मेरी चूत आपकी हुई

Meri chut aapki hui:

Antarvasna, kamukta हमारे घर के बाहर एक नाली है जिसकी वजह से मैं हमेशा परेशान रहता हूं दरअसल उसमें पानी जमा हो जाता है जो हमारे घर के अंदर आ जाता है। एक दिन मेरी पत्नी कहने लगी कि आप किसी को बुलवाकर वह नाली साफ करवा दीजिए मैंने अपनी पत्नी से कहा ठीक है मैं देखता हूं परन्तु वह नाली साफ करवाने के बावजूद भी उस में कचरा जमा हो जाता और दोबारा से वहां पानी रुक जाया करता जो कि हमारे घरों की तरफ आने लगता है। उसका पूर्ण रूप से कोई हल नहीं हो पा रहा था हमेशा उसमें पानी जमा हो जाया करता और हम लोगों को उसकी वजह से बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता क्योंकि नाली से बहुत ज्यादा बदबू आती थी जो कि घर में ही आने लगती थी।

हमारे पड़ोस में एक व्यक्ति ने घर खरीद लिया वह बड़े अच्छे व्यक्ति हैं उन्हें इस चीज के बारे में पता चला तो उन्होंने सारे कॉलोनी के लोगों से कहा कि नाली में कचरा ना फेंका करें। कुछ लोग तो मान गए लेकिन फिर भी वहां पर समस्या जस की तस बनी हुई थी तो उन्होंने उस नाली को खुदवाने का काम शुरू करवा दिया और अपने ही पैसों से उन्होंने उस नाली को पूरी तरीके से ठीक करवा दिया। अब उसमें कोई भी समस्या नहीं थी सब कुछ ठीक हो चुका था नाली से बदबू आना भी बंद हो चुका था क्योंकि उन्होंने बड़े अच्छे से उसका काम करवा दिया था इसी दौरान मेरी उनसे अच्छी दोस्ती हो गई क्योंकि वह काफी सच्चे और अच्छे व्यक्ति हैं उनका नाम कुनाल है। वह रेलवे में जॉब करते थे लेकिन किसी कारणवश उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी उनकी तबीयत ठीक नहीं रहती थी इसलिए उन्हें जल्दी नौकरी छोड़नी पड़ी और अब वह घर पर ही रहते हैं। एक दिन मैं उनसे मिला तो मैंने उनसे पूछा सर आप अपना कोई काम शुरू क्यों नहीं कर लेते वह कहने लगे मेरी तबीयत ठीक नहीं रहती जिस वजह से मैं कोई काम नहीं कर सकता लेकिन फिर भी अब मैं पहले से बेहतर हूं और देख रहा हूं कि कोई काम शुरू करुं। जब भी मैं उन्हें मिलता तो वह मुझसे हंसकर बात किया करते हैं हमारी बातचीत उन लोगों से अच्छी हो चुकी थी और उनका व्यवहार भी सब लोगों के साथ बहुत अच्छा था कॉलोनी में भी सब उनकी बहुत इज्जत करते है।

