मेरा जवाब भाभी के गदराए बदन में था

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Mera jawab bhabhi ke gadraye badan me tha घर की जिम्मेदारियों में मैं इतना बंधा हुआ था कि अपने लिए तो समय ही नहीं मिल पाता था और लगता कि जब शादी नहीं हुई थी तो कितना अच्छा था। बीवी और बच्चों की पुकार से घर तो रोशन रहता था लेकिन कई बार लगता कि अपने लिए समय भी नहीं मिल पा रहा है और अपनी जिंदगी तो जैसे पूरी खत्म हो चुकी थी और ऊपर से कुछ परेशानियां ऐसी हो जाती थी कि जिनसे निपट पाना मुश्किल ही होता था। हमारा घर मेरे दादाजी ने बनवाया था जो की अब पुराना होने लगा था और उसमें लगी सारी चीजें पुरानी होने लगी थी। मेरी पत्नी  रोशनी जो कि घर में शेरनी थी और मैं उसके आगे कुछ भी नहीं था रोशनी मुझे कहने लगी कि आपके दादा जी ने भी यह घर बना कर छोड़ दिया था और आपके पिताजी ने इस घर के मरम्मत तक नहीं करवाई।

हमारा घर काफी जर्जर स्थिति में हो चुका था जिस वजह से मुझे भी कई बार लगता था कि कहीं किसी भूकंप के झटके में घर बह ना जाए। मेरे पास भी इतने पैसे नहीं थे क्योंकि घर काफी ज्यादा बढ़ा था और उसकी मरम्मत के लिए काफी पैसे लगने वाले थे इसलिए मैंने सोचा कि घर की मरम्मत बाद में करवा ली जाएगी। जिंदगी ऐसे ही कटती आ रही थी और एक दिन मेरी पत्नी बाथरूम में कपड़े धो रही थी तभी अचानक से नल में कुछ खराबी हो गई और नल से पानी आ ही नहीं रहा था। मेरी पत्नी मुझे आवाज लगाते हुए कहने लगी अजी सुनते हो मैंने अपनी पत्नी से कहा हां, रोशनी  मुझे कहने लगी कि जरा इस नल को देखना इसे पता नहीं क्या हो गया है इसमें से पानी ही नहीं आ रहा है। मैंने अपनी पत्नी रोशनी को कहा ठीक है मैं देख लेता हूं मैं उस नल की तरफ देखने लगा वह नल मेरे दादाजी ने हीं लगाया था और हमारे घर में वह नल काफी पुराना है। मैंने जब अपनी पत्नी से कहा कि मुझे लगता नहीं कि अब यह ठीक होगा तो वह कहने लगी कि आप किसी पलंबर को बुला लीजिए जो कि नल ठीक कर पाए। मैंने रोशनी से कहा ठीक है मैं देखता हूं मैंने अपने मोबाइल में पलंबर का नंबर टटोलना शुरू किया तो मुझे पलंबर का नंबर मिल गया। मैंने जब उसे फोन किया तो वह कहने लगा कि भैया मैं अभी तो आपके घर पर नहीं आ पाऊंगा मैंने उसे कहा हमारे घर पर पानी नहीं आ रहा है यदि तुम आ जाते तो हमारा भी काम हो जाता।

