मेरे अंदर की गर्मी तुम ना झेल पाओगे

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Mere andar ki garmi tum na jhel paoge मैं पिछले 10 वर्षों से एक मेडिकल कंपनी में नौकरी कर रहा हूं मेरी बहन की शादी अभी कुछ समय पहले की हुई थी। मेरी बहन की शादी में हम लोगों ने अपनी तरफ से कोई भी कमी नहीं की मुझे लगता था कि मेरी बहन की शादी हम लोगों ने बहुत ही अच्छे से की। हमारे सारे रिश्तेदार बहुत ही खुश थे लेकिन मुझे नहीं पता था कि मेरी बहन का रिश्ता इतनी जल्दी टूटने की कगार पर आ जाएगा। उनकी शादी को अभी सिर्फ 6 महीने ही बीते थे लेकिन इतनी जल्दी उनकी शादी टूट जाएगी उसका अंदाजा मुझे बिल्कुल भी नहीं था। जब मेरी बहन अपना ससुराल छोड़कर घर आई तो पापा बहुत गुस्से में थे जब पापा को इस बारे में पता चला तो पापा ने मेरी बहन को ही डांटना शुरू कर दिया मैंने पापा को शांत होने के लिए कहा और कहा कि पापा पहले पूरी बात तो जान लीजिए आखिरकार बात क्या है।

मैंने अपनी बहन से प्यार से पूछा और उससे कहा कि ममता आखिर हुआ क्या तो ममता ने मुझे सारी बात बता दी। ममता ने मुझे कहा कि मेरे पति किसी और से ही प्यार करते हैं और उन्होंने अपने परिवार के दबाव में आकर मुझसे शादी कर ली लेकिन अब वह चाहते हैं कि वह जिससे प्यार करते है वह उसी से शादी कर ले परंतु मैं यह होता हुआ देख नहीं सकती इसलिए मैंने उनसे अलग होने का फैसला कर लिया। मैंने अपनी बहन ममता से कहा ममता तुम्हें अपने पति से इस बारे में एक बार तो बात करनी चाहिए थी और तुम्हें उसे समझाना चाहिए था। ममता कहने लगी कि भैया मैंने अपने पति को बहुत समझाने की कोशिश की लेकिन वह मेरी एक बात ना माने और कहने लगे कि अब हम दोनों के रास्ते अलग हो चुके हैं। मैंने अपनी बहन से कहा क्या तुम्हारे पति ने यह सब इतनी आसानी से कह दिया वह कहने लगी कि उन्हें मुझसे रिश्ता खत्म करने में कोई भी दिक्कत नहीं है।

सब लोग इस बात से बड़े ही दुखी हो गए और किसी के पास इस बात का जवाब नहीं था कि आखिर ऐसे मौके पर क्या करना चाहिए लेकिन मैंने ममता के पति से एक बार बात करने की सोची और जब मैंने उससे बात की तो वह मुझे कहने लगा कि देखिए भाई साहब मैं ममता के साथ अब आगे रिश्ता नहीं बढ़ा सकता। मैंने उससे कहा कि यदि तुम्हें ममता के साथ ऐसा करना था तो तुम्हें ममता से शादी ही नहीं करनी चाहिए थी वह मुझे कहने लगा कि मेरे पास इस बात का कोई भी जवाब नहीं है। शायद अब वह ममता के साथ रहना ही नहीं चाहता था सब लोग इस बात से बड़े दुखी थे और ममता भी अब हमारे साथ ही रहने लगी थी। ममता के लिए हम लोग कोई दूसरा लड़का देख रहे थे लेकिन कोई भी लड़का हमें अभी तक मिला नहीं था जो कि ममता से शादी कर पाता। सब कुछ बड़ी तेजी से चल रहा था इसी बीच मेरे लिए भी रिश्ते आने लगे लेकिन मैं शादी नहीं करना चाहता था। अब ममता की इस बात को सब लोग भूलने लगे थे कि तभी एक दिन ममता ने मुझे कहा कि भैया मेरे साथ कॉलेज में मनीष पढ़ा करता था। मैंने ममता से पूछा हां तो कहो ना तुम्हें क्या कहना है ममता मुझसे यह बात कहने में शरमा रही थी लेकिन ममता ने जब मुझे मनीष से मिलवाया तो मनीष ने मुझे पूरी बात बताई। मनीष कहने लगा कि भैया मैं ममता को कॉलेज के दिनों से ही पसंद करता था परंतु ममता की शादी किसी और के साथ ही हो गई इसलिए मैं भी ममता के बारे में अब भूल चुका था लेकिन जब मुझे ममता के रिश्ते के टूट जाने की खबर मिली तो मैंने ममता से संपर्क किया और अब हम दोनों शादी करना चाहते हैं। मैंने ममता की तरफ देखा तो ममता ने भी अपनी गर्दन हिलाकर इस रिश्ते को रजामंदी दे दी थी। मैं भी चाहता था कि वह मनीष के साथ शादी कर ले क्योंकि मनीष अच्छा लड़का है मनीष के परिवार वालों को भी इस बात से कोई आपत्ति नहीं थी और ना ही मेरे परिवार को इस बात से कोई आपत्ति थी। हम लोगों ने मनीष के साथ ममता की शादी कर दी मुझे पूरी उम्मीद थी कि मनीष ममता को खुश रखेगा। कुछ दिनों बाद मैंने जब ममता को फोन किया तो ममता बहुत ही खुश थी ममता ने मुझे कहा कि भैया मैं मनीष के साथ बहुत खुश हूं ममता और मनीष एक दूसरे के साथ बडे खुश थे। ममता और मनीष कुछ दिनों के लिए घर पर भी आए थे ममता के चेहरे की खुशी बयां कर रही थी कि मनीष ममता को बहुत प्यार करते हैं।

