मेरे लंड की मस्त चूत की लत लग गयी

Mere lund ki mast chut ki lat lag gayi:

hindi sex stories, antarvasna मुझे अपनी पत्नी की बेवफाई का उस वक्त पता चला जब एक दिन मैं अपने काम के सिलसिले में चंडीगढ़ से अंबाला जा रहा था रास्ते में मेरी कार खराब हो गई और जब मेरी कार खराब हुई तो मैंने सोचा क्यों ना किसी मैकेनिक को गाड़ी दिखा दी जाए लेकिन दूर दूर तक मुझे कोई मैकेनिक नहीं दिखाई दिया फिर मैने हाथ देकर एक कार को रुकवाने की कोशिश की वह कार काफी आगे जाकर रुकी तो मैं दौड़ता हुआ उसकी तरफ गया वह लाल रंग की गाड़ी थी, मैंने उस गाड़ी में देखा कि उसमें एक युवक बैठा हुआ है मैंने उनसे कहा मेरी कार खराब हो गई है और मुझे किसी काम से अंबाला जाना था क्या आप मुझे लिफ्ट दे सकते हैं? वह युवक कहने लगा ठीक है आप मेरी कार में बैठ जाइए।

मैं उसकी कार में बैठ गया उसी वक्त उसने मुझे कहा सर मेरा नाम अंकित है और मैं भी हम अंबाला जा रहा हूं, अंकित मुझे कहने लगा यहां आगे पर एक मैकेनिक है मैं उसे पहचानता हूं आप उसे अपनी कार की चाबी दे दीजिए वह आपकी गाड़ी ठीक कर के अंबाला छोड़ देगा, मुझे अंकित पर भरोसा हो गया था क्योंकि वह एक अच्छा युवक लग रहा था और उसने जैसे ही उस मैकेनिक की दुकान के सामने गाड़ी रोकी तो वह युवक अंकित को अच्छे से पहचानता था अंकित ने उसे सारी बात समझा दी और कहा कि तुम गाड़ी ठीक कर के अंबाला छोड़ देना, वह कहने लगा आप चिंता मत कीजिए मैं अंबाला में गाड़ी छुड़वा दूंगा, मैंने उस मैकेनिक का नंबर भी ले लिया था और हम दोनों वहां से अंबाला के लिए निकल पड़े। जब हम दोनों रास्ते में एक दूसरे से बात कर रहे थे तो अंकित मुझे कहने लगा मेरे पिताजी एक डॉक्टर हैं और मैं उनसे मिलने के लिए ही अंबाला जा रहा हूं, मैंने उनसे पूछा क्या तुम्हारी शादी हो चुकी है? अंकित कहने लगा नहीं मेरी शादी अभी नहीं हुई है।

वह बड़ा ही गंभीर किस्म का लड़का प्रतीत हो रहा था मैं उसे जितनी बात करता वह सिर्फ उतनी ही बात का जवाब मुझे दे रहा था अंकित ने जब मुझसे पूछा कि क्या आपकी शादी हो चुकी है तो मैंने उसे कहा हां मेरी शादी को तो 5 वर्ष हो चुके हैं मैं और मेरा परिवार चंडीगढ़ में ही रहते है, हम दोनों का सफर अच्छे से कट रहा था लेकिन मुझे उस वक्त बहुत धक्का लगा जब अंकित के फोन पर एक कॉल आया, मैंने जब उसके फोन की तरफ नजर मारी तो उस कॉल पर मेरी पत्नी की तस्वीर लगी हुई थी मैं वह देख कर बड़े ही सदमे में आ गया मैंने अपने आप पर काबू रखने की कोशिश की। अंकित ने जैसे ही वह फोन उठाया तो अंकित मेरी पत्नी से मेरे सामने ही बात कर रहा था और मुझे यह काफी बुरा लग रहा था, मुझे उन दोनों की बातों से यह पता चल गया था कि अंकित और मेरी पत्नी संगीता के बीच में काफी लंबे समय से अफेयर चल रहा है और अंकित बड़े ही मुस्कुरा कर संगीता से बात कर रहा था मुझे अपनी पत्नी की बेवफाई का अंदाजा तो हो ही चुका था जैसे ही अंकित ने फोन रखा तो मैंने आगे से पूछा यह कौन है? तो वह कहने लगा यह मेरी जानने वाली है और हम दोनों के बीच काफी समय से रिलेशन है। मैं अंकित से थोड़ी बहुत जानकारी लेने की कोशिश करने लगा, अंकित मुझे कहने लगा यह महिला मेरे पीछे काफी समय से पड़ी हुई थी और मुझे भी कोई आपत्ति नहीं थी इसलिए मैं भी इनसे बात करने लगा और धीरे-धीरे हम दोनों के बीच रिलेशन बढ़ने लगा, मैंने अंकित से पूछा कि क्या वह महिला तुम्हें पहले से जानती थी? वह कहने लगा नहीं मुझे वह पहले से नहीं जानती थी मेरी और उनकी मुलाकात एक मॉल में हुई थी और उसके बाद हम दोनों एक दूसरे को दो-तीन बार मिले लेकिन यह महिला मेरे पीछे पड़ी हुई थी तो मुझे लगा जब यही मेरे पीछे पड़ी है तो मुझे भी इसमें क्या आपत्ति होगी इसीलिए मैं इनसे बात करने लगा। मुझे अब अपनी पत्नी की बेवफाई पर पूरा यकीन हो चुका था उसमें अंकित का कोई दोष नहीं था सारा दोष मेरी पत्नी का ही था इसलिए मैंने अंकित से कुछ भी नहीं कहा मैंने जाते वक्त अंकित का नंबर ले लिया और जब हम दोनों अंबाला पहुंचे तो अंकित कहने लगा सर आपकी गाड़ी जब ठीक हो जाए तो मुझे आप बता दीजिएगा, मैंने अंकित से कहा ठीक है अंकित मैं तुम्हें दोबारा मिलता रहूंगा उसके बाद मैं वहां से अपने काम पर निकल गया, मुझे जिनसे मिलना था उनसे मिलने का तो मेरा मन बिल्कुल भी नहीं था और मैं काफी परेशान भी हो गया था मैंने अपने एक पुराने दोस्त को फोन करके कहा कि मुझे तुमसे मिलना है उसने मुझे कहा तुम मेरे घर पर ही आ जाओ, मैं जब उसके घर पर गया तो मैंने उसे अपनी सारी बात बताई उसका डिवॉर्स हो चुका है और वह अकेला ही रहता है।