बड़ी मेहनत के बाद मैं पलंबर को मनाने में कामयाब रहा वह प्लंबर भी मेरी पत्नी के जैसा ही था उसे भी मुझे मनाना पड़ा आखिरकार वह घर पर आ गया। जब वह घर पर आया तो वह नल की तरफ देखते हुए कहने लगा अरे भाई साहब यह तो बहुत पुराना नल है मैंने उसे कहा अब तुम इसे ठीक कर दो वह कहने लगा ठीक है मैं कोशिश करता हूं। उसकी कोशिश का नतीजा यह हुआ कि वह नल पूरी तरीके से खराब हो चुका था और पलंबर कहने लगा भाई साहब नया नल लगाना पड़ेगा मैंने उसे कहा ठीक है तुम नया नल ही लगा दो। नया नल उसने लगा दिया और उसके बाद वह चला गया मैंने अपनी पत्नी रोशनी से कहा अब तुम कपड़े धो लो वह कहने लगी ठीक है मैं कपड़े धो लेती हूं। जब उसने कपड़े धो लिए तो उसके बाद मैं बाथरूम में नहा रहा था तभी मेरा मोबाइल बजने लगा रोशनी कहने लगी कि आपके मोबाइल पर किसी का कॉल आ रहा है। मैंने रोशनी को कहा कोई बात नहीं आने दो मैं आकर देख लूंगा मैं जब बाथरूम से नहाकर बाहर निकला तो मैंने अपने फोन को देखा मैंने देखा उसमें मेरे दोस्त राजेश का कॉल आ रहा था। मैंने राजेश को फोन किया और कहा राजेश क्या कोई जरूरी काम था तो राजेश मुझे कहने लगा बस ऐसे ही सोचा आज तुम्हें फोन कर लेता हूं क्या तुम आज फ्री हो। मैंने राजेश को कहा हां मैं फ्री हूं वह मुझे कहने लगा कि चलो आज कहीं घूम आते हैं मैंने राजेश को कहा ठीक है मैं तुमसे मिलने के लिए आता हूं। मैंने जब फोन रखा तो मेरी पत्नी के मन में कई सवाल थे और उसने सवालों की वर्षा मुझ पर कर दी वह कहने लगी कि आप कहां जा रहे हैं। मैंने उसे कहा मैं राजेश से मिलने के लिए जा रहा हूं वह मुझे कहने लगी कि आप कुछ दिनों पहले ही तो राजेश से मिले थे। मैंने उसे कहा लेकिन आज भी मिलूंगा तो क्या उसमें कोई परेशानी हो जाएगी।

उसका मूड कुछ ठीक नहीं था परंतु मुझे राजेश से मिलना ही था और मैं राजेश से मिलने के लिए चला गया। जब मैं राजेश से मिला तो वह मुझे कहने लगा तुम कैसे हो मैंने उसे कहा मैं तो ठीक हूं तुम सुनाओ। राजेश का भी मूड कुछ ठीक नहीं था वह भी काफी परेशान लग रहा था उसने मुझे कहा यार कुछ दिनों से मैं बहुत परेशान चल रहा हूं मैंने उसे कहा लेकिन ऐसा क्या हुआ है। वह कहने लगा मेरे एक रिश्तेदार ने मुझसे पैसे लिए थे लेकिन उन्होंने अभी तक पैसे नहीं लौटाए हैं और मैं इसी आस में हूं कि वह मुझे पैसे लौटाए तो मैं अपने घर का काम करवाऊं। मैंने राजेश को कहा यार मेरे साथ भी यही समस्या है मैं भी काफी समय से सोच रहा था कि अपने घर की मरम्मत करवाऊँ लेकिन पैसों का प्रबंध नहीं हो पा रहा है। हम दोनों की समान परेशानियां थी लेकिन मैं अपनी पत्नी रोशनी से भी काफी परेशान था वह बेवजह ही मुझसे सवाल किया करती और उसके सवालों का जवाब दे पाना मेरे बस की बात नहीं थी। मैं कई बार रोशनी को समझाता लेकिन रोशनी हमेशा ही मुझे कहती कि तुम अपने दोस्तों में खोए रहते हो परंतु ऐसा बिल्कुल भी नहीं था घर की जिम्मेदारी को मैंने बखूबी निभाया और मैं ही इतने सालों से घर की जिम्मेदारी को निभाते आ रहा था मैंने कभी भी किसी चीज की कमी नहीं होने दी।