एक दिन वह मुझे मिले और कहने लगे संजीव मुझे तुमसे यह पूछना था यहां पर सुबह कोई पेपर देने के लिए आता है मैंने उन्हें कहा हां सर सुबह के वक्त हमारे घर पर पेपर देने के लिए जो लड़का आता है मैं आपसे उसकी बात करवा देता हूं। वह कहने लगे दरअसल मुझे अपने घर पर पेपर लगवाना था तो क्या तुम उससे बात करके मुझे बता दोगे मैंने कुनाल जी से कहा सर आपको मैं उसका नंबर ही दे देता हूं आप खुद ही उससे बात कर लीजिएगा उन्होंने कहा हां यह ठीक रहेगा तुम मुझे उसका नंबर दे दो। मैंने उन्हें उसका नंबर दे दिया उन्होंने उस से बात की और उसके बाद उन्होंने अपने घर पर पेपर लगवा दिया उन्हें हमारे घर के पास आए हुए ज्यादा समय नहीं हुआ था इसीलिए उन्हें जब भी जरूरत होती तो वह मुझसे ही पूछ लिया करते हैं। एक दिन मुझे जयपुर जाना था लेकिन मेरी टिकट कंफर्म नहीं हो पा रही थी तो मैंने सोचा कुनाल जी से ही बात कर ली जाए मैंने उन्हें कहा सर मेरी टिकट कंफर्म नहीं हो पा रही है वह कहने लगे कोई बात नहीं मैं तुम्हारा कोटा लगवा देता हूं। वह मुझे कहने लगे कभी भी तुम्हें ऐसी कोई परेशानी आए तो तुम मुझे बता दिया करना मैंने उन्हें कहा जी सर मैं आपको जरूर बता दिया करूंगा और मैं अपने काम के सिलसिले में कुछ दिनों के लिए जयपुर चला गया। जयपुर में मेरे मामा जी रहते हैं तो मैं उनके घर पर ही रुका था मुझे नहीं मालूम था कि मुझे जयपुर में 15 दिन लग जाएंगे मैं तो सोच रहा था कि मैं तीन-चार दिन बाद लौट आऊंगा लेकिन मेरा काम हुआ ही नहीं। जिस काम के सिलसिले में मैं गया था वह काम मेरा बन नहीं पाया इस वजह से मुझे वहां और दिन रुकना पड़ा। मुझे रुकने की कोई समस्या नहीं थी लेकिन वहां पर रुकना मुझे अच्छा नहीं लग रहा था जैसे ही मेरा काम खत्म हुआ तो मैं तुरंत ही अपने घर लौट आया मैं जब घर लौटा तो मुझे रास्ते में कुनाल जी दिख गये वह मुझे कहने लगे अरे भैया तुम तो बहुत दिनों बाद वापस लौट रहे हो।

मैंने उन्हें कहा अरे सर क्या बताऊं मैं गया तो तीन-चार दिन के लिए था लेकिन वहां पर मैं जिस काम के सिलसिले में गया था वह काम हो ही नहीं पाया इसलिए मुझे काफी दिन लग गए। कुनाल जी और मेरे बीच में अब बहुत अच्छी दोस्ती हो चुकी थी हालांकि उम्र में वह मुझसे बड़े हैं लेकिन उसके बावजूद भी वह बिल्कुल ही जवान दिखते हैं मुझे तो मालूम भी नहीं था कि उनकी बेटी की शादी हो चुकी है। जब एक दिन उन्होंने मुझसे कहा कि मेरी बेटी की शादी हो चुकी है और उसका एक 3 साल का लड़का भी है तो मैंने उन्हें कहा मुझे तो लगता था कि आपके बच्चे शायद छोटे ही होंगे क्योंकि उनकी एक लड़की है जो अभी 12वीं में पढ़ रही है। वह मुझे कहने लगे नहीं मेरी एक बड़ी बेटी भी है उसकी शादी को हुए 5 साल हो चुके हैं और उनका एक लड़का भी है जो कि अमेरिका में जॉब करता है वह बीच में एक बार घर आया भी था तो उस दौरान उन्होंने मुझे अपने लड़के से भी मिलवाया उसका नाम निखिल है। मेरी उम्र 35 वर्ष की है और कुनाल जी की उम्र मुझसे काफी बड़ी है लेकिन उसके बावजूद भी हमारे बीच में बहुत अच्छी बातचीत है और हम लोग एक दूसरे से हमेशा मजाक करते रहते हैं। एक दिन वह मुझे कहने लगे पड़ोस में कुछ लोग रहने आए हैं लेकिन उन्हें रहने का बिल्कुल भी सलीका नहीं है वह लोग इतनी ज्यादा गंदगी करते हैं कि मुझे तो बहुत दिक्कत होती है।

