मौसी की लड़की ने चुदाई की पहल की

हैल्लो दोस्तों, में आप सभी को अपना एक सच्चा सेक्स अनुभव बताने जा रहा हूँ जिसमे मैंने अपनी बहन को चोदा. दोस्तों मुझे शुरू से ही लड़कियों में बहुत रूचि रही है जिसकी वजह से में उनके जिस्म को देखकर उनकी तरफ आकर्षित हो जाता हूँ. दोस्तों में जो आप सभी को कहानी सुनाने जा रहा हूँ यह लगभग एक साल पहले की बात है, जब में अपने बहुत करीबी रिश्तेदार के घर पर गया हुआ था. उस समय मेरी कॉलेज की छुट्टियाँ चल रही थी और वो मेरी मौसी का घर था. उनके घर में उनके पति, उनका एक बेटा और एक बेटी है. दोस्तों उनकी बेटी बहुत सुंदर दिखती है और मुझसे हमेशा भैया-भैया करती रहती है और मुझे बहुत पसंद भी करती है और अब में अपनी आज की कहानी पर आता हूँ.

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दोस्तों मेरी मौसी की लड़की के साथ मेरा दो साल पहले कुछ हद तक किस करना और बूब्स को छूना शुरू हुआ था और अब में उस बात को लगभग भूल ही गया था. उनकी बेटी बहुत अच्छी दिखती है लेकिन पहले वो उतनी सुंदर नहीं थी इसलिए मेरा ध्यान कभी भी उसकी तरफ नहीं गया था. वो कंप्यूटर साइन्स की पढ़ाई कर रही थी तो हमेशा मुझसे कंप्यूटर के बारे में कुछ भी सवाल पूछती रहती थी क्योंकि में एक सॉफ्टवेयर डवलपर हूँ और जिस रात की यह बात है उसी शाम को हम लोग बाहर घूमने गये हुए थे और वहां पर हम लोगों ने बहुत मज़े भी किए और घर आ गए.

उसके बाद जब रात को हम लोगो ने खाना खा लिया तो में उसके रूम में गया. वहां पर उसके पास उसका छोटा भाई बैठा हुआ था तो में उससे बात करने लगा और फिर थोड़ी देर के बाद उसका छोटा भाई उठकर अपने रूम में चला गया. फिर मैंने उससे कहा कि में कंप्यूटर पर थोड़ी देर कुछ काम करके अपने कमरे में चला जाऊंगा. तो उसने कहा कि क्यों आप यहाँ पर कंप्यूटर पर बैठकर काम करने आए हो या बात करने? तो मैंने कहा कि में तो कंप्यूटर पर बैठने आया हूँ, लेकिन शायद मेरी मौसी की लड़की को मेरे साथ आज कुछ करना था इसलिए वो मुझे अपने पास बुला रही थी.

फिर में कुछ देर बाद कंप्यूटर से अपना काम खत्म करके उसके पास जाकर लेट गया और मैंने अपनी मौसी की लड़की को किस किया और उसके गले पर भी चूमा. फिर मैंने उससे कहा कि तू क्या चाहती है? क्यों तेरा तो कोई बॉयफ्रेंड भी है ना? तो उसने मुझसे कहा कि भैया में आपके साथ थोड़ा बहुत करना चाहती हूँ. तो मैंने कहा कि यह तो बिल्कुल ग़लत बात है, पहले जो कुछ हुआ था वो तो अंजाने में हुआ था, लेकिन अब जो तू मुझसे चाहती है वो तो एकदम ग़लत है ना. तो उसने कहा कि भैया में यह सब तुम से आख़री बार चाहती हूँ. तो में उसको किस करने लगा और में उसकी सलवार के अंदर हाथ डालने लगा, लेकिन उसकी सलवार बहुत टाइट थी तो मैंने उसको कहा कि तू क्या इस वक्त ढीली ढाली सलवार नहीं पहन सकती थी? तो उसने कहा कि मेरे पास इससे ज्यादा ढीली सलवार नहीं है. फिर उसने मुझसे कहा कि आप अपनी टी-शर्ट को भी उतार दो और फिर मैंने अपनी टी-शर्ट को उतार दिया और उसको किस करने लगा, लेकिन उसके बूब्स तक मेरा हाथ नहीं पहुंच पा रहा था इसलिए मैंने उसको कहा कि तू भी अपने इस कुर्ते को उतार दे. लेकिन उसने मुझसे साफ मना कर दिया और कहा कि में ज़्यादा कुछ नहीं करना चाहती हूँ.