राजेश और मे साथ में बैठे हुए थे मुझे अपनी पत्नी से बहुत नाराजगी रहती थी। मैं जब राजेश को कहने लगा मैं अपनी पत्नी से बहुत परेशान हो चुका हूं। राजेश ने मुझे कहा आज तुम्हारी परेशानी का हाल में तुम्हें दे देता हूं। मैंने उसे कहा राजेश तुम्हारे हाथ में ऐसा क्या लग गया है जो तुम मुझे मेरी परेशानी का हल देने वाले हो। राजेश मुझे कहने लगा मै तुम्हें सोनिया का नंबर दे रहा हूं। जब राजेश ने मुझे सोनिया का नंबर दिया तो मैं बहुत ज्यादा खुश हो गया वह कहने लगा तुम एक बार सोनिया भाभी से बात करोगे तो तुम्हें वह मिलने के लिए जरूर बुलाएंगी उसके बाद तुम जो चाहते हो उनके साथ कर सकते हो। मैं यह बात सुनकर खुश हो गया मैंने राजेश को कहा क्या यह संभव है? राजेश कहने लगा यार मैं तो सोनिया भाभी के पास दो बार जा चुका हूं उन्होने दोनों बार मेरी खुशी को दोगुना कर दिया मैंने राजेश को कहा मैं अभी सोनिया भाभी को फोन करता हूं। राजेश कहने लगा तुम एक बार सोनिया भाभी से मिलोगे तो तुम्हारी हर परेशानी को वह दूर कर देंगी। राजेश ने बिल्कुल सही कहा मैंने उन्हें फोन किया मैंने जब सोनिया भाभी को फोन किया तो उन्होंने मुझे अपने पास बुला लिया। मैं उनके पास चला गया मैं उनके घर पर गया तो उनका घर काफी बड़ा था मैं यह सब देखकर खुश हो गया। मैंने उनके घर की डोर बेल बजाई उन्होंने जैसे ही दरवाजा खोला तो मेरे सामने एक गदराए हुए बदन की भाभी थी मेरी नजरों उनसे हट ही नहीं रही थी। मैंने सोनिया भाभी को देखते ही दरवाजे पर उनको अपने बाहों में दबोच लिया और उन्हें मैं चूमने लगा। वह मुझे कहने लगी तुम ऐसा पागलपन क्या कर रहे हो? मैंने उन्हें कहा आप को देख कर मैं पूरा पागल हो चुका हूं और अपने आपको मैं रोक नहीं पा रहा हूं। वह कहने लगी थोड़ा इंतजार तो कर लो इंतजार में ही तो मजा आता है। मैंने उन्हें कहा लेकिन मुझसे तो आपको देखकर बिल्कुल भी इंतजार नहीं हो रहा है। जब वह मुझे बेडरूम में ले गई तो उन्होंने मुझे बैठने के लिए कहा वह मेरे बगल में बैठी हुई थी।

जब उन्होंने धीरे धीरे मेरे लंड को अपने हाथों में लिया और उसे हिलाना शुरू किया तो मैं उत्तेजित होने लगा। मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रहा था वह मेरे लंड को बड़े ही अच्छे तरीके से हिला रही थी जिस प्रकार से वह मेरे लंड को हिला रही थी उससे मैं पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुका था और वह भी अपने आपको रोक नहीं पा रही थी। उन्होंने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर समा लिया जिस प्रकार से वह मेरे लंड का रसपान कर रही थी उस से मैं पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुका था। अब मैं इतना ज्यादा जोश में आ गया कि अपने आप को मैं बिल्कुल भी रोक नहीं पाया मैंने भी उनकी ब्रा को खोलते हुए उनके स्तनों को बाहर निकाल लिया और उनके बड़े स्तनों को मैं अपने हाथों से दबाने लगा। मैंने उनके स्तनों को बहुत देर तक दबाया मैंने उनके स्तनों को अपने मुंह में लेकर उनका दूध बाहर निकाल दिया। वह अपने आपको रोक नहीं पा रही थी मैंने कहा मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है उनकी चूत से पानी बाहर निकालने लगा।

मैंने अपने लंड को उनकी चूत पर लगाया और धक्के देना शुरू किया। मैंने अपने लंड को उनकी चूत के अंदर डाल दिया था वह बड़ी तेजी से चिल्ला रही थी उनके मुंह से चीख निकल रही थी। मेरा लंड उनकी चूत के अंदर बाहर होता उन्होंने अपने पैरों को खोल लिया और मेरे लंड ने उनकी चूत को पूरी तरीके से छिलकर रख दिया था। मेरे अंदर का जोश और भी ज्यादा बढ़ने लगा था मेरी स्पीड इतनी ज्यादा हो गई कि मैंने सोनिया भाभी की चूत का भोसड़ा बना कर रख दिया। जिस प्रकार से मैंने उन्हें चोदा वह बहुत ज्यादा खुश हो गई उन्होंने मुझे कहा आज मुझे बड़ा मजा आ गया। मैंने उन्हें कहा भाभी मजा तो मुझे भी बहुत आया जब मैंने अपने वीर्य को अंदर प्रवेश करवाया तो वह खुश हो गई थी। सोनिया भाभी का नाम आज भी मेरे दिल पर चढ़ा हुआ है जब भी मैं अपनी पत्नी से परेशान होता हूं तो सोनिया भाभी का ही सहारा ले लिया करता हूं।


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