मौसी के घर में रंगरलियां

Mausi ke ghar me rangraliyan:

antarvasna, hindi sex story छुट्टी के दिन मैं घर पर ही था मम्मी कहने लगी बेटा क्या तुम आज मेरे साथ मार्केट चल सकते हो? मैंने मम्मी से कहा हां मम्मी क्यों नहीं। मैं अपनी मम्मी को अपने साथ अपनी बाइक पर मार्केट ले गया मेरी मम्मी कहने लगी कि बेटा तुम तो आजकल किसी से भी बात नहीं करते हो, मैं मम्मी से कहने लगा आजकल मैं अपने कॉलेज का काम कर रहा हूं, मम्मी कहने लगी बेटा यदि तुम्हें कोई परेशानी है तो तुम मुझसे बात शेयर कर सकते हो, मैंने अपनी मम्मी से कहा नहीं मम्मी मुझे ऐसी कोई भी परेशानी नहीं है आप बेकार में ही इस बारे में सोच रही हैं। मम्मी को मैंने उस दिन समझा लिया, फिर हम लोगो ने सामान ले लिया और जब मैंने और मम्मी ने सामान ले लिया तो हम लोग घर वापिस लौट रहे थे तभी मेरी मम्मी को उनकी एक सहेली मिल गई। मैंने मम्मी से कहा कि आप लोग बात कीजिए मैं अभी आता हूं मैं वहां से ही अपने एक दोस्त के घर पर चला गया, कुछ देर मैं अपने दोस्त के साथ बैठा रहा मेरी मम्मी का जब मुझे फोन आया तो वह कहने लगी कि तुम कहां चले गए? मैंने मम्मी से कहा कि मैं अभी आ रहा हूं। मैं वापिस आया तो मेरी मम्मी की सहेली भी वहीं खड़ी थी मैंने मम्मी से कहा आप लोग आपस में कितनी बात करते हो, मम्मी कहने लगी कि तुम्हें नहीं पता मैं कितने समय बाद अपनी सहेली से मिली हूं, मैंने मम्मी से कहा क्या हम लोग अब घर चले, मम्मी कहने लगी हां हम लोग अब घर चलते हैं। हम लोग फिर घर लौट आए, मैं बहुत थक चुका था इसलिए मैं सो गया क्योंकि मुझे अगले दिन कॉलेज भी जाना था।

मेरे कॉलेज का यह आखरी वर्ष है, मैं अपने कॉलेज से घर वापस लौट रहा था मैं जब कॉलेज से घर लौट रहा था तो रास्ते में ही मेरी मौसी का घर पड़ता है, मैंने देखा कोई व्यक्ति उनके घर की दीवार से कूद रहा है मैंने जब उसका पीछा किया तो वह व्यक्ति वहां से भाग गया मैं वापस लौटा तो मैंने अपनी मौसी को सारी बात बताई, मेरी मौसी कहने लगी ललित बेटा आजकल यहां कॉलोनी में बहुत चोरियां होने लगी हैं और यहां का माहौल भी कुछ दिनों से खराब हो गया है मुझे तो कई बार बहुत डर लगता है तुम्हारे मौसा जी भी जब घर पर नहीं होते तो मुझे बहुत डर लगता है।

मैंने मौसी से कहा आप किसी को बुला क्यों नहीं लेती, वह कहने लगे हां मैंने अपने एक रिश्तेदार की लड़की को कुछ दिनों के लिए अपने घर पर बुलाया है, मेरी मौसी कहने लगी तुम यह बताओ घर में तुम्हारी मम्मी कैसी है? मैंने मौसी से कहा मम्मी तो ठीक है लेकिन आप तो आजकल घर ही नहीं आती, वह तो मेरा कॉलेज आपके घर के रास्ते में पड़ जाता है तो इसलिए मैं आपसे मिलने आ जाया करता हूं लेकिन आप तो जैसे हमारे घर आना ही भूल गई हैं, मौसी कहने लगी नहीं बेटा ऐसी बात नहीं है दरअसल तुम्हें तो मालूम है कि अब मैं घर में अकेली रहती हूं सुबह तुम्हारे मौसा जी ड्यूटी पर चले जाते हैं और निखिल भी अब विदेश में ही सेटल हो चुका है इसलिए मुझे कई बार लगता है कि मुझे भी निखिल के साथ चले जाना चाहिए लेकिन तुम्हारे मौसा जी अभी रिटायर नहीं हुए हैं यदि वह रिटायर हो जाएंगे तो हम लोग भी निखिल के साथ ही चले जाएंगे, मैंने मौसी से कहा आप लोगों को भी निखिल भैया के साथ ही चले जाना चाहिए। मेरी मौसी कहने लगी तुमने खाना तो खा लिया, मैंने उनसे कहा मैंने अपने दोस्तों के साथ कॉलेज की कैंटीन में समोसे खा लिए थे इसलिए मुझे भूख नहीं है, मैंने मौसी से कहा अभी मैं चलता हूं कुछ दिनों बाद आपसे मुलाकात करूंगा, वह कहने लगी ठीक है तुम अपनी मम्मी से कहना कि मैं उन्हें याद कर रही थी, मैंने मौसी से कहा आप कभी घर पर आ जाइए तो मम्मी को भी अच्छा लगेगा, मौसी कहने लगी ठीक है मैं कुछ दिनों बाद तुम्हारे घर पर आती हूं।

