मेरी सेक्स की मांग को पूरा कर दिया

Meri sex ki maang ko pura kar diya:

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मेरा नाम प्रशांत है मैं बेंगलुरु का रहने वाला हूं, मैं एक कंपनी में मैनेजर हूं और मेरी उम्र 33 वर्ष हो चुकी है परंतु मैंने अभी तक शादी नहीं की है। मैं एक अच्छी लड़की की तलाश में था लेकिन मुझे अभी तक ऐसी कोई लड़की नहीं मिली जिससे कि मैं शादी कर पाऊं लेकिन जब मेरी जिंदगी में सुरभि आई तो मुझे लगा कि मुझे उसके साथ अपना आगे का जीवन बिताना चाहिए। सुरभि एक कंपनी में नौकरी करती है, उसकी और मेरी मुलाकात मेरे एक दोस्त के द्वारा हुई, जब मेरे दोस्त ने मेरी सुरभि से मुलाकात करवाई तो मैं उसे पहली नजर में ही पसंद करने लगा और मैंने उससे कुछ समय बाद शादी के बारे में जिक्र कर दिया लेकिन वह मुझसे शादी नहीं करना चाहती थी और फिर अभी तक हम दोनों ने इस बारे में कोई निर्णय नहीं लिया है। सुरभि अब भी मुझसे बात करती है और जब भी उसे कोई आवश्यकता होती है तो वह मुझसे ही डिस्कस करती है, मैं हमेशा उसकी मदद करता हूं।

एक दिन मैं घर पर बैठा हुआ था उस समय सुरभि को कुछ पैसों की आवश्यकता थी, मैंने उसकी उस दिन मदद की, उस दिन के बाद से सुरभि मुझसे बहुत ही अच्छे से बात करने लगी थी लेकिन मुझे नहीं पता था कि सुरभि किसी और लड़के से प्रेम करती है, जब मैंने उसे उसके साथ देखा तो मेरे पैरों तले जैसे जमीन खिसक गई हो, मैंने तो सुरभि के ऊपर इतना भरोसा किया लेकिन उसने मेरे भरोसे को एक झटके में छोड़ दिया,  उसने मेरे साथ बहुत ही गलत किया। जब मैंने यह बात सुरभि से कहीं तो सुरभि मुझे कहने लगी आप शायद गलत सोच रहै हैं मेरा उसके साथ ऐसा कोई संबंध नहीं है, मैंने उसे कहा कि यदि तुम्हें उसके साथ ही कोई रिलेशन रखना था तो तुम मुझे पहले ही कह देती, तुमने मुझे बहुत ही आहत पहुंचाया है। कुछ समय तक मैंने सुरभि के साथ बात नहीं की लेकिन जब सुरभि को भी इस बात का एहसास हुआ कि उसने मेरे साथ बहुत गलत किया तो वह मुझे फोन करने लगी लेकिन मैंने भी काफी वक्त तक उसका फोन नहीं उठाया, वह मुझसे मिलने की भी बहुत कोशिश करती रही परंतु मैं उससे मिला नहीं। एक दिन मैंने उसका फोन उठा ही लिया और जब मैंने उसका फोन रिसीव किया तो वह कहने लगी कि आप मुझे माफ कर दीजिए, मैंने आपको बहुत तकलीफ पहुंचाई, मैंने उससे पूछा कि क्या तुम्हें अपनी गलती का एहसास हो गया है, वह कहने लगी मुझे अपनी गलती का एहसास हो चुका है।

उसने मुझे कहा कि मुझे आपसे एक बार मिलना है, उसके बाद चाहे आप मुझसे कभी भी बात मत कीजिए, मैंने उसे कहा ठीक है मैं इस बारे में सोचूंगा, मैंने यह कहते हुए उसका फोन काट दिया और मैं सोचने लगा कि मुझे उससे एक बार मिलना चाहिए क्योंकि आखिरकार मैं उससे प्यार करता हूं और मैं उसको भी तकलीफ में नहीं देख सकता इसलिए मैंने उससे मिलने का निर्णय कर लिया। मैंने जब उसे फोन कर के कहा कि ठीक है मैं तुम्हें मिलता हूं तो वह कहने लगी कि आप मेरे घर के पास वाले रेस्टोरेंट में आ जाइए,  उसके घर के पास ही एक बड़ा रेस्टोरेंट है हम लोग काफी बार रेस्टोरेंट में भी बैठे हैं और पहले हमने उस रेस्टोरेंट में काफी अच्छा समय बिताया है, उसने मुझे उस रेस्टोरेंट में आने को कहा तो मैं उससे मिलने के लिए वहां पर चला गया, मैं कुछ देर उसका वहां बैठ कर इंतजार करता रहा जब वह आई तो मुझे वह काफी समय बाद मिली थी इसलिए वह मुझे अच्छी लग रही थी और उसने बहुत ही अच्छी सी ड्रेस पहनी हुई थी जिसमें वह बहुत सुंदर भी लग रही थी। वह जब मेरे पास आकर बैठी तो पहले कुछ देर तक हम दोनों की कोई बात नहीं हुई लेकिन जब उसने मुझसे बात की तो मैंने उससे पूछा कि अब तुम्हें मेरी याद कैसे आ गई, वह कहने लगी मुझे अपनी गलती का एहसास हो चुका है, जिस लड़के के साथ मैं रिलेशन में थी उसने मुझे धोखा दिया, वह पहले से ही शादीशुदा था और उसने मेरे साथ बहुत गलत किया, मुझे उसके बाद एहसास हुआ कि मुझे आप को ठेस नहीं पहुंचानी चाहिए थी, आप हमेशा ही मेरी मदद के लिए तत्पर रहते हैं और उसके बावजूद भी मैंने आपको बहुत ठेस पहुंचाई, उसके लिए मैं आपसे माफी मांगती हूं। वह भी अपनी गलती पर शर्मिंदा थी इसलिए मैंने भी उसे माफ कर दिया और मैंने उसे कहा कि तुम ऐसे ही किसी पर भी भरोसा मत कर लिया करो, यह कहते हुए हम दोनों की बातें अब पहले जैसे होने लगी, मैं भी उससे बात कर के बहुत खुश था उसके साथ समय बिताना मुझे अच्छा लग रहा था।

