मौसी का बेटा

Mausi ka beta:

incest sex kahani, desi sex

हाय फ्रेंड्स, कैसे हैं आप सभी ? मैं आशा करती हूँ कि आप सभी अच्छे होंगे और कुशलमंगल होंगे | मेरा नाम अमृता है और मैं पुणे की रहने वाली हूँ | मेरी उम्र 30 साल है और मैं दिखने में गोरी हूँ और मेरी आँखों का रंग नीला है | मेरी हाईट 5 फुट 6 इंच है और मैं काफी मोटी भी हूँ | मेरे मोटापे की वजह से मेरी अक्सर शादी टूट जाती है या फिर लोग दहेज़ ज्यादा मांगते तो हम खुद ही रिश्ता तोड़ देते | दोस्तों ऐसे हालत में मेरा बहुत बुरा हाल हो जाता था | मेरे अकेलेपान की साथी ये साईट थी जिसमें मैं कहानियां पढ़ने पढ़ कर अपनी चूत की प्यास बुझा लेती हूँ | दोस्तों आज जो मैं आप लोगो को अपनी कहानी बताने जा रही हूँ ये मेरी पहली कहानी है और मेरे जीवन की एक दम सच्ची घटना है | मैं उम्मीद करती हूँ कि आप लोगो को मेरी कहानी जरुर पसंद आयगी | तो अब मैं आप लोगो का ज्यादा समय नहीं लेते हुए अपनी कहानी पर आती हूँ |

दोस्तों, मैं जब छोटी तब इतनी मोटी नहीं थी लेकिन जब मैं बड़ी होने लगी तो मेरे उम्र के साथ मेरे मोटापे ने भी जोर पकड़ लिया | मेरे दूध कम उम्र में ही बड़े दिखने लगे थे और मेरे चूतड़ भी बड़े हो चुके थे | सभी लड़के मुझे छेड़ते थे और कुछ तो मेरे दूध और गांड पर हाँथ भी मार देते थे | मेरी सहेलियां भी मेरा मजाक बना देती थी | मुझे खाने का बहुत शौक था इसलिए शायद मैं इतनी मोटी हो चली थी | फिर जब मैं 18 की हुई तब आम लड़किओं के  मुकाबले मेरे दूध ज्यादा बड़े हो गए | मैंने जिम ज्वाइन भी किया जब मैं कॉलेज गई तब लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ क्यंकि मैं अपने खाने में कण्ट्रोल नहीं कर पाई | ऐसे ही मेरा ग्रेजुएशन भी हो गया | कॉलेज के समय में कोई लड़का मुझे प्रोपोस नहीं करता बाकी अधिकतर लड़किओं के बॉयफ्रेंड के थे | कॉलेज की पढाई खत्म होने के बाद मैंने एक प्राइवेट स्कूल में जॉब करना शुरू कर दिया क्यूंकि घर बैठे बैठे मैं और मोटी हो जाती | घर वालो ने मेरा रिश्ता देखना चालू कर दिया था और मैं हर बार निराश हो जाती कि सब मुझे रिजेक्ट कर देते | मैं भी एक लड़की हूँ और मेरी भी कामवासना है लेकिन मैं चुदाई के नाम पर बस कभी ऊँगली तो कभी लम्बी सब्जी डाल कर अपनी चूत का पानी निकाल कर उसे शांत कर देती | पर चूत को लंड की जरुरत होती है मैं कब तक सब्जी डाल कर और ऊँगली डाल कर अपनी चूत शांत करती | मेरी मौसी का एक बेटा जो अभी 11वी कक्षा में गया और मौसी ने हमारे यहाँ के स्कूल में दाखिला करवाया क्यूंकि जहाँ वो रहते हैं वहां पर सिर्फ 10वी कक्षा तक के ही स्कूल हैं | अब जब उसका एडमिशन यहाँ हो गया तो बनी सी बात है कि वो हमारे यहाँ ही रुकेगा | पापा उसे स्टेशन से घर ले आये और मेरे कमरे के बाजु वाले कमरे में उसका सामान शिफ्ट करा दिया | हम दोनों में पहले बहुत कम ही बात होती थी और फिर एक दिन हमारे घर फिर से एक रिश्ता आया मेरे लिए | उस दिन मम्मी ने कहा कि अच्छे से जाना अच्छे से सबसे बात करना और पूरी कोशिश करना कि ये रिश्ता नहीं टूटे | मम्मी के कहने के मुताबिक मैंने सब किया लेकिन उन्होंने मना कर दिया | मुझे काफी दुःख हुआ तो मैं अपने कमरे में जा कर रोने लगी | मुझे रोता देख मेरी मौसी का बेटा जिसका नाम अरुष है | वो मेरे पास आया और कहने लगा कि दीदी आप इतने अच्छे हो फिर भी ये लोग शादी के लिए मना कर दिए | मैंने अपने आंसू पोछे और कहा पता नहीं क्यूँ मना कर दिया पर एक रीज़न मुझे पता है और वो रीज़न है मेरा मोटापा | तो अरुष ने कहा कि दीदी आपका शरीर इतना मस्त है वो लोग आपको ऐसे कैसे मना कर सकते हैं ? तो मैंने पूछा कि क्या तुम्हे मेरी बॉडी पसंद है ? तो उसने कहा हाँ आपका सब कुछ बहुत अच्छा है | फिर ऐसे ही हम दोनों की नार्मल बात हुई और उसके बाद मेरा नजरिया उसके प्रति बदल गया | अब मैं घर में झाड़ू लगाते समय उसे अपने दूध के पूरे दर्शन करवाती और पोछा लगाते समय अपने पैर को फैला लेती जिससे मेरे चूतड़ और बड़े नजर आते | मैं भी नोटिस कर रही थी कि मेरे दूध और मेरे चूतड़ को वो मजे से देखता और अपने लंड को मसलता | मैं जानती थी कि मैं ये सब गलत कर रही थी क्यंकि वो मेरी मौसी का बेटा है और मैं सिर्फ अपनी चूत की प्यास बुझाने के लिए उसे पटा रही थी | फिर मेरे मन में ख्याल आया कि अब ठीक ही है जो भी हो रहा है कम से कम मुझे असली लंड का तो मजा मिलेगा | एक दिन मैं और अरुष मेरे कमरे में बैठ कर बात कर रहे थे | उस समय लगभग रात के 11 बज रहे होंगे | बात करते करते मैंने उससे पूछा कि तेरी कोई गर्लफ्रेंड है क्या ? तो उसने कहा नहीं दीदी अभी तक तो नहीं बनी कोई गर्लफ्रेंड | मैंने पूछा क्यूँ ? तो उसने कहा दीदी मुझे न आपसे कुछ बोलना है | तो मैंने कहा हाँ बोल | तो उसने कहा दीदी मुझे सिर्फ सेक्स करना है गर्लफ्रेंड से मतलब नहीं है मुझे | बस एक बार चुदाई करने मिल जाए | ये सुन कर मैं खुश हो गई क्यूंकि अब मुझे अब लंड मिलने वाला था तो मैंने उससे पूछा कि मैं तुझे कैसी लगती हूँ ? तो उसने कहा दीदी आप मुझे बहुत मस्त लगते हो जब आप झाड़ू पोछा लगाते हो तब मैं जब आपको देखता हूँ तो मेरा लंड खड़ा हो जाता है | उसके मुंह से ऐसी बात सुन कर मैं भी गरम हो चुकी थी | तो मैंने उससे कहा कि अच्छा तो अब अपना लंड दिखा मुझे मैं भी देखूँ तेरा लंड कितना मचलता है | तो उसने कहा दीदी पर आप किसी को बताओगे तो नहीं न | तो मैंने कहा नहीं यार भरोसा रख नहीं बताऊंगी | उसके बाद जब उसने अपना हाफ पेंट और अंडरवियर को उतार कर नंगा हुआ तब मैंने देखा कि उसका लंड काफी सुन्दर था | उसका लंड ज्यादा बड़ा तो नहीं था पर मेरे लिए काफी था | मैंने कहा तू मुझे चोदेगा तो उसने तुरंत ही हाँ कर दिया | फिर मैं अपने होंठ उसके होंठ के पास ले जा कर किस करने लगी तो वो भी मेरा साथ देते हुए मेरे होंठ को चूसने लगा | कुछ देर किस करने के बाद मैं उसकी छाती को चूमने लगी | तो वो मचलने लगा | फिर मैंने उसे लेटा दी और उसके लंड को चाटने लगी तो उसके मुंह से आहा ऊनंह ऊउम्म्म्ह आहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहाआअ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहाआअ उऊंनंह ऊउम्म्ह की सिस्कारियां निकलने लगी | उसके लंड को अच्छे तरह से चाट के गीला करने के बाद उसके लंड को अपने मुंह में ले कर चूसने लगी तो वो आहा ऊनंह ऊउम्म्म्ह आहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहाआअ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहाआअ उऊंनंह ऊउम्म्ह करते हुए मेरे मुंह की चुदाई करने लगा | फिर मैं भी अपने पूरे कपड़े उतार कर नंगी हो गई |