मैं उनके घर से चला गया मैं जब घर पहुंचा तो मैंने मम्मी को सारी बात बताई मम्मी कहने लगी तुम्हारी मौसी अकेली रहती है इसलिए मुझे भी कई बार लगता है कि उसे अपने घर बुला लूं लेकिन वह कहीं आती ही नहीं है, मैंने मम्मी से कहा हां बिल्कुल सही कह रहे हो मौसी को यही हमारे पास आ जाना चाहिए लेकिन मौसी को तो सिर्फ मौसा जी की चिंता रहती है और इसी वजह से वह शायद कहीं नहीं जाती, मम्मी कहने लगी चलो तुम कुछ खा लो मैं तुम्हारे लिए खाना लगा देती हूं। मैं जब खाना खा रहा था तो मम्मी कहने लगी तुम्हारी भाभी मायके जा रही हैं और तुम कल सुबह उन्हें उनके घर पर छोड़ देना क्योंकि तुम्हारे भैया को कल सुबह जल्दी ऑफिस जाना है, मैंने मम्मी से कहा ठीक है मैं कल भाभी को उनके घर छोड़ दूंगा। मैं अगले दिन भाभी को उनके घर पर छोड़ने चला गया और वहां से मैं अपने कॉलेज निकल गया कॉलेज में मेरे दोस्त कहने लगे यार कब हमारा यह आखिरी बर्ष खत्म होगा हम लोगों का तो अब बिल्कुल भी कॉलेज में मन नहीं लगता, मैंने उन्हें कहा बस कुछ ही समय बचा है उसके बाद तो सब लोग अपने काम में लग जाएंगे लेकिन मुझे कॉलेज में बहुत अच्छा लगता था मैं जब अपने दोस्तों से मिलता तो मुझे उनके साथ समय बिताना अच्छा लगता। जब कुछ दिनों बाद मेरी मौसी हमारे घर पर आई तो उनके साथ एक लड़की भी थी मैंने उस लड़की को उससे पहले कभी नहीं देखा था, मेरी मौसी ने मुझे उससे मिलाया उसका नाम रागिनी है, मेरी मौसी कहने लगी यह रागिनी है यह हमारे रिश्तेदार हैं। मेरी मौसी ने मुझे जब उससे मिलाया तो मुझे लगा कि वह बड़ी ही घमंडी किस्म की लड़की है लेकिन जब मैं अपनी मौसी के घर गया तो मैं रागिनी के साथ बात कर रहा था तो उसे भी बड़ा अच्छा लग रहा था और वह भी मेरे साथ बहुत हंसी मजाक कर रही थी रागिनी और मेरी अच्छी दोस्ती हो गई थी उसने भी कुछ वर्षों पहले ही अपना कॉलेज पूरा किया था और वह किसी प्राइवेट संस्थान में नौकरी कर रही थी लेकिन अब उसने नौकरी छोड़ दी और वह घर पर ही रहती है।

