मेरे कजिन भाई ने मुझे बहुत अच्छे से चोदा

Mere cousin bhai ne mujhe bahut achchhe se choda:

desi porn kahani, hot sex stories

मेरा नाम संगीता है मैं फगवाड़ा की रहने वाली हूं,  मेरी उम्र 24 वर्ष है। मैंने जैसे कैसे अपने कॉलेज की पढ़ाई पूरी की है क्योंकि हमारे घर की स्थिति बिल्कुल भी ठीक नहीं है। मेरे पिताजी की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, वह एक दुकान में काम करते हैं और अपना गुजारा चलाते हैं। मेरी मां भी कपड़े सिलती है जिससे हमारे घर पर कुछ पैसे आ जाते हैं लेकिन मैं उन्हें इस स्थिति में नहीं देख सकती और मैं अपनी जिंदगी भी बर्बाद नहीं कर सकती थी इसलिए मैंने सोच लिया कि मैं कहीं बाहर नौकरी करूंगी। मेरे चचेरे भाई और बहन अंबाला में ही नौकरी करते हैं, मैंने अपने चाचा से पूछा कि वह दोनों कहां पर काम करते हैं, वह कहने लगे कि व एक अच्छी कंपनी में नौकरी करते हैं और उन दोनों को ठीक-ठाक सैलरी मिल जाती है।

मैंने उनसे पूछा कि क्या वह लोग मेरी नौकरी लगवा सकते हैं, मेरे चाचा कहने लगे कि मुझे तो इस बारे में जानकारी नहीं है। तुम ही सोहन को फोन कर देना। मैंने जब सोहन को फोन किया तो उसे मैंने बताया कि मैं भी अंबाला काम करने के लिए आना चाहती हूं यदि तुम मेरी नौकरी कहीं लगवा दो तो मेरे घर में आर्थिक मदद हो जाएगी। मुझे इस बात की भी चिंता रहती है कि मेरी दो बहने और हैं अभी तक उनकी शादी नहीं हो पाई और मेरे पिताजी हम तीनों की शादी किस प्रकार से करेंगे, यह चिंता मुझे हमेशा रहती है। मेरी मां भी मुझसे हमेशा यही बात करती है कि तुम तीनों की शादी हो जाती तो अच्छा होता लेकिन हमारे पास इतने पैसे नहीं है कि हम, तुम लोगों की शादी करवा पाए और तुम्हारी बड़ी बहन के लिए तो रिश्ते भी अच्छे नहीं आ रहे। इसी वजह से अभी तक मेरे घर वालों ने मेरी बहनों की शादी नहीं कर पाए। मैंने जब सोहन से बात की तो सोहन ने कहा ठीक है तुम अम्बाला आ जाओ, मेरे साथ आशा भी रहती है तुम भी मेरे साथ ही रहना, उस बीच में हम लोग कहीं तुम्हारे लिए काम देखेंगे। सोहन और आशा एक अच्छे कॉलेज से पढ़े हैं क्योंकि मेरे चाचा स्कूल में क्लर्क हैं इसलिए वह उन्हें पड़ा पाये। वह दोनों अच्छी नौकरी कर रहे हैं।

मैंने अपने पिताजी को कहा, मैं अंबाला जा रही हूं और वही सोहन और आशा के साथ रहने वाली हूं। मेरे पिताजी कहने लगे कि तुम्हें अंबाला जाने की क्या आवश्यकता है, मैं कुछ ना कुछ कर लूंगा तुम उसकी चिंता मत करो। मैंने उन्हें कहा कि मैं यदि कुछ काम कर लूंगी तो आपकी थोड़ा मदद हो जाएगी इसलिए मैं अमवाला जाना चाहती हूं। मैने अपनी मां से भी कहा और उसके बाद मैं अंबाला चली गई। जब मैं अंबाला पहुंची तो मैंने सोहन को फोन कर दिया, सोहन मुझे कहने लगा कि तुम वहीं रुको मैं थोड़ी देर में आता हूं। मैंने आधे घंटे तक उसका इंतजार किया और आधे घंटे बाद सोहन मुझे लेने के लिए आ गया। जब वह मुझे लेने आया तो वह मुझसे मिलकर बहुत खुश था क्योंकि मैं उसे काफी समय बाद मिल रही थी, सोहन मुझे अपने साथ अपने घर ले गया। आशा उस वक्त अपने ऑफिस में ही थी। सोहन मुझे कहने लगा कि मैं ऑफिस जा रहा हूं और तुम घर पर ही रहना, हम लोग शाम को आएंगे उसके बाद हम लोग बैठ कर बात करेंगे। सोहन मुझेसे कहने लगा तुम्हें कुछ भी आवश्यकता हो तो तुम मुझे फोन कर देना, मैंने उसे कहा ठीक है तुम ऑफिस चले जाओ, मैं अपना ध्यान रख लूंगी। अब सोहन ऑफिस चला गया और मैं घर पर ही थी। मैं सोचने लगी कि मैं खाली बैठी हूं तो इस खाली समय में घर की सफाई कर लेती हूं इसलिए मैं सफाई करने लगी और जब मैंने घर की सफाई कर दी तो उसके बाद मैं नहाने के लिए चली गई। ऐसे ही मेरा दिन कट गया और शाम हो गई। शाम को सोहन और आशा दोनों ही घर जल्दी आ गए। जब वह लोग घर आए तो आशा भी मुझसे मिलकर बहुत खुश थी और कह रही थी कि तुमने बहुत अच्छा किया कि तुम अंबाला आ गई। उसे भी मेरे पिताजी की स्थिति के बारे में पता है और वह मुझसे पूछने लगी घर में सब लोग कैसे हैं, मैंने उसे कहा घर मे सब लोग अच्छे हैं। अब हम तीनो ही बात कर रहे थे और आशा मुझसे पूछने लगी कि क्या तुम अब अम्बाला में ही काम करना चाहती हो, मैंने उसे कहा कि हां मैं अब अंबाला में ही काम करना चाहती हूं क्योंकि घर में रहकर मैं कुछ नहीं कर पा रही थी, यदि मुझे यहां नौकरी मिल जाए तो अच्छा होगा इसीलिए मैंने यहां आने का फैसला किया।

