मनमानी करनी है तो चूत से पानी निकाल

Manmani karni hai to chut se pani nikal:

kamukta, desi kahani

हेल्लो दोस्तों, कैसे कर रहे हो आजकल ६९ स्टाइल में या फिर थूक लगाया और लंड अन्दर कर दिया ? सालों तुम लोगों से और कोई उम्मीद भी कुछ और नही हो सकती क्यूंकि काम वाम तो कुछ हो नहीं पाता तुम लोगो से | बस दिल और दिमाग में सेक्स ही भरा रहता है | खैर तुम लोग कभी नहीं बदलोगे तो सोचा मैं भी तुम लोगो के लिए कुछ अच्छा कर देता हूँ एक कहानी लिख के | अब ऐसा है तुम्हरी माँ का चूत मुंह में लेके देखो कैसा है ? तो मेरा नाम है सुजीत लाकरा और मैं कंचनपुर तीन पुलिया के पास रहता हूँ | मुझे वैसे काम करने में मन नहीं लगता पर अगर किसी लड़की की चूत मिल जाए तो मैं मना नहीं कर पाता | दोस्तों मैं ज्यादा अच्छा नहीं दिखता हूँ मैं काला हूँ और अभी तो टकला भी हो गया हूँ | मुझे कुछ भी दे दो कैसी भी लड़की दे दो मैं चोद दूंगा क्यूंकि जैसा में हूँ मुझे तो बाई भी नहीं मिलेगी | इसलिए मैंने सोचा कि मैं कुच्ग ऐसा करता हूँ जिससे मुझे हमेशा के लिए चूत मिल जाए | मेरी मम्मी हर जगह मेरे लिए लडकियां देखती रहती हैं पर कोई मुझ से शादी करने के लिए तैयार नहीं होता |

दोस्तों इस चीज़ के दो रीज़न हैं एक मुझे कोई काम नहीं देता और दूसरा मैं दारु बहुत पीता हूँ | मुझे लडकियां मिलती हैं जो मुझसे शादी कर ले पर रिश्तेदार अपनी अम्मा चुदवा लेते हैं | या फिर कहीं पर लडकियां बड़ी होती हैं और मम्मी मेरी उनकी उम्र कम बताके मुझे फ़साने की कोशिश करती हैं | मैंने भी सोच लिया था कि अब तो मैं शादी मस्त लड़की से ही करूँगा और एक मिल भी गयी थी और उसके घर वाले मेरे यहाँ रिश्ता लेकर आये थे पर एक किस्सा हो गया मेरे साथ | जैसा कि मैंने बताया मुझे दारु पीने की चुल्ल है तो हुए ये कि जब वो लोग आये तू मैंने दारु नहीं पी थी और मुझे फिट्स आते हैं इसलिए मुझे दारु ज़रूरी है | तो हम लोग इसाई हैं और हम लोगों में दारु पीना आम बात है | जो लड़की का चाचा था उसने पूछा यहाँ कोई इंतज़ाम है क्या ? मैंने समझ गया इसको क्या चाहिए और मैंने कहा नहीं है पर अपन चल सकते हैं | अब सब तैयार हो गए दारु के लिए और हम लोग एक बड़ी कार में बैठ कर निकल लिए |

जहाँ अंग्रेजी कलारी पड़ी वो लोग वहां से दारु ले कर आ गए और उन्होंने कहा आप नहीं लोगे तो मैंने कहा मेरी दूकान आगे है | अब आगे आई देसी कलारी और वहां पर मैं उतरा और सब अपना सामान लेकर आये और पीने लगे वहीँ | मैंने सफ़ेद का एक क्वार्टर लिया और बिना पानी के मार गया और सब मुझे देखते रह गए | उसके बाद मुझे हल्का नशा ही था इसलिए मैंने एक लाल का क्वार्टर लिया और उसको भी नीट मार लिया | सब हैरान हो गए और पूछने लगे आप ठीक हो ना कुछ हुआ तो नहीं | मैंने कहा अरे नहीं मैं ठीक हूँ मेरा तो रोज़ का है आप लोग अपना ध्यान रखना | अब सब वापस घर आ गए और सबने खाना खाया और उसके बाद सब चले गए | अगले दिन फोन आया और उसी गांडू चाचा ने कहा आपका बेटा बहुत दारु पीता है हम शादी नहीं कर पाएंगे आपके घर में | मुझे जब ये पता चला तो मैंने उसी चाचा को फोन लगाया और कहा साले मादरचोद मेरे पैसे की दारु पी और मुझे ही बुरा बना दिया तेरी बहन की चूत |

उसने कहा सही किया हमने गलत लड़के हो तुम और फोन काट दिया | मैं तुएंत जमशेदपुर के लिए निकल पड़ा और जैसे ही वहां पहुँचा मैं उस लड़की के घर गया और मेरे साथ मेरे दोस्त भी थे | अभिलाष, शशांक, राहुल लहसुन, बंटी और भी कई लोग थे और हमने सबको मारना चालु कर दिया | हमने सबको तबीअत से मारा और उसके बाद वापस आ गए अपने अड्डे पर | यहाँ मेरे रिश्तेदार रहते हैं मैं वही रुक गया और सब दोस्त भी वहीँ थे | अब वहां दारु और मुर्गा खूब चल रहा था सब नशे में धुत्त थे | उसके बाद मैंने सोचा चलो कहीं घूम के आते हैं | उतने में मुझे पता चला जिस लड़की का रिश्ता आया था वो पुलिस में है और वो हम सब को गिरफ्तार करने आ रही है | मैंने सब से कहा बावा लोग तुरंत भागो यहाँ से लड़की आ रही है वो पुलिस में है | सब मेरे पीछे भागने लगे और मैंने एक ऑटो की और बुस्तंद की तरफ निकल गया | जब तक वो मेरे रिश्तेदार के यहाँ पर पहुंची हम लोग ५० किलोमीटर दूर आ गए थे थे | मेरे दोस्त शशांक ने कहा बावा वो लड़की हमे पकड़ के ही दम लेगी इसलिए अब बस से उतर जाओ |

