मेरा मन चुदने का होने लगा

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Mera man chudne ka hone laga मेरा नाम रुपाली है मैं इंदौर की रहने वाली हूँ शादी के बाद मैं अपने पति के साथ दिल्ली में रहने लगी। मेरे पति भी इंदौर के ही रहने वाले है परन्तु अपनी जॉब के चलते वह दिल्ली में ही रहते है इंदौर हमारा आना जाना लगा रहता है। मेरी शादी को चार वर्ष हो चुके है और मेरी शादी शुदा जिंदगी बहुत ही अच्छे से चल रही है। हमारी एक बेटी है जो कि बहुत ही प्यारी है वह हम सबकी लाडली है उसका नाम परी है मेरी बेटी परी तीन साल की है। मेरे पति एक सरकारी विभाग में काम करते है उनकी जॉब को काफी वर्ष हो गए है तब से वह दिल्ली में ही काम कर रहे है मेरे पति का नाम अजय है। अजय घर में बड़े है और उनका एक छोटा भाई है वह इंदौर में ही अपने माता पिता के साथ रहता है वह इंदौर में एक कम्पनी में जॉब करता है उसका नाम सुमित है। सुमित के लिए भी घर वाले अब लड़की देख रहे है परन्तु उन्हें अभी कोई लड़की समझ नही आ रही है।

सुमित के लिए काफी रिश्ते आ चुके है लेकिन उसको उसकी पसन्द की लड़की नही मिल रही थी। काफी लड़की देखने के बाद सुमित को एक लड़की पसन्द आई उसका नाम सोनम है, सोनम ही पहली लड़की थी जो सुमित को पसन्द आई इससे पहले सुमित को कोई भी लड़की पसन्द नही आ रही थी। सुमित और सोनम ने एक दूसरे को पसन्द लिया था तो उसके बाद सब लोग सगाई की तैयारी करने लगे। सगाई के दौरान हम लोग भी इंदौर गए और सोनम से उस वक्त मेरी काफी अच्छी बात चीत हुई वह बहुत अच्छी लड़की है। सगाई हो जाने के कुछ दिन तक तो हम लोग इंदौर में ही रहे उस दौरान मैं अपने मम्मी पापा से मिलने भी गयी। थोड़े दिन इंदौर में रहने के बाद हम लोग दिल्ली वापस आ गए क्योकि अजय की भी छुट्टी कम ही थी इस वजह से हम लोग जल्दी ही इंदौर से दिल्ली वापस आ गए। समय कटता जा रहा था अजय भी सुबह अपने दफ्तर जाते और शाम के वक्त घर लौट आते उनके पास हमारे लिए भी कम ही समय होता था। एक दिन रविवार के दिन मैंने अजय से कहा कि आज कहीं घूमने चलते है काफी समय से घर पर ही है।

