मीठा खाकर चूत चुदाई का सुख

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Mitha khakar chut chudai ka sukh गोविंद अंकल घर पर आते हैं पापा और सब लोग घर पर ही थे गोविंद अंकल कहते हैं संदेश बेटा तुम अभी क्या कर रहे थे तो मैंने अंकल को कहा कुछ नहीं बस अंकल अभी तो घर पर ही था। वह मुझे कहने लगे कि बेटा क्या तुम मेरे साथ कॉलेज चलोगे मैंने उन्हें कहा हां अंकल चलिए ना। अंकल हमारे पड़ोस में ही रहते हैं और उनका कैंटीन का काम है कॉलेज में उनकी कैंटीन का काम काफी अच्छा चल रहा है मैं अंकल के साथ में कॉलेज चला गया। जब मैं कॉलेज में गया तो अंकल ने मुझे कहा कि बेटा यह मेरी कॉलेज की कैंटीन है और पिछले वर्ष ही टेंडर में मेरा नाम आया था तो तब से मैं इस कैंटीन को चला रहा हूं। अंकल के पास दो और कैंटीन है उन्हें वह काफी समय से चलाते आ रहे हैं गोविंदा अंकल स्वभाव के बहुत अच्छे हैं उनका हमारे घर पर अक्सर आना-जाना लगा रहता है। उनके परिवार के साथ हमारे परिवार की काफी अच्छी मित्रता है जिस वजह से वह लोग हमारे परिवार से मिलने के लिए आते ही रहते हैं। जब अंकल घर पर आए थे तो अंकल उस दिन बहुत ज्यादा खुश थे मैंने अंकल को पूछा अंकल आज आप बड़े खुश नजर आ रहे हैं।

अंकल ने मुझे अपनी खुशी की वजह बताई अंकल मुझे कहने लगे कि मेरे बेटे का सिलेक्शन बैंक में हो चुका है मैंने अंकल को बधाई दी और अंकल से कहा अंकल यह तो बड़ी खुशी की बात है। अंकल कहने लगे कि हां बेटा मैं काफी उम्मीद लगाए बैठा था और जब मुझे इस बारे में पता चला तो मुझे बहुत खुशी हुई। अंकल हमारे घर पर आए और वह मेरे पापा से कहने लगे हम लोग कॉलेज से उस वक्त ही घर आए थे पापा घर पर थे पापा भी रिटायर हो चुके हैं वह एक वर्ष पहले ही रिटायर हुए थे। जब गोविंद अंकल ने उन्हें बताया कि उनके बेटे महेश का बैंक में सिलेक्शन हो गया है तो पापा ने उन्हें बधाई दी। पापा और अंकल एक दूसरे से बात कर रहे थे तो मम्मी ने पापा और अंकल के लिए चाय बना दी वह दोनों चाय पीते पीते आपस में बात कर रहे थे। मुझे भी अपनी मीटिंग के लिए जाना था तो मैंने पापा से कहा कि पापा मैं अभी अपनी मीटिंग के लिए जा रहा हूं पापा कहने लगे ठीक है बेटा तुम जब लौट आओगे तो मुझे आते वक्त फोन कर देना। मैंने पापा से कहा ठीक है पापा जब मैं लौटूंगा तो आपको फोन कर दूंगा पापा कहने लगे मुझे तुम याद से फोन कर देना मैंने पापा से कहा ठीक है।