फिर थोड़ी देर के बाद ना जाने उसे क्या हुआ कि उसने खुद ही अपना कुर्ता उतार दिया और अब वो मेरे सामने सिर्फ़ शमीज़ और ब्रा में थी. फिर में उसके बूब्स को दबाने लगा और ब्रा को नीचे सरकाकर उसके बूब्स को चूसने लगा और धीरे से मैंने उसकी ब्रा का हुक भी खोलने की कोशिश की, लेकिन सिर्फ़ एक ही हुक खुल सका तो मैंने उसको कहा कि तुम अपनी ब्रा को भी खोल दो और उसने ऐसा ही किया. उसने अपनी ब्रा का हुक खोला और शमीज़ को भी उसके साथ नीचे सरका दिया और अब उसकी ब्रा और शमीज़ उसके पेट तक सरक गई और मुझे उसके बड़े बड़े बूब्स के दर्शन हो गये. उसके बूब्स क्या मस्त थे, में तो उन्हे देखकर जैसे एकदम पागल ही हो गया.

फिर में उसके बूब्स को चूसने लगा और वो धीरे धीरे मोन करके मज़ा लेने लगी तो में उसके कुछ देर के बाद उसके नीचे की तरफ उसकी चूत को छूने लगा और उसकी गांड को भी, लेकिन उसने मुझसे यह सब करने से मना कर दिया और कहा कि यह मेरे होने वाले पति की अमानत है और उस पर आपका कोई हक नहीं है.

तो मैंने कहा कि ठीक है अगर तुम यह सब नहीं करना चाहती हो तो में तुम्हे वहां पर नहीं छूता और फिर धीरे धीरे हम दोनों एक दूसरे के ऊपर होने लगे, कभी वो मेरे ऊपर और कभी में उसके ऊपर होता और जब वो मेरे ऊपर होती तो में उसकी गांड को ज़ोर से दबा देता, पहले तो उसने मुझसे ऐसा करने से साफ मना किया, लेकिन फिर कुछ देर के बाद वो मुझे उसकी गांड को दबाने देने लगी. में उसके पूरे जिस्म के साथ खेलने लगा और मज़े करने लगा और मेरे साथ वो भी मज़े करने लगी.

फिर कुछ देर गरम होने के बाद उसने मुझसे कहा कि में आपसे बहुत प्यार करती हूँ, लेकिन आप मुझे छोड़कर चले गये थे और आपने कभी भी वापस मेरे पास आने की कोशिश भी नहीं की, आपने ऐसा क्यों किया? तो मैंने कहा कि तू मेरी बहन है और में तुझसे प्यार नहीं करता हूँ और जो कुछ हमारे बीच हो रहा है वो केवल इसलिए हो रहा है क्योंकि तू यह सब चाहती है और में जब यहाँ आया था तो ऐसा कुछ भी सोचकर नहीं आया था.

तो मेरे मुहं से यह बात सुनकर वो थोड़ा उदास हो गई तो मैंने कहा कि तुझको अभी जो करना है कर ले, में दुबारा यहाँ पर नहीं आऊंगा. फिर मैंने उससे पूछा कि क्यों तेरा तो कोई बॉयफ्रेंड है ना? तो उसने मुझसे कहा कि हाँ है और में उससे बहुत प्यार करती हूँ. फिर मैंने कहा कि यह सब कुछ क्या है? तो उसने कहा कि में आपको देखकर कंट्रोल नहीं कर पाई इसलिए मैंने आपके साथ यह सब किया.

