मेरे बदन की गर्मी के आगे लोग पिघल जाते

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Mere badan ki garmi ke aage log pighal jaate मेरा एक दिन पिज्जा खाने का बड़ा मन था तो मैंने ऑनलाइन डिलीवरी करवा दी। पिज्जा वाला पिज्जा लेकर आया जब वह पिज्जा लेकर आया तो मैंने उसे पैसा दिए और उसके बाद वह वहां से चला गया। मैं अब पिज्जा खाने के बाद अपने कमरे में लेटी हुई थी। मैं अपने पति के बारे में सोच रही थी मैंने अपने पति को फोन किया और कहा क्या आप घर आ सकते हैं। वह मुझे कहने लगा लेकिन मैं अभी घर नहीं आ सकता तुम तो जानती हो कि ऑफिस में कितना काम होता है। मैंने उन्हें कहा मैं शॉपिंग करने के लिए जा रही हूं। वह कहने लगे ठीक है तुम शॉपिंग करने के लिए चली जाओ और मैं शॉपिंग करने के लिए चली गई। मैं शॉपिंग करने के लिए तो चली गई थी लेकिन मेरी चूत के अंदर जो खुजली मची हुई थी मै उसे मिटाना चाहती थी।

मैं शॉपिंग कर के घर लौट आई थी मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि मुझे क्या करना चाहिए। हमारे घर का नल खराब हो गया और नल से इतना ज्यादा पानी बहने लगा था कि मैंने अपने पति को फोन किया तो उन्होंने मुझे कहा मैं तुम्हें प्लंबर का नंबर दे देता हूं तुम उसे फोन कर के घर पर बुला लेना। मैंने कहा ठीक है मैं उन्हें घर पर बुला लूंगी मैंने उसे फोन किया उसका नाम सुधीर है। सुधीर जब घर पर आया तो वह मुझे कहने लगा भाभी बताइए क्या हो गया। मैंने सुधीर से बताया तो था नल खराब हो गया है। हम दोनों बाथरूम में चले गए बाथरूम के नल से पानी टपक रहा था उसने मुझसे पूछा आखरी यह कैसे गया। मैंने उसे कहा मैं नहा रही थी मैंने जैसे ही नाल बंद किया तो वैसे ही टूट गया। अब इस बात से सुधीर मुझे कहने लगा भाभी लगता है वह आपको देखकर पिघल गया होगा। मैंने उससे कहा तुम्हारे कहने का क्या मतलब है? वह कहने लगा आपकी सुंदरता देख कर तो कोई भी पिघल जाएगा। यह बात सुनकर मैंने उसे कहा अगर ऐसी बात है तो क्या तुम भी मुझे देखकर पिघल जाओगे। वह मुझे कहने लगा हां भाभी आपको देख कर तो मैं भी पिघल जाऊंगा भला आपको देखकर कौन अपने आपको रोक पाएगा। मैंने उससे कहा अगर ऐसी बात है तो चलो अब मैं तुम्हें पिघलने का मौका दे देती हूं।

वह खुश हो गया और मुझे कहने लगा भाभी अगर ऐसा हो जाए तो मैं अपने आपको बहुत ही खुशनसीब समझूंगा। मैंने उससे कहा चलो फिर हम लोग कमरे में चलते हैं वहां पर ही मैं अपने बदन की गर्मी से तुम्हें पिला देती हूं। वह मुझे कहने लगा ठीक है भाभी चलो। जब हम दोनों बेडरूम में आ गए तो मैं और वह साथ में लेटे हुए थे। हम दोनों साथ में लेटे हुए थे उसने मुझे महसूस करना शुरू कर दिया और वह मुझे जिस प्रकार से महसूस कर रहा था उससे मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था और उसे भी बड़ा अच्छा लग रहा था। उसने मेरे बदन से कपड़े उतारने शुरू कर दिए थे उसने मेरे बदन से सारे कपड़े उतार दिए थे उसने मेरे बदन के कपड़े उतारे तो मैंने उससे कहा मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। अब मैंने उसे कहा तुम मेरे स्तनों को अपने मुंह में ले लो। उसने मेरे स्तनों को अपने मुंह में लेकर उन्हें चूसना शुरू कर दिया। उसने जब मेरे स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो मुझे अच्छा लगने लगा था। उसको बड़ा अच्छा लगने लगा था सुधीर मुझे कहने लगा भाभी मैं खुशनसीब हूं जो मुझे आप जैसी भाभी मिल पाई। मैंने सुधीर से कहा देखो सुधीर मेरा नाम सविता है और मैं हर किसी को खुश कर दिया करती हूं। मैं जब भी किसी को खुश करती हूं तो वह जिंदगी में कभी मुझे भूल नहीं पाता है और तुम भी आज खुश हो जाओगे। सुधीर कहने लगा भाभी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है मैं रह नहीं पा रहा हूं। मैंने उसे कहा मैं अब तुम्हे जन्नत की सैर करवाती हूं। जब मैंने अपने पैरों को खोलो उसने मेरी चूत की तरफ देखा वह मेरी चूत की तरफ देखकर मेरी चूत पर अपनी उंगलियों को लगाने लगा उसे अच्छा लगने लगा था और मुझे भी बड़ा अच्छा लग रहा था जिस प्रकार से वह मेरी चूत को सहला रहा था मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लगने लगा था। मैंने उसे कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है वह मुझे कहने लगा भाभी बस आपकी चूत को अभी चाट कर मैं पूरी तरीके से गिला कर देता हूं।

