिमाग तो सही है हम लोग कहां जाएंगे तुम यह किस प्रकार की बात कर रही हो।

मैंने उसके हाथ को पकड़ लिया, जब मैंने उसके हाथ को पकड़ा तो वह कहने लगा तुम यह हो क्या कर रही हो। मैंने उसको चलती गाड़ी में किस कर लिया वह कहने लगा लगता है तुम हम दोनों का एक्सीडेंट करवाओगी उसने गाड़ी को एक किनारे लगाया। मुझे पर वह बहुत जोर से चिल्लाने लगा पर उसके गुस्से में भी मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। मैंने उसके लंड को दबाया तो वह मुझे कहने लगा तुम यह किस प्रकार की हरकतें कर रही हो नैना तुम्हारा दिमाग तो सही है। मैंने उसे कहा तुम मुझे कहीं ले चलो वह मुझे आगे सुनसान जगह लेकर गया जब उसने मेरे होठों का रसपान करना शुरू किया तो मेरे अंदर कि आग थोड़ा शांत हो गई, मेरी योनि से पानी बाहर की तरफ निकलने लगा। मैंने सागर से कहा मुझे आज तुम्हारे साथ सेक्स करना है मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। उसने मुझे गाड़ी से उतारते हुए मेरे कपड़े खोलने शुरू किया लेकिन जब वह मेरे कपड़े खोल रहा था मेरे सलवार का नाडा फस गया मेरा नाडा खुल नहीं रहा था। मैंने उसे कहा तुम मेरे नाडे को तोड़ दो उसने मेरे नाडे को तोड़ा तो उसने मेरी गांड का साइज देखा तो वह मेरी गांड में लंड को रगडने लगा। मैंने उसे कहा तुम मेरी पैंटी को उतारकर मेरी चूत की खुजली को मिटा दो उसने मेरी पैंटी को उतारा कर मेरी चूत के अंदर अपने लंड को डाल दिया। मैं गाड़ी के सहारे खड़ी थी, जब वह मुझे धक्के देता तो गाड़ी भी उतनी तेजी से हिल रहा था। उसका लंड मेरी चूत की गहराइयों में जा रहा था उसका लंड अंदर बाहर होते तो मेरी सेक्स मे दो गुना बढोत्तरी हो जाती मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था जिस प्रकार उसने मुझे तेज गति से धक्के मारे। मैने सागर से कहा आज मेरी इच्छा तुमने पूरी कर दी मैं कब से अपने दिल में तुम्हारे लिए सपने पाल कर बैठी थी लेकिन आज तुमने मेरी इच्छा पूरी कर दी मैं बहुत ही खुश हूं। उसने मेरे साथ कुछ मिनट तक संभोग किया लेकिन जब उसने अपने वीर्य को मेरी बड़ी चूतडो के ऊपर गिराया तो मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ। सागर मुझे कहने लगा आज तुम्हारे साथ सेक्स करने मे मुझे भी बहुत अच्छा लगा, तुम्हारा फिगर एक नंबर का है ऐसे टाइट फिगर को मैं हमेशा मजे लूंगा मैं तुम्हें अपना बनाना चाहता हूं। मैंने उससे पूछा तुम्हारी सगाई हो चुकी है उसका क्या होगा? वह कहने लगा सगाई हुई है कौन सा मेरी शादी हो गई है, मैं तुम्हें हमेशा सेक्स का सुख दूंगा। जब उसने मुझसे यह कह तो मैं बहुत ही खुश हो गई मैने उसे गले लगा लिया। कुछ समय बाद उसने मुझसे कहा चलो अब घर चलते हैं बहुत देर हो चुकी है हम दोनों घर लौट आए।


Comments are closed.