मैंने उसके मुहं से यह सब बातें सुनकर किस किया तो वो एकदम खुश हो गई और मुझसे लिपट गई और कहा कि में अब ज़्यादा देर तक खुद को नहीं रोक सकती हूँ. तो मैंने कहा कि ठीक है इतना ही बहुत है और वैसे में भी गरम हो गया था और अब मेरा भी लंड खड़ा हो गया था जो कि बहुत देर से उसकी चूत के ऊपर की तरफ चुभ रहा था शायद इसलिए भी वो और ज़्यादा गरम हो रही थी और जब में उठकर जाने लगा तो उनसे मेरे हाथ को पकड़कर मुझे रोकते हुए कहा कि प्लीज मत जाओ ना, आज की रात आप मेरे पास सो जाओ.

फिर मैंने भी कुछ सोचते हुए कहा कि क्या तू जानती है कि तू क्या कह रही है? तो उसने कहा कि हाँ बस आज की रात में बहकना चाहती हूँ. फिर में उसके पास लेट गया और उसको बहुत जोश में आकर किस करने लगा. में कभी गाल तो कभी होंठो को और कभी उसके बूब्स को चूमने लगा और मेरे ऐसा करने से वो तो जैसे बिल्कुल पागल हो गयी थी.

फिर में समझ गया था कि वो अब मुझसे क्या चाहती है? और मैंने थोड़ी हिम्मत करके अपना एक हाथ धीरे धीरे नीचे की तरफ सरकाते हुए उसकी गरम जोश से भरी हुई चूत के ऊपर लगाया तो उसने कुछ नहीं कहा और ना ही मुझे ऐसा करने से मना किया और अब में उसका इशारा समझ गया. फिर में उसके पजामे के नाड़े को खोलने लगा, लेकिन वो इतना टाईट बँधा हुआ था कि में उसे खोल नहीं सका. फिर मैंने उससे कहा कि अपना पजामा खोलो ना, उसने मेरी तरफ देखते हुए कहा कि भैया कहीं में बहुत ज़्यादा तो ग़लत नहीं कर रही हूँ ना? कहीं में अपने बॉयफ्रेंड को धोखा तो नहीं कर रही हूँ ना? तो मैंने उसे समझाते हुए कहा कि जो हो रहा है उसे हो जाने दो और रही बात धोखे की तो अपने बॉयफ्रेंड को कभी भी इस बारे में मत बताना, चाहे कुछ भी हो जाए.

फिर मैंने उसे किस करते हुए कहा कि अपना पजामा खोलो ना और उसने धीरे धीरे अपना पजामा ढीला कर दिया और फिर पूरा खोल दिया. उसने मुझसे कहा कि प्लीज मेरे बूब्स को चूसो ना, तो मैंने उसके बूब्स को चूसते हुए अपने एक हाथ को उसकी पेंटी के अंदर डाला और उसकी चूत में अपनी एक उंगली को डालकर सहलाने लगा. मेरे ऐसा करने से वो तो जैसे पागल हो गयी और वो मुझसे कहने लगी कि प्लीज अब मेरे ऊपर आओ ना.

फिर में उसके ऊपर आ गया और उसके पजामे को पकड़कर नीचे की तरफ सरकाकर पूरा उतार दिया. अब वो मेरे सामने सिर्फ़ पेंटी में थी और में उसके ऊपर था, तो उसने भी मुझसे मेरा बरमूडा उतारने को कहा मैंने वैसा ही किया और अब में भी उसके सामने सिर्फ़ अंडरवियर में था और में उसको लगातार किस कर रहा था और उसकी चूत को सहला रहा था.

फिर उसने अपना एक हाथ मेरी अंडरवियर के अंदर डाला और मेरे लंड को सहलाने लगी. कुछ देर बाद मैंने उसकी पेंटी को नीचे किया और पूरा उतार दिया और उसके बाद मैंने अपने अंडरवियर को भी उतार दिया. अब हम दोनों एकदम नंगे थे और में धीरे धीरे लंड को चूत के मुहं पर घिस रहा था. मेरे ऐसा करने से उसको बहुत अच्छा लग रहा था. तभी अचानक उसने मेरा लंड बाहर निकाल लिया और उसे अपनी चूत के मुहं पर रख दिया और मुझसे कहा कि प्लीज अब इसे अंदर डालो ना, नहीं तो में पागल हो जाउंगी, प्लीज मुझे अब और मत तड़पाओ, प्लीज एक बार अपना मोटा लंड मेरी चूत में डाल दो और चोद दो मुझे, आज मेरी चूत की खुजली मिटा दो प्लीज.