अजय कहने लगे कि ठीक है आज हम लोग कहीं घूमने चलते है वैसे भी आज मेरी छुट्टी है और मैं घर पर ही हूँ। हमने सुबह नाश्ता किया और उसके बाद हम लोग तैयार होने लगे तैयार होने में मुझे काफी समय लग गया था अजय मेरा कब से इंतजार कर रहे थे। मैं जब तैयार होकर बाहर गयी तो अजय कार में मेरा इंतजार कर रहे थे वह कहने लगे कि मैं कबसे तुम्हारा इंतजार कर रहा हूँ और तुम अब आ रही हो। मैंने अजय से कहा हां तैयार होने में मुझे थोड़ा समय लग गया। मैं जल्दी से परी को लेकर कार में बैठी और हम लोग घूमने निकल पड़े, मैंने अपने लिए थोड़ी बहुत शॉपिंग भी कर ली थी। शाम के वक्त जब हम लोग घर लौटे तो हमे काफी थकान महसूस हो रही थी उस वक्त करीब 5:00 बज रहे थे अजय कहने लगे कि तुम मेरे लिए एक कप चाय बना दो। मैंने अपने और परी के कपड़े चेंज किये और फिर मैं चाय बनाने लगी, मैंने जल्दी से चाय बनाई और फिर मैं और अजय चाय पीने लगे। चाय पीते पीते हम सुमित की शादी के बारे में बात कर रहे थे क्योंकि अब शादी में समय भी कम ही बचा हुआ था। कुछ देर हम बाते करते रहे उसके बाद मैं किचन में डिनर की तैयारी करने लगी लगभग 8:00 बजे तक मैंने डिनर तैयार कर दिया था। हम लोग काफी थके हुए थे इसलिए मैंने जल्दी ही डिनर बना दिया था ताकि डिनर करके हम लोग जल्दी सो जाएं। अजय भी फ्रेश होकर डिनर के लिए आ गए थे डिनर करने के बाद अजय थोड़ी देर छत में टहलने लगे और मैं अपनी रसोई का काम निपटा रही थी। मैंने जब तक रसोई का काम निपटाया तब तक अजय भी छत से टहल कर कमरे में आ चुके थे तो थोड़ी देर हमने बाते की और फिर हम सो गए उस दिन हम जल्दी ही सो गए थे। अगले दिन मैं सुबह जल्दी उठी और नाश्ते की तैयारी करने लगी अजय भी उठ चुके थे तो मैंने उन्हें जल्दी से चाय बना कर दे दी। चाय पीने के बाद वह अपना फ्रेश होकर तैयार होने लगे कुछ ही देर में अजय नाश्ते के लिए टेबल पर आ चुके थे।

अजय को मैंने नाश्ता करवाया और उनके लिए मैंने टिफिन भी तैयार कर दिया था टिफिन मैंने उनके बैग में रख दिया था। अजय ने नाश्ता किया और वह अपने दफ्तर के लिए निकल गए घर पर मैं और परी ही थे। अजय के दफ्तर जाने के बाद मैंने परी को भी नाश्ता करवाया और साथ साथ खुद भी नाश्ता किया उसके बाद मैं घर की साफ सफाई करने लगी। धीरे धीरे समय भी बीतता जा रहा था और सुमित की शादी का दिन भी नजदीक आने वाला था। मैंने अजय से कहा कि सुमित की शादी के लिए हमे भी अपने लिए शॉपिंग कर लेनी चाहिए क्योंकि अब समय भी कम ही रह गया है। अजय कहने लगे हां सोच तो मैं भी यही रहा था क्योकि बाद में समय नही मिलेगा। अजय कहने लगे कि दो दिन बाद मेरी छुट्टी है तो उस दिन हम लोग शॉपिंग करने चलेंगे मैंने अजय से कहा कि ठीक है। दो दिन बाद जब अजय की छुट्टी थी तो हम लोग उस दिन शॉपिंग करने चले गए हमने अपने लिए कुछ कपड़े खरीद लिए थे और थोड़ा बहुत समान हमने शादी के लिए ले लिया था।

