मेरी बहन की सास का लालच

Meri bahan ki saas ka lalach:

kamukta, antarvasna

मेरा नाम सचिन है मैं कानपुर का रहने वाला हूं, मैं लोगों को ब्याज में पैसे देने का काम करता हूं, मैं यह काम 5 वर्षों से कर रहा हूं, इससे पहले मैं नौकरी करता था लेकिन मैंने नौकरी छोड़ दी और उसके बाद से मैं ब्याज पर पैसे देने का काम कर रहा हूं। मेरी बहन की शादी को अभी एक वर्ष ही हुआ हैं, मेरी बहन के पति स्कूल में टीचर हैं और उनकी पोस्टिंग लखनऊ में है। जब मेरी बहन की शादी हुई तो एक बार मैं उसके घर पर चला गया, जब मैं उसके घर गया तो मैं उसे देखकर बहुत ही दुखी हुआ क्योंकि वह बहुत ही दुबली पतली हो गई थी और मुझसे अच्छे बात भी नहीं कर रही थी। मैंने उससे पूछा कि तुम्हें क्या परेशानी है लेकिन उसने मुझे कुछ भी नहीं बताया, उसने मुझे कुछ नहीं बताया तो मैं उसकी बहुत चिंता करने लगा। उस दिन मेरे काफी पूछने पर भी वह मुझसे कुछ नहीं कह रही थी लेकिन जब मैंने उस पर दबाव बनाया तो उसने मुझे बताया कि उसकी सास उसके ऊपर दहेज के लिए बहुत ज्यादा परेशान कर रही है। मैं यह बात सुनकर बहुत ही आग बबूला हो गया और मैं इतना ज्यादा गुस्से में था कि मैंने अपनी बहन के हस्बैंड को फोन कर दिया, मैंने जब उसे इस बारे में बात की तो वह मुझे कहने लगा मुझे तो इस बारे में कुछ भी नहीं पता, वह बिल्कुल ही अनजान बन रहा था।

मैंने जब इस बारे में अपने माता-पिता से बात की तो वह कहने लगे तुम इस मामले में यदि शांति से बात करो तो ज्यादा अच्छा रहेगा नहीं तो ऐसे में तुम्हारी बहन आशा का घर भी टूट सकता है। मुझे भी लगा कि वाकई में मुझे इतना गुस्सा नहीं दिखाना चाहिए और इस मामले को शांति से सुलझाना चाहिए। मैंने अपनी बहन से कहा कि तुम्हारी सासु तुम्हें किस बात के लिए परेशान कर रही है, वह मुझे कहने लगी वह कार की डिमांड कर रही थी और मैंने उन्हें मना कर दिया लेकिन वह अब भी मुझ पर बहुत दबाव बना रहे हैं। मैंने अपनी बहन से कहा तुम एक काम करना तुम कुछ दिनों के लिए घर आ जाओ, जब तुम घर आओ तो तुम मेरे साथ कार के शोरूम में चलना वहां पर हम लोग कोई कार ले लेंगे, वह कहने लगी भैया आप रहने दीजिए यदि आप इस प्रकार से बढ़ावा देंगे तो शायद आगे जाकर हमारे लिए यह नुकसानदायक हो सकता है।

मैंने अपनी बहन से कहा कि यह तो तुम्हारे लिए भी सुविधा हो जाएगी क्योंकि यदि घर में कार होगी तो तुम्हें भी कई काम करने में आसानी होगी, यह कहते हुए मैंने उसे घर बुला लिया और कुछ दिनों बाद वह घर आ गई। जब वह घर पर आई तो वह बहुत खुश थी और उसके चेहरे की खुशी देखकर मैं भी अपने आप को बहुत खुश महसूस कर रहा था क्योंकि मैं अपनी बहन से बहुत ज्यादा प्रेम करता हूं और उसको मैं कभी भी तकलीफ में नहीं देखना चाहता, बचपन से मैंने उस पर बहुत ध्यान दिया है। मेरी बहन मुझसे कहने लगी भैया आप यह सब रहने दीजिए, फिर वह किसी अन्य चीज के लिए भी परेशान करेंगे, मैंने अपनी बहन से कहा यह कार मैं तुम्हें अपनी तरफ से गिफ्ट कर रहा हूं, अपने भाई से क्या तुम गिफ्ट नहीं लोगी, जब मैंने उसे यह बात कही तो वह भी खुश हो गई। उसके अगले दिन हम लोग कार के शोरूम में चले गए, जब मैं कार के शोरूम में गया तो वहां पर काफी कारें लगी हुई थी, मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि कौन सी ठीक है। मेरी बहन के साथ उसकी सास भी आई हुई थी, वह हमारे साथ ही बैठी हुई थी। उसके बाद मैंने अपनी बहन के हस्बैंड को फोन किया तो उन्होंने मुझे कहा आप कोई भी कर ले लीजिए। मैंने वहां पर एक कार बुक कर ली और जब हम लोग शोरूम से वापस लौटे तो मेरी बहन की सास के चेहरे पर एक अलग प्रकार की चमक थी, वह बहुत खुश दिखाई दे रही थी। मैंने उनके लिए ऑटो को किया और वह वहां से घर के लिए चली गई, मैं अपनी बहन को अपने घर ले आया,  कुछ दिन तक तो वह हमारे साथ ही रही, जब तक वह घर पर थी तब तक मेरे पापा मम्मी भी बहुत खुश थे परन्तु जब वह अपने ससुराल चली गई तो उस दिन हमे थोड़ा बुरा लग रहा था। हम लोगों ने उन्हें अब कार भी दे दी थी, उसके कुछ दिनों तक तो वह लोग ठीक रहे लेकिन दोबारा से उसकी सास उसे परेशान करने लगी, मुझे लगा कि शायद मुझे उनसे अपने तरीके से बात करनी होगी।