सब कुछ ठीक हो चुका था मेरे लिए भी कई रिश्ते आने लगे थे परंतु मैं अभी तक शादी के लिए तैयार नहीं था परंतु अब परिवार वालों के दबाव के चलते मुझे शादी तो करनी ही थी। मैंने जब पहली बार रेखा को देखा तो मैं रेखा को देखकर बड़ा खुश हुआ और मैं रेखा के साथ शादी करने के लिए तैयार हो चुका था। रेखा एक पढ़ी-लिखी ग्रेजुएट लड़की है और जब मैंने रेखा के साथ बात की तो मुझे पता चला कि रेखा के कुछ सपने हैं जिसे कि वह पूरा करना चाहती है मैंने रेखा से कहा तुमने आगे अपने जीवन में क्या सोचा है। रेखा कहने लगी कि मैं आगे जॉब करना चाहती हूं रेखा भी मुझसे शादी के लिए तैयार थी और हम दोनों की जल्द ही सगाई होने वाली थी। सगाई से पहले मैं रेखा से दो बार मिला था और इन दो मुलाकातो में ही मुझे रेखा से मिलकर बहुत अच्छा लगा जब रेखा और मेरे बीच बात होती तो हम दोनों को ही अच्छा लगता। मुझे रेखा से पहली नजर में ही प्यार हो गया था और मैं इस बात से भी बड़ा खुश था कि रेखा मेरी पत्नी बनने वाली है सब कुछ बड़े ही अच्छे तरीके से चल रहा था। एक दिन मैं और रेखा एक पार्क में बैठकर एक दूसरे से बात कर रहे थे कि तभी कुछ लोग वहां पर आए और रेखा को परेशान करने लगे। मैंने इस बात का विरोध किया तो वह लोग वहां से चले गए रेखा इस बात से बड़ी खुश थी और रेखा कहने लगी कि मुझे आप के रूप में अब एक अच्छा जीवनसाथी मिलने जा रहा है।

रेखा ने यह कहते हुए मुझे गले लगा लिया, मैं भी बड़ा खुश था कि रेखा मुझसे प्यार करती है।  हमारे परिवार वालों ने हम दोनों की अब सगाई करवा दी। रेखा और मैं एक दूसरे के बिना बिल्कुल रह ही नहीं पाते थे रेखा से मैं फोन पर अश्लील बाते भी करने लगा था। रेखा मेरी बातों से बड़ी खुश थी क्योंकि उसे भी किसी बात की कोई आपत्ति नहीं थी उसे मालूम था कि हम दोनों की शादी जल्दी हो जाएगी। मैं रेखा को हमेशा पार्क में मिलने के लिए बुलाता जब भी वह मुझे पार्क में मिलती तो मैं उसकी जांघ पर हमेशा हाथ रख देता। एक दिन तो मेरा हाथ बढ़ते हुए उसकी चूत की तरफ चला गया वह अपने आपको बिल्कुल रोक ना सकी और मुझसे लिपट गई। हम दोनों एक दूसरे का होठों को चूमने लगे मैंने रेखा से कहा क्यों ना हम लोग आज एक दूसरे के साथ सेक्स का मजा ले? इस बात से रेखा को भी शायद कोई आपत्ति ना थी और रेखा ने मेरे साथ सेक्स करने की बात कही तो हम दोनों पार्क से थोड़ी दूर झाड़ियों में चले गए वहां पर जब मैंने रेखा के होठों को चूमकर उसे वही नीचे लेटा दिया तो रेखा बड़ी खुश हो गई उसके अंदर की गर्मी बढने लगी थी और उसका शरीर इतनी ज्यादा गर्मी छोड़ने लगा कि मैं बिल्कुल भी बर्दाश्त ना कर सका। हम दोनों पूरी तरीके से गर्म हो चुके थे मेरे लंड बाहर आने लगा था मैंने रेखा को कहा तुम मेरे लंड को अपने मुंह में ले लो? उसने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और वह उसे सकिंग करने लगी। जब वह मेरी जांघ को सकिंग कर रही थी तो मुझे बड़ा ही मजा आ रहा था उसने बहुत देर तक मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसा मुझे बहुत ही आनंद आया। जिस प्रकार से वह मेरे लंड को चूस रही थी मैंने भी रेखा के कपड़े खोलते हुए उसके स्तनों को चूसना शुरु किया। उसके स्तनों को जब मैं चूस रहा था तो उसके स्तनों से मैंने खून निकाल दिया था रेखा बिल्कुल भी अपने आपको रोक ना सकी।