मैंने एक दिन रागिनी से कहा कि क्या तुम मेरे साथ घूमने के लिए चलोगी, वह कहने लगी क्यों नहीं। मैं रागनी को अपने साथ घुमाने के लिए ले गया और उस दौरान मैंने उसे अपने दोस्तों से भी मिलवाया, वह मेरे दोस्तों से मिलकर बहुत खुश थी और कहने लगी कि तुम्हारे दोस्त तो बड़े अच्छे हैं और मैं जब उनसे मिली तो मुझे अपने कॉलेज के दिन याद आ गए, मैंने उससे कहा क्यों आपके भी कॉलेज में क्या मेरे जैसे दोस्त थे, वह कहने लगी हां मेरे भी कॉलेज में बड़े अच्छे दोस्त थे लेकिन अब सब लोग अपने में ही बिजी हैं और कुछ लोग अपना बिजनेस कर रहे हैं इसीलिए अब किसी से भी बात नहीं हो पाती। रागिनी मुझसे कहने लगी क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड भी है? मैंने उससे कहा नहीं मेरी कोई भी गर्लफ्रेंड नहीं है मैं इन सब चीजों में नहीं पड़ता। रागिनी मौसी के साथ ही रहने लगी थी और उसे मेरी मौसी के साथ रहते हुए काफी समय भी हो चुका था वह मेरे मौसा जी की दूर की रिश्तेदार थी वह मेरी मौसी का भी बड़ा ध्यान रखती थी जिस वजह से अब वह निश्चित थी और मेरी मौसी रागिनी की बहुत तारीफ किया करती हैं, मुझे भी वह अच्छी लगती थी क्योंकि उसका नेचर बड़ा अच्छा था वह बात करने में बहुत ही अच्छी और समझदार है।

एक दिन में अपनी मौसी से मिलने के लिए उनके घर पर चला गया लेकिन उस दिन मौसी घर पर नहीं थी वह कहीं पड़ोस में गई हुई थी मैंने देखा कि मौसी घर पर नहीं है रागिनी ही घर पर है। मैंने रागिनी से पूछा मौसी कहां है तो वह कहने लगी वह तो कहीं गई हुए हैं हम दोनों साथ में बैठ गए उस दिन रागिनी मुझसे अपने बॉयफ्रेंड के बारे में बात करने लगी। उसने उससे पहले मुझसे कभी भी अपने बॉयफ्रेंड के बारे में नहीं बताया था मैंने उससे पूछा क्या तुम्हारे बीच में कभी किस हुआ है। उसने मुझे कहा हां हमारे बीच में तो सेक्स संबंध भी बने थे लेकिन उसके बाद ना जाने उसने मुझे इतना बड़ा धोखा क्यों दिया। यह बात उसने मुझे पहली बार बताई थी मुझे उसकी बातें सुनने में बड़ी दिलचस्पी पैदा हो रही थी हम दोनों एक ही सोफे पर बैठे हुए थे बातों बातों में ना जाने कब मेरा हाथ उसकी जांघ पर चला गया मैं उसकी जांघ को अपने हाथों से दबाने लगा। जब मैं उसकी जांघ को दबाता तो मेरे अंदर जोश पैदा हो जाता मैंने काफी देर तक उसकी जांघ को दबाया। जैसे ही मेरा हाथ उसकी योनि की तरफ बढ़ा तो उसने मुझे किस कर लिया अब उसने मुझे किस कर लिया था तो मैं भी पीछे कहां रहने वाला था मैंने भी उसे बडे जोरदार तरीके से किस करना शुरू कर दिया और उसके होठों को मैंने अपने होठों में लेकर चूसने शुरू कर दिया। हम दोनों के अंदर गर्मी बढ़ती जा रही थी रागिनी ने अपने कपड़े उतार दिए वह मेरे सामने नंगी लेट गई उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था मैं उसकी चूत देखकर उत्तेजित हो गया मैंने अपने लंड को एक ही झटके में उसकी चूत के अंदर घुसा दिया। जैसे ही मेरा लंड चूत के अंदर घुसा तो उसकी चूत से खून निकलने लगा उसके अंदर भी जोश बढ़ने लगा वह अपने पैर खोलकर मुझे अपनी बाहों में ले रही थी, उसने अपने दोनों हाथों से मुझे कसकर पकड़ लिया मैंने भी उसे अपनी बाहों में ले रखा था। वह बड़ी तेजी से मैं मादक आवाज लिए जा रही थी मेरे अंदर इतनी ज्यादा गर्मी बढती जा रही थी। मैंने कभी सोचा नहीं था कि मैं इतनी टाइट चूत वाली लड़की की चूत मार पाऊंगा लेकिन जब मेरा वीर्य उसकी योनि के अंदर गिर गया तो उसने मुझे कहा तुम मुझे ऐसे ही पकड़ कर लेटे रहो। हम दोनों एक दूसरे की बाहों में लेटे हुए थे जब मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो मेरा वीर्य उसकी योनि से बड़ी तेज गति से बाहर की तरफ निकल रहा था मैंने रागिनी से कहा तुम्हारा बदन तो बडा ही टाइट है तुम्हें चोदकर मुझे बड़ा अच्छा लगा।


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