उसने मुझे कहा रमन तुम चिंता मत करो इसमें तुम्हारी कोई भी गलती नहीं है इसमें तुम्हारी पत्नी की ही गलती है, तुमने उस पर इतना ज्यादा भरोसा किया और उसने तुम्हारे भरोसे को पल भर में थोड़ दिया। उसने मुझे उस दिन बहुत ही सांत्वना दी और मुझे उसकी बातों से बहुत हल्का भी महसूस हुआ। उसने मुझे कहा तुम चिंता मत करो मैं आज तुम्हें खुश कर देता हूं। मैंने उसे कहा यार तुम यह किस प्रकार की बातें कर रहे हो। वह मुझे कहने लगा यहा पर एक चिकना युवक रहता है मेरा जब भी मन होता है मैं उसे अपने पास बुला लेता हूं। मैंने उसे कहा लेकिन मुझे लड़कों का कोई शौक नहीं है। वह मुझे कहने लगा तुम एक बार उसके मजे तो लो उसके बाद तुम उसके दीवाने हो जाओगे। मैंने उसे कहा लेकिन मैं इन सब चीजों का शौक नहीं रखता परंतु उसने उसे बुला ही लिया। जब वह युवक आया तो वह बिल्कुल ही चिकना था उसके चेहरे पर एक भी बाल नहीं था उसके हाव-भाव लड़कियों की तरह ही थे उसके बाल लंबे से थे। वह हम दोनों के बीच में आकर बैठ गया, मेरे दोस्त ने जब उस युवक को सारी बात बताई तो वह कहने लगा अरे आप चिंता क्यों करते हैं मैं आपके सारे दुखों को एक झटके में दूर कर दूंगा।

यह कहते हुए उसने मेरी जांघ पर हाथ रख दिया और धीरे-धीरे उसने अपने हाथ को मेरे लंड की तरफ बढ़ाने की कोशिश की लेकिन मैंने उसके हाथ को हटाते हुए कहा तुम ऐसी बदतमीजी मत करो। मेरे दोस्त ने कहा तुम एक बार मुझ पर भरोसा कर लो मैंने अपने दोस्त पर भरोसा करते हुए उस लड़के को पूरी आजादी दे दी। जब मैंने उसे पूरी आजादी दी तो उसने मेरे लंड को  बाहर निकालते हुए अपने मुंह के अंदर तक ले लिया। उसने मेरे लंड को अपने गले के अंदर तक ले रखा था वह इतने अच्छे से मेरे लंड को सकिंग करता जाता मेरे लंड से वीर्य बाहर की तरफ निकलने लगा जैसे ही मेरा वीर्य बाहर निकला तो वह कहने लगा अब आपको मैं पूरे मजे दिलवा देता हूं। उसने अपनी जींस को नीचे किया उसकी गांड जब मेरे सामने थी तो मुझे थोड़ा अजीब सा लग रहा था लेकिन उसने जब मेरे लंड को तेल से अच्छे से मालिश किया तो वह कहने लगा आपको आज पूरा मजा आ जाएगा। उसने मेरे लंड को इतना चिकना कर दिया कि वह किसी की भी गांड में जाने के लिए तैयार था जैसे ही मैंने अपने लंड को उसकी गांड पर सटाया तो वह कहने लगा आपने बिल्कुल सही जगह पर सटा दिया है अब आप मेरी गांड के अंदर अपने लंड को डाल दीजिए। मैंने जैसे ही अपने लंड को उसकी गांड के अंदर डालने की कोशिश की तो मेरा लंड उसकी गांड में नहीं जा रहा था लेकिन मैंने कोशिश करते हुए उसकी गांड के अंदर अपने लंड को डाल ही दिया। यह सब मेरा दोस्त बैठकर देख रहा था जैसे ही मेरा मोटा लंड उसकी गांड में गया तो उसके मुंह से एक भयंकर से आवाज निकल आई वह काफी तेज थी। उसे तो जैसे मजा आने लगा था वह अपनी गांड को मेरे लंड से टकराने लगा उसे बहुत ही मजा आने लगा था। मैं उसे बड़ी तेज गति से धक्के मार रहा था उसकी गांड से जब खून बाहर की तरफ निकले लगा तो वह कहने लगा मैंने पहली बार अपनी गांड में ऐसा लंड लिया यह कहते हुए मैंने भी उसे बड़ी तेजी से प्रहार करना शुरू कर दिया। उसकी गांड से लगातार खून निकल रहा था जब मेरा वीर्य उसकी गांड के अंदर गिरा तो जैसे उसकी मुझे उसकी लत लग गई थी।


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