मैंने अपने दूध उसके हाँथ में दिए तो वो अपने हाँथ से दूध जोर जोर से मसलने लगा तो मैं भी आहा ऊनंह ऊउम्म्म्ह आहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहाआअ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहाआअ उऊंनंह ऊउम्म्ह करने लगी | फिर वो मेरे दूध को अपने मुंह में ले कर चूसने लगा तो मैं आहा ऊनंह ऊउम्म्म्ह आहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहाआअ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहाआअ उऊंनंह ऊउम्म्ह करते हुए उसके सिर के बाल को सहलाने लगी | फिर मैं लेट गई और और चूत की तरफ इशारा किया तो वो पहले तो मेरी चूत पर हाँथ फेरने लगा और फिर बाद में अपनी जीभ से चाटने लगा तो मैं आहा ऊनंह ऊउम्म्म्ह आहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहाआअ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहाआअ उऊंनंह ऊउम्म्ह करते हुए कसमसाने लगी | उसके बाद उसने अपने लंड को मेरी चूत में डाला और चोदने लगा तो मैं भी आहा ऊनंह ऊउम्म्म्ह आहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहाआअ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहाआअ उऊंनंह ऊउम्म्ह करते हुए उसकी कमर पर अपने पैरो को लपेट ली | वो जोर जोर से मेरी चूत की चुदाई कर रहा था और मैं भी आहा ऊनंह ऊउम्म्म्ह आहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहाआअ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहाआअ उऊंनंह ऊउम्म्ह करते हुए चरम सीमा तक पंहुच गई थी | जब वो झड़ने वाला था तो उसने अपनी चुदाई की रफ़्तार तेज कर दिया और मैं भी आहा ऊनंह ऊउम्म्म्ह आहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहाआअ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहाआअ उऊंनंह ऊउम्म्ह करते हुए चुदाई में साथ देने लगी | कुछ देर चुदाई के बाद हम दोनों साथ में ही झड़ गए |

तो दोस्तों ये थी मेरी कहानी | मैं उम्मीद करती हूँ कि आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आई होगी |


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