मुझे अपने जरूरी मीटिंग से जाना था और मैं चला गया मैं जब शाम के वक्त घर लौट रहा था तो मैंने पापा को फोन किया और कहा कि पापा कोई जरूरी काम था आपने मुझे फोन करने के लिए कहा था। पापा कहने लगे कि संदेश बेटा तुम आते हुए दुकान से मिठाई ले आना मैंने पापा से कहा ठीक है पापा मैं आते वक्त दुकान से मिठाई ले आऊंगा। मैं जब घर लौट रहा था तो मैंने रास्ते में अपनी गाड़ी रोकी और स्वीट शॉप से मैंने मिठाई ले ली और उसके बाद मैं घर चला आया। जब मैं घर पर आया तो पापा और मम्मी कहने लगे कि बेटा चलो हम गोविंद जी के घर चलते हैं हम सब लोग गोविंद जी के घर पर गए और वहां पर जब हम लोग गए तो हमने गोविंद अंकल को बधाई दी। अंकल बहुत खुश थे और उनका लड़का भी वहीं पर था काफी देर तक हम लोग उनके घर पर बैठे रहे और उसके बाद हम लोग वापस अपने घर लौट आए। जब हम लोग अपने घर लौटे तो उस वक्त पापा मुझे कहने लगे कि बेटा आखिरकार गोविंद जी की मेहनत रंग ला ही गई। पापा इस बात से बहुत खुश थे क्योंकि जब गोविंद अंकल की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी उस वक्त पापा ने ही उनकी मदद की थी। गोविंदन अंकल पापा को बहुत मानते हैं और इसी वजह से हमेशा ही वह हमारे सुख दुख में हमेशा हमारे साथ खड़े नजर आते हैं। जब भी हमें कोई मुसीबत या परेशानी होती है तो सबसे पहले गोविंद अंकल ही हमारे घर पर आते हैं। थोड़े दिन बाद गोविंद अंकल घर पर आए और कहने लगे कि मैंने घर पर एक छोटी सी पार्टी रखी है सोच रहा हूं कि उसमें सब कॉलोनी वालों को बुलाऊँ और अपने कुछ रिश्तेदारों को बुला लूँ। आखिरकार वह अपने बेटे की नौकरी से इतने खुश जो थे गोविंद अंकल का बेटा जो की अब बैंक में मैनेजर बनने वाला था उनके लिए बहुत गर्व की बात थी। अंकल चाहते थे कि वह अपनी इस खुशी को सबके साथ बांटे इसीलिए उन्होंने पापा से यह बात कही तो पापा कहने लगे कि आपने बहुत अच्छा फैसला लिया है कि आप सब लोगों को पार्टी में बुला रहे हैं।

कुछ दिनों बाद अंकल ने पार्टी रखी थी और सब लोग उस पार्टी में गए हुए थे हमारी कॉलोनी के सब लोग वहां पर आए हुए थे गोविंद अंकल की इज्जत पूरी कॉलोनी में सब लोग करते हैं क्योंकि वह हर किसी की मदद में सबसे आगे बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं इसीलिए तो सब लोग उनके साथ हमेशा ही खड़े रहते हैं। उसी पार्टी के दौरान मैं विनीता से मिला विनीता से मिलकर मुझे अच्छा लगा विनीता गोविंदा अंकल के ही किसी रिश्तेदार की बेटी है मेरी बात उस दिन तो विनीता से इतनी नहीं हो पाई लेकिन उस दिन के बाद भी मैं विनीता से अक्सर मिलता रहा। मैं जब भी विनीता से मिलता तो मुझे उससे मिलकर अच्छा लगता था और वह भी अक्सर गोविंद अंकल के घर पर आया करती थी। जब भी वह अंकल के घर पर आती तो विनीता से मैं जरूर बात कर लिया करता था विनीता और मेरे बीच अच्छी बातचीत होने लगी थी। एक दिन विनीता मुझे कहने लगी कि संदेश आपके पास समय होगा, मैंने विनीता को कहा हां विनीता कहो ना क्या काम था तो विनीता ने मुझे बताया कि उसे अपने लिए शॉपिंग करनी है। मैंने विनीता को कहा ठीक है तो फिर हम लोग चलते हैं हम लोग शॉपिंग करने के लिए चले गए उस दिन विनीता के साथ मुझे समय बिताने का अच्छा मौका मिला और हम दोनों रास्ते भर एक दूसरे से बात करते रहे।

विनीता को मैं काफी नजदीक से अब जान पाया था विनीता के विचार मुझे काफी पसंद आये और जिस प्रकार का उसका स्वभाव और व्यक्तित्व है उसने तो मुझे अपनी ओर आकर्षित ही कर लिया था। मुझे नहीं पता था कि विनीता के दिल में भी मेरे लिए कुछ चल रहा है जिसे कि वह बयां करना चाहती थी और उसने अपने दिल की बात उस दिन मुझसे कह दी। जब उसने मुझसे यह कहा तो मैं खुश हो गया मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था मेरे लिए तो यह सब किसी सपने से कम नहीं था मुझे ऐसा लग रहा था जैसे कि बिना मांगे ही मुझे सब कुछ अब मिलने लगा है। विनीता के साथ मैं अब प्रेम संबंध में बंध चुका था और हम दोनों एक दूसरे से हमेशा ही बात किया करते है और हमेशा एक दूसरे को मिला करते हैं। विनीता एक दिन मुझे कहने लगी चलो आज पेस्ट्री खा लेते हैं विनीता को पेस्ट्री खाने का बड़ा शौक था हम दोनों पेस्ट्री खाने लगे। जब वह पेस्ट्री खा रही थी तो पेस्ट्री खाते वक्त उसके ऊपर पेस्ट्री गिर गई मैंने जब उसकी टी शर्ट को अपने हाथ से साफ करना शुरू किया था उसके स्तनों पर मेरा हाथ लग रहा था जिससे कि वह मेरी तरफ देख रही थी। जब हम लोग कार में बैठे हुए थे तो उसने मेरे होंठों को चूम लिया मेरे होठों को किस करते ही मेरे अंदर की आग उसने और भी ज्यादा बढ़ा दी। मैंने भी अपने लंड को बाहर निकाला और अपने लंड पर मैंने पेस्ट्री को लगाते ही विनीता को कहा कि तुम इसे अपने मुंह के अंदर ले लो। विनीता ने अपने मुंह के अंदर मेरे लंड को लेकर चूसना शुरू किया और उसे बड़ा अच्छा लग रहा था उसने मेरे लंड से पानी भी बाहर निकाल कर रख दिया था और मेरी गर्मी को बढ़ा दिया था मैंने विनीता को कहा कि हम लोग आगे चलते हैं?

हम लोग वहां से थोड़ा आगे चले आए लेकिन जब तक हम लोग वहां पर पहुंचे तब तक वह मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर बाहर कर रही थी और मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। जैसे ही मैंने गाड़ी रोकी तो उसने अपनी जींस को उतारा मैंने उसकी चूत के अंदर अपनी ऊंगली को डालना शुरू किया उसकी चूत से पानी बाहर की तरफ को निकल रहा था और मैं बहुत ही ज्यादा उत्तेजित होने लगा था। मैंने विनीता के दोनों पैरों को खोला और अपने लंड को उसकी चूत के अंदर एक ही झटके में प्रवेश करवा दिया मेरा लंड उसकी चूत के अंदर एक ही झटके में प्रवेश हो चुका था। मैं उसे बड़ी तेजी से धक्के मारने लगा मुझे उसे चोदने में बहुत मजा आ रहा था वह भी बहुत ज्यादा खुश नजर आ रही थी वह अपने पैरों को खोलती और अपनी मादक आवाज से मुझे अपनी ओर आकर्षित करती काफी देर मैंने उसको ऐसे ही चोदा लेकिन उसकी टाइट चूत को मैं ज्यादा देर तक झेल ना सका।

वह मुझे कहने लगी संदेश तुमने तो अपने वीर्य को मेरे अंदर ही गिरा दिया है। मैंने उसे कहा कोई बात नहीं विनीता यह कहते ही मैंने दोबारा से अपने लंड को खड़ा किया और दोबारा से विनीता को चोदना शुरू कर दिया और उसको धक्के मारना मुझे अच्छा लग रहा था। मैं उसे लगातार तेज गति से ऐसे ही चोद रहा था उसकी चूत मैने बहुत देर तक मारी मेरे अंदर की गर्मी पूरी तरीके से बढने लगी थी। विनीता भी गरम हो चुकी थी जब मैंने अपने वीर्य को विनीता की चूत पर गिराया तो वह मुझे कहने लगी कि आज मुझे मजा आ गया। मैंने विनीता को कहा तुम्हारी चूत से अभी भी वीर्य टपक रहा है विनीता की चूत से वीर्य और खून दोनों ही बाहर निकल रहे थे। मैंने उसे कहा लो मैं तुम्हें कपड़ा देता हूं मैंने गाड़ी से कपड़ा निकाल और विनीता को दिया विनीता ने उसे अपनी चूत को साफ किया उसकी चूत से पानी बाहर की तरफ को निकल रहा था पर मुझे उसे चोदने में बड़ा आनंद आया।


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