मैंने उन्हें कहा तो आप उनसे बात क्यों नहीं कर लेते वह कहने लगे मैंने उन्हें कहा था लेकिन वह लोग किसी की बात ही नहीं सुनते एक दिन दोनों ने रास्ते में केले का छिलका फेंक दिया था जिससे कि एक बाइक वाले का एक्सीडेंट भी हो गया। मेरी तो हंसी ही छूट गई जब उन्होंने यह बात मुझे कहीं क्योंकि मेरे साथ भी एक बार ऐसा ही हुआ था और मैं उस वक्त बहुत जबरदस्त तरीके से गिरा था मुझे काफी चोट भी आई थी। मैंने जब उन्हें अपनी कहानी बयां की तो वह भी हंसने लगे और कहने लगे मैं भी उस व्यक्ति के बारे में सोच रहा हूं जो यहां पर गिरा था उसे भी काफी चोट आई थी लेकिन उसके बावजूद भी वह लोग बिल्कुल सुधरने को तैयार नहीं है। मैंने उन्हें कहा आप रहने दीजिए बेकार में उन लोगों से आप दुश्मनी मोल ले लेंगे इसलिए उन्होंने फिर उन्हें कभी कुछ नहीं कहा लेकिन कुछ समय बाद जो वहां के मकान मालिक थे उन्होंने ही उन्हें वहां से खाली करने के लिए कह दिया क्योंकि उन लोगों ने बहुत ज्यादा गंदगी की हुई थी और काफी तोड़फोड़ भी की थी जिससे कि वह लोग भी बहुत ज्यादा परेशान हो चुके थे और उन्होंने उन्हें खाली करने के लिए कह दिया। मैं एक दिन अपने घर से बाहर निकला तो मैंने देखा कुनाल जी के घर पर कुछ मेहमान आए हुए हैं फिर मैं वहां से चला गया मैंने उनसे बात नहीं कि मुझे लगा कि वह बिजी होंगे इसलिए मैंने उनसे कोई बात नहीं की लेकिन जब शाम को मैं लौटा तो उन्होंने मुझे देख लिया और कहा आज सुबह आपने मुझसे बात भी नहीं की। मैंने उन्हें कहा अरे सर मुझे लगा आप के मेहमान आए हुए हैं आप कुछ सामान लेकर जा रहे थे तो मैंने आपसे कोई बात नहीं कि वह कहने लगे मेहमान नहीं मेरी बेटी आई हुई है और उसके पति भी आ रखे हैं।

उन्होंने मुझे कहा मैं आपको अपनी बेटी से मिलवाता हूं उन्होने जब अपनी बेटी से मुझे मिलवाया तो मुझे उससे मिलकर बहुत अच्छा लगा उसका नाम संजना है संजना के पति कुछ दिनो बाद जा चुके थे लेकिन संजना कुनाल जी के पास कुछ दिनो तक रुकने वाली थी उसे मेरी दोस्ती बहुत अच्छी हो चुकी थी। हम लोगों के बीच हंसी मजाक हुआ करता था संजना ने मुझे अपना नंबर भी दे दिया था मैं उससे मैसेज के द्वारा बात किया करता था एक दिन मैंने गलती से उसे कुछ अश्लील मैसेज भेज दिए लेकिन उसने मुझे हंसकर रिप्लाई किया। उसके बाद तो मैं उसे बहुत अश्लील मैसेज भेजने लगा मैंने उसे कहा मेरे घर पर आ जाओ तो वह मेरे घर पर आ गई। जब वह मेरे घर पर आई तो मैंने उससे अश्लील बातें शुरू कर दी हम दोनों के बीच में उस दिन सेक्स हुआ। मैंने संजना से कहा तुम्हे लंड लेना पसंद है वह कहने लगी हां मुझे लंड लेना पसंद है उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर बहुत देर तक चूसना शुरू किया उसे मेरे लंड को अपने मुंह में लेने में बड़ा मजा आता।

वह कहती मैंने तो कई लंड अपने मुंह के अंदर लिए हैं जब मैंने अपने मोटे लंड को उसकी योनि के अंदर डाला तो उसने अपने दोनों पैरों के बीच में मुझे जकड़ लिया और मैं खुश होकर उसे धक्के देने लगा मैंने उसे बहुत देर तक चोदा। जैसे ही मैंने उसे घोड़ी बनाकर चोदना शुरू किया तो उसकी चूतडो का रंग लाल होने लगा जब मेरा लंड उसकी चूतडो को टकराता तो मुझे बहुत मजा आता। मैं उसे लगातार तेजी से धक्के दे रहा था और बड़ी तेजी से वह भी अपनी चूतडो को मुझसे मिला रही थी हम दोनों ने एक साथ काफी देर तक ऐसा ही किया। जब मैंने अपने वीर्य को उसकी बड़ी चूतडो पर गिराया तो वह खुश हो गई और कहने लगी आज तो आपके मोटे लंड ने मेरी चूत को अपना बना लिया और मुझे आपके साथ सेक्स करने मे बहुत मजा आया। हम दोनों कुछ देर साथ में बैठे थे लेकिन जब मैंने उसकी गांड मारी तो उसकी गांड मारने में जो मजा आया वह मुझे उसकी चूत मारने में नहीं आया था। संजना को भी मुझसे अपनी गांड मरवा कर बहुत अच्छा लगा मैने उसकी गांड के मजे 3 मीनट तक लिए।


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