हम सब बस से उतर गए और उसके बाद एक गाँव था जहाँ हम उतरे थे | हम वहां गए और किस्मत से वहां रेलवे स्टेशन भी था पर बड़ा नहीं था | मैंने कहा बाकि का सफ़र यही से करेंगे | हम एक ट्रेन में बैठे आधे घंटे बाद और पता नहीं कहाँ पहुँच गए पर जहाँ भी गए वहां से हमे बिलासपुर की ट्रेन मिल गयी और उसके बाद हम जबलपुर में आ गए | मेरी मम्मी को यह बात पता नहीं थी इसलिए कोई दिक्कत नहीं थी | अब उसके बाद उस लड़की को मेरा नंबर मिल गया और उसने फ़ोन करके कहा कहाँ है बे तू मैंने कहा ढूंढ ले | उसने कहा मैं जबलपुर आ रही हूँ | मैंने कहा आजा पर अकेले आना पुलिस की वर्दी में नहीं | उसने कहा क्यूँ तू तो दोस्तों के साथ आया था मैंने कहा हाँ पर उन्होंने एक हाथ नहीं लगाया जो किआ मैंने किया इसलिए मुझसे निपट अकेले | उसने कहा चल ठीक है आ रही हूँ वहीँ मिलना |

वो दो दी बाद आई और मेरे घर में आकर उसने आवाज़ लगायी | मैं बाहर निकला और कहा अन्दर आ जाओ | जैसे ही वो अन्दर आई उसने मुझे दो थप्पड़ मारे और उसके बाद मैंने कहा मिली दिल को ठंडक | उसने कहा नहीं मुझे ठंडक मिलेगी जब तुझे और मरूंगी | मैंने कहा मार लो तुम्हरे चाचा ने तो वैसे ही मार डाला है | उसने कहा वो कैसे तो मैंने कहा तुझसे पहली नज़र में प्यार हो गया था शादी करनी थी तुझसे | उसने कहा तो दारु क्यों पीते हो ? मैंने कहा तेरा चाचा भी तो पीता है | सब करता हूँ पर कुछ भी करता तुझे दुखी नहीं रहने देता | उसने इतना सुना और मुझे गले लगा लिया और कहा पसंद तो मैं भी तुझे करती हूँ | मैंने कहा तो फिर मना क्यों किया | उसने कहा मैंने नहीं किया मेरे माँ बाप भी तैयार हैं बस चाचा अड़ गए थे | मैंने उसे तुरंत ही किस कर दिया | वो थोडा सा पीछे हटी और कहा इतना प्यार मैंने उसे अपनी तरफ खींचा और फिर से किस करने लगा | वो भी मेरा साथ देने लगी और हम दोनों एक दुसरे को जबरदस्त किस कर रहे थे |

उसके बाद मैंने उसो दिवार पर टिका दिया और उसको पागलों की तरह किस कर रहा था | उसके बाद मैंने उसके कुरते को उतार दिया और उसका बदन सांवला था पर वो थी बड़ी सुन्दर | मैंने उसके ब्रा के ऊपर से उसके दूध को चाटना शुरू कर दिया और उसके बाद मैंने उसके पेट को भी चाट | धीरे धीरे करते हुए उसने मुझे भी नंगा कर दिया | मैं बस उसके सामने अपनी चड्डी में खड़ा था और उसके बाद मैंने उसको भी पूरा नंगा कर दिया | उसके बाद मैंने उसके दूध को पीना शुरू किया और उसके पेट को रगड़ रहा था | मैं उसकी चूत म ऊँगली डाल रहा था और वो मादक हरकते करते हुए मज़े ले रही थी | उसके बाद मैंने उससे कहा मेरा लौड़ा चूसो और उसने तुरंत मेरा लंड मुंह में ले लिया और मैं सिस्कारियां लेते हुए उसके मुंह को पेलने लगा | मैंने उसकी चूत को चाटा और वो आअ ऊह्हह करते हुए मेरा साथ देने लगी |

उसे बाद मैंने उसको सोफे पर लिटा दिया और उसकी चूत में अपना लंड डाला | उसकी चूत टाइट थी और मुझे काफी मज़ा आ रहा था | वो आवाज़ निकालते हुए चुदवा रही थी और मैं उसे जम के चोद रहा था | उसके बाद मैंने उसको उल्टा किया और अपने लंड पर बैठा दिया और वो उचकने लगी और मैं उसकी चूत को चोदता गया |

उसके बाद हमे मम्मी ने देख लिया और शादी करवा दी | उसके बाद तो मेरे पास खुल्ला बहाना था उसको ढंग से चोदने का और मैंने किया भी वही और नहीं तो मैं करता क्या आप बताओ |


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