मेरे कॉलेज का प्यार शालू

Mere college ka pyar Shalu:

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हेल्लो दोस्तों मैं आपका अपना नितिन और आज मैं अपने जीवन की घटित कहानी लेकर आया हूँ | मुझे आशा है की आप सब को मेरी कहानी बहुत पसंद आएगी | ये कहानी तब की है जब मैं कॉलेज मैं पढता था | तब मैं 22 साल का था | उस समय मुझे एक लड़की से प्यार हो गया | उसका नाम शालू था वो भी मेरे साथ कॉलेज में ही पढ़ती थी | मैं उसे प्रपोस करना चाहता था पर डरता था की कही वो मना न कर दे | एक दिन बड़ी हिम्मत करके मैंने उसे प्रपोस किया उसने हाँ कर दी | फिर हम दोनों ने अपने मोबाइल नम्बर एक्सचेंज किये | हमारी बात फोन पर होने लगी | हम दोनों एक दुसरे से बहुत प्यार करते थे | हम दोनों कभी-कभी फोन सेक्स भी किया करते थे | मैं उसके नाम की मुठ मार लिया करता था | और वो ऊँगली डाल कर अपनी आग शांत कर लिया करती थी | मैंने कई बार उसके साथ सेक्स करने को कहा पर वो हमेशा कहती की जल्दी क्या है मैं तो तुम्हारी ही हूँ | धीरे-धीरे ये खबर हमारे घर वालों तक पहुंची लेकिन हम दोनों को जुदा करना नामुमकिन था | और जब हमको लगा की अब हम दोनों एक दुसरे के बिना नहीं रह पाएंगे | तो हम दोनों ने घर से भागने का प्रोग्राम बनाया हम भाग भी जाते अगर शालू को उसके भाई ने पकड़ न लिया होता | उस दिन पूरा दिन मैं शालू का इंतज़ार करता रहा जब शालू नहीं आई उसका फोन भी नहीं मिल रहा था | मुझे बहुत टेंशन होने लगी फिर मैंने शालू की फ्रैंड को काल किया तब जाके मुझे पता चला की शालू के भईया को सब पता चल गया है | उन्होंने शालू को बहुत पीटा है और उसके पिता ने उसकी शादी तय कर दी है | मुझे गुस्सा तो बहुत आया पर मैं कुछ कर भी नहीं सकता था | उसकी सहेली ने मुझसे कहा की मैं अब उसे भूल जाऊ मैं तो जैसे पागल हुआ जा रहा था | उसके बिना मैं नहीं जी सकता था ऐसे कैसे मैं भूल जाऊ जब तक उसके मुह से न सुन लूं .उसे देख न लूं मैं उसी के ख्यालों मैं खोया हुआ था | तभी मेरे फोन की घंटी बजी | दूसरी तरफ फ़ोन पर शालू थी | उसने बताया की अब हमारा एक होना नामुमकिन है | उसने कहा की मेरी बात ध्यान से सुनो मैं कल मैं अपनी फ्रैंड के पार्लर में मिलूंगी मैंने कहा ठीक है | फिर हम दोनों बातें  करते रहे |

 

अगले दिन मैं पहुंचा शालू वहां पहले से थी | शालू की फ्रैंड हम दोनों को ऊपर के माले पर जाने को बोला जहा पर कोई आता जाता नहीं था और वह कोई आने वाला भी नहीं था | उसके घर वाले भी वह नहीं जाते थे | हम दोनों वही पर मिले | उसदिन सुबह के 9 बजे हम दोनों मिले शाम के 4 बजे तक हम दोनों साथ में थे | वो इतनी खूबसूरत  थी की उसे कुछ करवाने की जरूरत नहीं थी | बस पार्लर का तो बहाना था वो तो बस मुझे मिलने आई थी | हम दोनों ऊपर गए तो शालू ने मुझसे कहा मेरी शादी किसी से हो पर मैं सिर्फ तुमसे प्यार करती हूँ | और मैं सिर्फ तुम्हारी हूँ अगर सबसे पहले मेरे शरीर को को कोई छुएगा तो वो तुम होगे | उसने कहा आज मैं पूरी तरह तुम्हारी होना चाहती हूँ | मैं चाहती हूँ की मेरे प्यासे बदन को तू मिल जाये और तेरे लंड से ही इसकी पहली प्यास बुझे वो एकदम  बेशर्मो की तरह बात कर रही थी | जैसे हम दोनों पहले सब कुछ कर चुके हो मेरी भी शर्म खत्म हो गयी थी | मेरे अन्दर एक दम शोले भड़कने लगे हम दोनों के जिस्मो मैं जैसे आग लग गयी हो |