मैंने उसकी चूत के अंदर जब लंड को डालने की कोशिश की तो मेरा लंड उसकी चूत के अंदर नहीं जा रहा था परंतु मैंने धीरे धीरे धक्का देते हुए अपने लंड को आशा की चूत के अंदर घुसा दिया मेरा लंड आशा की चूत के अंदर प्रवेश हो चुका था। जब मेरा लंड उसकी चूत के अंदर गया तो वह चिल्लाने लगी मैं उसे धक्के मार रहा था वह बड़े अच्छे से मेरा साथ दे रही थी लेकिन जब मैंने देखा उसकी चूत से खून निकल रहा है और उसकी चूत से गरम पानी बाहर निकलता तो मै बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था। मैंने रेखा को बड़ी तेजी से चोदना शुरू कर दिया था रेखा की चूत से लगातार पानी बाहर निकल रहा था परंतु थोड़ी देर बाद उसने मुझे कहा तुमने तो मेरी चूत के अंदर ही अपने वीर्य को गिरा दिया। मैंने उसे कहा कोई बात नहीं अब तो हमारी शादी होने ही वाली है हम दोनों ने जल्दी से अपने कपड़े पहने और हम लोग घर चले गए फोन पर रेखा से मेरी बात हुई तो वह कहने लगी आज मुझे तुम्हारे साथ सेक्स कर मजा आ गया। अगले ही दिन जब मैंने उसे घर पर बुलाया तो रेखा घर पर आ गई वह मेरे साथ बैठी हुई थी मैंने उसके होंठों को चूमते हुए उसके अंदर की गर्मी को दोबारा से बढ़ा दिया।

वह अपने आपको बिल्कुल भी रोक ना सकी मैंने जैसे ही उसके कपड़े उतारकर उसकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया तो मेरा लंड आसानी से उसकी चूत के अंदर तक जा चुका था। जब मेरा लंड उसकी चूत के अंदर बाहर होता तो मेरे अंदर की गर्मी बढ़ जाती और मुझे बड़ा ही आनंद आता। मै बहुत देर तक उसकी चिकनी और मुलायम चूत के मजे ले रहा था मुझे आज भी वही टाइटन का एहसास हो रहा था जो उस से पहले दिन हुआ था लेकिन रेखा को भी आज बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। वह आपनी चूतडो को मुझसे इतनी तेजी से मिला रही थी कि उसकी चूतड़ों पर मेरा लंड का प्रहार होता तो वह चिल्ला जाती और मुझे उसे चोदने में बहुत मजा आ रहा था। बहुत देर तक हम दोनों ने एक दूसरे के साथ संभोग का आनंद लिया लेकिन जैसे ही मेरा वीर्य बाहर की तरफ को निकलने वाला था तो मैंने उसे रेखा कि मुलायम और कोमल चूत के अंदर ही गिरा दिया। रेखा की चूत मे मेरा वीर्य जाते ही वह मुझसे कहने लगी अभी से हम लोग इतना सेक्स का मजा ले रहे हैं तो शादी के बाद तुम तो मेरी चूत फाड़ कर ही रख दोगे। मैंने उसे कहा यही तो मजा है लेकिन तुम्हारे अंदर भी कम गर्मी नहीं है। रेखा ने भी हल्की सी मुस्कान दी मैने उसे कहा हां मेरे अंदर भी बड़ी गर्मी है।


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