मेरी गांड की आग

Meri gaand ki aag:

gaand chudai ki kahani, antarvasna

मेरा नाम बबीता है मैं चंडीगढ़ की रहने वाली हूं, मेरी शादी को 10 वर्ष हो चुके हैं। मेरे पति का अपना ही बिजनेस है और वह काफी सालों से अपने पुश्तैनी कारोबार को संभाल रहे हैं। मुझे किटी पार्टी में जाने का बहुत शौक है, मैं इसीलिए अपने कॉलोनी की हर किटी पार्टी में जाती हूं। किटी पार्टी में जाने से मुझे दो तरीके से फायदा हो जाते हैं, एक तो मुझे सब कुछ पता चल जाता है और दूसरा मैं बहुत ही ज्यादा जानकारी रखना पसंद करती हूं। एक बार मैं किटी पार्टी में गई हुई थी तो उस समय हमारी कॉलोनी की भी बहुत सारी महिलाएं आई हुई थी, मै किटी पार्टी में बैठी हुई थी तो हमारी कॉलोनी की एक महिला ने मुझे बताया कि मेरी सहेली रचना के पति अक्षय का किसी अन्य महिला के साथ चक्कर चल रहा है। मैंने उस महिला से पूछा कि तुम यह बात कैसे कह सकती हो, अक्षय तो एक बहुत ही सीधा साधा व्यक्ति है और मेरी सहेली रचना भी एक बहुत ही अच्छी महिला है लेकिन वह जिस तरीके से मुझसे कह रही थी तो मुझे उसकी बात पर पूरा यकीन हो गया और मुझे लग गया कि अक्षय का वाक्य में किसी अन्य महिला के साथ चक्कर चल रहा है।

मुझे उस दिन बहुत ज्यादा बुरा भी लगा क्योंकि रचना मेरी बहुत अच्छी दोस्त है और हम लोग काफी समय से एक दूसरे को जानते हैं, मैं बिल्कुल भी यकीन नहीं कर पा रही थी इसीलिए उस दिन ज्यादा देर तक मैं पार्टी में भी नहीं रुक, मैं जल्दी घर आ गई। जब मैं घर आई तो मैं यही सोचने लगी कि अक्षय और रचना के बीच में ऐसा क्या हुआ होगा जो वह उसे बिल्कुल भी प्यार नहीं करता और अन्य महिला के चक्कर में पड़ा हुआ है। मेरे पेट में यह बात बिल्कुल भी नहीं पच रही थी,  मैंने यह बात अपने पति को भी बता दी। जब मेरे पति ने अक्षय के बारे में यह बात सुनी तो वह भी बहुत ज्यादा शॉक्ड हो गए और कहने लगे अक्षय तो एक बहुत ही शरीफ़ व्यक्ति है, हम लोग तो उसे बहुत अच्छा मानते हैं और वह सब से कितने अच्छे तरीके से बात करता है लेकिन वह रचना के साथ बहुत गलत कर रहा है।

अगले दिन जब मैं रचना के पास गई तो रचना घर पर ही थी, मैं रचना के साथ ही बैठी हुई थी और उससे मैं पूछने लगी आजकल तुम घर से बाहर नहीं आती हो, वह कहने नहीं लगी आजकल मैं घर पर ही रहती हूं। मैंने उससे पूछा क्या सब कुछ सही चल रहा है, वह कहने लगी तुम यह क्यों पूछ रही हो, सब कुछ तो सही चल रहा है। मैं रचना को यह बात नहीं बताना चाहती थी, मैं उससे ही किसी ना किसी प्रकार से यह बात निकलवाना चाहती थी। मैन उसे पूछा कि तुम्हारे और अक्षय के संबंध कैसे है, वह कहने लगी हम दोनों के अच्छे संबंध हैं, हमारे बीच में तो ऐसा कुछ भी नहीं है हालांकि अक्षय दिखने में बहुत ही स्मार्ट है और उनकी पर्सनैलिटी ऐसी है कि उन पर कई महिलाएं फिदा हो जाती है लेकिन उसके बाद भी वह मेरे लिए पूरी तरीके से समर्पित है और अक्षय कभी भी मेरे साथ ऐसा कुछ गलत नहीं कर सकता। मैं रचना की बातों पर यकीन नहीं कर पा रही थी क्योंकि जिन महिला ने मुझे अक्षय के बारे में बताया था वह पूरे ही कॉन्फिडेंट होकर कह रही थी, मैंने भी रचना से ऐसी कोई भी बात नहीं कही लेकिन उसे मुझ पर शक हो रहा था और वह मुझे यह पूछने लगी कि आज तुम मुझसे यह सब बातें क्यों कर रही हो क्या कोई ऐसी बात हुई है जिससे तुम्हें बुरा लग रहा हो, मैंने उसे कहा नहीं ऐसी तो कोई भी बात नहीं हुई, अक्षय के साथ तो मेरे अच्छे संबंध है और वह एक अच्छा दोस्त भी है। उसी वक्त अक्षय भी आ गया और अक्षय हमारे साथ ही बैठ गया। मैंने अक्षय से पूछा क्या तुम अभी अपने ऑफिस से आ रहे हो, वह कहने लगा हां मैं अभी अपने ऑफिस से आ रहा हूं। मैंने अक्षय से पूछा और सब कुछ ठीक चल रहा है, वह कहने लगा हां सब कुछ सही चल रहा है, तुम बताओ और क्या क्या चल रहा है, मैंने उसे कहा बस कुछ ल नहीं मेरे पति तो अपने काम पर ही बिजी रहते हैं और हम लोग काफी समय से कहीं घूमने का प्लान भी नहीं कर पाए। अक्षय मुझे कहने लगा तुम लोग कहीं घूमने का प्लान बना लो, मैं भी काफी समय से सोच रहा हूं कि कहीं घूमने चलें यदि तुम तेजिंदर से बात कर लो तो हम लोग कहीं घूमने चलते हैं। मैने अक्षय से कहा ठीक है मैं इस बारे में तेजिंदर से बात कर लूंगी यदि वह कहते हैं कहीं घूमने चलना है तो हम लोग घूमने चल लेंगे।

