मेरे मोहल्ले की सोना आंटी

Mere mohalle ki sona aunty:

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कहानी पढने वाले सभी हवसी दोस्तों को मेरा नमस्कार | मेरा नाम अमर है और मैं हैदराबाद का रहने वाला हूँ | मेरे घर में मैं मेरे मम्मी पापा और दो बड़ी बहन है बड़ी दीदी की शादी हो गई है और छोटी दीदी कॉलेज में है और मैं भी कॉलेज में ही हूँ लेकिन अलग अलग कॉलेज में है | मेरी अभी तक सिर्फ एक ही गर्लफ्रेंड हुई है और उसके बाद कोई बनी ही नहीं, क्यूंकि शायद मैं बहुत शर्मीला हूँ और ज्यादा बात भी नहीं करता इसलिए | मगर दुनिया में सब लोग ऐसे नहीं है जबकि मैं लड़का होके शर्माता हूँ और एक है मेरे घर के पास रहने वाली सोनम आंटी | ये कहानी मेरे और उनके बीच के नाजायज़ रिश्ते की है, वैसे उनके बारे में मैंने पहले भी बहुत सुना था क्यूंकि उनके पति की डेथ उनकी शादी के एक साल बाद ही हो गई थी और उसके बाद यहाँ वहाँ मुंह मारने लगी | वैसे मैं एक तरफा नहीं देखता उनकी भी कुछ ख्वाहिशें है जो वो पूरी करती है जिनसे मेरे जैसे बहुत से लड़कों का भला होता है |

मेरा घर उनके घर से कुछ कदमों की दूरी पर है और उससे थोड़ी दूर पर है नल जहाँ से हम पानी भरते है | रोज़ मैं और मेरी बहन वहां लाइन लगते है पानी के लिए और ज्यादातर ऐसा होता है कि सोनम आंटी मेरे पीछे या आगे फसती है | उनका नेचर बहुत अच्छा है और वो बहुत हंसी मज़ाक करती है लेकिन हमेशा से मेरी बहन मुझे उनसे दूर रहने को कहती रहती थी लेकिन मुझे समझ में नहीं आता था कि वो ऐसा क्यों बोलती है, तो मेरी और उनकी खूब मस्ती चलती रहती थी | अक्सर ऐसा होता था कि मैं एक या दो उनकी बाल्टी उठा के उनके घर रख आता था लेकिन कभी अन्दर नहीं जाता था | अभी एक हफ्ते पहले जब मैं उनके घर के सामने से जा रहा था तो उनके हाँथ पे पट्टी बंधी थी, तो मैंने पूछा अरे क्या हुआ आंटी, उन्होंने कहा मैंने तुम्हें कहा है मैं आंटी नहीं हुआ, तो मैंने कहा ठीक है पहले आप बताओ क्या हुआ हाँथ में ? तो उन्होंने कहा कुछ नहीं कल पैर फिसल गया था | फिर उन्होंने कहा एक काम करदे मेरा अमर, तो मैंने कहा बोलो क्या करना है ? तो उन्होंने कहा ये दो बाल्टी भर के ला दे | उस दिन नल के पास भीड़ बिलकुल नहीं थी इसलिए मैंने ज्यादा ही पानी भर लिया और आखिर में उनकी बाल्टी भर के उनके घर देने चला गया | तब तक मैं पसीना पसीना हो गया था और उन्होंने मुझे इस तरह देखकर कहा अरे तू तो बहुत थक गया है आ अन्दर बैठ जा थोड़ी देर | मैंने कहा अरे अभी घर जाके बैठना ही तो है, तो उन्होंने मेरा हाँथ पकड़ के अन्दर खींच लिया और कहा मेरे यहाँ बैठ जायेगा तो कुछ हो जायेगा क्या |

फिर मैं जाके सोफे पे बैठ गया और उन्होंने मेरी तरफ कूलर घुमाया और चालू कर दिया | उन्होंने मुझे पानी लाकर दिया और मेरे साथ बैठ गई और कहा अभी घर नहीं भागना चाय बन रही है | मुझे अभी भी पसीना निकल रहा था तो उन्होंने कहा अरे टी-शर्ट उतार दे अपनी मुझसे क्या शर्मा रहा है | मैंने कहा नहीं मैं ठीक हूँ, तो उन्होंने कहा बड़ा शर्माता है रे ये लड़का चल उतार दे | तो मैंने फिर टी-शर्ट उतार दी और कहा ठीक है अब आंटी, आंटी सुनते ही वो मेरे पास आ गई और कहा मैं आंटी नहीं हूँ और तू बार बार मुझे आंटी मत बुलाया कर समझा | मैंने डरते हुए कहा ठीक है तो फिर क्या बोलूँ ? तो वो सोचते हुए कहने लगी क्या बोलेगा तू मुझे ? फिर उन्होंने कहा जो लोग मुझे पसंद करते है वो मुझे सोना बुलाते है, फिर उनकी आवाज़ थोड़ी कम हो गई और उन्होंने कहा तुम मुझे पसंद करते हो न | तो मैंने कहा हाँ सोना बिलकुल, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा बस हीरो रुक चाय लेकर आती हूँ | फिर वो चाय लेकर आई और चाय पीते पीते सोना ने पूछा गर्लफ्रेंड है तेरी ? तो मैंने कहा नहीं है | फिर उन्होंने पूछा नहीं है या कभी हुई ही नहीं ? तो मैंने कहा हुई थी स्कूल के समय | तो उन्होंने पूछा कुछ किया था उसके साथ ? तू समझ रहा है न क्या पूछ रही हूँ मैं | मैं सोच रहा था ये इनको क्यों जानना है लेकिन हम दोनों बिलकुल दोस्त जैसे थे इसलिए मैंने बिना किसी हिचक के बता दिया कि मैं सिर्फ किस कर पाया था उसके आगे बात नहीं बढ़ी |