एक हफ्ते बाद हम लोग घर जाने की तैयारी करने लगे मैंने अपना सामान पैक कर लिया था हम लोग ट्रेन से ही इंदौर जाने वाले थे। हम लोग टेक्सी से ही रेलवे स्टेशन तक गए स्टेशन पर काफी भीड़ थी और हमारे पास काफी सामान भी था जिससे कि हमे थोड़ा बहुत दिक्कत का सामना करना पड़ा। जब हम लोग इंदौर पहुंचे तो घर मे काफी तैयारियाँ हो चुकी थी और थोड़ी बहुत तैयारियां बाकी थी। हमने सबने ने मिलकर शादी की तैयारी बड़े अच्छे से की थी अब शादी का सारा अरेंजमेंट हो चुका था। सुमित की शादी बड़े ही धूम धाम से हुई शादी में किसी भी प्रकार की कोई कमी नही थी सब कुछ अच्छे से हुआ। शादी के दौरान हमने खूब एन्जॉय किया शादी में सब कुछ बढ़िया तरीके से हुआ सब लोग काफी खुश थे। शादी हो जाने के बाद सोनम भी घर मे आ चुकी थी तो घर का माहौल बहुत ही अच्छा था मेहमान भी लगभग सारे जा चुके थे। हम लोग भी कुछ समय तक घर पर ही थे सोनम और मेरी अच्छी बनने लगी थी हम दोनों मिलजुल कर रहते थे। अपने काम के चलते सुमित अपनी पत्नी को कहीं घुमाने भी नही ले जा पाया था तो मैंने सुमित से कहा कि तुम कुछ दिनों के लिए हमारे साथ दिल्ली चलो। सुमित भी मान गया और सोनम और सुमित दिल्ली हमारे साथ आ गए। जब वह दिल्ली आ गए तो दिल्ली में हम लोग साथ में घूमने के लिए गए मुझे काफी अच्छा लग रहा था सोनम और सुमित के साथ क्योंकि अजय के पास तो समय नहीं था इसलिए मुझे सोनम और सुमित के साथ समय बिताना पड़ रहा था। उस रात जब मै सोनम और सुमित के कमरे मे गई तो वह दोनो एक दूसरे की बाहो मे थे यह देख मेरा मन भी बडा खुश हो गया और मैने उस रात अजय से कहा मेरी चूत मारो तो अजय भी तैयार थे। वह मेरी चूत मारने के लिए तडप रहे थे। अजय ने जब मेरे होठों को चूमा तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। वह कहने लगे बहुत दिनो बाद तुम मूड मे नजर आ रही हो तो मुझे अच्छा लग रहा है। हम दोनों ने एक दूसरे को बहुत देर तक किस किया अब अजय ने मुझे बिस्तर पर लेटाया तो मै तडपने लगी थी। वह मेरे स्तनो को दबाने लगे उन्होने मेरी मैक्सी को ऊपर करते हुए मेरी चूत मे अपनी उंगली को किया और वह मेरी चूत को अपनी उंगली से सहलाने लगे मुझसे रहा नहीं जा रहा था।

मैंने मैक्सी को उतार दिया मैंने बड़ी उत्तेजित हो गई थी वह मुझे कहने लगे चलो अब मुझे तुम भी मजे दो और यह कहकर उन्होने मेरे स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो मुझे बहुत ही अच्छा लगने लगा। वह मेरे स्तनों को चूसकर बहुत खुश हो रहे थे मेरी गर्मी लगातार बढ़ती जा रही थी और मेरे अंदर की गर्मी मै अब लगातार बढ़ोतरी हो रही थी। मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गई थी मैंने अजय से कहा तुम मेरी योनि के अंदर लंड डाल दो मै अपने पैरों को खोलकर लेटी हुई थी। उन्होने मेरी चूत को चाटना शुरु कर दिया था मुझे बड़ा मजा आ रहा था। वह मुझे कहने लगे मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है।

हम दोनों एक दूसरे को लेकर बहुत ज्यादा गरम हो चुके थे मैंने अजय से कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है। मैने भी उनके लंड को चूसा और उनके लंड की आग बाहर निकल कर रख दी। उन्होने मेरी चूत के अंदर अपने मोटे लंड को डाल दिया जब उनका लंड मेरी चूत के अंदर घुसा तो वह बड़ी जोर से चिल्लाई। वह मुझे कहने लगे मजा आ गया मैने उनको अपने पैरो के बीच मे जकड लिया था। वह मेरी चूत पर बड़ी तेजी से प्रहार करने लगे वह जिस प्रकार से धक्के मार रहे थे उससे मेरी चूत से निकलता हुआ पानी बहुत ज्यादा अधिक हो चुका था और मेरी चूत से पानी निकलने लगा था। मेरे अंदर की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। हम दोनों पूरी तरीके से गर्म होने लगे थे हम दोनों के अंदर की गर्मी इस कदर बढ़ चुकी थी कि मैंने अपने दोनों पैरों को आपस मे मिला लिया मेरी चूत से पानी बाहर निकलने लगा मुझे बडा मजा आने लगा था। अजय मेरी चूत के अंदर बाहर लंड को तेजी से करते। जब अजय ने मेरी चूत मे माल गिराया तो मैने अजय को कस कर पकड लिया। हम दोनो एक दूसरे के साथ लेटे थे मेरी चूत से पानी निकल रहा था।


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