मैं भी उसे पाना चाहता था | मेरी बरसो की प्यास आज बुझने वाली थी | हवस की आग हम दोनों के जिस्मो में बराबर लगी हुई थी | हम दोनों ऊपर अकेले थे और मैंने डोर लॉक कर दिया जैसे ही मैं डोर लॉक करके अन्दर पहुंचा | शालू एकदम कातिल नजरों से मुझे देख रही थी | मैं उसके नजदीक गया और उसको पकड़ कर किस करने लगा वो भी मुझे जोर से किस कर रही थी | फिर मैंने उसका दुपट्टा निकाल कर फैक दिया और ऊपर से ही उसके बूब्स को मसलने लगा और वो मेरा लंड पकड़ कर पैंट के ऊपर से ही सहलाये जा रही थी | अब मैंने अपना मुह उसके मम्मो पर रखा और ऊपर से ही उन्हें चूसने लगा वो और गरम होती जा रही थी | मैंने उसके कुरते को उतार कर फैक दिया और उसके सलवार के नाड़े को तोड़ डाला और उसके सलवार को निकाल कर फेंक दिया | अब वो मेरे सामने सिर्फ ब्रा और पैंटी मैं थी मैंने उसको बेड पर लिटाया और उसकी ब्रा खोल दिया उसके दोनों मुसम्मी जैसे मम्मे  मेरे हाँथ मैं थे |

मैंने उसके निप्पल पकड़ कर मसलना सुरु कर दिया और मसल कर लाल कर दिया और उसके मम्मो को अपनी जीभ से सहलाने लगा उसका शरीर एक दम गर्म हो गया था | उसके गुलाबी होंठ कांपने लगे थे फिर मैंने उसकी नाभी पर ऊँगली फिराते हुए उसकी पैंटी को एक साइड में हटाया उसकी चूत एक दम गुलाबी थी | उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था | शायद आज ही शेव की थी मैं उसकी चूत पर अपना हाँथ सहलाने लगा | एक ऊँगली उसकी चूत में डाल दी वो एक दम उछाल पड़ी उसकी चूत बहुत टाइट थी | आज तक उसे किसी ने टच नहीं किया था | फिर मैंने उसकी पैंटी निकाल कर फैक दी | अब वो मेरे सामने एक दम नंगी पड़ी थी | मैंने अपना मुह उसकी चूत पर रख दिया और अपनी जीभ को उसकी चूत में डालकर चोदने लगा | उसके मुह से आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह उम्म्म इस्श्ह्ह अह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्ह की सिस्कारिया निकल रही थी | फिर थोड़ी देर बाद उसने पानी छोड़ दिया |  उसने मुझे बेड पर धकेल दिया और मेरी पैंट निकाल दी मेरा लंड तो पहले सी खड़ा था | जिससे मेरी अंडरवियर एक दम तम्बू की तरह बनी हुई थी |

उसने मेरी अंडरवियर निकाल कर फेक दी और मेरे लौड़े से खेलने लगी  और उसे अपने मुह से चूसने लगी मैं तो जैसे जन्नत मैं पहुच गया था | मुझे बहुत मज़ा आ रहा था | मैं उसके मुह को जोर –जोर चोदे जा रहा था और उसके बूब्स को मसले जा रहा था | उसने मुझसे कहा बस अब मुझसे नहीं रहा जा रहा पलीज अब अपना लंड डाल दो मेरी चूत में मैंने उसकी टांगो को उठा कर अपने कंधे पर रखा और अपना लंड उसकी चूत मैं डालने लगा मेरा लंड अन्दर जा ही नहीं रहा था क्युकी उसकी चूत बहुत टाइट थी | फिर मैंने एक जोरदार शॉट लगाया | वो चिल्ला पड़ी और रोने लगी कहने लगी बस करो मुझे बहुत दर्द हो रहा है मेरे लंड का सुपाडा ही अन्दर गया था | मैंने अपना लंड बाहर निकाला उसपर खून लगा था | और उसकी चूत से खून निकल रहा था | मैंने अपने होंठ उसके होंठो पर रख दिए और किस करने लगा तब जाकर वो कुछ शांत हुई | मैंने वैसलीन की डिब्बी उठाई और ढेर सारी वैसलीन  अपने लंड पे लगाई और अपना लंड उसकी चूत पर रखा और एक जोरदार शॉट में अपना पूरा लंड उसकी चूत मैं डाल दिया उसे अभी भी दर्द हो रहा था | मैं धीरे-धीरे अपने लंड को अन्दर-बाहर किये जा रहा था और उसे किस किये जा रहा था थोड़ी देर बाद उसे भी मजा आने लगा वो भी गांड हिला कर मेरा पूरा साथ दे रही थी |मैंने धक्के जोर कर दिए और उसके मुह से आःह्ह ओह्ह्ह्ह येस्स इश्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह येश्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्ह इम्म्म्म अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह जोर से अह्ह्ह्हह ओह्ह्ह की मादक आवाजे निकाल रही थी | वो मुझे अपने आगोश में ले रही थी और मेरे बालो को अपने हांथों से खीचते हुए कह रही थी | चोदो मुझे और जोर से मेरी चूत बरसो से प्यासी है बुझा दो मेरी प्यास अपने लंड से मैं बराबर धक्के लगाये जा रहा था | लगभग 20 मिनट की चुदाई के वो झड गयी पर मैं अभी कहा झड़ने वाला था |