दोस्तों वैसे तो में पहले से ही बहुत गरम था, लेकिन अब उसके मुहं से जोश भरी बातें सुनकर में और भी जोश में आकर पागल होने लगा और अब मुझसे भी रुका नहीं गया और मेरे सब्र का बांध टूटने वाला था. मेरा लंड तनकर खड़ा था और चुदाई करने के लिए बैचेन था और वो अब धीरे धीरे झटके देकर अपना आकार और भी बड़ाने लगा था, जिसकी वजह से वो एकदम तन गया था तो मैंने उसको एकदम सीधा लेटाया और फिर अपनी जीभ से उसकी गरम चूत को चाटकर थोड़ा और गीला किया.

मेरी जीभ ने जैसे ही उसकी चूत को छुआ तो वो एकदम सिहर उठी और कहने लगी कि प्लीज ऐसा मत करो, जल्दी से चोद दो मुझे, मेरी चूत को तुम्हारा लंड चाहिए. फिर मैंने उससे कहा कि क्यों आज क्या अपनी चूत को मुझसे फड़वाने की ज्यादा जल्दी है? तो वो बोली कि हाँ और मोन करने लगी. फिर मैंने अच्छा मौका देखकर लंड को चूत के मुहं पर धीरे से रगड़ते रगड़ते एक ज़ोरदार झटके से चूत के अंदर डाल दिया और लंड भी चूत की गहराईयों में बहुत ही आसानी से फिसलता हुआ अंदर चला गया.

में तो सोच रहा था कि में उसको पहली बार चोद रहा हूँ, लेकिन मेरे लंड डालते ही पता चला कि वो तो पहले से ही चुद चुकी है. में लगातार उसको ज़ोर से धक्के देकर चोदने लगा और वो भी अपनी चुदाई के मज़े लेने लगी और सिसकियाँ लेने लगी अह्ह्हह्ह्ह्ह हाँ और ज़ोर से आईईईइईई थोड़ा और अंदर तक डालो उह्ह्ह्हह्ह फाड़ दो मेरी चूत को उह्ह्हह्ह्ह्ह. फिर में भी जोश में आकर उसको ज़ोर से ताबड़तोड़ धक्के देकर चोदने लगा और वो अपनी गांड को उछाल उछालकर मेरा साथ देने लगी. फिर कुछ देर की चुदाई के बाद मैंने उसको डॉगी बनने को कहा और उसकी कमर को पकड़कर लंड को फिर से चूत में डालकर धक्कों पर धक्के देने लगा.

मेरी चुदाई से वो बहुत खुश होकर सिसकियों के साथ मुझसे अपनी चूत को बहुत जमकर चुदवाने का आग्रह करने लगी और में उसका आग्रह स्वीकार करके ताबड़तोड़ धक्कों से उसे चोदने लगा. फिर करीब बीस मिनट की चुदाई के बाद जब मेरा वीर्य निकलने लगा तो मैंने अपना लंड चूत से बाहर निकाल कर पूरा वीर्य बाहर गिरा दिया और फिर थककर उसके पास में लेट गया.

फिर वो मेरी छाती पर सर रखकर लेट गई और उसने मुझसे कहा कि में आपके चुदाई करने के तरीके से बहुत खुश हूँ, आपने आज मेरी चूत को चोदकर बहुत अच्छी तरह से संतुष्ट किया है. तुम्हारे लंड को लेकर मेरी चूत धन्य हो गई, मेरी चूत इस तरह की चुदाई के लिए बहुत समय से तरस रही थी. फिर मैंने कहा कि ठीक है और फिर में अपने कपड़े पहनने लगा और वो ऐसे ही नंगी लेटी रही. फिर मैं उसके बेड से उठा तो उसने मुझे किस किया और बाय कहा और में रूम से बाहर चला गया.


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