मस्त माल की चूचियां

Mast maal ki chuchiyan:

desi sex stories

हैलो दोस्तों कैसे है आप सभी और चुदाई कैसी चल रही है ? वैसे मैं जनता हूँ जो यह कहानी पढ़ रहे है वो लोग तरसे हुए लोग है जिनको कुछ नहीं मिलता न लड़की और ना ही चुदाई | तो आपको कहानियों से खुश करने मैं आपका कमीना दोस्त तरुण हाज़िर हूँ | दोस्तों मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ और मेरा सबसे बड़ा शौक है लड़कियों से खेलना | आज मैंने एक वीडियो देखा और मुझे मेरे स्कूल के दिन याद आ गए तो मैंने सोचा आपके लिए एक गरमा गरम कहानी लिख ही दूँ | तो आईये कहानी शुरू करते है |

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मैं बचपन से ही लड़कीबाज़ था और उनसे खेलता रहता था | जब मैं 11 वीं में था मेरी क्लास में एक लड़की थी श्रेया नाम की बहुत मस्त माल लगती थी और चालू भी थी | मैंने उसको एक हफ्ते में पटा लिया था और उसके मज़े लिया करता था | एक बार की बात है हम दोनों सुबह जल्दी आ जाते थे और स्कूल में जगह थी वहां बैठकर मैं उसके मज़े लिया करता था | तो एक दिन हम दोनों वहां बैठे थे और मैं उसके कुर्ते के अन्दर हाँथ डालकर उसके दूध दबा रहा था | मैंने उसका कुरता उठाया और उसके दूध चूसने लगा | उसके दूध बिलकुल सफ़ेद और निप्पल भूरे रंग के थे | मैं उसके दूध चूस रहा था कभी उसके निप्पल खींचता तो कभी निप्पल काटता | मुझे बहुत मज़ा आ रहा था तभी पीछे से आवाज़ आई ओ बच्चो क्या रहे हो वहां पर ? मैं समझ गया और मैंने उससे कहा भागो और पीछे वाली दिवाल से कूदकर भाग गए | हम लोग फिर जल्दी से घूमकर वापस स्कूल आ गए | उस दिन उसके घर में कोई नहीं था और उसने कहा था मुझे घर छोड़ देना और ऐसा मौका मैं कैसे छोड़ सकता था | हम उसके घर पहुंचे और मैंने कहा अन्दर नहीं बुलाओगी और उसके साथ अन्दर चला गया |

वो किचन में गई और मैं भी उसके पीछे पीछे किचन में पहुँच गया और जाके उसको पीछे से पकड़ लिया | उसने कहा क्या कर रहे हो ? मैंने कहा प्यार कर रहा हूँ और अपना लंड उसकी गांड से टच किया और दबाने लगा | मैं उसका मूड बना रहा था लेकिन शायद उसका मूड पहले से ही बना था तो वो मुड़ी और मुझे किस करने लगी | हम दोनों किस करने लग गए और मैं उसकी गांड दबाने लगा | मैंने अपनी पैंट और चड्डी उतार दी और उसे लंड पकड़ा दिया | वो धीरे धीरे मेरा हिलाने लगी और मैं खड़ा होकर मज़े ले रहा था | तभी उसका फ़ोन बजा और वो फ़ोन उठाने चली गई | उसने फ़ोन पे बात की और कहा मुझे जाना होगा | दरअसल उसके चाचा के घर में कोई फंक्शन था लेकिन वो तो मुझे खड़े लंड पे धोका दे के भाग गई | फिर उस दिन हमारी चुदाई नहीं हो पाई लेकिन उसने अपने पूरे कपडे मेरे सामने बदले और मैंने उसका वीडियो भी बनाया जिसको देखकर मैं मुट्ठ मारता था |

अगले दिन मैंने उससे कहा यार कल तो तुम मुझे धोका दे के भाग गई पहली बार तुम्हारे घर आया और तुमने कुछ भी नहीं दिया | उसने कहा बेबी वो फ़ोन आ गया था वरना कल पूरा प्लान था | मुझे बस यही सुनना था कि लड़की तैयार है बजने के लिए | अब मुझे बस जगह का जुगाड़ करना था लड़की तो मेरे पास थी ही | मैंने बहुत जगह देखी लेकिन मुझे एक जगह सबसे महफूज़ लगी अपने स्कूल के पीछे की तरफ जहाँ कोई आता जाता नहीं था और बिलकुल जंगल जैसा ही था | तो अब मेरे पास जगह भी थी बस उसको ले के जाना था तो मैंने उससे कहा कल हम स्कूल जल्दी स्कूल आयेंगे लेकिन अटेंड नहीं करेंगे और पीछे घुमने चलेंगे | उसने कहा नहीं यार अगर कुछ हो गया तो ? तो मैंने कहा अरे मैं हूँ न कुछ नहीं होगा और अगले दिन हम जंगल चले गए | मैं उस दिन कंडोम भी लेकर गया था मतलब उस दिन पूरा इंतेज़ाम था चुदाई का और उसे भी पता था मैं उसे लेकर क्यूँ आया हूँ | तो हम चलते चलते एक जगह पहुंचे जहाँ एक पेड़ कटा हुआ डला था और बैठने के लिए भी अच्छी जगह थी |