सोहन और आशा बहुत खुश थे और सोहन मुझसे कहने लगा कि तुम चिंता मत करो, मैं तुम्हारे लिए किसी अच्छी जगह पर नौकरी की बात कर लूंगा। उस दिन मैंने उन दोनों के लिए खाना बना दिया था इसलिए हम लोगों ने जल्दी खाना खा लिया और खाना खाने के बाद हम लोग जल्दी सो गए। जब मैं सोई हुई थी तो मुझे नींद नहीं आ रही थी, मैं अपने घर वालों के बारे में सोच रही थी और मुझे बहुत चिंता हो रही थी परंतु मुझे अब कुछ न कुछ तो करना ही है। मेरे साथ आशा सोई हुई थी और मुझे नींद नहीं आ रही थी। सोहन दूसरे कमरे में सोया हुआ था, जब मैं उठकर बाथरूम में गई तो सोहन भी उठा हुआ था। जब मैं बाथरूम से फ्रेश होकर आई तो सोहन मुझसे पूछने लगा कि क्या तुम अभी तक नहीं सोई, मैंने उसे कहा कि मुझे नींद नहीं आ रही है और घर वालों की बहुत याद आ रही है, वह कहने लगा तुम चिंता मत करो और हम दोनों साथ में ही बैठ कर बात करने लगे। जब हम दोनों बात कर रहे थे तो मुझे उससे बात कर के थोड़ा अच्छा महसूस हो रहा था क्योंकि अगले दिन सोहन और आशा की छुट्टी थी इसलिए हम दोनों साथ में बैठ कर बात कर रहे थे।

सोहन कहने लगा कोई बात नहीं मैं थोड़ा लेट हो सोऊँगा तो कोई दिक्कत वाली बात नहीं है, कल वैसे भी हम लोग देरी से ही उठते है इसीलिए हम दोनों बैठ कर बात कर रहे थे। हम दोनों एक ही चादर में थे। सोहन का पैर बार बार मेरी चूत पर लग रहा था जिससे कि मुझे बहुत अच्छा लग रहा था मैं भी अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर रही थी और कुछ देर बाद मैंने भी अपने पैरों को सोहन के लंड पर लगाना शुरू कर दिया। उसका लंड पूरा खड़ा हो चुका था और उसे बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं हुआ उसने मुझे कसकर पकड़ लिया मुझे अपनी बाहों में समा लिया। उसने मेरे होठों को जब अपने होठों में लिया तो मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ और उसने मेरे होठों पर अपने दांत के निशान भी लगा दिए मुझे बहुत अच्छा लग रहा था वह भी बहुत खुश हो रहा था। उसने मुझे नंगा कर दिया और उसने अपने होठों को मेरे स्तन पर लगाया तो मुझे बहुत अच्छा लगने लगा। वह काफी देर तक मेरे स्तन का रसपान करता रहा। अब मैंने अपने मुंह में उसका लंड ले लिया और उसे चूसने लगी। काफी देर तक मैंने उसके लंड क सकिंग किया। जैसे ही उसने मेरी योनि के अंदर अपने लंड को डाला तो मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा और मेरी खून की पिचकारी सोहन के लंड पर जा गिरी थी। हम दोनों ही पूरे मूड में थे और मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब वह मुझे चोद रहा था। मैंने भी अपने दोनों पैरों को खोलते हुए उसे अपनी तरफ आकर्षित किया और वह भी मुझे बहुत अच्छे से चोदे जा रहा था। मुझे नहीं पता था कि सोहन का लंड इतना ज्यादा मोटा होगा कि वह मेरे पेट के अंदर तक चला जाएगा। काफी देर तक उसने मुझे ऐसे ही बजाया उसके बाद उसने मुझे अपने ऊपर लेटा दिया। जब मैं सोहन के ऊपर थी तो उसने जैसे ही अपने लंड को मेरी योनि में डाला तो मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा। मैं बहुत तेज तेज अपन चूतडो को हिला रही थी और मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था। मैं अपनी चूतडो को सोहन के लंड से मिलाए जा रही थी और उसे भी बहुत अच्छा लग रहा था। लेकिन हम दोनों ही ज्यादा समय तक ऐसा नहीं कर पाए और जब सोहन का वीर्य मेरी योनि में गया तो मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ। उसके बाद मैं जैसे ही सोहन के ऊपर से उठी तो मेरी योनि से उसका वीर्य टपक रहा था।


Comments are closed.


error: