मेरा माल अंदर ले लो

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Mera maal andar le lo मैं और रश्मि एक दूसरे को पहली बार अपने एक फ्रेंड की कॉमन पार्टी में मिले थे उसके बाद रश्मि और मेरे बीच में काफी अच्छी दोस्ती हो गई थी और धीरे धीरे दोस्ती प्यार में तब्दील हो गई। हमे पता ही नहीं चला कि कब हम दोनों एक दूसरे के साथ डेट करने लगे और जल्द ही मैंने रश्मि से शादी करने का फैसला कर लिया था। मैंने जब रश्मि से शादी का मन बना लिया था तो इस बात से रश्मि भी बहुत ज्यादा खुश थी और हम दोनों की शादी हो जाने के बाद मुझे नहीं मालूम था कि रश्मि और मेरे बीच कुछ भी ठीक नहीं होगा। हम दोनों शादी से पहले एक दूसरे को बहुत समय दिया करते थे लेकिन उसके बाद हम दोनों एक दूसरे से बिल्कुल भी खुश नहीं थे और उसके बाद हम दोनों ने एक दूसरे से अलग होने का फैसला कर लिया था। यह फैसला हम दोनों ने मिलकर किया था उसके बाद रश्मि ने अपनी जॉब छोड़ दी थी और फिर रश्मि और मेरी सहमति से हम दोनों का डिवोर्स हो गया। हालांकि मैं बिल्कुल भी नहीं चाहता था कि मेरा डिवोर्स रश्मि के साथ हो लेकिन रश्मि और मेरा डिवोर्स हो चुका था और उसके बाद मैं अपनी जिंदगी में काफी परेशान रहने लगा था।

रश्मि के मुझसे अलग हो जाने के बाद मेरी जिंदगी में काफी बदलाव आ चुका था। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि रश्मि और मेरे अलग हो जाने के बाद हम दोनों एक दूसरे से कभी मिलेंगे ही नहीं लेकिन मैंने अब अपनी जिंदगी की नई शुरुआत की और मैं पुणे आ गया। जब मैं पुणे आया तो पुणे में मेरे लिए सब कुछ नया था मैं अपनी पिछली जिंदगी को भूल कर अपनी नई जिंदगी में आगे बढ़ चुका था और पुणे में मैंने अपनी नई जिंदगी शुरू कर ली थ। मैं पुणे में जॉब करने लगा जब पुणे में मैं जॉब कर रहा था तो उसी दौरान मुझे ऑफिस में एक लड़की से प्यार हो गया उसका नाम ममता है। ममता से मैं प्यार करने लगा था ममता कर्नाटक की रहने वाली थी और ममता से मैं दिलो जान से प्यार करने लगा था। ममता को जब भी मैं देखता तो मुझे ऐसा लगता कि जैसे ममता के चेहरे को देखकर मुझे हमेशा ही रश्मि की याद आ जाती।