उसने अपनी जीभ को मेरी चूत पर लगाया जब वह मेरी योनि को चाटने लगा तो मुझे बहुत मजा आने लगा था और उसको मजा आने लगा। मेरे अंदर की गर्मी तो बढ़ चुकी थी लेकिन उसका लंड तनकर खड़ा होने लगा था। मैंने उसे कहा मैं तुम्हारे लंड को मुंह मे लेती हूं। मुझे उसके लंड को अपने मुंह में लेना शुरू कर दिया मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था जब मैं उसके लंड को अपने मुंह में लेकर चूस रही थी तो उसके लंड से भी पानी बाहर की तरफ को निकलने लगा था। वह मुझे कहने लगा भाभी आप बडी गजब है। मैने उस से कहा तुम भी तो बड़े अच्छे हो। वह बहुत ज्यादा खुश हो गया था मैंने उसको कहां चलो अब हम लोग रोमांस का मजा ले। मैंने अपने पैरों को खोल लिया जब मैंने अपने पैरों को खोला तो मुझे मजा आने लगा और उसको भी मजा आने लगा था। हम दोनों के अंदर की गर्मी बढ़ चुकी थी मैंने उसके लंड को अपने हाथों से पकड़ते हुए अपनी चूत पर रगड़ना शुरु किया। मैने थोड़ी देर तक उसके लंड को चूत पर रगडा। जब मैंने उसके लंड को अपनी चूत में लेने की बात कही तो सुधीर ने मुझे एक जोरदार झटके के साथ मेरी योनि के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवा दिया और उसका मोटा लंड जैसा ही मेरी योनि में प्रवेश हुआ तो मैं जोर से चिल्लाई। सुधीर मुझे जोरदार तरीके से झटके मारने लगा था उसके धक्के तेज होते तो मेरा पूरा शरीर हिलने लगता। मेरे अंदर की गर्मी बढ़ने लगी थी मेरे अंदर की गर्मी इस कदर बढ़ चुकी थी कि मैंने उसको कहा मुझसे बिल्कुल रहा नहीं जा रहा है।

वह मुझे कहने लगा भाभी मैं अपने माल गिरा देता हूं। उसने मेरे योनि के अंदर माल को तो गिरा दिया लेकिन उसके बाद दोबारा से वह मुझे चोदने के लिए तैयार हो गया और दोबारा से उसने मेरी चूत के अंदर अपने लंड को डाल दिया। उसने अपने लंड को मेरी चूत के अंदर डाला तो मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा। मैं अब उसके लंड को लेकर बहुत ज्यादा खुश हो गई थी वह मुझे जोरदार तरीके से धक्के मार रहा था और उसके धक्के तेज होते तो मेरा पूरा शरीर हिल जाता। मैं उसे कहती ऐसे ही तुम बस मुझे चोदते जाओ वह बहुत ही ज्यादा खुश हो गया था। जब सुधीर ने मेरे मुंह के अंदर अपने माल को गिराया तो मैंने उससे कहा लो तुम्हारी इच्छा पूरी हो चुकी है। वह कहने लगा भाभी आज तो मजा ही आ गया काश कि मेरी किस्मत हमेशा ही ऐसी हो और आपका नल। हमेशा ही खराब होता रहे तो मैं आपसे मिलने के लिए आता रहूं। हम दोनों ने कपड़े पहन लिए थे और उसके बाद सुधीर ने मुझे कहा भाभी चलो मैं नल ठीक कर देता हूं और उसने नल ठीक कर दिया। उसने मुझसे पैसे भी नहीं लिए मैंने उससे कहा तुम पैसे ले लो लेकिन वह मेरी बात नहीं माना और कहने लगा नहीं भाभी आपसे मैं क्यों पैसे लेने लगा और वह चला गया। उसके मोटे लंड को लेकर मुझे वाकई में बड़ा मजा आया उसके बाद हम दोनों की फोन पर कुछ दिनों तक बात हुई लेकिन उसके बाद मुझे सुधीर का कभी फोन नहीं आया। मैं हमेशा ही सोचती कि काश सुधीर मुझसे मिलने के लिए आता लेकिन अब मुझे कोई और नया चाहिए था जिसके साथ मैं संभोग कर मजा ले पाऊं। हर रोज में किसी नए व्यक्ति के साथ अपनी चूत की खुजली मिटाया करती तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता। मेरे पति मेरी इच्छा पूरी नहीं पाते थे इसलिए मुझे अक्सर बाहर ही मुंह मारना पड़ता था और मैं बहुत ही खुश थी कि मैं किसी गैर मर्द के साथ अपनी इच्छा पूरी करती हूं।


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