मैं भी गुस्से में जब उनके घर गया तो मैंने उनसे कहा कि आपकी समस्या क्या है, आपने मेरी बहन को कार के लिए कहा तो मैंने तुरंत ही आपको कर दे दी, अब आप क्या चाहती हैं, वह मेरे सामने ऐसे बैठी हुई थी जैसे वह शराफत की मूर्ति हो और उनसे ज्यादा इस दुनिया में कोई शरीफ ना हो लेकिन उनके चेहरे पर जो भाव थे वह बहुत ही गुस्सा पैदा करने वाले थे, मेरा तो दिमाग खराब होने लगा था। मैंने उनसे पूछने की कोशिश की तो वह मुझे कुछ भी नहीं बता रही थी लेकिन मैं भी घर से ठान कर आया था कि आज तो मैं फैसला कर के ही जाऊंगा, उस दिन मैं उनके घर पर ही रुक गया। मैं उनके घर पर उस रात लेटा हुआ था, मेरी बहन क सास अपने कमरे में ही थी। वह बड़ी मादरचोद औरत है, मैं रात को उसके कमरे में चला गया तो वह मुझे कहने लगी तुम यहां क्या कर रहे हो। मैंने उसे कहा आज मैं तुमसे सीधे तौर पर बात करना चाहता हूं, मुझे तुम यह बताओ तुम अपनी गांड मरवाने का मुझसे क्या लोगी, वह कहने लगी तुम यह कैसी बात कर रहे हो। मैंने जब अपनी जेब से पैसे निकाल कर उसके मुंह पर मारे तो वह मुझे कहने लगी हां तुम मुझे खुश कर दो।

उसने वह पैसे अपनी अलमारी में रख दिए और मेरे सामने वह तेजी से नंगी हुई थी मुझे बिल्कुल उम्मीद नहीं थी हालांकि उसका बदन इतना ज्यादा खास नहीं था लेकिन उसकी गांड के मजे में ले सकता था। मैंने उससे कहा तुम मेरे लंड को चसो, उसने जब मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लिया तो वह मेरा लंड चूस रही थी, उसने काफी देर तक मेरे लंड को चूसा उसने चूस कर मेरा जूस निकाल दिया। मै पूरे तरीके से उत्तेजित हो गया, जैसे ही मैंने उसकी गांड के अंदर उंगली डाली तो मेरी उंगली उसकी गांड के छेद में नहीं जा रही थी। मैंने अपने लंड पर तेल लगा लिया और अपने लंड को इतना चिकना बनाया कि वह किसी भी चीज में कहीं भी घुस सकता था। मैंने जब उसकी गांड पर अपना लंड लगाया तो वह पीछे की तरफ धक्का मार रही थी और मैंने उसे जैसे ही झटका दिया तो मेरा लंड धीरे धीरे उसकी गांड के अंदर घुसने लगा। जब मरा लंड उसकी गांड के अंदर उतर गया तो वह चिल्लाने लगी लेकिन मैंने भी धक्का देते हुए अपने लंड को उसकी गांड में डाल दिया। जब मेरा लंड उसकी गांड में घुस गया तो वह चिल्लाने लगी और उसकी गांड से जो खून की पिचकारी बाहर आ रही थी वह देखकर मैं खुश हो गया। मैंने उसे कसकर पकड़ लिया, मैंने उसे इतनी तेज झटके मारे कि उसकी गांड से लगातार खून बह रहा था। वह इतनी लालची है कि अपनी गांड मुझसे बड़ी तेजी से मरवा रही थी। वह अपनी गांड को मुझसे इतनी तेजी से मिलाती मैं ज्यादा समय तक उसकी गांड की गर्मी को नहीं झेल पाया जब मेरा वीर्य पतन हुआ तो वह मुझसे कहने लगी अब तो तुम खुश हो। मैंने उसे कहा अभी कहां अभी तो सिर्फ शुरुआत है मैंने दोबारा से उसके मुंह के अंदर अपने कड़क लंड को घुसा दिया, जैसे ही मेरा कडक लंड उसके मुंह के अंदर जाता तो वह बहुत अच्छे से चूसने लगी। उसने इतनी देर तक में लंड को चूसा की मेरे लंड से बड़ी तेजी से वीर्य एक बार निकल गया वह उसके मुंह के अंदर गिर गया। मैंने उसे कहा तुम दोबारा से मेरे लंड पर तेल लगा लो। उसमें मेरे लंड पर इतना तेल लगाया कि मेरा लंड एकदम चिकना हो गया और वह उसकी गांड में जाने के लिए उतारू था। मैंने अपने लंड को उसकी गांड पर सटा दिया जैसे ही मेरा कड़क लंड उसकी गांड के अंदर घुसा तो वह चिल्लाने लगी और मुझे कहने लगी तुम तो आज मेरी गांड का छेद डेड इंच चौड़ा करके ही जाओगे। मैंने 5 मिनट तक उसकी गांड के सुख भोगे।


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