सुरभि मुझे कहने लगी कि आप जो भी कहेंगे मैं अब आपकी बातों पर भरोसा कर लूंगी और ऐसे ही मैं अब किसी पर भी ट्रस्ट नहीं करने वाली, उसने मुझे धोखा दिया और मैं उसके धोखे से अभी नहीं उबर पाई हूं। उसको वाकई में बहुत ज्यादा सदमा लगा था क्योंकि उसने मुझे भी चीट किया था और वह उसके साथ चुपके से मिल रही थी हालांकि मैंने उसकी सारी गलतियों को माफ कर दिया था और उसे कहा कि आइंदा से तुम कभी ऐसी गलती मत करना जिससे कि मुझे तकलीफ हो, वह कहने लगी आज के बाद मैं कभी भी आपको तकलीफ नहीं दूंगी और मैं आपके साथ ही शादी करना चाहती हूं। उसने भी अब शादी के लिए हामी भर दी थी और मैं भी तैयार हो चुका था। मैंने उसे कहा क्या तुम्हें अपनी गलती का एहसास हो चुकी है क्या तुम मेरे साथ सेक्स करोगी तभी मुझे तुम पर यकीन आएगा। वह मुझे कहने लगी तुम यह किस प्रकार की बातें कर रहे हो लेकिन मैंने उसे कन्वेंस कर लिया था। हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स करने के लिए तैयार थे, मैंने सुरभि से कहा क्या हम लोग किसी नजदीकी होटल में चले। वह मुझे कहने लगी ठीक है हम लोग किसी होटल में चलते हैं, मै उसे पास के होटल में ले गया वहां पर जब हम लोगों ने रूम लिया तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।

मैंने सुरभि कहा से कहा तुम अपने कपड़े उतार दो। उसने जैसे ही अपने कपड़े उतारे तो उसकी मोटी जांघ देखकर मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया। मैंने उसे अपने पास बुलाया, मैंने कुछ देर तक तो उसके होठों का रसपान किया, कुछ देर तक मैं उसके चूचो को चुसता रहा। जब मैं उसके स्तनों का रसपान कर रहा था तो मुझे बहुत मजा आता, मैंने उसे कहा मुझे तुम्हारे स्तनों का रसपान कर के बहुत आनंद आ रहा है, मैंने उसके निप्पल के ऊपर अपने दांत के निशान भी मार दिए जिससे कि वह और भी उत्तेजित हो गई। जब मैंने उसकी योनि को उंगली से सहलाना शुरु किया तो कुछ देर तक तो वह पूरे मूड में थी और जब उसकी चूत ने पानी छोड़ा तो वह अपने आपको नहीं रोक पाई। वह कहने लगी अब मुझसे बिल्कुल नहीं हो रहा जल्दी से तुम अपने लंड को मेरी चूत में डाल दो। मैंने उससे पूछा क्या तुमने आज से पहले कभी अपनी चूत मरवाई है। वह कहने लगी हां मैंने अपनी चूत मरवाई है, यदि तुम्हें मेरे साथ सेक्स करना है तो तुम जल्दी करो। मैंने भी अपने 9 इंच मोटे लंड को जब उसकी चूत पर लगाया तो मुझे ऐसा लगा जैसे उसकी चूत से गरम पानी निकल रहा हो। मैंने जब धीरे धीरे उसकी योनि में लंड को डालाना शुरू किया तो मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था, उसकी योनि से लगातार तरल पदार्थ बाहर निकलने पर लगा हुआ था। उसकी योनि का तरल पदार्थ इतना गरम था कि उसकी चूत चिकनी हो गई, मुझे उसकी चूत मारने में बहुत मजा आने लगा। हम दोनों के बदन से जो गर्मी उत्पन्न होती उसे हम दोनो के पसीना पसीना होने लगे, मुझे नहीं पता था कि सुरभि का बदन इतना ज्यादा टाइट होगा। मैं लगातार उसके स्तनों को दबा रहा था, जब मैं उसके स्तनों को दबाता तो वह अपने मुंह से आवाज निकालती और कहती तुम ऐसे ही मेरे स्तनों को दबाते रहो। मुझे उसके स्तनों को दबाना अच्छा लग रहा था, मैं काफी देर तक उसकी चूत तेजी से मार रहा था, सुरभि ने भी मेरा पूरा साथ दिया। जब मेरा वीर्य गिरने वाला था तो उसने मुझे कहा तुम मेरे मुंह में अपने वीर्य को गिरा दो। मैंने भी एक झटके में अपने लंड को बाहर निकाला और 10 सेकंड तक सुरभि ने मेरे लंड को अपने मुंह में लिया। जब सुरभि मेरे लंड को अपने मुंह में ले रही थी तो मेरा वीर्य तेज गति से बाहर की तरफ निकल गया।


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