मेरा तो हो गया

Mera to ho gaya:

kamukta, antarvasna मैं दिल्ली का रहने वाला एक बड़ा ही बिंदास लड़का हूं और मैं हमेशा खुश रहता हूं मेरे आस-पास कभी कोई दुखी होता है तो मैं उसे खुश करने की कोशिश करता हूं, मैं जब भी अपने दोस्तों के साथ होता हूं तो वह लोग मुझे कहते हैं कि तुम बड़े ही अच्छे हो तुम्हारे साथ जब भी हम लोग रहते हैं तो हमें बहुत अच्छा लगता है,  उनके चेहरों पर मेरी वजह से मुस्कुराहट आ जाती है इस बात से मुझे बहुत खुशी मिलती है। मैं घर से संपन्न हूं इसलिए मेरे मम्मी पापा ने मुझे कभी काम करने के लिए नहीं कहा वह तो हमेशा ही कहते हैं कि तुम्हें जो मन हो तुम वह कर सकते हो क्योंकि उन्होंने मुझे बचपन से ही एक अच्छी परवरिश और एक अच्छी शिक्षा दी जिससे कि मैं हमेशा अपने फैसले खुद ही किया करता और पैसे की कमी तो कभी मुझे थी ही नहीं। मुझे गिटार बजाने का बड़ा शौक है और जब भी कोई मुझसे गिटार बजाने की फरमाइश करता है तो मैं उसकी बात को नहीं टालता और गिटार जरूर बजाता हूं, मुझे गिटार बजाते हुए काफी वर्ष हो चुके हैं और मैं ठीक-ठाक गिटार बजा लेता हूं।

एक दिन मैं अपने एक दोस्त की पार्टी में गया हुआ था उस दिन उसका जन्मदिन था तो सब लोगो ने मुझसे गिटार बजाने की फरमाइश की और उस दिन मैंने सब लोगों के लिए एक गाना गाया सब लोग बड़े ही खुश थे पार्टी में चार चांद लग चुके थे और मुझे बहुत खुशी थी क्योंकि मेरी वजह से सब लोगों के चेहरे पर मुस्कुराहट थी शायद मुझे नहीं पता था कि उस पार्टी में एक अनजान सा चेहरा है जो कि अब मेरा होने वाला है उसका नाम निकिता है। निकिता मुझे उसी पार्टी में मिली थी उससे सिर्फ मेरी थोड़ी देर ही बात हुई थी मुझे तो उसका चेहरा भी याद नहीं था लेकिन एक दिन जब उसने मुझे मेरे फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी तो मैंने उसकी फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली और मैं उससे चैट के माध्यम से बात करने लगा मैं उसे नहीं पहचानता था इसलिए मैंने झूठ नहीं कहा और उसे कहा कि मैं आपको नहीं जानता हूं तो उसने मुझे बताया कि हम लोग पार्टी में मिले थे, जब उसने मुझे यह बात बताई तो मैंने उसे कहा हां उस पार्टी में मैं आया तो था, इस बात से उसकी तबीयत खुश हो गई थी कि कम से कम मैंने उसे पहचान तो लिया, निकिता और मेरी फेसबुक पर चैट के माध्यम से ही बात होती रही।