मैंने उसके पैरो को अपनी कमर पर रखा और उसके हांथों को अपने गले मैं डालकर उसे उठा लिया और उसे किस करने लगा | मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर सेट कर दिया एक झटके मैं अपना लंड उसकी चूत मैं डाल दिया और जोर से धक्के लगाने लगा | उसे खूब मज़ा आ रहा था वो मुझे चूमे जा रही थी | और मैं बराबर धक्के लगाये जा रहा था | थोड़ी देर बाद हम दोनों झड गए  फिर हम दोनों कुछ देर ऐसे ही पड़े रहे | उसने मेरे लंड को चूस कर फिर खड़ा कर दिया फिर मैंने अपना लंड उसके मम्मो के बीच रखा और उसके मम्मो को चोदने लगा मेरा मन उसकी गांड मारने को कर रहा था | पर मैं डर रहा था की वो बुरा न मान जाये मैंने उससे कहा की मैं तुम्हारी गांड मारना चाहता हूँ | तो उसने कहा नहीं मुझे बहुत दर्द होगा मैंने कभी ये नहीं किया है | मैंने कहा की नहीं मैं आराम से करूंगा फिर वो मान गयी मैंने उसे डॉगी स्टाइल में लिटाया और अपने लंड पे थोड़ी सी वैसलीन लगाई और अपने लंड को उसके चुतडो के बीच रखा और धीरे से अपना लंड उसकी गांड मैं डाल दिया | वो छटपटा उठी उसे दर्द हो रहा था पर मैं कहा रुकने वाला था मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाने सुरु किये थोड़ी देर बाद वो शांत हो गयी अब वो भी मजे ले कर मेरा साथ दे रही थी |मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था मैंने पहली बार किसी की गांड मारी थी | पूरे कमरे मे फ़च्छ  फच  की आवाजे सुनाई दे रही थी  वो बहुत जोर से गालियाँ बक रही थी लग रहा था जैसे उस पर चुदाई का भूत  सवार हो गया हो उसकी अआह्ह्ह ओह्ह्हह्ह्ह्ह इश्ह्ह्ह अहह्ह्ह्होह्ह्हह्ह येस्स्स्स जोर से चोदो फाड़ दो मेरी गांड मादरचोद तुम यही चाहते थे ना | आज तक मैंने किसी से नहीं मरवाई और आज तूने इसकी सारी खुजली मिटा दी | आज तक मैं इस सुख से अंजान थी कितने दिनों से इंतजार था इस दिन का आज मेरी बरसो की प्यास बुझ गयी मार लो मेरी गांड | और अपनी चूत को अपनी ऊँगली से चोदे जा रही थी | आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह की आवाजो से पूरा कमरा गूँज रहा था | फिर मैं झड़ने लगा तो मैंने मैंने कहा की मैं झड़ने वाला हूँ | तो उसने मेरा लंड अपनी गांड से निकाल कर अपने मुह मैं ले लिया और उसको लोलीपॉप की तरह चूसने लगी | मैं उसके मुह में ही झड गया उसने मेरा सारा वीर्य पी लिया और मेरे लंड को चाट कर साफ़ कर दिया | फिर हम दोनों ने अपने-अपने कपडे पहने और फिर वो मुझसे गले लगी | और चली गयी उसकी शादी के बाद भी हमने कई बार सेक्स किया


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