मिल गया मुझे लंड का साथी

Mil gaya mujhe lund ka sathi:

hindi chudai ki kahani

हेल्लो दोस्तों सभी लंड और चूत के दीवानों को मेरे लंड का नमस्कार | यह मेरी पहली आत्मकथा है अगर मुझसे इस कहानी को प्रेषित करने मैं कुछ गड़बड़ हो जाये तो भाई लोग माफ़ करना और बालिकाएं या भाभियाँ चुदवा लेना | मेरा नाम राज है और मै बंगलौर का रहने वाला हूँ | फ़िलहाल तो मैं अभी मुंबई मैं रह कर पढाई कर रहा हूँ | मुंबई में मैं mba की पढाई कर रहा हूँ और वहां पर मैं एक हॉस्टल मैं रह रहा हूँ | अब मैं आपको अपनी शारीरिक संरचना के बारे मैं कुछ बताना चाहूँगा | मेरी लम्बाई 5.9. है और मेरे शरीर की अवस्था कुछ खास नहीं है मतलब की मैं दुबला पतला हूँ मगर कुदरत का करिश्मा है कि जो तोहफा उसने मुझे दिया है वो हर किसी के पास नहीं होता है | मेरे लंड की लम्बाई 7.5. इंच लम्बा और उसका व्यास १.5. इंच से कुछ ज्यादा है |

तो अब आते है मुद्दे की बात पर मेरा कॉलेज में पहला दिन था और मैं डरा सहमा सा गेट के अन्दर गया | तो कुछ लड़को की नज़र मुझ पर पड़ी और उन्होंने मुझे अपने पास बुलाकर मेरी मारनी या बोले तो रैगिंग शुरू कर दी | मैं डर के मारे मैं रोने लग गया उसी समय वहां से एक बंदी निकल रही थी जो ज्यादा ख़ूबसूरत तो नहीं थी मगर उसका वहां पर रुतबा बहुत था उसने उन सब को बहुत डांटा और मुझे एक प्यारी सी झप्पी दी | उसके बाद मुझे किसी ने परेशां नहीं किया | उसका नाम रागिनी था और हम लोग बहुत क्लोस आ गए थे रोज़ फोन पर बातें करना और कॉलेज मैं साथ साथ घूमते और बात करते थे |

एक दिन उसका कॉल आया और उसने कहा की कल मेरा जन्मदिन है मुझे गिफ्ट चाहिए | मुझे कुछ और नहीं चाहिए था बस उसकी ख़ुशी चाहिए थी पर एक दिक्कत थी मेरे पास पैसे नहीं थे | मुझे बस एक चीज़ दिख रही थी और वो थी उसकी मुस्कान | मैंने सोचा चलो यार कहीं से उधार ले लूँगा | उसके बाद मैंने अपने दोस्त से बात की और उसने कहा ठीक है मैं तुझे एक हज़ार रुपये दे सकता हूँ | मैंने कहा ठीक है मुझे दे दे और उसने मुझे घर बुलाया और कहा जल्दी आना मुझे कहीं जाना है | मैं आधे घंटे में उसके घर पहुँच गया और उसके बाद मैंन सोचा यहीं से सीधा निकलता हूँ और उसके लिए गिफ्ट भी ले लूँगा उसके बाद मैंने एक ऑटो पकड़ी और मार्किट चला गया | वहां मुझे एक दूकान दिखी ग्रीटिंग की और मैंने वहां से एक मस्त ग्रीटिंग ली | उसके बाद मैंने उसके लिए एक अच्छा सा टेडी बेयर लिया और मेरे पास फिर भी पाँच सौ रुपये बचे हुए थे | मैंने एक केक का आर्डर दे दिया और कहा इसको कल ठीक 12 बजे मेरे घर पर पहुंचा देना | मैंने ये सब करने के बाद उसको कॉल किया और उसके बाद उससे कहा सुनो मुझे एक काम है मेरे घर आ जाना तुम और ठीक 11:30 तक आ ही जाना | उसने कहा ठीक है मैं आ जाउंगी |

अब मैं अगले दिन सुबह जल्दी उठ गया और पूरे कमरे को सजा दिया और नहा धो के तैयार हो गया | उसके बाद मैंने पूरे कमरे में फूल लगा दिए और तरीके से सजा दिया | वो ठीक टाइम पर आ गयी और केक आया नहीं था पर जैसे ही 12 बजे केक भी आ गया और उसके बाद मैं उसे बिना बताये केक भी रख दिया अन्दर | उसने कहा बताओ ना यार मुझे क्यों बुलाया है और मैंने कहा थोडा सा रुक जाओ | फिर मैंने उसकी आँखे बंद की अपने हांथों से और उसको उस कमरे में ले गया | उसके बाद जैसे ही मैंने उसकी आँखे खोली तो वो देखती रेह गयी | उसके बाद वो बिलकुल खुश थी और उसके बाद मैंने उसको चाक़ू दिया और कहा ठीक है अब तुम मुझे केक खिलाओ | उसने केक कटा और उसके बाद मुझे उसने केक खिलाया | फिर मैंने उसको भी खिलाया और उसको उसके गिफ्ट दिए | उसने गिफ्ट अपने सीने से लगा लिया और कहा यार आज तक ऐसा मेरे लिए किसी ने नहीं किया और कहा मेरे सगे माँ बाप ने तक मेरे लिए ऐसा नहीं किया आज तक | मैंने कहा ठीक है अब मैं हूँ ना अबसे तुम्हे कोई कमी नहीं होगी | उसके बाद उसने मुझे अपने गले से लगा लिया और कहा यार बस तुम अब मेरे ही बनके रहना क्यूंकि मुझे लड़के बदलने की आदत नहीं है | मैंने सोचा यार चलो ठीक है मान लेता हूँ इसकी बात अगर सच बोल रही होगी तो मेरी बात बन जाएगी | उसके बाद मैंने उससे कहा यार देखो जो आज कहा है उपे तुम हमेशा कायम रहना | उसने कहा देखो अगर तुम्हे मुझपर भरोसा नहीं है तो मुझे गोली मार देना अगर मैं तुम्हे कभी धोखा दूँ तो | मैंने सोचा यार अगर ऐसा है तो फिर मैं भी कहता हूँ की मैं तुमने कभी धोखा नहीं दूंगा | वो मेरे गले लग के और चिपक गयी और मुझे किस करने लगी | मैंने कहा यार ये सब शादी से पहले तो उसने कहा अरे ठीक है ना कौनसा सब कुछ कर रहे हैं हम बस किस ही तो किया है | मैनेसोचा चलो यार ठीक है अब मैं इससे बात करूँगा और इसको कहूँगा की जैसे ही मेरी नौकरी लगती है वैसे ही तुम अपने घर वालों से बात कर लेना | उसने कहा ठीक है अगर वो नहीं माने तो भी मैं तुम्हे अपना बना लुंगी और भागने की कोशिश की अगर तुमने तो मैं तुम्हे गोली मार दूंगी | मैंने कहा यार तुम ये हमेशा गोली गोली क्यूँ करती रहती हो | उसने कहा मैं पंजाब की शेरनी हूँ मुझे अगर कुछ पसंद आ जाये तो वो बस मेरा ही हो जाता है | मैंने सोचा चलो यार ठीक है मुझे एक मस्त बंदी मिल रही है उससे ज्यादा और क्या चाहिए |

एक दिन हम दोनों कॉलेज में थे और उसके बाद मेरा नंबर आया इंटरव्यू के लिए और मेरा सिलेक्शन हो गया और मुझे नौकरी मिल गयी | हम दोनों बहुत खुश थे और हम दोनों अपने घर आ गए | उसके बाद मैंने सोचा चलो तुम थोडा रेस्ट करो मैं कुछ खाने के लिए लेके आता हूँ | उसके बाद मैंने सोचा यार आज कुछ अच्छा लेके चलता हूँ | मैं शाही पनीर और रोटी ले गया और उसके बाद मैंने एक मस्त सी मिठाई ली | मैं ये सब लेके जैसे ही अपने घर पहुंचा तो मैंने देखा मिठाई मेरा पहले से ही इंतज़ार कर रही थी | मैंने देखा उसने एक मस्त सी मेक्सी पहनी थी और उसके बाद मैंने देखा वो उसे नीचे कर रही थी | उसकी काली ब्रा साफ़ दिख रही थी | मैं तुरंत उसके पास गया और कहा यार मत कर ना और उसने उसने मुझे अपने से चिपका लिया और उसके बाद उसने मुझसे कहा हो जाने दो जो होना है | फिर उस्नेमुझे किस कर दिया और मुझे सहलाने लगी और उसके बाद मैं भी उसको किस करने लगा | उसके बाद मैंने उसके कपड़े उतार दिए | फिर मैंने उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसको किस कर दिया और उसके दूध को अपने हाथ में लेके मसलने लगा | फिर मैंने उसकी कमर पर हाथ रखा और हलके से सहलाने लगा | उसके बाद मैंने उसको कहा ठीक है आज बस हम दोनों एक हो जाएंगे | फिर मैंने उसको पकड़ लिया और उसके बाद उसने मेरे लंड को बाहर निकाला और उसके बाद उसने मेरे लंड को मुंह में भर लिया और मेरे लंड को चूसने लगी | मैं अहह अहह ह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह अआआ य्ह्ह्ह य्ह्ह्ह य्य्ह्हह्ह अह्ह्ह अहह अहह ह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह अआआ य्ह्ह्ह य्ह्ह्ह य्य्ह्हह्ह अह्ह्ह करने लगा | फिर उसके बाद मैंने उससे कहा मुझे तुम्हरी चूत चाहिए | उसके बाद उसने अपनी पेंटी को हलके से हटाया और कहा ये लो मेरी चूत मेरे सरकार | मैंने उसकी चूओत पर हाथ फेरा और उसके बाद मैंने मैंने उसको चाटना शुरु कर दिया | वो अहह अहह ह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह अआआ य्ह्ह्ह य्ह्ह्ह य्य्ह्हह्ह अह्ह्ह अहह अहह ह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह अआआ य्ह्ह्ह य्ह्ह्ह य्य्ह्हह्ह अह्ह्ह करने लगी | उसके बाद मैंने अपने लंड को मसला और उसकी चूत के ऊपर रगड़ने लगा और वो अहह अहह ह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह अआआ य्ह्ह्ह य्ह्ह्ह य्य्ह्हह्ह अह्ह्ह अहह अहह ह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह अआआ य्ह्ह्ह य्ह्ह्ह य्य्ह्हह्ह अह्ह्ह कर रही थी |

उसके बाद मैंने उसकी चूत में हलके से अपना लंड घुसाया और वो कसमसाते हुए अपनी चूत में लंड लेती गयी | उसके बाद मैंने धीरे धीरे चुदाई की रफ़्तार बधाई और वो अहह अहह ह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह अआआ य्ह्ह्ह य्ह्ह्ह य्य्ह्हह्ह अह्ह्ह अहह अहह ह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह अआआ य्ह्ह्ह य्ह्ह्ह य्य्ह्हह्ह अह्ह्ह करते हुए चुद्वाती गयी | उसके बाद मैंने उसको आधे घंटे तक चोदा और उसके बाद मैंने उसको हमेशा के लिए अपना बना लिया चूत में मुट्ठ भर के |


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