मनाली में मन डोला

Manali me man dola:

hindi sex stories, kamukta मैंने जीवन में अपने किसी भी काम से कभी जी नहीं चुराया और इसी वजह से सब लोग हमेशा ही मेरी बहुत तारीफ किया करते हैं। जब मैं कॉलेज के दिनों में था तो मेरे दोस्त भी हमेशा मेरी तारीफ किया करते थे और आज जब मैं नौकरी कर रहा हूं तो मेरे ऑफिस में भी सब लोग मेरी तरफ़ दारी किया करते हैं जिससे कि मेरा हौसला बढ़ता है मैं अपने काम को बड़ी अच्छी तरीके से करता हूं। काफी समय से मैं अपने दोस्त परमदीप से नहीं मिल पाया था वह भी चंडीगढ़ में ही रहता है हम लोग कॉलेज भी साथ पढ़े हैं मेरी और परमदीप की दोस्ती बड़ी ही गहरी है।

एक दिन मैंने सोचा क्यों ना परमदीप से मिल लिया जाए मैंने अपनी पत्नी को कहा आज हम लोग परमदीप से मिलने चल रहे हैं मेरी पत्नी कहने लगी आज आपको अचानक से ऐसा क्या हुआ कि अपने दोस्त की याद आ गई आप तो अब कम ही परमदीप भैया से मिला करते हैं मैंने अपनी पत्नी रेणुका से कहा उसे मिले हुए तीन चार महीने तो हो ही चुके हैं वह आखरी बार हमारे घर पर आया था लेकिन काम की वजह से उससे अब मिल पाना मुश्किल हो जाता है। हम दोनों ने परमदीप के घर जाने का फैसला कर लिया मेरी शादी को अभी दो वर्ष हुए हैं मेरे माता-पिता मेरी पत्नी रेणुका का बहुत ध्यान रखते हैं रेणुका और मैंने लव मैरिज की थी हम दोनों की शादी बहुत ही अच्छे से चल रही है हम दोनों का जीवन बड़ा ही सिंपल किस्म का है हम दोनों के विचार एक दूसरे से काफी हद तक मिलते हैं इसलिए हम दोनों के बीच में कभी भी एक दूसरे को लेकर मनमुटाव नहीं होता रेणुका मेरे कहने से पहले ही हर बात को समझ लिया करती है। हम लोग जब परमदीप के घर पहुंचे तो मैंने अपनी कार को परमदीप के घर के बाहर ही खड़ा कर दिया और उसके बाद हम दोनों वहां से परमदीप के घर के गेट पर खड़े  थे परमजीत भी बाहर आ ही रहा था उसने हमें देख लिया और उसने गेट खोलते हुए कहा अरे सुरेश तुम इतने दिनों बाद आज मेरे घर कैसे आ गए। मैंने उसे कहा बस यार सोचा तुमसे मिलता हुआ चलूं काफी समय हो चुका है तुमसे मुलाकात ही नहीं हुई है।