रचना भी मुझे कहने लगी हां हम लोग घूमने चलते हैं क्योंकि काफी समय हो चुका है हम लोग घूमने नहीं गए हैं। मैंने उससे कहा ठीक है मैं तुम्हें आज रात को ही बता दूंगी कि हम लोग घूमने जा रहे हैं या नहीं। अक्षय कहने लगा ठीक है तुम मुझे आज रात को ही बता देना। मैंने रचना से कहा ठीक है मैं अभी निकलती हूं मुझे घर जाना है और कल मैं तुमसे मिलती हूं, वह कहने लगी ठीक है कल मैं तुम्हारे घर पर ही आ जाऊंगी। अब मैं अपने घर आ गई और जब शाम को तेजिंदर ऑफिस से घर लौटे तो मैंने उनसे पूछा कि अक्षय मुझे कह रहा था कहीं घूमने चलना है, क्या हम घूमने का प्लान बना ले, वह कहने लगे थोड़ा समय रुक जाओ उसके बाद हम लोग कहीं घूमने का प्लान बना लेते हैं। उस दिन हमारी ज्यादा बात नहीं हो पाई क्योंकि तेजिंदर बहुत ज्यादा थक चुके थे और वह जल्दी सो गए। मुझे ध्यान आया कि मुझे अक्षय को फोन करना था मैंने अक्षय को मैसेज कर दिया। अक्षय ने मुझे मैसेज का रिप्लाई किया तो उस दिन हम दोनों की काफी बातें होने लगी।

मैने अक्षय से उसके एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के बारे में पूछ लिया अक्षय कहने लगा मेरा एक महिला के साथ रिलेशन चल रहा है क्योकि रचना मुझे सेक्स का सुख नहीं दे पाती है। जब यह बात उसने कही तो मुझे भी लगने लगा मेरे पति भी मुझे सेक्स का सुख नहीं दे पा रहे हैं। मैंने अक्षय से कहा क्या तुम मेरी सेक्स की इच्छा को पूरा कर सकते हो। वह कहने लगा क्यों नहीं आजकल समाज बहुत ही खुला है और हम लोग खुले समाज में रहते हैं। अगले दिन अक्षय मेरे घर पर आया तो उसने आते ही मेरे होठों को किस कर लिया और मुझे तेज स्मूच करने लगा मेरे होठों से खून निकलने लगा था और मेरी चूत का पानी भी बाहर की तरफ को निकलने लगा। अक्षय ने मेरे सरे कपडे खोल दिए। मैने अक्षय के लंड को बाहर निकालते हुए अपने मुंह के अंदर ले लिया उसका 9 इंच का मोटा लंड था, मैने उसे मुंह के अंदर लिया तो मुझे उससे चूसने में बड़ा मजा आ रहा था। काफी देर ऐसा करने के बाद जब अक्षय ने मुझे लेटाया तो उसने मेरी योनि को कुछ देर तक चाटा, जब उसने मेरी योनि के अंदर अपने मोटे और कडक लंड को डाला तो मैं चिल्ला उठी। मैं उसका पूरा साथ दे रही थी और वह भी अपने लंड को मेरी योनि के अंदर बाहर करता जा रहा था। काफी देर उसने ऐसा ही किया लेकिन जब उसका वीर्य पतन हुआ तो मैंने उसे कहा कि तुम्हारा तो बहुत जल्दी झड गया। वह कहने लगा तुम सब्र रखो अभी तो यह शुरुआत है उसने मुझे घोड़ी बना दिया और अपने मोटे लंड को जैसे ही उसने मेरी नरम और मुलायम गांड के अंदर डाला तो मैं चिल्ला उठी। मेरी गांड से खून बाहर की तरफ को निकलने लगा वह बड़ी तेज गति से मुझे झटके दे रहा था मैंने अक्षय से कहा तुम तो मेरी गांड फाड़ कर ही रहोगे। वह कहने लगा क्या तुम्हें मजा नहीं आ रहा मैंने उसे कहा मुझे तो बहुत आनंद आ रहा है तुम ऐसे ही मेरी गांड फाडते रहो और मुझे मजे देते रहो। उसका 9 इंच मोटा लंड जब मेरी गांड के पूरे अंदर तक जाता तो वह ऐसा लगता जैसे 18 इंच का हो चुका है। मुझे ऐसा लगने लगा कही उसका लंड मेरे मुंह के रास्ते कहीं बाहर ना निकल जाए। मैं भी पूरे उत्तेजित होकर अपनी गांड को उससे मिलने लगी थी 10 मिनट बाद जब अक्षय का वीर्य मेरी गांड के अंदर बड़ी तेज गति से गिरा तो उसने झटके से अपने लंड को मेरी गांड से बाहर निकाल दिया। मैंने उसे कसकर पकड़ लिया और कहा अक्षय आज से तुम मेरी इच्छा पूरी कर दिया करो बेबी।


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