मुझे उसे देख कर बहुत ही अच्छा लगता था और मेरे अंदर ममता को देख कर बड़ी ही खुशी होती। ममता और मैं एक दूसरे से बात तो करते थे लेकिन हम लोगों की बातें उतनी नहीं हुआ करती थी। एक दिन मैं और ममता साथ में हमारे ऑफिस की कैंटीन में बैठे हुए थे तो उस दिन ममता मुझसे काफी बातें कर रही थी मुझे नहीं मालूम कि उस दिन ममता मुझसे इतनी बातें क्यों कर रही थी लेकिन फिर भी हम दोनों एक दूसरे से बातें कर के बड़े खुश थे। मुझे ममता से बात कर के काफी अच्छा लगा ममता ने उस दिन मुझे अपनी फैमिली के बारे में बताया यह पहली बार ही था जब ममता ने मुझसे इतनी खुलकर बातें की थी और अब हम दोनों एक दूसरे से बातें करने लगे थे। हम लोग ऑफिस के बाद एक दूसरे को हमेशा ही मिला करते थे और एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश करते। मैंने ममता को अभी तक अपनी शादी के बारे में कुछ भी नहीं बताया था लेकिन अब मैं जल्द ही उसे अपनी शादी के बारे में बताना चाहता था। मैंने जब ममता को अपनी शादी के बारे में बताया तो ममता मुझे कहने लगी कि क्या, तुम इससे पहले शादी शुदा थे लेकिन तुम्हें देखकर तो कभी ऐसा लगता ही नहीं है। मैंने ममता को सारी बात बताई और कहा कि मेरी शादी रश्मि के साथ हुई थी और मैंने उसे रश्मि की तस्वीर भी दिखाई वह मुझे कहने लगी कि लेकिन तुम्हारा शादी शुदा जीवन तो अच्छे से चल रहा था तो भला तुमने अलग होने का फैसला क्यो किया। मैंने उसे बताया कि आखिर हम दोनों ने अलग होने का फैसला इसलिए किया क्योंकि मैं और रश्मि एक दूसरे के साथ बिल्कुल भी मैनेज नहीं कर पा रहे थे इसलिए हम दोनों ने अलग होने का फैसला कर लिया था और फिर हम दोनों ने एक दूसरे को डिवोर्स दे दिया उसके बाद हम दोनों एक दूसरे को कभी मिले नहीं। ममता मुझे कहने लगी कि क्या तुम्हारी उसके बाद कभी भी रश्मि से बात नहीं हुई तो मैंने उसे कहा नहीं उसके बाद मेरी कभी भी रश्मि से कोई बात नहीं हुई और ना ही हम लोगों का अब कोई संपर्क है। ममता को मैं अपनी जिंदगी के बारे में सब कुछ बता चुका था क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि मैं ममता से कुछ भी छुपाऊं।

ममता और मैं एक दूसरे को प्यार तो करने लगे थे लेकिन मैंने ममता को अपने दिल की बात अभी तक नहीं कही थी मुझे लगता था कि पहले ममता पहल करेगी तो फिर मैं उसे अपने दिल की बात कहूंगा लेकिन ममता ने अभी तक अपने दिल की बात मुझसे नहीं कही थी और मैंने भी उससे अपने दिल की बात कही नहीं थी। एक दिन काफी ज्यादा बारिश हो रही थी उस दिन बारिश इतनी ज्यादा थी कि ऑफिस में ही हम लोगों को लेट हो गई तो मैंने ममता से कहा कि चलो आज हम लोग ऑटो से ही घर चलते हैं। ममता और मैं मेरे ऑफिस के बाहर गए और उस दिन हम लोग ऑटो से ही घर जाने वाले थे मैंने एक ऑटो वाले को रुकवाया। हम दोनों ऑटो में साथ में बैठे हुए थे तो मैंने उस दिन ममता को अपने दिल की बात कह दी ममता ने भी मेरे प्रपोज को स्वीकार कर लिया मैंने तो कभी सोचा भी नहीं था कि वह मेरे प्रपोज को स्वीकार कर लेगी। ममता मेरे प्रपोज को स्वीकार कर चुकी थी तो मैं इस बात से बड़ा ही खुश था कि आखिरकार ममता और मैं अब एक दूसरे से अपने दिल की बात कह चुके हैं।