दुनिया से बेखबर हम दोनों किस करने में लगे हुए थे तभी हमें किसी गाड़ी की आवाज़ आई और हम दोनों वहां से भाग खड़े हुए | वो बहुत डर रही थी इसलिए हम जंगल से बाहर आ गए | हम दोनों घर से एक जोड़ी कपडे लाये थे तो हम दोनों ने कपडे बदले और घूमने निकल गए | हम दोनों एक होटल में गए और वहां जाके हम दोनों लेडीज टॉयलेट में घुस गए और अपने कपडे उतारने लगे | हम दोनों पूरे नंगे हो गए और एक दूसरे के बदन को चूमने लगे | मैंने उसके गले से उसको चूमना शुरू किया और नीचे जाते जाते उसके दूध तक पहुँच गया और उसके दूध चूसने लगा | जब मैं उसके दूध चूस रहा था तो वो ऊम्म्म्म उम्म्मम्म उम्म्मम्म उम्म्मम्म्म्मम्म ऊऊम्म्म्म कर रही थी तो मैंने कहा ज्यादा आवाज़ मत करो कोई पकड़ लेगा | वो शांत हो गई और मैं उसके दूध को चूमते हुए उसके पेट तक पहुँच गया और उसकी नाभी पे किस करने लगा | वो बहुत गरम हो चुकी थी फिर मैंने उसका एक पैर उठाया और उसकी चूत चाटना शुरू कर दिया | वो खड़े होकर मचल रही थी और अपने दूध दबा रही थी और मैं बड़े मज़े से उसकी चूत चाटने में लगा हुआ था | फिर उसने मेरा सिर पकड़ा और चूत से हटा दिया और कहा अब मेरी बारी और फिर मैं खड़ा हुआ और वो नीचे बैठकर मेरा लंड चूसने लगी |

मैं आसपास ध्यान दे रहा कि कहीं कोई आ तो नहीं रहा है और हमारी आवाज़ तो ज्यादा नहीं है | फिर उसने मेरा लंड चूसा और मैंने कहा अब खड़ी हो जाओ | वो घूम के खड़ी हो गई और मैंने पीछे से उसकी चूत पे लंड टिकाया और धीरे धीरे अन्दर करने लगा | मेरा लंड थोडा सा अन्दर गया और वो कहने लगी नहीं नहीं बाहर निकालो दर्द दे रहा है | तो मैंने उसका मुंह बंद किया और एक झटके में अन्दर कर दिया | जैसे ही मेरा लंड अन्दर गया वो झटपटाने लगी और पीछे से मुझे धक्का देने लगी तो मैंने धीरे से कान में कहा थोड़ी देर जानू फिर अच्छा लगने लगेगा और उसे धीरे धीरे चोदता रहा | मैंने उसको थोड़ी देर तक चोदा और मेरा झड़ने को हो गया तो मैंने उसकी गांड पे मुट्ठ गिरा दिया | उसने अपनी पैंटी से मुट्ठ पोंछा और कहा अब मुझे एक नई पैंटी चाहिए | फिर हम दोनों ने कपडे पहने और वहां से चले गए | उसको चलने में थोड़ी दिक्कत हो रही थी लेकिन उसे मैनेज कर लिया | फिर हम मॉल पहुंचे और एक पैंटी खरीदी और उसने पूछा की ट्रायल रूम कहाँ है ? और वहां चली गई | जब मैं उसके साथ ट्रायल रूम जा रहा तो मुझे एक और मौका मिला उसे चोदने का और ये मौका मैं गवाना नहीं चाहता था तो मैं उसके साथ ट्रायल रूम में घुस गया और उसके कपडे उतारने लगा | वो मुझे मना कर रही थी नहीं फिर से नहीं तो मैंने उसे कहने लगा कुछ नहीं करूँगा बस देखूंगा और कुछ नहीं |

हम अन्दर घुसे थे और उसने कपडे जीन्स उतारी तो मैंने उसकी चूत में ऊँगली करना शुरू कर दिया | वो मुझे हवस भरी नज़रों से देख रही थी और मैं भी उसे | फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला तो उसने कहा देखा तुम मानोगे तो बिलकुल नहीं और मेरा लंड पकडके हिलाना शुरू कर दिया | मैंने उससे कहा चूसो ना जानू तो उसने मेरा लंड फिर चूसना शुरू कर दिया | थोड़ी देर तक लंड चूसने के बाद मैंने उससे कहा अच्छा मेरे ऊपर बैठो तो उसने मेरे लंड को अपनी चूत में डाला और मेरे ऊपर बैठ गई | वो धीरे धीरे आगे पीछे हो रही थी लेकिन उचक नहीं रही थी तो मैंने उसको थोडा सा ऊपर उठाया और नीचे से झटके मार कर उसे चोदने लगा | वो धीरे धीरे अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह आआआआ हह्ह्ह्हह्हा ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह करने लगी | थोड़ी देर तक उसकी आवाज़ बहुत धीरे धीरे आ रही थी लेकिन जब मैंने उसे जोर जोर के झटके मारना शुरू किये तो उसकी आवाज़ बढ़ गई तो मैंने उसको किस करना शुरू कर दिया और चुदाई जारी रखी | थोड़ी देर में ही मेरा झड गया और इस बार मैं वहीँ किनारे में गिरा दिया वरना फिर से पैंटी का खर्चा | चुदाई करने के बाद मुझे याद आया मैं अपने साथ कंडोम भी लाया था जो मुझे याद ही नहीं था क्यूंकि मुझे अपनी हवस के आगे कुछ दिखाई ही नहीं दे रहा था | तो दोस्तों ये थी मेरी चुदाई भरी दास्तान |


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