एक दिन उसने मुझे कहा क्या आप मुझे अपना नंबर दे सकते हैं तो मैंने निकिता को अपना नंबर दे दिया पहले मुझे कुछ अच्छा नहीं लगा लेकिन मुझे लगा कि निकिता तो अच्छी लड़की है तो उसे मुझे अपना नंबर दे देना चाहिए इसलिए मैंने उसे अपना नंबर दे दिया, मैंने जब निकिता को अपना नंबर दे दिया तो उसके बाद हम दोनों की बातें फोन पर भी होने लगी थी मुझे निकिता के साथ फोन पर और चैट के द्वारा बात करते हुए एक महीना हो चुका था एक महीने में हम दोनों की मुलाकात नहीं हुई थी परंतु एक दिन निकिता ने मुझसे मिलने की बात की और कहा कि क्या आप मुझे मिल सकते हैं मैंने निकिता से कहा मैं कोशिश करूंगा लेकिन मैं तुम्हें यह नहीं कह सकता कि मैं तुम्हें मिलूंगा ही मिलूंगा। कुछ दिनों बाद मैं निकिता से मिला जिस दिन मैं निकिता से मिला तो उस दिन हम दोनों एक कॉफी शॉप में बैठकर बात कर रहे थे मैं निकिता की तरफ देख रहा था और उसकी सुंदरता को मैं निहार रहा था वह बहुत अच्छी लग रही थी मैंने उसकी तारीफ भी की और कहा तुम बहुत सुंदर लग रही हो, वह मुझे कहने लगी क्या तुम मेरे लिए गाना गा सकते हो? मैंने उसे कहा आज तो मैं गिटार लेकर आया नहीं हूं लेकिन मैं तुम्हारी फरमाइश को जरूर पूरा करूंगा। उस दिन निकिता के साथ मुझे समय बिता कर बहुत अच्छा लगा और उसके साथ मैंने काफी देर तक समय बिताया, निकिता और मेरी फोन पर बात होती थी उसके बाद हम दोनों की मुलाकात करीब 10 15 दिन बाद हुई तो निकिता ने मुझे कहा क्या आज आप मुझे गाना सुनाने वाले हैं, मैंने निकिता से कहा क्यों नहीं। हम लोग मेरी कार में बैठे हुए थे और मैंने उस दिन निकिता को एक रोमांटिक सा सॉन्ग सुनाया जिससे कि वह पूरी तरीके से इंप्रेस हो गई और मेरे गाने में ही खो गई वह मुझे कहने लगी वरुण आप का तो जवाब ही नहीं है आप बहुत अच्छे हैं और आपकी आवाज बहुत अच्छी है, मैं इस बात से खुश था कि निकिता ने मेरी तारीफ की निकिता और मेरे बीच दोस्ती तो हो ही चुकी थी हम दोनों की यह दूसरी मुलाकात थी लेकिन इसके बाद तो हम लोग जैसे एक दूसरे को तीन-चार दिन बाद मिल ही जाते थे निकिता ने भी मुझे अपने लगभग सब दोस्तों से मिला दिया था और उसके जितने भी दोस्त थे वह अब मेरे भी दोस्त बन चुके हैं वह लोग मुझे भी जानते थे।

निकिता के दिल में मेरे लिए शायद कुछ और चल रहा था लेकिन मैंने कभी भी निकिता के बारे में ऐसा नहीं सोचा था परंतु उस दिन जब निकिता ने मुझसे अपने दिल की बात कही तो मैंने निकिता से कहा देखो निकिता मैं तुम्हें सिर्फ अपना दोस्त मानता हूं और मैं इस रिलेशन के चक्कर में कभी नहीं पड़ता मैंने आज तक कभी भी इस बारे में नहीं सोचा और ना ही तुम्हारे बारे में कभी ऐसा मैंने सोचा है, इस बात से निकिता को शायद बहुत बुरा लगा लेकिन मैं कुछ कर भी नहीं सकता था मुझे भी बुरा लग रहा था परंतु मैंने निकता को साफ तौर पर मना कर दिया था और उसे कहा था कि मैं इस रिलेशन के चक्कर में नहीं पड़ना चाहता। निकिता को भी इस बात से बहुत ज्यादा बुरा लग चुका था और कुछ दिनों तक निकिता ने मुझसे बात भी नहीं की लेकिन मुझे लगा कि शायद मैंने निकिता को उस दिन कुछ ज्यादा ही सुना दिया और मुझे निकिता को इस बात के लिए सॉरी कहना चाहिए।