मुझे तो इस बात की भी काफी खुशी थी कि ममता ने तुरंत ही मेरी बात को मान ली ममता और मैं एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताते। हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत ही खुश हैं और ममता तो मेरे साथ इतना ज्यादा खुश थी कि वह मुझसे देर रात तक फोन पर भी बातें किया करती। मैं और ममता एक रात बात कर रहे थे उस दिन हम दोनों फोन पर बात करते-करते कुछ ज्यादा ही बहक गए और मैंने ममता से फोन पर सेक्सी बातें कर ली। जिससे वह अब अपने आपको रोक ना सकी अगले दिन वह मुझे कहने लगी मुझे तुम्हारे साथ चलना है। मैं ममता के दिल की बात जान चुका था वह मेरे साथ सेक्स करना चाहती है। मैंने ममता को अपने साथ चलने के लिए कहा हम दोनों उस दिन मेरे घर पर आ गए। जब हम लोग मेरे घर पर आए तो ममता और मैं एक दूसरे के साथ कुछ देर बैठे रहे। काफी देर तक हमने एक दूसरे से बात की जब मैंने ममता के होंठों को चूमना शुरू किया तो ममता बड़ी खुश हो गई थी। वह मुझे कहने लगी मुझे बड़ा मजा आ रहा है मैंने उसके बदन से कपड़े उतारकर उसके होंठों को चूमना शुरू कर दिया था मैं उसके होठों को चूम रहा था तो वह उत्तेजित होती जा रही थी। मैंने उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर उनका रसपान करना शुरू किया तो मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था और ममता भी बहुत ही ज्यादा खुश हो रही थी। ममता मुझे कहने लगी तुम्हारे होठों को बस ऐसे ही चूमती जाओ। मैंने अब उसके स्तनों को चूसने के बाद जब उसके गुलाबी चूत पर अपनी जीभ को लगाकर रसपान किया तो उसको मजा आने लगा और मुझे भी बहुत ही ज्यादा मजा आने लगा उसकी गर्मी बढ गई थी। मैंने उसकी योनि के अंदर अपनी उंगली को डाल दिया जब मैंने उसकी चूत के अंदर अपनी उंगली को डाला तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।

मैंने ममता की चूत पर अपने लंड को सटाया जब मैंने जोरदार झटके के साथ उसकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया तो वह जोर से चिल्लाई वह कहने लगी मेरी चूत फट गई उसकी चूत से खून की पिचकारी निकली। मैंने ममता को कहा मजा आ गया मैं उसकी जांघो को अपने हाथ मे पकड़कर उसे बड़ी तेजी से धक्के मारने लगा। उसका पूरा शरीर हिलने लगा मेरा लंड उसकी चूत के अंदर बाहर हो रहा था। मेरे अंदर की गर्मी अब लगातार बढ़ती जा रही थी उसके अंदर की गर्मी भी अब बढ़ने लगी थी। ममता बोलती और तेजी से चोदो, मैने उसे घोडी बनने को कहा वह घोडी बन गई। मेरा लंड उसकी चूत मे गया तो उसकी चूत से खून अब भी बह रहा था। जब वह मुझसे अपनी गोरी चूतडो का मिलाती तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता। हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स का मजा ले रहे थे तो मेरे अंदर की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी। मैंने ममता को कहा मुझे लग रहा है मैं रह नहीं पा रहा हूं। ममता कहने लगी तुम मेरी चूत में अपने माल को गिरा दो।

मैंने ममता को तेजी से धक्के मारने शुरू कर दिए जब मैंने उसकी चूत में अपने माल को गिराया तो वह बहुत खुश हो गई और कहने लगी आज मुझे मजा आ गया। हमने दोबारा सेक्स करना शुरु किया मैंने ममता को कहा तुम मेरे लंड को चूस लो। उसने मेरे लंड को चूसा तो मेरा माल बाहर निकल गया उसने मेरे लंड को 10 मिनट तक चूसा और मेरे अंदर की गर्मी को उसने बढ़ा दिया। हम दोनो गर्म होने लगे थे मैंने ममता को अपने लंड के ऊपर बैठने के लिए कहा वह मेरे लंड के ऊपर बैठ गई मैं उसे धक्के मारने लगा वह अपनी चूतडो को ऊपर नीचे करती और मेरे धक्के बहुत ही अधिक होने लगे थे। ममता अपनी बडी चूतडो को मेरे लंड के ऊपर नीचे कर रही थी जिससे कि मेरे अंदर की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी मैं रह नहीं पा रहा था मैंने अपने माल को ममता की चूत मे गिराया फिर वह मेरे लंड को चूसने लगी। उसने बहुत देर तक मेरे लंड को चूसकर मेरे लंड से पानी निकाल दिया उसके बाद मैंने और ममता ने एक दूसरे के साथ 15 मिनट तक चुदाई का आनंद लिया।


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