वह हम दोनों को अंदर ले गया उसकी पत्नी भी अंदर ही थी लेकिन जब मैंने देखा कि वहां पर तो कौशल भी बैठा हुआ है मैं इस बात से बड़ा ही खुश हो गया कौशल भी हमारे कॉलेज का ही दोस्त है उससे भी मेरी अच्छी दोस्ती है कौशल ने मुझे देखते ही कहा सुरेश तुम तो जैसे मुझे भूल ही गए हो इतने सालों बाद तुम मुझे मिल रहे हो मैंने कौशल से कहा लेकिन तुम भी तो अब चंडीगढ़ में नहीं रहते मैं तुम्हारे घर एक दो बार गया था लेकिन तुम्हारे पापा ने मुझे बताया कि तुम अब दिल्ली में ही रहते हो और बहुत कम ही चंडीगढ़ आते हो। कौशल मुझे कहने लगा हां तुम यह तो सही कह रहे हो कि मैं अब चंडीगढ़ कम ही आता हूं लेकिन इतने सालों बाद तुमसे मिलकर खुशी हुई मैंने उसे अपनी पत्नी रेणुका से मिलवाया रेणुका पहली बार ही कौशल से मिली थी, परमदीप की पत्नी सिमरन ने मुझे कहा अरे सुरेश भैया आप कब आये मैंने उसे कहा बस कुछ देर पहले ही आए हैं। रेणुका और सिमरन की बहुत अच्छी बनती है इसलिए वह दोनों बेडरूम में चले गए हम तीनों साथ में बैठे हुए थे इतने समय बाद मैं परमदीप से मिला था और कौशल से मिले हुए तो कई वर्ष हो चुके थे इसलिए हम तीनों अपनी पुरानी यादें ताजा करने लगे। मैंने जब परमदीप से कहा तुम्हें वह समय याद है जब हम लोग घूमने के लिए मनाली गए थे उस वक्त हम लोगों ने कितने मजे किए थे कौशल कहने लगा हां तुम बिल्कुल सही कह रहे हो उस वक्त मैंने अपने पापा के पैसे भी चोरी किए थे और उन्ही पैसों से हम लोग मनाली जा पाए थे, हम तीनो ठहाके मार कर हंसने लगे क्योंकि उस दौर में हम तीनों ने इतने मजे किए कि उसे आज तक ना तो मैं भुला पाया हूं और ना ही परमदीप और कौशल उसे भुला पाए हैं। परमदीप कहने लगा क्यों ना हम लोग दोबारा से मनाली का टूर बनाए जिसमें हम तीनों ही साथ में जाएं मैंने परमदीप से कहा लेकिन यार अब तो रेणुका भी साथ में है और यदि हम तीनों ही वहां जाएंगे तो उसे अच्छा नहीं लगेगा परमदीप कहने लगा तुम रेणुका भाभी से बात करना यदि वह मान जाते हैं तो हम तीनों साथ में चलते हैं वैसे भी काफी समय हो चुका है जब हम लोग कहीं साथ में गए नहीं हैं।

कौशल भी कहने लगा हां यार तुम दोनों ही अपनी पत्नियों से बात कर लो मैं भी अपनी पत्नी से पूछ लूंगा लेकिन यह बात शायद सिमरन ने सुन ली थी और सिमरन ने रेणुका को यह बात बता दी जब हम लोग घर वापस लौटे तो रेणुका ने मुझे कहा क्या आप कहीं घूमने के लिए जा रहे हैं मैंने रेणुका से कहा नहीं ऐसा तो कुछ भी नहीं है वह मुझे कहने लगी आप मुझसे छुपा क्यों रहे हैं मैंने जब उसे पूरी बात बताई तो वह कहने लगी कोई बात नहीं आप तीनों साथ में चले जाइए। रेणुका ने अब हमें जाने के लिए कह दिया था तो मैंने अगले ही दिन परमदीप को फोन किया और कहा हम लोग मनाली कब जा रहे हैं परमदीप कहने लगा मैं कौशल को अभी फोन कर देता हूं उसके बाद मैं तुम्हें अभी बताता हूं जब 10 मिनट बाद मुझे परमदीप का फोन आया तो वह कहने लगा कौशल तो कह रहा है कि चार-पांच दिन में ही चल लेते हैं तुम भी अपने ऑफिस से छुट्टी ले लेना मैंने परमदीप से कहा ठीक है मैं अपने ऑफिस से छुट्टी ले लूंगा।

हम तीनों ही अपनी कार से मनाली के लिए निकल पड़े कौशल को पुराने गाने सुनने का बड़ा ही शौक है इसलिए उसने अपने पास पुराने गानों का कलेक्शन जमा किया हुआ है उसने वह गाने लगाए और हम लोग धीरे-धीरे मनाली की तरफ़ बढ़ने लगे। जब हम लोग मनाली पहुंच गए तो हम लोग सोचने लगे कि उसी होटल में रुकते हैं जिस होटल में हम पहले रुके थे लेकिन वह होटल हमें कहीं दिखा ही नहीं क्योंकि यह काफी वर्ष पुरानी बात हो चुकी थी लेकिन हम लोग उसी जगह पर पहुंच गए जहां हम लोग रुके थे हम लोगों ने जब वहां उस होटल का नाम पूछा तो वहां रिसेप्शन पर बैठे लड़के ने कहा सर यह वही होटल है लेकिन अब इसे और बड़ा बना दिया गया है। हम लोगों ने सोचा कि हम लोग इसी जगह रुक जाते हैं हम लोगों ने रूम बुक कर लिया काफी समय बाद मिलने की खुशी हम तीनों को थी इसलिए हम लोग अपनी पुरानी बातें याद करने लगे कौशल का हमारे क्लास में एक लड़की के साथ अफेयर था लेकिन ना जाने उन दोनों की शादी क्यों नहीं हो पाई वह दोनों एक दूसरे को बहुत चाहते थे। जब मैंने कौशल से यह बात पूछी तो कौशल कहने लगा यार मैं तो उससे शादी करना चाहता था और वह भी मुझसे शादी करना चाहती थी लेकिन उसके परिवार वालों ने पता नहीं क्यों शादी से मना कर दिया और हम दोनों की शादी ना हो सकी, कौशल कहने लगा लेकिन मैं अपनी पत्नी के साथ खुश हूं और मैं कभी उस बारे में नहीं सोचता। मैंने कौशल से पूछा लेकिन अब प्रियंका है कहां तो वह कहने लगा कुछ समय पहले मुझे पता चला था कि वह मुंबई में रहती है लेकिन ना तो मैं उससे उसकी शादी के बाद मिला और ना ही उससे मेरा कोई संपर्क है। हम तीनो ही आपस में बात कर रहे थे तभी बाहर से हसने की आवाज आ रही थी वह शायद किसी महिला की आवाज थी। मैंने जैसे ही दरवाजा खोला तो बाहर की तरफ देखा वहां पर एक महिला खड़ी थी लेकिन उसके हाव-भाव और चाल ठाल से देख कर मुझे लग गया था कि वह जुगाड़ है।