मैंने निकिता को मैसेज में सॉरी कहकर भेज दिया और निकिता का भी मुझे रिप्लाई आना शुरू हो गया हम दोनों मैसेज पर बात करते रहे उस दिन हम दोनों की मैसेज के द्वारा ही बात हुई निकिता ने मुझसे फोन पर बात नहीं की लेकिन अगले दिन ही मैंने उसे फोन कर दिया तो निकिता मुझे कहने लगी क्या आज तुम मेरे साथ मेरे मामा जी के घर चल सकते हो? मैंने निकिता से कहा ठीक है मैं तुमसे मिलता हूं। मैं निकिता से मिलने के लिए चला गया निकिता के साथ मै ज्यादा बात नहीं कर रहा था और मैं उसके मामा के घर पर भी उसके साथ चला गया उसके मामा जी घर पर ही थे लेकिन मुझे थोड़ा अजीब सा लग रहा था परंतु निकिता के कहने पर ही मैं उसके साथ गया था और निकिता और मैं उसके मामा जी के साथ बैठ कर बात कर रहे थे हम लोगों ने काफी देर तक बात कि मैं बहुत ज्यादा खुश था कि कम से कम निकिता के चेहरे पर मुस्कान तो आई और अब वह थोड़ा पहले से ज्यादा खुश है नहीं तो बीच में उसने मेरे साथ बात ही नहीं की थी। हम लोग जब निकिता के मामा जी के घर से चले आए तो मैंने निकिता से कहा तुम मुस्कुराती हुई अच्छी लगती हो तुम्हारे चेहरे पर गुस्सा बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता निकिता कहने लगी वह गुस्सा तुम्हारी वजह से ही है मैं क्या करूं जब मुझे तुम अच्छे लगते हो तो मैंने अपने दिल की बात तुमसे कह दी मैंने निकिता को सारी बात बताई और कहा मैं इन सब चीजों में बिलीव नहीं करता मैं अकेला रहना ही पसंद करता हूं मैं नहीं चाहता कि किसी का दिल मेरी वजह से कभी भी दुखे। वह भी शायद मेरी बात को समझ गई निकिता के चेहरे पर मुस्कुराहट देखकर मैं बहुत ज्यादा खुश था मुझे बहुत अच्छा भी लग रहा था। मैंने निकिता के साथ काफी देर तक उससे बात की निकिता मुझे कहने लगी मुझे तुम्हारे साथ आज समय बिताना है क्या तुम्हारे पास वक्त है। मैंने निकीता से कहा क्यों नहीं हम दोनों ने साथ में काफी वक्त गुजारा, निकिता का मुझे छोड़ने का मन नहीं था वह मेरे साथ उस दिन रूकना चाहती थी लेकिन मैंने उसे मना कर दिया था।

निकिता ने मुझे कहा तुम मेरे साथ चलो वह मुझे अपने साथ अपने घर पर ले गई। जब वह मुझे अपने साथ ले गई तो उसका बैडरूम ऊपर के फ्लोर में था। मै जब उसके बेडरूम में गया तो मैंने वहां पर देखा उसने मेरी तस्वीर सब जगह लगा रखी है। मैंने उसे कहा तुमने यह सब क्या किया है तो वह कहने लगी मैं तुमसे इतना प्यार करती हूं इसीलिए मैंने यहां पर इतनी तस्वीर लगा रखी है। उसने मुझे गले लगा लिया मैंने भी उसे गले लगा कर कहा क्या तुम मुझसे इतना ज्यादा प्यार करती हो तो वह कहने लगी वरुण मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं उसने मुझे किस भी कर लिया और वह मेरे कपड़े उतारने लगी। उसने मेरे कपडे उतार दिए जब उसने मेरे लंड को अपने हाथ में लिया तो मुझे अच्छा लगने लगा। वह मेरे लंड को मुंह में लेकर सकिंग करने लगी काफी देर तक उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर सकिंग किया मुझे भी बहुत मजा आ रहा था। मैंने निकिता के सारे कपड़े उतार दिए और उसे नंगा कर दिया उसे नंगा करते ही मैंने उसके बदन की गर्मी को महसूस करना शुरू किया और बड़े अच्छे से उसके बदन की गर्मी को मैं महसूस करता रहा।

काफी देर बाद मैंने उसकी चूत चाटी, मैने उसकी कोमल योनि के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवा दिया जैसे ही मेरा मोटा होता बड़ा उसके योनि में प्रवेश हुआ तो उसे बढ़ा ही मजा आने लगा वह चिल्लाने लगी। उसने अपने रूम में गानों की आवाज इतनी तेज कर रखी थी कि कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा था मैं बड़ी तेजी से उसे धक्के देता रहता। वह अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर लेती मैं बड़ी तेज गति से उसे धक्के देकर उसकी गर्मी को शांत करने की कोशिश करता लेकिन वह तो जैसे शांत होने को तैयार ही नहीं थी। वह बडे जोश में सिसकिया ले रही थी परंतु मैंने भी हार नहीं मानी मै बड़ी तेजी से चोदता उसके कुछ समय बाद जब वह झड़ गई तो उसके बाद उसने मुझे कहा मेरा तो हो चुका है क्या तुम्हारा नहीं हुआ लेकिन मेरा नहीं हुआ था। मैं बड़ी तेजी से उसे धक्के देता रहा, जब मैंने अपने वीर्य को उसके पेट पर गिराया तो वह खुश हो गई और वहां मै कुछ देर उसके साथ रुका और उसके बाद अपने घर चला आया।


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