उन्होंने फिर कहा फिर कोई है पसंद ? तो मैंने कहा नहीं | उन्होंने कहा तू हाँथ से ही काम चलाता है क्या ? तो मैं एकदम से दंग रह गया क्यूंकि मैंने आज तक किसी लड़की से ऐसी बात नहीं की थी | तो मैंने शरीफ बनने की कोशिश करते हुए कहा मैं ये सब नहीं करता और मुझे ये सब पसंद नहीं | तो सोना ने कहा तुम्हें नहीं पसंद तो मैं कर दूँ और ऊपर और यहाँ वहाँ देखने लगी | अब मैं मन में सोचने लगा कि क्या मुझे सोना बेबी के साथ करना चाहिए या नहीं, फिर दिमाग में आया फिर ऐसा मौका मिले न मिले क्यूंकि लड़कियाँ तो पट नहीं रही है और अगर मैं ऐसे ही मौके छोड़ता जाऊंगा, तो मैं सिर्फ अपना लौड़ा पकड़ के हिलाता रह जाऊंगा | फिर मैंने सोना की तरफ देखा और वो भी मेरी तरफ देख रही थी और उनको देखते हुए मैं सोफे पे पीछे टिक गया और एक आँख मार दी | सोना के चेहरे पे हलकी सी स्माइल आई और फिर उसने अपना कप रखा और उठकर मेरे बाजू में आकर बैठ गई | अपने होंठ दबाते हुए वो मेरी जांग पर हाँथ फिराने लगी और मैं आराम से बैठकर चाय पी रहा था | फिर मेरी चाय ख़त्म हो गई और मैंने कप रख दिया और रखने के बाद मैंने उनके पेट हाँथ फिराना शुरू किया | जैसे ही मैंने उनके पेट पे हाँथ रखा, तो उन्होंने एक लम्बी साँस ली और मेरे पैर पर हाँथ फिराते हुए मेरे लंड तक पहुँच गई |

अब वो मेरे पजामे के ऊपर से लंड सहला रही थी और मैं उनके ब्लाउज के ऊपर से दूध दबा रहा था | वो घर अपने मम्मी पापा के साथ रहती थी लेकिन वो दोनों बाहर गए हुए थे | फिर वो उठी और जाकर दरवाज़ा बंद करके आ गई | फिर सोना ने दूर खड़े होकर कपड़े उतारना शुरू किये और यहाँ मैं अपने उतारने लगा | हम दोनों ने एक दूसरे को देखकर कपड़े उतारे और उसके बाद जब दोनों नंगे हो गए, तो सोना कमर मटकाते हुए मेरे पास चलकर आई और मेरी गोद में बैठ गई | हम दोनों ने किस करना शुरू कर दिया और थोड़ी देर तक किस करते रहे | किस करते हुए मेरा लंड उसकी चूत से टकरा रहा था जिससे मुझे और ज्यादा जोश चढ़ रहा था | किस करने के बाद मैंने उनके दूध चूसना शुरू कर दिया और बहुत धीरे धीरे सिस्कारियां लेने लगी अहह अहह हह ह्ह्ह उह्ह्ह उह्ह्ह उम्म्म उम्म्म उममम अहह अह्ह्ह ह्ह्ह | मैंने उनके दूध चूसे और निप्पल पकड़ के खींचे भी और वो मेरी गोद में बैठ के इसके मज़े लेती रही | उसके बाद मैंने उनको उठाया और उनकी चूत में लंड डाल दिया और जैसे ही मेरा लंड अन्दर गया मेरी आँखें बंद हो गई और ऐसा लगा जैसे बस अब दुनिया ख़त्म भी हो जाये तो कोई परवाह नहीं, मुझे सब कुछ मिल गया | वो थोड़ी देर उचकी और फिर गोल गोल घुमाने लगी और अहह अह्ह्ह ह्ह्ह्ह ह्ह्ह आआ आआआ हह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह उह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह उह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह्ह य्ह्ह्ह य्ह्ह्हह य्ह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह करती रही | फिर वो उतरी और घुटनों पर बैठकर लंड चूसने लगी गई और जब वो मेरे लंड के ऊपर जब जीभ फिरा रही थी, तो मुझे बहुत मज़ा आ रहा था इसलिए मैं उनसे बार बार ऐसा करने के लिए बोल रहा था |

फिर मैंने उनको खड़े होने के लिए कहा और खड़े खड़े उनकी चूत पर हाँथ फिराने लगा | चूत सहलाने के बाद मैंने उनको सोफे पे बैठाया और फिर खड़े होकर उनकी चूत में लंड डाला और फिर मैंने उनके दोनों पैर पकड़े और उनको चोदने लग गया और वो अहह अह्ह्ह ह्ह्ह्ह ह्ह्ह आआ आआआ हह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह उह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह उह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह्ह य्ह्ह्ह य्ह्ह्हह य्ह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह करती रही | मैं उनको चोदे जा रहा था तभी मेरा मुट्ठ उनकी चूत में ही गिर गया और मुझे पता भी नही चला | मुझे अभी तक डर लगता है कि कहीं वो प्रेग्नेंट न हो जाये लेकिन फिर मैं उनको चोदता हूँ | मैं उनको पिछले एक हफ्ते से रोज़ चोद रहा हूँ और आगे भी चोदूंगा | मुझे अब उनकी चूत मारने में ज्यादा मज़ा नहीं आता इसलिए मैं अब उनकी गांड भी मारूंगा | तो दोस्तों कैसी लगी मेरी कहानी |


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