मैंने उसे अपने पास बुलाया तब तक परमदीप और कौशल भी मेरे पीछे से आ चुके थे। उस महिला की उम्र 30 वर्ष रही होगी, वह बड़ी टाइट माल थी हम तीनो एंजॉय करने के मकसद से आए हुए थे इसलिए हमने उसे अपने साथ बुला लिया उसका नाम महिमा था। वह कहने लगी लगता है आज तुम तीनों के लंड मुझे अपनी चूत में लेने पड़ेंगे हमने कहा क्यों नहीं। हम तीनों ने अपने लंड बाहर निकाल लिए और एक एक करके उसने हम तीनों के लंड को अपने मुंह में लेने लगी और चूसने लगी। वह बड़े अच्छे से सबके लंड को चूस रही थी पहले तो परमजीत ने उसे बहुत देर तक चोदा और उसके बाद कौशल ने भी उसकी चूत बड़े ही अच्छे से मारी। सबसे आखरी में मैंने महिमा की चूत मारी मैंने उसके स्तनों को बहुत देर तक दबाया था, वह बड़ी बिंदास और बोल्ड किस्म की महिला थी। मैंने उसे अपने लंड को बहुत देर तक सकिंग करवाया उसे मेरे लंड को चूसने में बहुत मजा आ रहा था और जैसे ही मैंने अपने लंड पर कंडोम चढ़ा कर उसकी योनि में प्रवेश करवाया तो वह चिल्लाते हुए कहने लगी मुझे बड़ा दर्द हो रहा है। उसके मुंह से चीख निकल पड़ी थी उसके दोनों पैरों को मैंने चौड़ा कर लिया था।

मै बड़ी तेजी से उसे धक्के मार रहा था मैंने करीब 3 मिनट तक उसके साथ संभोग किया जब मेरा वीर्य गिर गया तो मैंने उसे कहा तुम्हारे साथ तो सेक्स करने में मजा आ गया। उसकी बड़ी गांड देखकर मेरा उसकी गांड मारने का मन भी हो गया था, मैंने उसे कहा क्या तुम मुझे अपनी गांड मारने दोगी तो मैं तुम्हें कुछ और पैसे दूंगा। वह तैयार हो गई मैंने भी अपने लंड पर कंडोम चढ़ा लिया और उसकी गांड मे डाल दिया, जैसे ही मेरा लंड उसकी गांड के अंदर चला गया तो उसके मुंह से बड़ी तेज चीख निकल पडी, मैं उसे बड़ी तेज गति से धक्के दे रहा था। मैंने उसे इतनी तेजी से झटके मारे मेरा कंडोम फट चुका था लेकिन मुझे इतना मजा आ रहा था कि मुझे अपने लंड को उसकी गांड से बाहर निकालने का मन ही नहीं हो रहा था। जैसे ही मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो उससे वीर्य टपक रहा था, हम लोग जितने दिन मनाली में रहे उतने दिन हमने महिमा को अपने पास बुलाया और उसने हमारी बड़ी खातिरदारी की।


Comments are closed.